मेरी चालू बीवी-121
सम्पादक- इमरान
मामाजी- अह्ह्ह अह्ह्हाआ आह तेरी बातों में मेरा तो हो गया… अह्हा अह्हा… अच्छा यह तो बता, कभी तीनों एक ही कमरे में हों, ऐसे भी चोदा क्या शाहरुख ने तुझे?
सलोनी- अह्ह्हाआ अह्हा आह्ह्हा हाँ मामाजी एक रात को अंकुर अपना पानी निकालकर सो गए थे, मुझे मूतने की हाजत लगी तो मैं नंगी ही थी, अंकुर ने मेरी नाइटी निकल दी थी, मैं वैसे ही बाथरूम चली गई।
आते हुए ना जाने कैसे शाहरुख भाई से टकरा गई, वो वहीं सो रहे थे और वो भी उस समय पूरे नंगे थे, शायद हमारी आवाज सुनकर ही उन्होंने अपनी लुंगी खोली होगी।
बस मैं सीधे उनके लण्ड पर ही गिरी, वो तो अच्छा हुआ कोई आवाज नहीं हुई।
और फिर अंकुर के खर्राटों की आवाज के साथ साथ शाहरुख भाई ने एक घण्टे तक जमकर मेरी चुदाई की।
बहुत मजा आया था उस रात को !
ऊपर पलंग पर अंकुर नींद में खर्राटें ले रहे थे और उसी पलंग के पास नीचे जमीन पर हम दोनों पूरे नंगे होकर चुदाई कर रहे थे।
मेरे दिल में एक डर भी था कि कहीं इनकी आँख ना खुल जाये, ये देख ना लें।
और चूत के अंदर वो शाहरूख भाई का मजेदार मोटा लण्ड इतना मजा दे रहा था कि मैं यह खतरा भी उठाने को तैयार हो गई।
फिर चुदाई के बाद भी मैं वहीं उनसे चिपककर ऐसे ही नंगी सो गई थी, सुबह उठकर मैंने नाईटी पहनी और अंकुर के पास आकर लेट गई।
शुक्र रहा कि रात को अंकुर की आँख एक बार भी नहीं खुली वरना वो हमको उस हालत में देख लेते।
मैं उनकी बात सुनते हुए रानी को तेजी से ना चोदकर हल्के हल्के ही उससे मजा ले रहा था।
तभी उसका पति कहीं बाहर चला गया, शायद उसके पेट में दर्द हो रहा था।
अपने पति के जाते ही रानी ने अपने दिल की बात कह दी, रानी अभी फुसफुसा ही रही थी- कितना मजा आया होगा इस कमीनी को…
सुना है मुसलमानी लण्ड बहुत ही मजेदार होता है? काश मुझे भी मिल जाता!
और जैसे रानी के जीभ पर सरस्वती बैठ गई हो, उसकी इच्छा उसी पल पूरी होने वाली थी, हुआ यों कि:
हमने ध्यान ही नहीं दिया कि रानी का पति दरवाजा खुला छोड़ गया है।
तभी वहाँ से तीन आदमी अन्दर आ गए, वे कोई रिश्तेदार तो नहीं दिख रहे थे, कोई काम करने वाले ही थे, एक पहलवान टाइप आँखों में सुरमा लगाये था, साफ़ पता चल रहा था कि वो मुस्लिम ही है, 40-45 साल का भारी भरकम मर्द था।
शमीम नाम था उसका, बाद में पता चला था।
दूसरा भी 30-32 का होगा, लम्बा पर कुछ पतला, उसकी तो दाढ़ी ही बता रही थी कि वो भी मुस्लिम है, अफज़ल मियां बोल रहे थे उसको…
और तीसरा एक 18-18 साल का लड़का था, बहुत ही खूबसूरत, लड़की की तरह चिकना, सलमान नाम था उसका…
उनकी बातों से पता चला कि वो दोनों उसी लड़के की गाण्ड मारने उस कमरे में आये थे।
अफज़ल- वाह रे… यहाँ तो पहले से काम चल रहा है बे… क्या चिकनी परी है… यह तो इसकी गांड मार रहा है।