मेरी चालू बीवी-65
सम्पादक – इमरान
मैंने सलोनी के साथ हर तरह की मस्ती करने की सोच तो लिया था पर इस मस्ती में अभी और क्या क्या देखना पड़ सकता था, यह अभी तक मैंने नहीं सोचा था…
और अब हर नई बात के लिए मुझे एक अजीब सी घबराहट हो रही थी…
ऋज़ू जैसी बोल्ड लड़की मैं खुद चुदाई करने के लिए तो सोच सकता था क्योंकि वो किसी और की बीवी थी मगर इतना बोल्ड मैं सलोनी के लिए तो नहीं सोच सकता था…
मैं भी एक भारतीय पुरुष ही था, मैं बड़ी बैचेनी से सलोनी को ढूंढ रहा था।
जैसे ही ऋज़ू ने एक ओर देखते हुए कहा- अरे… यह तो यहाँ चुद रही है मस्ती से…
मेरे दिल को एक हल्का सा धक्का ही लगा…
मैंने उस ओर देखा ….
वहां एक कमरा था और तीन अजीब से आदमी आधे नंगे दिखे, उनके नीचे के शरीर पुरे नंगे थे..
वहां केवल एक ही सिंगल बिस्तर था… मैंने देखा एक आदमी उस लड़की की दोनों टाँगे अपने हाथ में पकड़े था और उसको तेजी से चोद रहा था..
मुझे दरवाजे से वो लड़की बिल्कुल नहीं दिख रही थी क्योंकि उस आदमी के शरीर ने उसको लगभग पूरा ही ढक दिया था।
मैंने चारों ओर नजर घुमाई ओर मुझे एक तरफ एक कपड़ा दिखा… मैंने ध्यान से देखा… अरे, यह तो सलोनी की स्कर्ट है…
इसका मतलब सलोनी??????
दो आदमी आगे सलोनी के दोनों तरफ बैठे थे जो अपने हाथों से उसके बदन को मसल रहे थे, उसने दोनों के लण्ड अपने हाथ से पकड़ रखे थे और उनको एक एक करके चूस रही थी…
क्योंकि जब मैंने देखा तब वो बायीं ओर वाले का चूस रही थी… फिर देखते ही देखते उसने अपना मुँह दायीं ओर कर लिया और उसका लण्ड चूसने लगी …
मेरा दिल बैठा जा रहा था क्योंकि मेरी सलोनी इतनी चुदक्कड़ हो गई थी किएक साथ तीन लण्डों से खेल रही थी !!!
मेरे कदम जैसे दरवाजे पर ही जम गए थे.. उन्होंने एक कदम भी आगे बढ़ने से मना कर दिया था…
मेरी समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ???
अब रोकने से भी क्या फ़ायदा था ??? जो उसको चोद रहा था, वो काफी तगड़ा आदमी था, अगर मैंने उनको जरा भी रोकने की सोची तो पता नहीं साला मेरे साथ क्या करेगा !!!
तभी मैंने ध्यान दिया कि कोई मेरे लण्ड को भी चूस रही है, मैंने नीचे देखा तो वो ऋज़ू थी… ना जाने उसने अपनी कुर्ती कब उतार दी थी.. वो पूरी नंगी नीचे बैठी बड़ी लगन से मेरे लण्ड को चूस रही थी जो इतने गर्म माहौल में भी, ऐसे घटनाक्रम की वजह से बैठ गया था।
मैंने ध्यान किया कि सलोनी को ढूंढने में मैं इतना मशगूल था कि अपने लण्ड को भी अंदर नहीं किया था.. मैं ऐसे ही सब जगह भाग दौड़ कर रहा था…
ऋज़ू के जरा से प्रयास से ही मेरा लण्ड खड़ा हो गया…
तभी मैंने सलोनी की ओर देखा, वो आदमी बहुत तेज धक्के लगाने लगा… इसका मतलब वो चरम पर था…
कमरे में तेज आहें ओर धक्कों की आवाजें गूंजने लगीं..