मेरी छात्रा पूनम
प्रेषक : राज वर्मा
मेरा नाम राज है, कोटा राजस्थान का रहना वाला हूँ, उम्र से 26 बरस का हूँ पर ज्यादा का लगता हूँ, मेरा बदन थोड़ा भारी है और कोटा के एक कॉलेज में कंप्यूटर लेकचरार के पद पर काम कर रहा हूँ।
मैं पहली बार अपनी कहानी लिख रहा हूँ, कोई गलती हो तो क्षमा करना।
मैं कई दूसरे कॉलेजों में भी पार्ट टाइम क्लासें लेता हूँ।
एक बार मेरे कंप्यूटर के बैच में एक लड़की आई जिसका नाम पूनम था। वह बहुत मस्त थी और उसको देखते ही मेरा खड़ा हो जाता था। पर वो चालू थी, उसने मुझे सिर्फ उसके सेमेस्टर को करने के लिए इस्तेमाल किया था
उसने पहले तो मुझे कहा- सर, मुझे कुछ समझना है आपसे, मैं आपसे अकेली पढ़ना चाहती हूँ, अगर आप कहें तो मैं एक घण्टा पहले आ सकती हूँ और आप मुझे यह प्रॉब्लम समझा सकें तो?
तो मैंने हाँ कह दिया तो वो जल्दी आने लगी और मेरे साथ बैठ कर प्रॉब्लम समझने लगी।
फ़िर तो यह रोज़ की सी बात हो गई, उसने मेरा मोबाइल नंबर भी ले लिया और रात को भी फ़ोन किया।
यह पूछने पर कि इतनी देर रात को क्यों फ़ोन किया तो कहती थी- सर, ऐसे ही कर लिया था।
एक दिन वो जींस और छोटे टॉप में मेरी क्लास में आई और उसी दिन मुझे घर पर बुलाया- सर मेरा बर्थडे है, आपको मेरे घर पार्टी में आना है।
मैंने उसे शुभकामनाएँ दी और कहा- मैं घर पर नहीं आ सकता।
तो उसने एक दो दिन बाद कहा- सर, मेरी भाभी आपसे मिलना चाहती हैं, आपसे कुछ काम है, मेरी भाभी के घर आना !
मैंने हाँ कह दिया और शाम को मैं उसके घर पर चला गया।
उसकी भाभी बहुत मस्त थी उसकी तरफ़ देखते ही मैं मचल गया। मैंने उसकी भाभी से मुलाकात की, उसका नाम चंचल था
उसने कहा- पूनम आपकी ही बातें करती रहती है, आपका कंप्यूटर पर बड़ा कमांड है जरा मेरी मदद भी कीजिए ना ! मैं एक कंप्यूटर खरीदना चाहती हूँ, अगर आप कुछ मदद कर देते तो? क्योंकि इस बारे में मैं ज्यादा जानती नहीं।
मैंने कहा- कल आप फ्री हो तो हम मार्केट से खरीद लेंगे।
और हम अगले दिन बाज़ार गए गए और चंचल को कंप्यूटर दिला दिया। वो अपनी कार में मुझे लेकर गई थी।
फिर उसने कहा- आप बहुत अच्छे हैं, क्या मैं आपसे बातें कर सकती हूँ? अगर आप को कोई परेशानी ना हो तो मैं आपको फ़ोन कर सकती हूँ कभी कभी?
मैंने ओके कह दिया।
उसके कुछ दिन बाद मेरी पत्नी घर पर नहीं थी, मायके में थी।
मैंने बातों बातों में पूनम को बता दिया कि मेरी पत्नी घर पर नहीं है, होटल में खाना खा रहा हूँ आजकल।
पूनम ने कहा- सर, क्या मैं आपके घर पर आ सकती हूँ?
“क्या काम है?” मैंने पूछा।
पूनम बोली- सर आपके लिए घर से खाना लाना चाहती हूँ।
मैंने हाँ कर दी।
अगले दिन सुबह दस बजे पूनम मेरे घर पर आ गई। उसने पीले रंग का सूट पहन रखा था जो उसके शरीर से चिपका सा था और उसके चूचे ऊपर से बाहर को आ रहे थे।