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एक लेखक का पत्र अपने पाठकों के नाम

Story Hindi 16 years ago

एक लेखक का पत्र अपने पाठकों के नाम
अन्तर्वासना के सभी चाहने वालों को सोनू का प्यार भरा नमस्कार.
सबसे पहले मैं उन तमाम लोगों से तहे दिल से माफ़ी मांगना चाहता हूँ जिन्होंने सैकड़ो बार मुझे मेल एवं फेसबुक के जरिये आगे की कहानियाँ लिखने की गुजारिश की। हालत ही कुछ ऐसे हो गए थे कि मैं उस कहानी को आगे नहीं बढ़ा सका।
कुछ लोगों को मैंने फेसबुक पर चैटिंग करते समय यह बताया था कि रिंकी, प्रिया और उसकी माँ यानी सिन्हा आंटी के साथ मेरे जिस्मानी ताल्लुकातों के बारे में तीनों में से किसी को एक दूसरे के बारे में पता नहीं था।
शादी वाले घर से लौटने के बाद भी सिन्हा आंटी के साथ बड़े हसीं पल बिताने का मौका मिला था मुझे और मैं चाहता था कि आप सब को उसके बारे में बताऊँ।
सिन्हा आंटी के साथ साथ रिंकी और प्रिया के साथ भी यौवन के उस खेल का भरपूर आनन्द लिया मैंने और यह सिलसिला करीब तीन सालों तक चलता रहा।
पर फिर वही हुआ जो अक्सर होता आया है, सिन्हा जी का तबादला हो गया और हम बिछुड़ गए।
उन सब से बिछड़ने के इतने दिनों बाद मैंने अन्तर्वासना पर यह कहानी लिखी और संयोगवश प्रिया ने इस कहानी को पढ़ा। यूँ तो वो कनाडा में है आजकल और उसने कहानी भी वहीं पढ़ी, लेकिन कहानी के जरिये सब कुछ जान कर वो बहुत दुःखी हुई।
ज़ाहिर है यारो… उसने मुझसे सच्ची मोहब्बत जो की थी…
प्यार तो मैंने भी सिर्फ और सिर्फ उसी से किया था लेकिन यह कमबख्त लण्ड नहीं माना और मैंने उसकी बहन और माँ के साथ भी चुदाई का खेल खेल लिया।
प्रिया ने मुझे कनाडा से कॉल करके मेरे कारनामों के लिए थोड़ी खरी खोटी सुनाई और यह कहा कि अगर मुझे उससे थोड़ा भी प्यार था, या है तो इस कहानी को यहीं बंद करना पड़ेगा और वादा करना होगा कि अब उस बारे में किसी से कोई बात नहीं करोगे।
आज भी बहुत प्यार करता हूँ मैं प्रिया से… और उससे किया हुआ वादा मैं नहीं तोड़ सकता…
माफ़ करना मेरे दोस्तो… अब आप शायद मेरी मजबूरी समझ सकते हैं और आप सब से इतने दिनों तक दूर रहने का कारण भी जान चुके हैं।
मगर उदास होने की बात नहीं है क्यूंकि प्रिया ने इस बात की इज़ाज़त दे दी है कि उसकी और उसके परिवार के अलावा किसी और के साथ हुई किसी भी घटना को बिंदास होकर लिख सकता हूँ और अपने प्रशंसकों का मनोरंजन कर सकता हूँ।
मेरी प्रिया इस मामले में अब कुछ ज्यादा ही खुले विचारों की हो गई है और वो खुद मेरी कहानियाँ सुनने और पढ़ने के लिए बेताब है…
अब बस आप सबकी इज़ाज़त चाहता हूँ… अगर आप चाहते हैं कि मैं पिछले कुछ दिनों में घटित कुछ रोमांचक घटनाओं के बारे में लिखूं तो जरुर बताइएगा… आपके सुझाव और आपकी चाहत का इंतज़ार करूँगा।
आपका अपना सोनू चौधरी

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