तुम टेन्शन मत लो
यश
एक मस्त कड़क जवान लड़की की माँ एक दोपहर किटी-पार्टी में गई थी।
लड़की घर में कुछ घंटो के लिए एकदम अकेली थी और सारा घर भी खाली था।
वो अपने बॉय-फ्रेंड को कॉल करके अपने घर के सूनेपन के बारे में बताती है और मज़ा करने के लिए उसे अपने घर बुलाती है।
लड़का आँखों में अब आगे होनेवाली मस्त चुदाई के हसीन सपने ले लड़की की मस्त गदराई नंगी जवानी और उसके भरपूर सेक्सी बदन की कल्पना करते हुए जल्दी-जल्दी उसके घर आता है।
लड़की सलवार और एक छोटी सी एकदम टाइट कुर्ती पहनी होती है जिसमें से उसके दोनों टाइट बड़े-बड़े गदराये उरोज़ गजब क़यामत ढा रहे थे।
उन शानदार स्तनों के हाहाकारी नज़ारे को देखते ही लड़के का लंड उसकी पैंट में जोर मारते हुए फनफना कर खड़ा हो जाता है।
लड़के को लगने लगता है कि उसका जवान लंड पैन्ट की चैन फाड़ते हुए अभी बाहर आ जायेगा।
वो लड़की के मस्त जानमारू बड़े-बड़े टाइट B( . )( . ) BS को ललचाई नज़रों से देखता है और अपने एक हाथ से पैन्ट के ऊपर से ही अपने लंड को सहलाते हुए कहता है-
चल रानी:
आज बहुत दिनों बाद मौका मिला है तेरे दूद्दू दबाते हैं।
फटाफट चुदाई कर मौके का फायदा उठाते हैं।
लड़की आगे बढ़कर लड़के का हाथ हटाती है और अपने कोमल हाथो से उसके लंड को सहलाते हुए कहती है-
मौके का फायदा उठाना है,
इसीलिए तो
तुझसे अपनी चूत चुदवाना है।
लड़की का हाथ लगते ही लड़के को जन्नत का मज़ा आया और वो कुर्ती के ऊपर से ही उसके दोनों नागपुरी संतरों सरीखे चूचों को दबाने लगा।
लड़की उसके लंड को अच्छे से मसल कर उसे पूरी तरह उत्तेजित करने लगती है।
लड़का एक हाथ से उसके चूचे मसलता है और दूसरे हाथ को उसकी पीठ पर ले जा उसकी कुर्ती की चैन खोलते हुए कहता है-
जानेमन लंड तैयार है अब देर किस बात की…
तेरी चूत तैयार हो तो चल अब चुदाई करते हैं।
लड़की मुस्कुराते हुए कहती है- ओके जानू जैसे तुम्हारी और तुम्हारे लंड की मर्ज़ी।
लड़की खुद अपनी कुर्ती खोलने लगती है कुर्ती खुलते ही काली ब्रा में कसे उसके दोनों योवन कपोत लड़के के लंड में मानो आग लगा देते हैं।
उसे लगता है मानो उसकी चड्डी में भूचाल आ गया हो और वो जल्दी-जल्दी अपने कपड़े खोलने लगता है।
लड़की उसकी जल्दबाजी देख कर मुस्कुराती है। कुर्ती को रूम के एक कोने में फेंक कर दो कदम पीछे हटती है।
लड़के की तड़फ और चुदाई के लिए उसकी बेचैनी की पूरा मज़ा लेते हुए और धीरे-धीरे अपना हाथ अपने सलवार के नाड़े पर लाती है।
एक हाथ से सलवार के ऊपर से अपनी चूत को अपनी मुट्ठी में ले हौले-हौले मसलने लगती है और दूसरे हाथ से धीरे से अपनी सलवार की गाँठ खोलती है।
नाड़ा खुलता है, तब लड़की अपने दोनों हाथों को अपनी कमर पर रख कर अपनी सलवार में हाथ डालकर सलवार को थोडा सा फैलाती है।
नाड़ा खुला होने के कारण सलवार उसके पैरों से फिसल कर जमीन पर जा गिरती है।