फ़ुफ़ेरी बहन को बनाया रखैल
अन्तर्वासना पढ़ने वालों को मेरा नमस्कार, मैं पहली बार कोई कहानी लिख रहा हूँ।
मेरा नाम आदित्य है, मैं दिल्ली में रहता हूँ, उम्र 21 साल है।
मेरी बुआ की 4 लड़कियाँ हैं, उनमें से सबसे छोटी का नाम रिया है, वो बहुत सुन्दर है, 36-26-36 मादरचोद के क्या चूतड़ हैं, देखते ही मन करता है कि साली के ऊपर चढ़ जाओ और उसकी चूत को फाड़ दो ! वो हमेशा सलवार सूट पहनती है और बहुत शर्मीली है, मेरी बुआ की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वो 5 साल से हमारे घर ही रहती है।
मैं उन दिनों इंजीनियरिंग कर रहा था, गर्मी के दिनों की बात है जब हम सब छत पर सो रहे थे तो वो मेरे बगल वाले बिस्तर पर लेटी थी। मेरा लंड खड़ा होने लगा और मैंने उसके चूचियों पर हाथ रख दिया। क्या सुखद एहसास था ! और उसने कोई विरोध भी नहीं किया ! धीरे-धीरे मैं अपने हाथों को जकड़ने लगा..
शायद वो सोने का नाटक कर रही थी पर वो भी जागी हुई था और मजे ले रही थी.. माँ की लोड़ी बहुत रंडी थी, एकदम से उसने मेरे लंड पर हाथ रख दिया तो मैं समझ गया कि साली चुदना चाहती है।
मैंने अपना हाथ धीरे-धीरे उसकी चूत की ओर बढ़ाया पर बहन की लोड़ी ने मेरा हाथ पकड़ लिया, मेरा दिमाग ख़राब हो गया और मैंने अपना करवट बदल ली और गुस्सा होने का नाटक करने लगा।
बहुत देर हो गई, उसने मुझे नहीं मनाया तो मैंने फिर से उसकी तरफ करवट ले ली क्यूंकि मेरा मन नहीं मान रहा था चोदे बिना साली कुतिया को !
फिर मैंने अपना हाथ बढ़ाया उसकी सलवार खोलने के लिए लेकिन फिर से उसने मुझे पकड़ लिया..
ऐसे ही तीन दिन तक बस वो मुझे अपने चूची दबाने और पीने देती वो दिन में मुझे देखती भी नहीं थी, मैं बहुत कोशिश करता कि वो मेरे पास हो और मैं उसको दिन में चोद सकूँ पर वो रांड नहीं देखती थी…
फिर अगली रात का कार्यक्रम शुरू हुआ और वही सब चल रहा था, लेकिन आज मैं किसी की हालत में उसे चोदे बिना नहीं मानने वाला था, मैंने पूरा मन बना लिया था कि आज तो साली को जरुर चोदूँगा, मुझे उसकी चूत में अपना लोला डालना था और उसकी सील तोड़नी थी…
वो मेरा लंड पकड़ कर मसल रही थी तभी अचानक मैंने उसकी सलवार का नाड़ा तोड़ दिया और उसकी सलवार उतार दी..
हमारे आसपास बहुत लोग सोये हुए थे तो वो कुछ बोल नहीं सकी पर उसने अपने आप को समेट लिया… लेकिन मैंने अपनी उंगली चूत में डाल दी तो उसके मुँह से हल्की सिसकारी निकलने लगी… मैं समझ गया कि आज मेरा लंड इसकी चूत में जरूर समां जायेगा !
वो आह उह्ह आह उह्ह करने लगी, मैं उसके होंठों को अपने होंठों से दबाये हुए था, बीच में उसकी चूचियों पर भी काट रहा था..
फिर थोड़ी देर बाद में थोड़ा नीचे सरक कर उसकी चूत तक अपना मुँह ले गया और उसकी चूत चाटने लगा। मैंने किसी लड़की की चूत पहली बार चाटी थी मुझे बहुत मजा आया…
मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था लोहे की तरह..