मौसेरी बहन की चोली
प्रेषक : इमरान खान
भाभीजान की चोली का हुक खोलने के लिए मैं एक अरसे से बेताब था कि एक रोज मेरी तकदीर कुछ ऐसे खुली की मौसेरी बहन की चूचियाँ नंगी दिख गईं। वो गर्मी की छुट्टियों में मेरे घर आई हुई थी और मैं भाभी की चुदाई के चक्कर में पड़ा हुआ था।
अचानक ही मेरी नजर गेस्ट रुम में सोई मेरी मौसेरी बहन सायरा के ऊपर पड़ गई। सायरा नाईटी पहन कर सोई हुई थी, उसने अंदर चोली पहनी थी, पर नाईटी का गला बड़ा होने के चलते वो सरक के चोली का दीदार करा रही थी। काली चोली में सफेद चूचियाँ, मैं भाभी की चूचियों को भूल गया। मैंने ध्यान से देखा तो मेरा मन जाकर उन्हें छू लेने को करने लगा।
मैंने चूत को दबा कर चोदने की अपनी इच्छा को अपने अंदर जगते देखा और फिर मैं सायरा के पास चला गया। उसकी नाईटी घुटनों तक चढ़ी हुई थी और उसने पैर मोड़ कर उठाए हुए थे, जिससे कि नीचे से मैं उसकी चड्ढी झांक सकता था। मैंने उसकी नाईटी के नीचे झांका तो सफेद पैंटी उसकी बुर से चिपकी हुई थी। दोनों फांकें चूत की पैंटी के ऊपर से चिपके होने के चलते आकार में आकर एकदम मस्त नजर आ रहीं थीं।
मैंने उसकी चूत के आकार का अंदाजा लगाया और सोचा, वो एक बित्ते की थी, एक बित्ते की चूत और गहराई लगभग दस इंच रही होगी। वो खाते-पीते परिवार की लौंडिया है और उसकी गांड मोटी थी। मैं समझ गया था कि आज मुझे चूत मिलने वाली है। बस मैंने अपने मन से तहजीब के डर को किनारे रखा और दरवाजे की किल्ली लगा दी। अपने सारे कपड़े उतार कर लंड को ठेहुका कर मतलब कि खड़ा करके उसके बगल में लेट गया।
सायरा ने करवट बदली तो उसका एक हाथ सीधा मेरे लंड पर चला गया। किस्मत मुझ पर मेहरबान थी और मैंने अपनी आँखें बंद करके मजा लेना शुरु कर दिया। उसने लंड को पकड़ के ऐसे थाम रखा था जैसे कि उसने कोई गियर थाम रखा हो। थोड़ी देर में उसने करवट बदल के दोनों हाथों से मेरा लंड पकड़ लिया।
अब वो मेरे करीब आ गई थी। उसे अहसास नहीं था कि क्या कर रही है, वो अब मेरे लौड़े को मसल रही थी। मैं चुपचाप था, मैं उसकी चोली को घूर रहा था जिसमें उसके गोरे गोरे कबूतर बंद थे और बाहर निकलने को छटपटा रहे थे।
मैंने उसके उरोजों को पकड़ने के लिए अपने हाथ बढ़ाने चाहे पर रुक गया, अगर उसे अच्छा न लगा तो। वो मुझे बहुत अदब से भाईजान कहती थी। मैं जब्त करके रखा अपनी भावनाओं को और तभी उसने अपनी आँखें खोल दी। मैंने अपनी आँखें बंद कर रखीं थी, जैसे कि मैं कुछ जानता ही न था। वो उठ कर बैठ गई और हैरान रह गई। मुझे नंगा देख और दोनों हाथों से खड़े लंड को पकड़े देख वो दंग थी, पर वो भागी नहीं।
उसने मेरे लंड को पकड़ कर चूमना शुरु कर दिया। आह्ह ! मैं चुपचाप लंड में होने वाली सनसनी को सहता रहा।
मेरा लंड बढ़ कर आठ इंच का हो चुका था, सुपारा फूल कर मोटा।