मुझे लेट कर मजा आता है !-2
हेलो दोस्तो, हैरी का नमस्कार ! आपने मेरी पहली कहानी पढ़ी थी
अब आगे की कहानी।
मेरी उम्र 25 साल की है और पंजाब का रहने वाला हूँ।
तो उस रात जब मेरी नीद खुली तो देखा की मामी मेरे लण्ड से खेल रही थी, मुझे बहुत मजा आ रहा था, फिर मैं मामी की चूचियों को मुँह में लेकर चूसने लगा और मैं धीरे-2 मामी की गाण्ड में उंगली करने लगा और जोर जोर से मामी की चूचियों को दबाने लगा और चूसने लगा। मामी के मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी आ आअ ह्ह्ह्ह !
और फिर मामी मेरा लण्ड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, मुझे बहुत मजा आ रहा था। पाँच मिनट तक मामी ने मेरे लण्ड को चूसा, फिर मैंने मामी को कहा- मामी, चलो घोड़ी बन जाओ।
मामी झट से घोड़ी बन गई।
मैंने अपने लण्ड पर थोड़ा सा थूक लगाया तो मामी की गाण्ड पर भी थोड़ा थूक लगाया। जैसे ही मैंने मामी की गाण्ड में लण्ड डालना चाहा तो मामी आगे की ओर सरक गई और बोली- यह क्या कर रहे हो? बूर क्यों नहीं चोद रहे?
मैंने मामी से कहा- मामी, मैंने तो अभी आपकी गाण्ड मारनी है, बूर तो चोद चुका हूँ, आपकी गाण्ड बहुत मस्त है। कितनी बार सोच सोच कर मुठ मारी है, आज तो आपकी गाण्ड मारे बिना नहीं मानूँगा। मामी ने बोला- नहीं हैरी, मैंने कभी भी गाण्ड नहीं मरवाई ! रहने दो, तुम बूर चोद लो !
मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने मामी को कहा- नहीं मामी, आज तो मैं बिना मारे नहीं रहूँगा तुम्हारी गाण्ड !
फिर मामी ने कहा- चल चोद तो ! पर धीरे से करना, क्योंकि मैंने कभी भी गाण्ड नहीं मरवाई।
मैंने मामी को कहा- मामी, आप चिंता मत करो, मैं धीरे-धीरे डालूँगा तुम्हारी गाण्ड में, क्योंकि मुझे मालूम है कि आपकी गाण्ड अभी कुँवारी है।
फिर मैंने मामी से कहा- मामी, तेल है क्या यहाँ पर? मामी ने कहा- नहीं, वो ड्रेसिंग टेबल तो देखो, लिपगार्ड होगा ! वो ले लो !
फिर मैंने ड्रेसिंग टेबल से लिपगार्ड निकाली और बहुत सारा अपने लण्ड और बहुत सारा मामी के गाण्ड के छेद पर लगा दिया और मामी को इशारा किया कि जरा जोर से पकड़ कर रखना हाथ अपना बेड पर, कहीं गिर न जाओ।
फिर मैंने मामी के गाण्ड के छेद पर अपना लण्ड रखा और सेट करके मामी के कूल्हों को जोर से पकड़ कर अपना लण्ड जोर से अन्दर डाला। जैसे ही मैंने अपना लण्ड अन्दर डाला, मामी के मुँह से आआ अहा आ आ हाआ आअ निकल गई, वो चीखने लगी, बोली- छोड़ दे, रहने दे !
मैंने अपना लण्ड ऐसे ही मामी की गाण्ड में रखा और उनकी चूचियाँ दबाने लगा और चूमने लगा। अब मुझे लगा कि मामी का दर्द कम हुआ तो मैंने और एक बार जोर से लण्ड को गाण्ड में घुसा दिया। मामी फिर से चीखी पर शांत हो गई। अबकी बार मेरा लण्ड मामी की गाण्ड में आधे से ज्यादा जा चुका था। मैं धीरे धीरे मामी की गाण्ड में धक्के लगा रहा था और उनकी चूचियों को दबा रहा था।