पन्द्रह दिन बाद मनाई दुल्हन संग सुहागरात
कहानी पढ़ने वाले सभी दोस्तों को सोलापुर से कुमार का नमस्कार. मेरी कहानियां आपको पसंद आई होंगी, ऐसा मानकर और एक नई कहानी लेकर आपके सामने पेश हो रहा हूँ.
दोस्तो, मेरी बीवी पूजा मुझे बहुत पसंद करती है. उसका कहना है कि मैं दिखने में स्मार्ट हूँ. मेरे होंठ तो उसे बहुत पसंद हैं. वो हमेशा मुझसे कहती है कि तुम अपने होंठ मुझे दे दो और मेरे होंठ तुम ले लो.
इसलिये वो मेरे होंठ हमेशा चूसती रहती है.
हम दोनों को अलग अलग पोज में चुदाई करना बहुत पसंद है. हम दोनों कहीं भी, कभी भी चुदाई कर लेते हैं. मैं आज आपको बताऊंगा कि हमारी सुहागरात कैसी रही, हमने सुहागरात कैसे मनाई. क्योंकि हर दुल्हे और दुल्हन की सुहागरात कभी न भूलने वाली यादगार रात होती है.
हमारी शादी हुई थी तो पहले के पन्द्रह दिन चूमाचाटी में, पकड़ा पकड़ी में ही चले गए थे. मेरी दुल्हन पूजा ने मुझे चोदने नहीं दिया.. क्योंकि उसे चुदाई में होने वाले दर्द के बाद मिलने वाले सुख के बारे में कुछ मालूम ही नहीं था. मैं अपना लंड चुत में डालने की कोशिश करता तो उसको चुत में दर्द होता था.. जिस वजह से वो मुझे मना कर रही थी. लेकिन मुझे तो चोदना था, तो मैंने ठान ली कि आज जरूर चोदूँगा. रात को वो कमरे में आ गई. वो आते ही मेरे गले लग गई, मैं उसके होंठ अपने होंठों में लेकर चूसने लगा.
हम दोनों बेड पर आ गए. मैंने उससे कहा कि आज मैं तेरी चुत जरूर चोदूँगा.
शायद उसको भी चुदवाना तो था लेकिन वही सुहागरात की पहली चुदाई के दर्द का डर उसको रोक देता था.. और मैं अपनी पूजा को मना कर ही चोदना चाहता था.
आज मैंने उससे कहा तो उसने कहा- आज तुम अपना लंड मेरी चुत में धीरे से अन्दर डालना.. मेरी चुत नई है.. कहीं फट न जाए.
मैं उसको बाँहों में लेकर उसके होंठ चूसने लगा. उसका ब्लाउज निकाल कर मम्मों को धीरे धीरे मसलने लगा. उसके निप्पल मुँह में लेकर चूसने लगा. वो भी गर्म हो गई. मैंने एक हाथ से पूजा की साड़ी और पेटीकोट कमर के ऊपर तक उठा दिया. उसकी चुत पर अपना हाथ फेरने लगा. दाएं हाथ की एक उंगली को पूजा की चुत में डाला तो चुत पूरी गीली हो गई थी. मुझे मालूम था चुत को और ज्यादा गीला करना पड़ेगा.
मैंने उसके होंठ चूसते चूसते अपने एक हाथ की उंगली पर अपना थूक लेकर चुत की दरार में लगा दिया और चुत को ज्यादा गीला कर दिया. फिर अपने लंड पर भी थूक लगाकर लंड को भी चिकना कर दिया. फिर मैं उसके ऊपर दोनों पैरों के बीच आ गया. अपनी बीवी के बगल में नीचे अपना एक हाथ टिकाकर दूसरे हाथ से अपना लंड उसकी चुत की दरार में लगा दिया और हल्का सा दबाव डाला. अब मेरे लंड का सुपारा उसकी चुत में फंस गया था.
फिर मैंने अपने दोनों हाथों को पूजा के दोनों मम्मों के बाजू रखकर अपने शरीर का भार हाथों पर ले लिया.