एक दिन धोखे से बीवी की चूत चाट ली
आप सभी सेक्सी स्टोरीज के प्रेमियों को मेरा प्यार भरा नमस्कार।
मेरा नाम शनि है, आज मैं आपको सच्ची प्यार भरी घटना बताता हूं।
पिछले साल मेरी शादी नीलू नाम की सेक्सी हसीना से हुई। हम दोनों प्रेम से रोज चुदाई करते और सुबह शाम मौज से नए नए तरीकों से सेक्स का मजा लेते थे, पर हम लोग कभी ओरल सेक्स यानि सकिंग यानी लंड चुसाई, चूत चटाई नहीं करते थे, केवल चुदाई से ही खुश थे लेकिन हमारा सेक्स कभी भी एक घंटे से पहले समाप्त नहीं होता था।
एक दिन की बात है, मेरी बीवी बहुत दिनों बाद मायके से घर आई थी।
मैं ड्यूटी से घर पहुंचा, दरवाजा खटखटाया, दरवाजा खुला और मेरी हसीन बीवी काली नाइटी में मेरे सामने थी।
अहह… क्या गजब ढा रही थी! एक मिनट तो मैं उसे देखता ही रह गया, फिर क्या था, मेरे गालों पर कब चुम्बन हो गया, मुझे पता ही नहीं चला।
मैं भी कहाँ रुकने वाला था, मैंने एक लम्बा गर्म चुम्बन अपनी बीवी के रसीले होंठों पर किया- आआआ उउमम मममम मम ललललपपपप!
वो बोली- बस करो, क्या बाद में कुछ नहीं करना?
मैंने कहा- चल अन्दर, अभी तेरी चूत को रौंदता हूँ, तेरी पन्द्रह दिन की चुदास अभी मिटाता हूँ।
हम दोनों अन्दर आ गए।
आज तो वो बिजली गिरा रही थी दोस्तो… रसीले होंठ, चिकने गाल, बैंगन जैसे बड़े बड़े बूब्स जो ब्लाउज से बाहर कूदने को मचल रहे थे, आधा खुला हुआ पेट जिसमें गहरी नाभि के दर्शन हो रहे थे!
आज कहीं खो जाने का मन कर रहा था… बेताबी इतनी थी कि खाना खाने का भी मन नहीं कर रहा था।
मैं नहाया, खाना खाया और हम दोनों बेड पर आ गए। कुछ बातें की और धीरे धीरे माहौल गर्म होने लगा। लाइट जल रही थी और मैं अपने पैरों से उसकी नाइटी ऊपर खींच रहा था।
एक हाथ से उसकी कमर को छुआ तो वो बोली- आज क्या मूड है?
‘जानम, बहुत मन कर रहा है, आज मुझे रोकना मत मेरी जान!’
‘ओके, आज मेरी भी बहुत इच्छा हो रही है!’
बस हम दोनों चिपक गए, मैं उसके होंठों को चूस रहा था, मेरी जीभ उसके मुंह के अन्दर घुस कर उसकी जीभ का आनन्द ले रही थी, मेरे दोनों हाथ उसके स्तनों को दबा रहे थे और अब वो सिसकारियां ले रही थी।
मैंने उसकी नाइटी निकाल दी उसका गोरा बदन महक रहा था, अब केवल ब्रा और पेंटी में थी। मैंने अपना उल्टा हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया और सीधे हाथ से ब्रा को अलग कर दिया।
मेरी बीवी भी कम नहीं थी, उसने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए, मेरा लम्बा और मोटा लंड फड़क रहा था। मेरी बीवी एक हाथ से पकड़ कर आगे पीछे कर रही थी।
मैंने अपनी नीलू को ऊपर से चूमना शुरू किया और एक हाथ से उसकी पेंटी भी निकाल कर फेंक दी।
मैं चूमते चूमते उसके स्तनों पर आ गया और जोर से चूसना शुरू कर दिया।