चूत की आग के लिए मैं क्या करती-4
थोड़ी देर में विनोद आ गया!
मैंने उसको आते ही चूमा और कहा- विनोद, मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही थी!
ऐसा दिखाया कि जैसे मैं बहुत अकेली थी।
वो बहुत खुश हुआ और बोला- कुछ परेशानी तो नहीं हुई ना?
मैंने कहा- नहीं, यह पास का लड़का सुशील काफी अच्छा है, बहुत मदद करता है, मेरा सब काम कर देता है, और तुम्हारा दोस्त सुनील, वो रोज आकर पूछता ही है, दोनों के कारण तुम्हारी ज्यादा कमी महसूस नहीं हुई।
वो बोला- चलो अच्छा है, कभी मिलाना मुझे भी सुशील से!
और सुनील को फोन लगा दिया, कहने लगा- यार सुनील, धन्यवाद, तुमने मेरे पीछे से इसका मन रखा।
सुनील बोला- यह क्या कहने की बात है!
और फिर विनोद और मैं सेक्स करने में लग गए। विनोद ने अपना काम जल्दी पूरा कर लिया और यह कह कर सो गया- मैं बहुत थक गया हूँ!
अगले दिन विनोद उठा और कहने लगा- यार बहुत दिनों में कल सेक्स किया मजा आ गया! बहुत याद आ रही थी तुम्हारी! मैंने इन दिनों में कई बार हस्तमैथुन किया, पता नहीं मुझे कुछ दिनों से सेक्स का बहुत मन हो रहा था! वैसे तुम्हारा क्या हाल था इतने दिनों से क्या तुमको याद नहीं आई?
मैंने कहा- यार क्या बताऊँ तुमको कि मेरा क्या हाल था इतने दिनों से? मैं ही जानती हूँ! और तुम तो कल अपना काम निकाल कर सो गए, तुम्हारा तो हो गया पर मैं तो अधूरी रह गई। विनोद, आज थोड़ा मजा दो ना!
विनोद- चलो आज करेंगे रात को! पक्का, मैं तुमको आज बहुत चोदूँगा, तुम ये न कह दो कि बस अब छोड़ दो, तब तक चोदता ही रहूँगा।
मैंने कहा- अगर ऐसी बात है तो मैं रात का इन्तजार करुँगी।
और मैंने उसका लिंग थोड़ा दबा दिया।
हमने खाना खाया और विनोद कहीं बाहर चला गया। मैंने सुनील को फोन लगाया और कहा- यार सुनील भैया! बहुत याद आ रही है, कल विनोद ने कुछ नहीं किया, बस खुद का कर लिया, मैं तो प्यासी रह गई।
सुनील- कोई बात नहीं भाभी, आप कहो तो हम आ जाते हैं आपकी सेवा में!
मैंने कहा- नहीं सुनील भैया, आज नहीं! विनोद बाहर जायेगा, तब करेंगे।
सुनील- ठीक है भाभी, जल्दी मिलते हैं।
कह कर उसने फोन काट दिया।
रात को विनोद आया, हमने खाना खाया और वो मेरे कबूतर दबाने लगा, मुझे मजा आने लगा। आज विनोद कुछ अलग अंदाज में था!
विनोद- जान, अंदर चलें!
और वो मुझे गोद में उठाकर अंदर आ गया, आते ही उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरी चूत चाटने लगा। मुझे लगा कि आज विनोद नहीं और कोई मेरे साथ सेक्स कर रहा है, मैंने विनोद से कहा- अपने तो कपड़े उतारो!
उसने अपने कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों नंगे थे। मैं उसका लंड हाथ में लेकर सहलाने लगी बिना उसके कहे!
वो मेरी चूत चाट रहा था।
हम अब 69 की अवस्था में आ गए, मैंने उसका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी तो विनोद को मजा आने लगा।