भोपाल में ट्रेनिंग-1
मित्रो, हर स्त्री के जीवन में अनेक घटनाएँ घटित होती हैं, उन में से कुछ घटनाएँ तो दुखी कर देती हैं, लेकिन कुछ बहुत सुखद और यादगार होती हैं!
मेरे जीवन में भी ऐसी ही एक सुखद और यादगार घटना हुई थी, जिसकी यादें आज भी ताज़ा हैं और उनकी याद आते ही मैं रोमांचित हो जाती हूँ। मैं उस घटना के कुछ संस्मरण आपके सामने प्रस्तुत करना चाहती हूँ, लेकिन उससे पहले मैं आपको अपना परिचय देना चाहूँगी!
मेरा नाम उर्मिला है, सब लोग मुझे “उर्मी” कहते है, मैं तेईस वर्ष की हूँ और भोपाल में रहती हूँ। लगभग तीन वर्ष पहले मेरी शादी हुई थी। शादी से पहले भी मैं बहुत ही सुन्दर दिखती थी, लेकिन शादी के बाद मेरा रंग रूप और भी ज्यादा निखर आया है, अब तो मैं एक अप्सरा से कम नहीं लगती हूँ !
मेरे पैमाने हैं 36-24-36, कद पांच फुट छह इंच, रंग बहुत गोरा, छाती उठी हुई और उस पर दो कसी हुई चूचियाँ, जिनके ऊपर मोटे काले अंगूरों जैसी घुन्डियाँ, बल खाती हुई कमर पतली, चौड़े नितम्ब, सुडौल जांघें और लंबी तथा पतली टाँगें ! नाभि के नीचे और टांगों के बीच में काले रंग के बालों के बीच में विराजमान मेरी संकरी सी गोरी चूत!
तीन वर्ष की शादी के बाद भी कोई बच्चा ना होने की वजह से अभी तक इस चूत में कोई बदलाव नहीं आया, अभी भी वह तीन वर्ष पहले जैसी कुंवारी और संकरी दीखती है ! आज भी जब मैं चुदती हूँ तो वही पहली रात जैसा ही आनन्द आता है !
यह घटना लगभग एक वर्ष पहले की है जब मेरी इक्कीस वर्षीया छोटी बहन अर्ची (अर्चना) की शादी, मथुरा में रहने वाले परिवार के तेईस वर्षीय कमल से हुई थी। कमल आगरा में एक कंपनी में इंजिनियर है और अर्ची के साथ आगरा में ही रहतें हैं। मेरी छोटी बहन भी मेरे तरह बहुत सुंदर है और उसका शरीर भी बहुत मादक है, हम दोनों बिल्कुल जुड़वाँ लगती हैं। कमल का कद छह फुट है, चौड़ी छाती है और वह स्वस्थ तथा बलिष्ठ पुरुष है ! नियमित योग और व्यायाम के कारण उसका सिक्स-पैक शरीर अत्यंत ही आकर्षक है !
शादी के तुरंत बाद कमल और अर्ची जब मेरे घर भोपाल में दो दिन के लिए रहने आये थे, तब मैंने उन्हें अपने साथ वाले बेडरूम में ही ठहराया था। दोनों बेडरूम के बीच में एक दरवाज़ा था, जिस में से एक दूसरे कमरे में हो रही आवाजें सुनाई देती थी और उस दरवाज़े के की-होल में से उस कमरे के अंदर का नज़ारा भी दिखाई देता था !
रात को जब मेरे पति सो गए, तब मैं उठ कर उस दरवाज़े के पास खड़े होकर दूसरे कमरे की आवाजें सुनने लगी। अंदर कमल अर्ची को चुदाई के लिए मना रहा था और वह कुछ नखरे दिखा रही थी !
मुझसे रहा नहीं गया और मैंने की-होल में से देखा तो पाया कि कमरे की लाईट जल रही थी तथा कमल अर्धनग्न खड़ा था और अर्ची के कपड़े उतार रहा था। जब उसने अर्ची को पूरा नग्न कर दिया तब वह सीधा खड़ा हो कर अर्ची से उसका जांघिया उतारने को कहा।