पूजा को गाण्ड मराने का शौक हुआ
मैं कोटा का रहने वाला हूँ, आपने मेरी कहानी पढ़ी, मुझे काफ़ी सारे मेल मिले उसमें एक भाभी की मेल मिली उसमें लिखा था- आपकी कहानी बहुत अच्छी लगी।
फिर जब जब नेट पर बात हुई तब उसने अपना नाम पूजा बताया, 32 साल की सेक्सी भाभी थी बातों-बातों में उससे पूछा- क्या आप मुझे मिलना चाहोगी?
तब उसने बताया- मेरे पति जब टूर पर रहेंगे, तब बताऊँगी।
रोज नेट पर बात होने लगी, सेक्स के बारे में बात करती- भाभी की चुदाई करी, आपका लण्ड कितना मोटा है, आदि इत्यादि।
मेरा लण्ड नौ इन्च लम्बा और काफ़ी मोटा है, उसको फोटो दिखाया, तब बोली- मुझे आपसे चुदना है।
“तो कब मिलोगी?”
उसने बताया- कल शाम को।
उसने मुझे अपना पता दिया और आने के लिए बोला। मेरा लण्ड उसके बुलावे की बात सुनकर खड़ा हो गया। उस दिन हिलाकर पानी निकाल लिया।
जब उसके घर गया घन्टी बजाई तो देखता रह गया, क्या मस्त पटाखा थी यार !! लण्ड सलामी देने लगा !
घर के अन्दर आकर मैंने उसके गुलाबी होंठों को चूमा तो वह एकदम सिसकारी भरने लगी- अअ… अ… अआ… आआह… ह्हहह… ह्हहह… प्लीज़।
मुझे और उसे दोनों को ही चुदाई की जल्दी पड़ी थी सो हमने जल्दी से एक-दूसरे के कपड़े उतारे और उसने मुझे अपनी बाँहों में कसकर एक शानदार चुम्बन किया।
फिर मैंने उसे अपनी बाँहों में उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया, तब मैंने भरपूर नज़रों से देखा, वाक़ई शानदार बदन था।
मुझे भी लगा कि शायद मैं भी अब और इन्तज़ार नहीं कर सकता, तो मैंने अपने हाथों को उसकी नर्म और गोरी चूचियों की तरफ बढ़ाया और दबाने लगा।
“अई… अआ… आआ… आहह… आआ…” वो सिसयाई।
फिर मैं धीरे से उनके एक चुचूक को अपने होंठों में दबाकर चूसने लगा, तो उसने अपनी आँखें बन्द कर ली और मेरे बालों में हाथ फिराने लगीं।
तभी मैंने अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दीं तो उसने चिहुँक कर अपनी आँखें खोल दीं और कहने लगी- प्लीज़, धीरे करो, मुझे कुछ हो रहा है।
मैंने कहा- अभी तो यह बस शुरुआत भर है।
उसने अपनी आँखें फिर से बन्द कर लीं।
मैं अब उठा और अपना लण्ड उसके होंठों पर टिका दिया। उसने भी बिना आँखें खोले ही अपनी जीभ से सुपारे को चाटना शुरु कर दिया। थोड़ा मजा आने के बाद उसने अपना मुँह खोलकर पूरे लण्ड को चूसने लगी।
क़रीब 10 मिनट तक चूसने के बाद वह बोली- अब रुका नहीं जा रहा, अब जल्दी से मुझे चोदो… प्लीज़, आई लव यू, प्लीज़ जल्दी करो।
ऐसी बातें सुनकर मेरा जोश भी बढ़ गया था, मैंने उसकी टाँगें फैलाकर एक जानदार धक्का दिया, तो वह कराह उठी- प्लीज़, इतनी ज़ोर से मत करो।
लंड क़रीब तीन इंच तक अन्दर चला गया था, फिर धीरे-धीरे मेरा पूरा छः इंच का लण्ड उसकी चूत में चला गया तो वह भी अपने चूतड़ उछाल-उछाल कर मेरा साथ देने लगी।
क़रीब 10 मिनट बाद जब मुझे लगा कि मैं अब छूटने वाला हूँ तो मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा।