कैमरे से कमरे तक
प्रेषक : राज कुमार
मेरा नाम राज है, दिल्ली का रहने वाला हूँ, उम्र 24 साल है…
यह मेरी पहली सच्ची कहानी है, मैं अन्तर्वासना की कहानियाँ बहुत सालों से पढ़ रहा हूँ। मैं सभी अन्तर्वासना से जुड़े लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूँ और क्षमा चाहता हूँ अगर मेरी कहानी में कोई त्रुटि हो गई हो तो…
यह बात उन दिनो की है जब मैं अपनी स्नातक की पढ़ाई कर रहा था नोएडा के एक नामी कॉलेज से… वैसे तो मैं एक साधारण सा दिखने वाला लड़का हूँ… मैं अक्सर अपना खाली टाइम एक वेब साइट ***.कॉम पर बिताता था, यह एक फ्री और ओपन साइट है.. यहाँ पर लड़के लड़कियाँ जो चाहें कर सकते हैं… वहाँ पर एक दिन मेरी किस्मत चमकी, मुझे मेरठ की एक लड़की मिली। शुरू में तो उसने अपना नाम ग़लत बताया और बातें शुरू हो गई।
इधर उधर की सामान्य बातों के बाद मैंने उसको देखने की इच्छा जाहिर की… मैंने उसे वेब कैमरा चालू करने को कहा…
बहुत कहने पर उसने ऐसा किया उसको देख कर तो मेरा लंड पजामे से बाहर आने को तड़प उठा… उसने पीले रंग का टॉप और नीचे लाल रंग का शॉर्ट पहना हुआ था… उसकी गोरी टाँगें मुझे दिख रही थी दूध की तरह सफेद… उसके गहरे गले के टॉप से उसकी चूचियों की लकीर दिख रही थी, मैंने तो उसको मन में ही नंगा कर दिया था… उसके स्तन ऐसे थे कि लग रहा था कि अभी टी-शर्ट फाड़ कर बाहर आ जाएँगे।
मैंने उसकी तारीफ करनी शुरू कर दी और लड़की को चाहिए भी क्या… वो खुश हो गई, उसने मेरा शुक्रिया अदा किया।
मैंने उससे उसके बॉयफ़्रेण्ड के बारे में पूछा तो बोली कि उनका ब्रेकअप हो गया है !
फिर बातें सेक्स की तरफ जाने लगी तो उसने बताया कि उसने एक बार सेक्स किया है अपने बॉयफ़्रेण्ड के साथ…
मैंने पूछा- कैसा लगा था…?
उसने कहा- बहुत दर्द हुआ था…
मैंने कहा- पहली बार में तो ऐसा होता ही है…
फिर मैंने उसको सेक्स की बातों में घुसा दिया… वो थोड़ी गरम होने लगी…
मैंने उसे कहा- अगर आपको कोई समस्या ना हो तो क्या मैं आपके चुचे देख सकता हूँ…?
उसने पहले तो मना किया, पर फिर मान गई और उसने अपनी टॉप उतार दी…
और मेरा तो मुँह तो खुला का खुला ही रह गया… इतने बड़े रसीले उरोज मैंने ब्लू फ़िल्म में भी नहीं देखे थे… मैंने उनकी तारीफ कर दी… वो और गर्म हो गई…
फिर उसने कहा- तुमने मेरा टॉप उतरवा लिया अपना भी तो उतारो…
मैंने भी अपना टॉप उतार दिया तो मेरी क्लीन शेव छाती देखकर वो अपने चुच्चे दबाने लगी।
फिर उसने मुझे मेरा पाजामा खोलने को कहा।
मैंने कहा- ऐसे नहीं ! आप भी अपना शॉर्ट उतारो !
वो इसके लिए भी तैयार हो गई और उसने अपना शॉर्ट उतारा, उसने काले रंग की पेंटी पहनी थी… क्या माल लग रही थी वो… उसकी पेंटी गीली हो चुकी थी… मुझे पता लग रहा था…
फिर मैंने अपना पजामा उतारा, अब तो वो अपने दोनो हाथों से अपने चूचों को मसल रही थी।