दोस्त की लिव-इन
प्रेषक : अजय
मेरा नाम अजय है, दिल्ली में इंजीनियरिंग कर रहा हूँ। मैं एक स्मार्ट लड़का हूँ। मैं आप को बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने अपने दोस्त सुयश की गर्लफ्रेंड एकता को उसी के फ्लैट में चोदा।
मैं हॉस्टल मैं रहता था, सुयश और एकता एक साथ लिव इन रिलेशन में रहते थे। एकता बहुत ही सुंदर है, उसको देख कर किसी का भी लण्ड खड़ा हो जाए। मैंने भी कितनी बार उसके नाम क मुठ मारी होगी।
एक दिन मेरी लड़ाई हो गई और मुझे तीन दिन के लिए हॉस्टल से निकाल दिया गया। मैं सुयश के फ्लैट पर पहुँचा और बेल बजाई तो एकता ने दरवाजा खोला।
मैंने पूछा- सुयश है?
तो उसने बोला- नहीं, वो तो घर गया है, दो दिन बाद आएगा, कोई काम है तो बोलो?
मैंने उसे बताया- मुझे तीन दिन के लिए हॉस्टल से निकाल दिया गया है, मेरे पास रहने को कोई जगह नहीं है, इसलिए ही आया था।
तो वो बोली- अरे यार, तो इसमें क्या है, सुयश नहीं है तो क्या हुआ, मैं हूँ ना ! यहीं रह लो, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।
फिर उसने मुझसे खाना खिलाया और फिर हम लोग बातें करने लगे।
फिर मैंने कहा- चलो, लैपटॉप पर कोई मूवी देखते हैं। हम लोग मूवी देखते-देखते सो गए।
रात मैं जब मैं उठा तो देखा कि एकता की पैंटी दिख रही थी। मेरा लण्ड खड़ा हो गया पर मैंने अपने पर काबू किया और दूसरी तरफ मुँह करके सो गया।
सुबह जब नींद खुली तो देखा कि एकता नहा कर निकल रही थी, वो अपने बदन पर तौलिया लपेटे थी और एकदम माल लग रही थी।
वो मुझे जागे हुए देख कर शरमा गई और हड़बड़ा कर वापिस बाथ्रूम में जाने लगी तो मैं उसका तौलिया खुल गई और वो मेरे सामने ब्रा और पेंटी में थी, वो और शरमा गई और वहाँ से भाग कर दूसरे कमरे में चली गई।
दोपहर को खाने का टिफ़िन आ गया पर वो तब तक भी कमरे से बाहर नहीं आई तो मैंने उस के कमरे का दरवाजा खटखटाया और उसे खाना के लिए बोला।
उसने दरवाजा खोला तो मैं बोला- इसमें शर्म की क्या बात है, आखिर मैं तुम्हारा देवर ही तो हूँ।
इस बात पर वो मुस्करा दी।
फिर हमने साथ में खाना खाया। फिर मैंने कहा- नई मूवी आई है, चलो, देख कर आते हैं।
वो मान गई, हम दोनों मॉल गए और टिकेट लेकर हॉल में बैठ गए। मैंने जानबूझ कर किनारे वाली सीट ली थी।
हॉल में ज्यादा लोग नहीं थे, मूवी स्टार्ट हुई, मूवी में कई सारे सेक्स सीन थे, मैंने काफी देर कण्ट्रोल किया फिर आखिर में मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैंने उसकेहाथ को अपने हाथ में ले लिया। वो कुछ नहीं बोली, शायद वो भी गर्म हो चुकी थी। फ़िर मैंने उसका चेहरा अपनी तरफ़ घुमा कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे चूमना चालू कर दिया। और साथ ही उसकी चूचियाँ दबाने लगा। मैं उसके लब चूसने लगा, उसको मजा आने लगा और वो मेरे बालों में उंगली फिराने लगी।