मीना की ऐश कालबॉय के साथ
प्रेषक : अंशुमन
मेरा नाम हिरेन है, मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, 20 साल का हूँ और दिखने में थोड़ा अच्छा हूँ, कुल मिला कर एक कालबॉय बनने के लायक हूँ।
मैं आपको एक आपबीती घटना से अवगत कराने जा रहा हूँ।
बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं में था, उन दिनों मुझे लड़कियों पर कुछ ज्यादा ही प्यार आता था।
एक दिन की बात है, जब मैं अपनी बायोलोजी की परीक्षा देकर घर आया, थोड़ा फ्रेश होकर मैं सोने जा रहा था, वैसे ही मेरी गर्लफ्रेंड सुमन का फोन आया।
उसने मुझसे पूछा- क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- सोने जा रहा हूँ।
उसने मुझसे पूछा- एक काम है, करोगे क्या?
मैंने कहा- हाँ मेरी जान, तेरे लिए तो जान हाजिर है।
सुमन ने मुझे बताया कि उसकी एक पक्की सहेली पुणे से यहाँ घूमने आई है, और उसे एक एस्कॉर्ट की जरुरत है, क्या तुम किसी को जानते हो जो काम भी अच्छा करे और दाम भी कम ले।
मैंने कहा- सोच कर बताता हूँ।
फिर मैंने सोचा कि क्यों ना मैं ही कुछ करुँ? लेकिन कैसे?
फिर मैंने तुरंत सुमन को फोन किया और कहा- सुमन, लड़का तो है लेकिन तुम्हारी फ्रेंड से कैसे बातचीत होगी?
उसने कहा- आप उसका नंबर मुझे दे दो, मैं उसे दे दूँगी।
मैंने तुरंत जाकर एक नया सिमकार्ड ले लिया और नंबर सुमन को दे दिया, साथ में नाम अंशुमन बता दिया।
सुमन ने मेरा नया नंबर अपनी सहेली को दे दिया। मैं सुमन की सहेली के काल का इंतजार करने लगा। आखिर और करता भी क्या?
तकरीबन रात को नौ बजे सुमन की सहेली का काल आया और एक मीठी सी आवाज कानों में पड़ी- हैलो, क्या मैं अंशुमन जी से बात कर सकती हूँ?
मैंने कहा- हाँ मैडम, अंशुमन बोल रहा हूँ ! आपकी तारीफ?
उसने कहा- मैं मीना बोल रही हूँ, आपका नम्बर सुमन से मिला।
मैंने कहा- कौन सुमन?
उसने कहा- मुझे आपका नंबर सुमन के बायफ्रेंड ने दिया है।
फिर मैंने सोचा कि ज्यादा इधर-उधर करुँगा तो शायद बुरा ना मान जाए तो मैंने कहा- हाँ हाँ मैडम, बोलिए, मैं क्या कर सकता हूँ आपके लिये?
तो उसने फट से कहा- मुझे एक कालबाय चाहिए।
मैंने कहा- हाँ मैडम, वो मैं कालबाय ही हूँ।
उसने कहा- आप मुझे मीना बोल सकते हैं ! वैसे आपका चार्ज कितना है?
मैंने कहा- आपको जो अच्छा लगे, आप मुझे दे देना क्योंकि आप मेरे साथ पहली बार डील कर रही हैं।
उसने कहा- ओके ! ठीक है। तो हम रविवार को मिलें?
मैंने कहा- श्योर !
उसने अपना पता मुझे दे दिया और दोपहर में बारह बजे के बाद आने को कहा।
मैं इतवार को तैयार होकर निकला और सीधे मीना के बताये हुये पते पर पहुँच गया।
मैंने दरवाजा खटकाया तो एक धांसू माल जींस और टाप में मेरे सामने आकर खड़ी हो गई। माशा अल्लाह ! क्या होंठ थे, उसके ब्रेस्ट का क्या कहना ! कमर तो मानो एकदम कयामत !
उसने पूछा- आप?
मैंने कहा- मैडम मैं अंशुमन।
तो मीना ने मुझे अंदर आने को कहा, मैं अंदर चला गया।