मसूरी ट्रिप
प्रेषक : राज वर्मा
हाय फ्रेंड्स
मेरा नाम राज है, उम्र २१ साल है, दिल्ली का रहने वाला हूँ।
मैं आज एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे साथ गुजरी है।
मैं कुछ दिन पहले अपने एक मित्र से मिलने के लिए मसूरी गया था, जिसका नाम अंकित है। वहाँ का मौसम मुझे बहुत अच्छा लगा। अंकित मसूरी के एक कॉलेज में पढ़ता है।
एक दिन मैं अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए निकला। मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड पूजा और उसकी छोटी बहन सोनिया भी साथ में थी। हम लोग बाइक से कैम्पटी फ़ाल के लिए निकले। सोनिया मेरी बाइक पर थी। वहाँ पहुँचने के बाद अंकित और पूजा मुझे और सोनिया को एक जगह छोड़ कर दूसरी तरफ जाते हुए बोले- हम थोड़ी देर बाद तुमसे यहीं मिलेंगे !
हमने बोला- ठीक है !
उनके जाने के बाद मैने सोनिया से कहा- चलो हम कहीं चल के बैठते है !
सोनिया तैयार हो गई। हम लोग पूल के पास जाकर बैठे और बातें करने लगे। मैंने सोनिया से काफी बातें की और हम दोनों अच्छे दोस्त बन गए। मैंने सोनिया से पूछा- तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है?
सोनिया ने मना कर दिया।
मैंने सोनिया से कहा- तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी?
तो उसने हाँ कर दिया। मैं काफी प्रसन्न हो गया। हम लोग कैम्पटी फ़ाल से वापस लौटने के बाद कमरे पर आए। मेरा मन सोनिया से बातें करने को कर रहा था। शाम को मैंने सोनिया से कहा- सोनिया मुझे तुम से कुछ काम है।
सोनिया ने कहा- बोलो !
मैंने सोनिया से कहा- हम अकेले में बात करें?
सोनिया ने हाँ कर दी। मैं और सोनिया ऊपर छत पर चले गए।
मैंने सोनिया से बातो बातो में कहा तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो। सोनिया मुस्कुरा उठी, मैंने उसका हाथ पकड़ लिया।
सोनिया ने मुझे देखा, मैंने सोनिया को अपनी तरफ खींचते हुए कहा- क्या हम दोनों एक हो सकते हैं?
सोनिया ने कुछ नहीं बोला और शर्म से पलकों को झुका लिया। मैंने सोनिया को चूम लिया और अपने बाँहों में भर लिया। सोनिया शरमा रही थी। मैं सोनिया की गर्दन को चूमने लगा मगर सोनिया ने कुछ नहीं बोला। मैं उसके गर्दन को चूमते हुए उसके होटों तक पहुच गया।
अब सोनिया भी धीरे-धीरे मेरा साथ देने लगी। मैंने उसे किस करते हुए उसके बूब्स को दबाने लगा और मेरा लंड खड़ा हो गया और सोनिया के मुँह से सिस्कारियाँ निकलने लगी। सोनिया भी मेरा साथ देने लगी और मैंने सोनिया के शर्ट की बटन को खोल कर उस के ब्रा को ढीला करके उसके बूब्स को अपने मुँह में ले लिया। मैंने अपना एक हाथ सोनिया की कमर पर रखा और मैंने सोनिया को छत पर ही लिटा दिया और सोनिया के जींस की बटन को खोलकर नीचे कर दी। उसकी चिकनी-चिकनी जांघों को देख कर मुँह में पानी आ गया। एक हाथ उसके दोनों टांगों के बीच में ले गया। तब तक उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी।