ऑनलाइन चेटिंग में मिली
प्रेषक : हेमन्त जैन
हेलो दोस्तो, आज मैं आप सबके सामने अपनी पहली सेक्स कहानी लिख रहा हूँ, कृपया मुझे प्रोत्साहन दें ताकि मैं और भी मज़ेदार कहानियाँ आपके सामने रखने की हिम्मत कर सकूँ।
मैं इंजिनियर हूँ और जॉब कर रहा हूँ।
बात है उस समय की जब मैं बारहवीं में पढ़ता था तब मुझे ऑनलाइन चेटिंग करने का बहुत शौक था। तब मैं ऐसे ही किसी चैट साइट पर चला गया तो मेरी एक लड़की से बात हुई जो कॉल सेंटर में जॉब करती थी, उसकी नाइट शिफ्ट थी तो वह सिर्फ़ सुबह 4-5 बजे ही ऑनलाइन आ सकती थी। तो मैं उसके लिए सवेरे सवेरे जाग कर ऑनलाइन आया करता था। अभी तक मैंने उसे देखा भी नहीं था। अचानक से एक दिन उसने कहा- चलो हम स्काईपी पे बात करते हैं।
यानि वीडिया चैट करते हैं।
मुझे तो उसे देखने की पहले ही जल्दी हो रही थी तो मैंने झट से हाँ बोल दी। जैसे ही मैंने उसे पहली बार देखा मेरे तो होश ही उड़ गये। दोस्तो क्या बताऊँ मैं आप लोगों को कि क्या हुस्न की परी थी वो ! और उसके बुब्बे तो जैसे कंप्यूटर से बाहर निकल कर मुझे बोल रहे हो कि दबा लो हमें !
उसका फिगर बिल्कुल 36-24-36 रहा होगा, रंग एकदम गोरा चिट्टा और बॉल एकदम सुनहरे ! कुल मिला कर उसने ऐसी खूबसूरती पाई थी कि किसी मुर्दे के सामने भी खड़ी हो जाए तो उसका भी खड़ा हो जाए।
अब हमारे मिलने का तय हुआ दिल्ली के एक ऐसी जगह जहाँ चुदाई का कार्यक्रम खुले आम चलता था। पहले हम लोग खूब घूमे और घूमते घूमते मैंने उसे सब जगह छुआ भी जिससे उसे कोई दिक्कत नहीं थी। तो मेरा भी मनोबल ऊँचा हो गया और मैं उसे पार्क में ले गया जहाँ हम दोनों लेट गये और बातें करने लगे।
बातों में ना उसे दिलचस्पी थी ना मुझे और हम दोनों एक दूसरे को बस छुए जा रहे थे तो मैंने उसे पूछा- क्या मैं तुम्हारे हाथ पर किस कर सकता हूँ?
तो उसे हाँ कर दी।
तो में हाथों से आगे बढ़ता हुआ उसके गालों तक पहुँच गया और उसने कोई असहमति नहीं जताई तो मेरा मनोबल और भी बढ़ गया और मैंने धीरे से उसके गालों को चूम लिया। उसकी साँसें बहुत तेज़ हो गई और वो भी अब मेरा साथ दे रही थी।
फिर मैंने उसकी गर्दन की साइड में काटा तो वो बहुत गरम हो चुकी थी और अपने बुब्बे खुद ही मसले जा रही थी। मैंने उसका हाथ हटाया और उसके बुब्बे ज़ोर ज़ोर से मसलने शुरू कर दिए और एक हाथ से उसकी चूत पर सहलाना भी शुरू कर दिया।
अब तो वह पूरी तरह से गीली हो चुकी थी, मुझे बेतहाशा चूमे जा रही थी और मैं भी उसके बालों में हाथ फिरा फिरा कर उसकी गर्दन की साइड में बुरी तरह काट रहा था। मैं उसके होंठो को भी चूस चूस कर काट रहा था और उसकी चूत पर पेंटी के ऊपर से ही अपने हाथ फिरा रहा था।