यूँ ही अचानक
लेखक : आरव रावत
मैंने कई कहानियाँ अन्तर्वासना में पढ़ी हैं। कहानी पढ़कर सोचता था और फिर मुठ मरता था और मन ही मन ख्याल आता कि काश मुझे भी चोदने का मौका मिल जाये तो अपनी बात बन जाये !
एक रात नौ बजे मेरे मोबाइल पर फ़ोन आया, वो फ़ोन किसी लड़की का था।
बात कुछ ऐसे थी ……………
लड़की : तुम फ्री हो ?
मैं : हाँ !
लड़की : मेरे पास आ जाओ ,
मैं : तुम कौन हो? (मैंने डरते हुआ पूछा)
लड़की : अंकिता
मैं : तुम्हें क्या चाहिए?
लड़की : मुझे तुम चाहिए !
मैं : क्या ?
लड़की : तुम्हारा नाम रवि है ना?
मैं : नहीं !
लड़की : सॉरी, मैंने आपको रवि समझ लिया था।
मैं : कोई बात नहीं !
फ़ोन अंकिता ने काट दिया। अचानक मेरे मन में ख्याल आया कि यह लड़की ठीक नहीं लग रही है और चुदवाना चाहती है।
मैंने तुरंत कॉल-बैक किया। उसने फ़ोन उठाया और बोली- क्या हुआ?
मैंने कहा- तुम कौन हो?
फिर उसने नाम बताया।
मैंने कहा- रवि कौन है?
उसने कहा- वो एक काल बॉय है जो मुझे चोदता है।
मैंने कहा- यह काम मैं भी कर सकता हूँ !
वो बोली- पहले अपना फोटो दिखाओ !
मैंने तुरंत नेट से उसे फोटो भेजी वो देख कर खुश हो गई, बोली- तुम तो बहुत सुन्दर हो ! रवि से भी ज्यादा !
मैंने कहा- तो फिर कहाँ मिलोगी?
उसने मुझे पता बताया- शास्त्री नगर, जबलपुर
मैंने कहा- कल मैं जबलपुर में बस स्टैंड पर मिलूंगा काले शर्ट में ठीक छः बजे शाम को !
मैं पूरी तरह से खुश था कल रात को जो पेलना था। रात दिन उसी के बारे में सोचता रहा।
आखिर वो घड़ी आ ही गई। मैं ठीक पौने छः पर स्टैंड पर आ गया। मैंने फ़ोन लगाया, उसने उठाते ही कहा- बस सर्विस पर आ जाओ !
मैं तुरंत गया, जाकर देखा तो देखता ही रह गया। क्या लाजबाब दिख रही थी। गुलाबी रंग का सलवार-सूट, गोरी, बाल हल्के काले, बहुत सुन्दर लग रही थी।
मैंने जाकर कहा- तुम बहुत अच्छी लग रही हो !
तो वो शरमा गई।
मैंने कहा- घर कहाँ है?
वो बोली- मैं अपने दोस्त के साथ रहती हूँ तो वहाँ यह सब करना ठीक नहीं है।
मैंने कहा- तो कहाँ करेंगे?
वो बोली- होटल चलते हैं।
मैं पहले डर गया क्योंकि मुझे डर था कि कहीं पकड़ा ना जाऊँ।
पर वो बोली- कुछ नहीं होगा !
मैंने उसके उपर विश्वास किया और उसके साथ चल दिया। हमने एक कमरा लिया, उसने पैसे दिए।
वो बोली- कुछ खाकर आते हैं।
हम लोगों ने खाना खाया फिर हम कमरे में गए, जाते ही वो नहाने चली गई। मेरा पहला अनुभव था इसलिए मैं डरा हुआ था। मैंने कुछ नहीं पूछा। बाथरूम का दरवाज़ा उसने बन्द नहीं किया।
मैं अन्दर गया, वो शावर में नहा रही थी, मेरे सामने नंगी खड़ी थी, 36-24-36 का फिगर !
उसने मुझे खींचा और मैं भीग गया। मैंने कहा- मेरे पास कपड़े और नहीं हैं।
उसने कहा- कोई बात नहीं, आज हम बिना कपडे के सोएँगे।
मेरा बदन अंकिता से चिपका हुआ था। धीरे धीरे अंकिता ने मेरे शर्ट के सारे बटन खोल दिए और मेरी जिप खोल के पैंट उतार दी।