मेरी चालू बीवी-68
सम्पादक – इमरान
जैसा कि हम दोनों यह सोच कर आज घर से निकले थे कि आज केवल होगी तो मस्ती- मस्ती और बस मस्ती…
तो आज की रात ऐसी ही गुजर रही थी..
मस्ती भी ऐसी कि कोई सपने में भी नहीं सोच सकता..
मगर मेरे लण्ड को भी ना जाने कैसी जवानी आ गई थी.. ना तो एक पल को बैठ रहा था..
और न ही अभी तक उसने पानी ही निकाला था… मुझे याद नहीं पड़ता कि कभी इससे पहले यह कभी इतना रुका हो.. कभी कभी तो केवल जरा सा देखकर ही कच्छा ख़राब कर देता था…
मगर आज इतना मस्त नजारा चारों ओर था, सब तरफ चुदाई चल रही थी, ऋज़ू की खूब चुदाई भी की थी.. उस जैसी चुदक्कड़ रंडी को भी संतुष्ट कर दिया था..
उसका तक पानी निकल गया था.. मगर खुद अभी भी तना खड़ा था… अब साला ना जाने किसको चोदने वाला था…
मैंने लण्ड को पैंट के अंदर डालने की कोशिश की मगर यह कहाँ अंदर जाने वाला था !
सलोनी जब बिस्तर पर उस लड़की के पास गई तो मैंने सोचा शायद वो अभी भी और मस्ती के मूड में है, उसने अभी भी अपना कोई कपड़ा नहीं पहना था, उसकी स्कर्ट और टॉप दोनों उसके हाथ में ही दिख रहे थे, मगर वो बिस्तर पर जाकर कुछ ढूंढने लगी।
ढूंढते हुए ही जब वो उस आदमी के पास गई जो उस लड़की को चोदने के बाद बिस्तर पर एक ओर बैठा था तो उस आदमी ने भी सलोनी को छेड़ना शुरू कर दिया।
सलोनी बिस्तर पर घुटने पर बैठ चादर हटा देख रही थी, वो अंग्रेजी में बोल रहा था, वो कोई विदेशी ही था, ज्यादा गोरा तो नहीं पर अलग सा लुक था उसका !
आदमी- अरे मेरी जान क्या ढूंढ रही है?
और साले ने एक कस कर चपत सलोनी के चूतड़ पर लगा दी।
उसके दोनों चूतड़ के हिस्से जोर से हिले और एकदम से लाल हो गए।
सलोनी- उउउन्न… ओह… दर्द होता है…
और उसने बड़े ही सेक्सी अंदाज़ में अपनी कमर को हिलाया।
आदमी- ओह सॉरी..
और उसने उस हिस्से को सहलाया- ..पर क्या खो गया?
सलोनी- व्ववओ… मेरी ब्रा नहीं मिल रही… यही तो थी…
आदमी ने उसकी चूची को पकड़ लिया- अरे मेरी जान… इनको कैद नहीं कर न.. कितने सुन्दर हैं तेरे ये फूल.. इनको आजाद रहने दे…
और उसने सलोनी को अपने ओर खींच उसकी एक चूची को अपने मुँह में डाल लिया…
मैंने देखा कि वो लड़की भी उनकी मस्ती देख मस्त हो रही थी, उसने अपना हाथ सलोनी की पीठ पर रख दिया और सहलाने लगी।
मैंने भी अपनी पैंट को फिर से नीचे कर दिया और उस लड़की के पास पहुँच गया।
उसने मुस्कुराते हुए मेरे लण्ड को अपने बाएं हाथ से पकड़ लिया मगर मैं अब कुछ और करने के मूड में नहीं था, मैं कैसे भी अपना पानी चूत में निकालना चाह रहा था..
मैंने उसकी चूत को अपने हाथ से सहलाया और उसको घुमाने के लिए पलटने लगा तो वो एकदम घूमकर घोड़ी बन गई..