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चूत चुदाई का मज़ा दो सहेलियों को -2

Story Hindi 2 pages 13 years ago

चूत चुदाई का मज़ा दो सहेलियों को -2
हेलो दोस्तो, आपने मेरी कहानी जब मैंने एक साथ दो लड़कियों को संतुष्ट किया के पहले भाग में पढ़ा कि किस तरह मैंने शिवि को उसके बर्थडे पर चोदा।
उस रात मैंने दोनों को 3-3 बार और चोदा।
अगले दिन शिवि को चलने में बहुत प्रॉब्लम हो रही थी। सुबह हम लोग नाश्ता कर रहे थे तो सब अपनी सेक्स लाइफ़ की स्टार्टिंग बता रह थे।
प्रियंका ने बताया कि शिवि बहुत शर्मीली लड़की थी और उन दोनों की दोस्ती कॉलेज टाइम से थी और फिर एक रात दोनों में लेस्बियन रिलेशन भी बन गए।
दूसरे दिन दोनों ने नाश्ता करते हुए अपना राज़ मुझे बताया कि वो दोनों लेस्बियन भी थी।
प्रियंका ने बताया कि वो दोनों दो साल से लेस्बियन करती आ रही हैं।
प्रियंका के शब्दों में:
उन दिनों हम दोनों के बारहवीं के एग्जाम चल रहे थे, एग्जाम शाम की शिफ्ट में था। जब हम दोनों का एग्जाम 5 बजे शाम को ख़त्म
हुआ तो उस दिन मौसम ख़राब था, हम दोनों ऑटो से घर आ रहे थी।
लेकिन बीच में बारिश होने लगी और इतनी तेज की हम दोनों ऑटो में भी भीग गई। मेरा घर पहले आता है तो मैंने उसे भी अपने रूम पर बुला लिया और कहा कि कुछ देर में तुम्हारे कपड़े भी सूख जाएंगे और पानी गिरना भी बंद हो जाएगा तो चली जाना।
तो शिवि अंदर आ गई।
मैं अपने कपड़े चेंज करने लगी और उसको भी कपड़े चेंज करने को कहा लेकिन उसे शर्म आ रही थी।
मैं उस समय सिर्फ ब्रा पैंटी में थी, मैंने जब कहा- शर्माना कैसा? हम लड़कियों के सिवा यहाँ कोई नहीं है और जो तुम्हारे पास है वो मेरे पास भी है।
तो वो शरमाते हुए अपने कुर्ते को ऊपर उठाने लगी।
मैंने उसको पूछा- क्या तुम कभी किसी के सामने नंगी हुई हो?
तो उसने शरमाते हुए नहीं में सर हिलाया।
मैं भी रातों में बेचैन रहती थी और कुछ मज़ा लेना चाहती थी। मुझे सेक्स के बारे में कोई ज्यादा नॉलेज नहीं थी लेकिन मुझे शरारत सूझी, मैं उसके पास आ गई और कहा- चलो हम एक गेम खेलते हैं, एक दूसरे के कपड़े उतारेंगे और बाद में पहना देंगे।
वो मान गई तो मैंने भी जोश में उसके गाल को चूम लिया। इसी समय मेरा एक स्तन उसके कंधे को छू गया तो मुझे बहुत अच्छा लगा।
अब मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोला और उसकी चूत को छूते हुए उसकी सलवार भी उतार दी।
जैसे ही मेरा हाथ उसकी चूत पर लगा उसकी सिसकारी निकल गई।

अब कपड़े उतरने की उसकी बारी थी तो उसने मेरी ब्रा का हुक खोला और मेरी पीठ पर चुम्बन किया तो मैं समझ गई कि वो क्या चाहती है।
उसके ब्रा उतारते ही मैं घूम गई तो एकदम से मेरे दोनों स्तन शिवि के हाथ में आ गए और मुझे करेंट सा लगा।
उन दोनों की कहानी सुनकर मेरा लिंग तो सलामी मारने लगा जिसे उन दोनों ने भी नोट किया।
फिर प्रियंका ने कहा- अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैंने शिवि की भी ब्रा उतार दी और शिवि को बेड पर गिरा दिया।

अब मैं और वो केवल पेंटी में थे। मैं शिवि के ऊपर आ गई और 69 की पोजीशन इस तरह ली कि मैं उसके और वो मेरे निप्पल चूस सके।
हम लोग 15 मिनट तक एक दूसरे के बूब्स चूसती रही, फिर हमें अपनी पैंटी में कुछ गीला सा महसूस हुआ।
अब हम दोनों ने पैंटी उतारी और एक दूसरी की चूत में उंगली करती रही।
हमारी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी, मैंने कहीं सुना था कि कुछ लोग एक दूसरे के गुप्तांगों को चूसते हैं तो मैंने भी उंगली हटा कर उसकी चूत पर किस किया तो उसने मेरा सर अपनी चूत में घुसा दिया और मैंने उसके बूब्स को भी दबाना स्टार्ट कर दिया।
वो बहुत गर्म थी और मैं भी गर्म थी।
तो हम दोनों फिर 69 की पोजीशन में आ गई और एक दूसरी की चूत चाटने लगी।
लगभग 10 मिनट बाद हम दोनों झड़ गई।
उस रात वो मेरे कमरे पर ही रुक गई क्योंकि बारिश नहीं रुकी थी। उस रात हम ने दो बार और लेस्बियन सेक्स किया और रात भर नंगी एक दूसरी से चिपक कर सोती रही।
प्रियंका की कहानी खत्म हो गई थी और हम तीनों भी बहुत गर्म हो गए थे।
बस फिर क्या था मैं और वो दोनों बैड रूम में आए और मैंने रात वाले तरीके से उन दोनों को चोदा लेकिन इस बार मैंने शिवि की चूत चाटी और प्रियंका को चोदा।
उसके बाद अपनी फीस लेकर वहाँ से आ गया।
आप कहानी पर अपनी राय जरूर दें। लेखक के लिए पत्र ही उसका पुरस्कार होता है।[email protected]

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