लखनऊ में मस्ती भरी चोदम चुदाई -2
सहेली संग लेस्बियन सेक्स का मज़ा लिया
अब तक आप पढ़ चुके हैं कि मेरे पति रवि का लखनऊ तबादला हो गया था, रवि ने लखनऊ में राज के कमरे में डेरा जमाया था। राज की पत्नी लीना मेरे घर के पास ही रहती थी।
एक हफ़्ते में रवि का लंड मेरी चूत का प्यासा हो गया।
इसके बाद रवि ने मेरी कही बातों पर अमल किया जिसके बाद रवि ने राज का लंड पिया और राज ने रवि का लंड पीने के साथ उसकी गांड भी मारी। अब आगे की कहानी…
अगले दिन राज ने फोन पर पूरी बात बताई।
राज की बात सुनने के बाद मेरे तन बदन में आग सी लग गई। शाम के समय मैं लीना के घर पहुँची और इधर-उधर की बातें करने के बाद उससे लखनऊ के बारे में पूछने लगी।
उसके जवाब से साफ था कि राज ने उसे कुछ भी नहीं बताया है।
मैंने उसके सामने रवि को फोन लगाया और फोन का स्पीकर ऑन कर दिया।
अब मैंने राज से पूछा कि लखनऊ में कैसा चल रहा है।
राज ने कहा- बहुत मस्ती हो रही है, राज का लंड पी चुका हूं और राज मेरी गांड मार चुका है।
रवि का जवाब सुनकर लीना चकरा गई, कहने लगी- यह सब क्या हो रहा है? अभी राज से पूछती हूँ।
मैंने लीना से कहा- देख, अभी बात घर की घर में हैं। वहाँ अगर ये लोग लड़कियों को बुलाने लगे तो हमें क्या पता लगेगा। इसलिये अगर कुछ कर रहे हैं तो करने देते हैं।
लेकिन लीना को रवि की बात पर भरोसा नहीं हो रहा था, उसने राज को फोन मिलाया और पूछा कि कैसा चल रहा है।
राज ने कहा- ठीक चल रहा है।
लीना ने फिर पूछा- तुम और रवि कुछ कर रहे हो?
राज ने पहले तो इंकार किया फिर मान लिया कि दोनों लोग लंड-लंड का खेल खेलने लगे हैं।
लीना ने फोन काट कर मुझसे कहा- ..रेनू, तू ठीक कह रही है। वहाँ वो दोनों ऐश कर रहे हैं और यहाँ हम दोनों पूरी रात बिस्तर पर जागती हुई काट रही हैं।
मैं आगे बढ़कर लीना के पास पहुँची और उसे कमर पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया। इसके बाद मैंने अपनी जीभ बाहर निकाली और उससे कहा- हमारे लिये तो ये जीभ ही काफी है।
लीना भी मेरा मतलब समझ गई।
वहाँ राज और रवि और यहाँ मैं और लीना…
उसने भी अपनी जीभ निकाली और मेरी जीभ से लगा दी। उसकी जीभ टकराते ही मुझे जोर का करंट लगा और हम दोनों ने एक दूसरे को जकड़ लिया, दोनों के होंट से होंट चिपक गये थे, कमरे में आवाज तेज होने लगी थी।
तभी लीना ने खुद को अलग किया और मुझसे बोली- रात में मेरे घर ही सोने आ जाना।
रात को जब मैं लीना के घर पहुँची तो वो नाइटी पहने थी, उसने मुझे भी नाइटी पहनने को दी।
जब में कपड़े उतार कर नाइटी पहनने लगी तो लीना ने मुझे रोक दिया, कहने लगी- यार रहने दे, मुझे भी तो नाइटी उतारनी ही है। इसलिये पहनने का क्या फायदा?
मैंने हाथ बढ़ाकर लीना की नाइटी भी उतार दी, अब हम दोनों ब्रा-पैंटी में खड़ी थी, दोनों ने बिस्तर पर छलांग लगाई और एक दूसरी से कुश्ती शुरू कर दी।