कामवाली की चुदाई देखकर भाभी ने चुदवाया
मेरा नाम शिरीष शर्मा है! मैं 20 साल का गोरा-चिट्टा नौजवान हूँ और इंदौर में रहता हूँ.
घर पर मैं अपने मोम डैड के साथ रहता हूँ.
आज मैं आप सबको मेरी पहली कहानी बताता हूँ.
मई का महीना था. मेरी मम्मी पापा उस दिन भोपाल गए हुए थे.
तभी हमारी काम वाली आ गई!
वह बहुत ही सुन्दर है और उसका फिगर ३४ २८ ३४ का है.
मैंने दरवाजा खोला और वापस जाकर अपने बेड पर लेट गया.
इतनी देर में मैंने देखा कि वो अपना ब्लाउज़ खोल के हवा खा रही थी.
मुझे देख के वो एकदम सहम गई और मैं वहां से उठ के चला गया और न्यूज़ पेपर पढ़ने लगा.
तभी वह मेरे पास आई और बोली- आपने कुछ देखा तो नहीं?
मैंने उसे कहा- कुछ तो शर्म किया करो, ऐसे कहीं भी कपड़े खोल के खड़ी हो जाती हो.
तो वो बोली- बहुत गर्मी हो रही है भैय्या! क्या करूँ?
मैंने कहा- अब कभी ऐसा मत करना!
तो वह ‘ठीक है’ बोल के चली गई.
लेकिन मेरे दिमाग में तो वही मोटे मोटे गोल गोल बोबे दिख रहे थे.
मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसे जाकर पूछा- तुम अपने घर पर क्या बिना कपड़ों के घूमती हो इतनी गर्मी में?
तो वो शरमाई और बोली- हाँ, मेरा मरद तो मुझे मना नहीं करता नंगी घूमने के लिए!
तो मैंने कहा- जब इतने मस्त बोबे देखने को मिलेंगे तो कौन मना करेगा.
इस पर वह शरमा के वहां से चली गई.
फिर मैं नहाने चला गया लेकिन मैंने दरवाजा खुला छोड़ दिया.
थोड़ी देर में कमला मेरे कमरे में आई तो उसने मुझे नहाते हुए देखा.
और मेरी चाल काम कर गई.
वो मेरा लम्बा लंड देख कर खुद को रोक नहीं पाई और बोली- इतना लम्बाऽ !!?
तो मैंने पूछा- तुझे चाहिए ये?
वह मेरे पास आई और मैंने उसके सारे कपड़े निकाल दिए.
अब हम दोनों नंगे थे.
हम दोनों साथ में नहाये.
फिर मैं उसे अपने बेडरूम में ले गया!
उसे बेड पर पटका कर अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया, वो भी मजे से चूसने लगी.
15 मिनट तक चुसवाने के बाद मैंने सारा माल उसके मुँह में ही डाल दिया और वो भी चाट चाट के पी गई.
5 मिनट तक और लंड चुसवाने के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
फिर मैंने उसे घुटनों पर बिठा के पीछे से अपना लंड उसकी चूत पे रखा और 3 धक्कों में पूरा का पूरा लंड अन्दर डाल दिया.
और वो जोर से चिल्लाई- ऊऊईई ईईई … आह आह आह आह आह मर गई!
उसके बाद मैंने धक्का मारना शुरू किया … पहले धीरे धीरे धक्के मारे और फिर जोर जोर से!
पूरा कमरा पचक-पचक की आवाज़ से भर गया.
कमला भी लगातार चिल्ला रही थी- ऊऊऊ ऊउई ईईए ऊऊऊउईई उए उए आह आह आह आह अहह ह्ह्ह!
20 मिनट में वो 2-3 बार झड़ चुकी थी!
लेकिन मेरे लौड़े में बहुत जान बाकी थी और वो अन्दर बाहर लगा हुआ था!
फिर मैंने अपने लौड़ा निकाल के उसकी गांड पे रख दिया और वो बोलने लगी- साहब, गांड मत मारो! मैंने कभी नहीं मरवाई!
लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी और पूरा लंड उसकी गांड में पेल दिया.