मेरी चालू बीवी-34
इमरान
अब लण्ड का सुपारा आधा से लेकर एक इंच तक भी चूत के अंदर चला जा रहा था…
मधु ने इतनी कसकर लण्ड पकड़ा था कि…वो वहाँ से इधर उधर न हो इसीलिए चूत में भी ज्यादा नहीं घुस पा रहा था…
वरना कुछ झटके तो इतने जोरदार थे कि लण्ड अब तक आधा तो घुस ही जाता…
और तभी मेरे लण्ड ने पिचकारी छोड़ दी…
मैं- अहाआआ… ह्ह्ह्ह्ह…ह्ह्ह्ह्ह… ओह्ह्ह ह्ह्ह्ह्ह… आआअ… ह्ह्ह्ह्ह्…ह ह्ह्ह… ऊऊ ओह ह्ह्ह्ह्ह्ह…
कई पिचकारियाँ मधु की चूत को पूरा गीली करती हुई उसके पेट और छाती तक को भिगो गई…
सच में बहुत ज्यादा वीर्य निकला था…
मधु ने अब भी कसकर लण्ड को पकड़ा था… मुझे जन्नत का मजा आ रहा था…
पर अब मुझमें अब जरा सी भी हिम्मत नहीं बची थी, मैं एक ओर गिर कर लेट गया…
मुझे बस इतना ध्यान है कि मधु उठकर बाथरूम में गई….
कुछ देर बाद मैंने देखा मधु बाथरूम से बाहर निकली.. वो अभी भी पूरी नंगी थी…
उसने बाथरूम का दरवाजा, लाइट कुछ बंद नहीं की.. और मधु बाथरूम से अपने शरीर को साफ़ करके फिर मेरे पास आ चिपक कर लेट गई…
उसने अपनी समीज भी नहीं पहनी और ना उसको सलोनी का डर था ..
इतने मजे करने के बाद उसका सारा डर निकल गया था… वो पूरी नंगी उसी अवस्था में मुझसे चिपक लेट गई ..
इतनी कम उम्र में भी वो सेक्स की देवी थी…
उसने अपना एक हाथ मेरे सीने पर और एक पैर मेरे लण्ड पर रख दिया था.. सिर मेरे कंधे पर रख सो गई थी…
मेरे अन्दर इतनी ताकत भी नहीं बची थी कि अपना हाथ भी उस पर रख सकूं… मैंने भी उसको दूर नहीं किया…
उसकी चूचियों का अहसास मेरे हाथ पर एवं उसकी गर्म चूत का कोमल अहसास मेरी जांघ पर हो रहा था…
मेरे में बिल्कुल हिलने तक की ताकत नहीं बची थी.. नींद ने मेरे ऊपर पूरा कब्ज़ा कर लिया था…
जबकि दिमाग में यह आ रहा था… कि उठकर सब कुछ सही कर देना चाहिये… खुद को और मधु को कपड़े पहना देने चाहियें…
वरना सुबह दोनों को ऐसे देख सलोनी क्या सोचेगी और ना जाने क्या करेगी?
मुझे नहीं पता कि मैं कब बेहोशी की नींद सो गया..
सुबह सलोनी ने ही मुझे आवाज दी- सुनो, अब उठ भी जाओ… चाय पी लो…
रात की सारी घटना मेरे दिमाग में आई और मैं एकदम से उठ गया…
कमरे में सलोनी नहीं थी… मैंने राहत की सांस ली… फिर चारों और देखकर सारी स्थिति का अवलोकन किया…
मेरी कमर तक चादर थी जो पता नहीं मैंने खुद ली या किसी और ने… कुछ पता नहीं…
मैंने चादर हटा कर देखा… मेरी कमर पर रात को बंधा कपड़ा भी अंदर ही था… बंधा तो नहीं था पर हाँ लिपटा जरूर था….
फिर मैंने बिस्तर पर देखा….
दूसरे कोने पर मुँह तक चादर ढके शायद मधु ही सो रही थी…
क्या मधु अभी तक नहीं जगी… उसने कपड़े पहने या नहीं ..