नाईट ड्यूटी में सीनियर मैडम ने मेरा लंड पकड़ लिया
सभी दोस्तो को मेरा नमस्कार.. ये मेरी पहली और काल्पनिक चुदाई की इंडियन सेक्स स्टोरी है. अगर कोई ग़लती दिखे.. तो पहले ही माफी चाहता हूँ.
मेरा नाम सूरज है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 23 साल की है, मैं दिखने में कुछ ख़ास नहीं हूँ. मेरी हाईट भी छोटी 5’2″ की है और मेरा लंड भी छोटा सा 4.5″ का है.. पर लंड काफी मोटा और दमदार है. मेरी बॉडी भी ठीक-ठाक है.
बात उस समय की है जब मैं 12 वीं पास करने के बाद जॉब की तलाश में इंटरव्यू देने एक कंपनी में गया. वहां मैं सिलेक्ट तो हो गया, पर वहां पर जो जॉब थी, वो नाइट में थी. मैंने वो करने के लिए ‘हाँ’ कर दी क्योंकि मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था. इस वक्त मुझे पैसों की सख्त ज़रूरत थी.
इंटरव्यू के बाद मुझे अगले दिन शाम को 5 बजे आना था.. तो मैं टाइम पर पहुँच गया. वहां पर मेरी मुलाकात मेरी सीनियर मैडम से करवा दी गई, जो कि कमाल की माल थी.
मैं थोड़ी देर तक तो उसे यूं ही देखता ही रहा. तभी बॉस ने कहा कि ये मुझे सारा काम समझा देंगी और बॉस वहां से चले गए.
उनके जाते ही मैंने उनसे उनका नाम पूछा तो नाम भी कमाल का था.. कामिनी. कामिनी की उम्र 24 साल की रही होगी.
फिर कामिनी ने कहा- चलो मैं तुम्हें काम बता देती हूँ.
मैं उसके पीछे चल दिया.
कुछ कदम चलने के बाद एक पीसी के पास आकर उसने कहा कि तुम यहाँ बैठ जाओ.
मैं बैठ गया, उसने पीसी ऑन किया, फिर एक फाइल लाकर मुझे दे दी और डेटा एंट्री करने को कह कर चली गई.
मैंने अपना काम खत्म किया और टाइम देखा तो 7 बज चुके थे. मुझे भूख भी लग रही थी तो मैंने कामिनी को फोन करके पूछा- यहाँ अच्छा खाना कहाँ मिल सकता है?
उसने कहा- लगभग 9 बजे टिफिन आ ज़ाएगा.
मैं अपना काम करने लगा, कुछ फाइल की एंट्री के बाद मुझे एंट्री में कुछ दिक्कत आई तो मैं उसके पास गया.
उसके केबिन से कुछ आवाजें आ रही थीं. मैंने की-होल से झाँका तो देखा कि कामिनी का एक हाथ उसके चूचों पर था और दूसरा उसकी पेंटी के अन्दर था. उसकी टेबल पर रखे पीसी पर कुछ गंदी सी वीडियो चल रही थी. मैंने जैसे ही डोर नॉक किया, तो जल्दी से अपने कपड़े ठीक करके वो बोली- आ जाओ.
मैं जैसे ही अन्दर गया. उसने पूछा- क्या बात है?
तो मैंने कहा- मैडम एक एंट्री मुझे समझ नहीं आ रही है, आप जरा मुझे बता देंगी?
तो उसने कहा- ठीक है.. तुम चलो, मैं आती हूँ.
मैं अपने पीसी के पास वापस आकर बैठा ही था कि वो भी आ गई और एंट्री को बताने लगी.
तभी डेस्क पर जो पेन रखा था, वो उसके हाथ से टकराकर नीचे गिर गया. मैं जैसे ही पेन उठाने के लिए थोड़ा पीछे को हुआ, उसने मुझे रोक लिया.
उसने कहा- मैं उठाती हूँ.
वो पेन उठाने के लिए नीचे झुकी तो मेरा लंड उसके मुँह के पास आ गया. वो मेरे लंड के उभार को देख रही थी. मेरा लंड उसी समय से एकदम खड़ा था, जब मैंने उसे वो सब करते देखा था.