नौकरी में मस्ती-2
प्रेषक : विक्रम शर्मा
हमने खाना खाया मगर मैं उसे ही देखता रहा।
फिर हम घर जाने लगे, मैंने उसके घर उसे छोड़ा… वो बोली- अन्दर आ जाओ ! कुछ देर बाद चले जाना, तुमने कुछ खाया भी नहीं।
मैंने कहा- ठीक है।
वो मुझे बेडरूम में ही ले गई, बोली- मैं अभी कपड़े बदल कर आती हूँ !
मेरे अन्दर अभी भी उथल-पुथल चल रही थी। जब वो आई तो और भी कयामत लग रही थी। खुले बाल, लो कट गाऊन ! उसमें से बाहर झांकते उसके छोटे छोटे मम्मे ! अप्सरा से कम नहीं लग रही थी वो !
मेरा लण्ड खड़ा हो गया !
वो मेरे पास आकर बैठ गई, मैं उसकी आँखों में ही देख रहा था।
वो बोली- क्या देख रहे हो?
मैं बोला- तुम्हें !
वो बोली- क्यों?
मैं बोला- किसी अप्सरा से काम नहीं लग रही हो !
वो बोली- मुझे भी तुम अच्छे लगते हो !
और मेरे गले में अपनी बाहें डाल दी और चूम लिया, बोली- मैं तुम्हारे साथ प्यार करना चाहती हूँ !
मैं बोला- मैं भी !
और उसे लेकर बेड पर लेट गया। मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो गया था।
मैंने अपने होंठ उसके गालों पर रख दिए तो उसकी सांस तेज होने लगी, बोली- क्या कर रहे हो?
मैं बोला- तुम्हारे मखमली बदन को अपने होटों से महसूस करना चाहता हूँ !
अपने होटों को उसके होटों पर रख कर उसके होटों को चूसने लगा तो उसने अपनी जीभ मेरे होटों पर रख दी। मैं उसे अपने होटों में लेकर चूसने लगा। कभी वो मेरी जीभ चूसती, कभी मैं उसकी !
अपने हाथों से, अपने बदन से उसके बदन को महसूस करने लगा और उसके बदन पर अपनी उंगली चलाने लगा तो वो पागल होने लगी, बोलने लगी- ऐसे ही करोगे या कुछ और भी करोगे?
मैं बोला- मैं पहले तुम्हारे मखमली जिस्म को अपने होटों से महसूस करना चाहता हूँ। पहले इस अप्सरा के जिस्म के हर अंग को को अपनी सासों से महसूस करके अपने अंदर बसाना चाहता हूँ।
वो बोली- बर्दाश्त नहीं हो रहा !
मैं बोला- थोड़ा तो रुको। यह कहानी आप अन्तर्वासना.कॉंम पर पढ़ रहे हैं।
मैंने उसकी नाइटी उतारी फिर उसके ऊपर आकर अपने होटों को, अपनी जीभ को उसकी बदन पर फिराने लगा। ऐसा होने लगा जैसे किसी मिठाई को होटों से हल्का हल्का तोड़ कर खाते हैं। उसका बदन मेरे लिए शहद बन गया था जिसे मैं चाट रहा था। उसके मम्मे अपने होटों में लेकर चूस रहा था। उसके निप्पलों को जीभ से चाट रहा था।
वो पागल हो गई, अपनी चूत मसलने लगी।
मैं बोला- रुको, मैं करता हूँ।
मैंने उसकी चूत पर अपने होंट रखे, कुछ देर चूमा, फिर चूत के दोनों तरफ़ होंट रख कर उसकी चूत को जीभ से चाटने लगा।
वो मेरे बाल पकड़ कर खींचने लगी, अह अह अह की आवाज़ करने लगी, बोली- और ज्यादा ! और ज्यादा !
उसकी चूत से चिपचिपा पानी निकलने लगा, मैं कुत्ते की तरह उसकी चूत को साफ़ करने लगा।