स्वर्ग का अनुभव -1
उमेश
दोस्तों आज मैं पहली बार अपनी सही अनुभव की कहानी लिखने जा रहा हूँ। इस कहानी में मेरी कोई कल्पना नहीं है बल्कि ये मेरे साथ सही में हो चुका है।
मैं अहमदाबाद में रहता हूँ। मेरी उम्र 35 साल है। मैं एक लिमिटेड कंपनी में अकाउंट ऐग्ज़िक्यूटिव की जॉब करता हूँ।
मैं जिस कंपनी में काम करता हूँ वहाँ की मैडम जो सर की बीवी है जिसकी उम्र 45 साल है वो मुझे बहुत पसंद है। मैं कई बार उसको प्रपोज़ करने का मौका ढूंढ़ता रहा। एक दिन उस मैडम ने मुझे अपने घर कंप्यूटर के काम से बुलाया था, क्योकि मैं कंप्यूटर में मास्टर हूँ। और उसे कंप्यूटर सीखना था।
उस दिन मैं और मैडम घर में अकेले थे। मौका देख कर मैंने उसे प्रपोज़ कर दिया। मैंने उसको बोला कि क्या हम रिलेशनशिप रख सकते हैं?
यह बात हम दोनों के सिवा किसी को मालूम नहीं होगी। तो उसने उस वक़्त मुझे कोई जवाब नहीं दिया और मैं सॉरी कह के निकल गया। तीन चार दिन बाद फिर उसने मुझे अपने घर बुलाया और मेरे प्रपोज़ को उसने स्वीकार किया।
मैं शादीशुदा हूँ इस लिए उसने मुझे पहले पूछा कि तुम अपनी बीवी के साथ क्या क्या करते हो? वो मुझे पहले बताओ।
तो मैंने कहा कि मैं अपनी बीवी के साथ पहले फ़ोर-प्ले करता हूँ। उसके बूब्स चूसता हूँ, फ़िर उसकी चूतड़ चूसता हूँ, उसका सारा पानी मैं पी जाता हूँ। मुझे चूतड़ चूसना बहुत अच्छा लगता है और हर औरत को कोई ऐसा करे वो बहुत पसंद होता है, यह मैं जानता हूँ। ऐसा करने से वो बहुत उत्तेजित हो जाती है। फिर वो भी मेरे लंड को चूसती है तो मेरा 7′ लंड कड़क हो जाता है। फ़िर मैं उसको आगे से और पीछे से दोनों तरफ़ चोदता हूँ।
ये सब सुनकर मैडम उत्तेजित हो गई। फ़िर मैंने उसके बूब्स को दबाया और उसके कपड़े निकाल के उसकी ब्रा निकाल दी फ़िर बूब्स चूसने लगा। ये सब हमने सोफे पर बैठ कर किया। ऐसे करने से वो बहुत उत्तेजित हो गई और मुझे अपने बेडरूम में आने को बोला। तो हम दोनों बेडरूम में चले गए।
फ़िर मैंने उसका पेटीकोट निकाला। वो अपने पैंटी में किसी अप्सरा जैसी दिखने लगी। मैंने सोचा कि आज मुझे यहीं धरती पर ही स्वर्ग देखने को मिल गया। उसके बूब्स भी बहुत बड़े थे। फ़िर मैंने उसकी पैंटी को निकाला और अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा। उसकी चूत से अजीब सा पानी छुट रहा था वो मैं सारा पी गया। फ़िर हम दोनों बहुत उत्तेजित हो गए।
फ़िर मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए। वो तो मेरे 7′ लण्ड को देखती ही रह गई जैसे ऐसा लण्ड उसने कभी देखा ही न हो। फ़िर उसने मेरे सारे शरीर पर चुम्मी ले के मेरा लण्ड अपने मुँह में डाल दिया। मैं तो बहुत उत्तेजित हो गया। फ़िर मैंने उसके होंठों मे होंठ डाल कर उसकी जीभ को चूसा। अब हम दोनों आपे में नहीं रहे। फ़िर मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में डाल दिया।