नौसिखिया बनकर बुर चोदी
Nausikhiya Ban kar Bur Chodi
मैं सुदर्शन एक बार फिर अपनी जिंदगी के अनछुए पहलू लेकर हाजिर हूँ। यह घटना जब की तब चुदाई की दुनिया से मेरा परिचय हो चुका था। आंटी ने मुझे चोदने में मास्टर बना दिया था। अधिक जानकारी हेतु यह कहानी पढ़ें।
मेरी जिन्दगी चुदाई-प्रेक्टिकल की लैब
मेरे बगल में एक परिवार रहता था उसमें चार भाई और दो बहनें रहते थे, बचपन से मैं उन दो बहनों में रीता के काफी करीब रहा।
उन दिनों मैं कॉलेज में पढ़ रहा था, मुझे टाईफाईड बुखार हो गया तो दस दिन कॉलेज नहीं जा सका था, तबियत ठीक होने पर अपने पिछड़े कोर्स को पूरा करने के लिए मैंने रीता दीदी की मदद माँगी.. उनकी पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और वो घर पर रहती थीं।
रीता दीदी बोली- ठीक है.. पर जूस पिलाना पड़ेगा।
मैंने कहा- ठीक है।
जब काम हो गया तो वे मुझे अपने कमरे में ले गई, उनका कमरा अलग था, वहाँ वो बोलीं- अब जूस पिलाओ।
मैंने कहा- मैं बाजार से ले आता हूँ।
वो स्कर्ट पहने हुए थीं, दीदी ने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और मेरे होंठों को चूसने लगीं, बोली- मुझे तो ये वाला रस पीना है…
मैं सकते में आ गया और समझ गया कि इसको चुदास उठी है। मैंने सोचा नौसिखिया बन कर मजा लेता हूँ। थोड़ी देर बाद उसने अपना चेहरा.. मेरे चेहरे से हटाया और मेरे हाफ पैंट के अन्दर हाथ डालकर मेरा खिलौना पकड़ा।
मैंने कहा- यह आप क्या कर रही हो?
दीदी ने कहा- मैं एक मजेदार खेल खेल रही हूँ।
मैंने झूठ बोला- अच्छा.. मुझे तो इसके बारे में कुछ पता नहीं है.. ये खेल कैसे खेलते हैं।
दीदी ने कहा- मैं तुझे सब सिखा दूँगी।
उन्होंने मेरे पैंट और चड्डी को उतार दिया और पानी का छींटा मारकर मेरे लंड को साफ कर पौंछा, फिर मुँह में लेने लगी।
मैंने कहा- यह गंदा है।
दीदी बोली- जब तुम छोटे थे.. तब भी मैं तुम्हारी नुन्नी की चुम्मी लेती थी।
फिर वो लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। वो बीच-बीच में लंड के छेद को जीभ की नोक से छेड़ देती.. तो ऐसा लगता कि बस जान ही निकल गई। रीता दीदी मेरे लंड के चारों ओर अपने जीभ को लपेट कर चूस रही थीं। मेरा पूरा लंड उनके थूक से सनकर गीला हो गया था।
वो बीच-बीच में दांतों से हल्का दबा देती थीं.. तो मुझे बहुत सनसनी होती थी और अच्छा लग रहा था। मेरे शरीर का खून भारी मात्रा में लंड की ओर खिंचता सा महसूस हुआ और मैंने अगले ही पल वीर्य की धार उनके मुँह में छोड़ दी।
दीदी ने तब तक मेरा लंड बाहर नहीं निकाला.. जब तक वीर्य की आखिरी बूँद को चूस नहीं लिया, फिर बोलीं- मेरी नुन्नू (बुर) देखोगे।
मैंने कहा- हाँ।
उसने अपनी स्कर्ट को उतारा.. फिर चड्डी उतारी और मेरे सामने नंगी हो गईं।
मुझे उनके पेट और दोनों जाँघों के मिलन स्थल पर एक तिकोनी फूली हुई संरचना दिखाई दी..