बारिश में चूत में बुवाई
प्रेषक : अशोक
दोस्तो, अन्तर्वासना भी क्या चीज है, कोई एक बार इसकी कहानी पढ़ने लग जाए तो साला सोता हुआ लौड़ा भी खड़ा हो जाए।
एक ऐसी ही घटना मेरे साथ भी हुई थी। मेरे पड़ोस में एक घर था जिसमें एक आंटी रहती थीं, जो 36-28-36 के फिगर वाली थीं, गोल चेहरे वाली हल्के गोरे रंग की, अब आप समझ गए होंगे कि वो कैसी थीं।
बात उन दिनों की है जब बरसात का मौसम था। मैं रोज शाम के समय कसरत करने जाया करता था तो एक दिन आते समय बारिश में भीग गया। बारिश बड़ी तेज थी, जब मैं बारिश में भीगता हुआ आ रहा था तो देखा कि वो भी अपने घर की छत पर खड़ी होकर मस्ती से नहा रही थी, उसकी सलवार-कमीज उसके बदन से चिपके हुए थे, लम्बे बाल भी भीग कर उसके चेहरे और वक्ष पर चिपक रहे थे।
मैं जिन्दगी में पहली बार एक औरत को इस रूप में देख रहा था। मैं बड़ा खुश था। मैं उसको देखते हुए चलने लगा तो मेरी बाइक एक गड्डे में गिर गई और मैं गिर गया। पानी में गिरने की आवाज से वो मेरी तरफ देखने लगी।
मैं खड़ा नहीं हो पा रहा था तो उसको सहायता के लिए बुलाया। वो आकर मुझे उठाने लगी। जैसे उसने मेरे ऊपर से बाइक उठाना चाही, उसका पैर फिसल गया और वो भी गिर गई, हम दोनों हँसने लगे, हमारी नजरें मिलते ही वो चुप हो गई, उठने की कोशिश करने लगी।
उसके बाद पहले मैं बाहर निकला किसी तरह से, फिर उसको पकड़ कर बाहर निकलना चाहा, तो वो फिर से गिर गई। इस बार वो शायद जानबूझ कर गिरी थी। मैं उसके ऊपर गिर गया और उसके मम्मे मेरी छाती के नीचे दब गए। मेरे होंठ उसके होंठ पर थे।
फिर वो तिलमिला कर उठी और अपने घर चली गई। मैं उसको देखता रहा। मैं घर जाकर अपनी छत पर नहाने गया, तो वो अब भी नहा रही थी। वो मेरी तरफ देख कर मुस्करा रही थी। मैं उसको मुस्कराते देख, उसके घर आने का इशारा किया, तो वो मुस्करा कर अन्दर भाग गई। मैं मौका देख कर उसके घर में चला गया, तो वो घबरा गई।
उसने कहा- मेरी सासू माँ अभी घर पर हैं।
तो मैंने कहा- तो फिर मेरी छत पर आ जाओ।
वो मान गई और छत पर आ गई। हम दोनों मस्ती कर रहे थे। मैं मस्ती में उसके मम्मे दबाने लगा तो वो बोली- मत करो।
मैंने उसका कहना नहीं माना और उसको बांहों भर कर चूमने लगा। बारिश में भीगे होंठों का क्या रस होता है मैं बता नहीं सकता दोस्तो !
कुछ देर बाद वो भी मेरा साथ देने लगी। मेरा एक हाथ उसकी सलवार में था। उसकी चूत बारिश के ठण्डे पानी के बाद भी गर्म हो रही थी। मैं उसको सहलाने लगा। वो सिसकारियाँ भरने लगी। मैंने उसकी सलवार खोल दी और उसकी चूत को चाटने लगा, तो वो एकदम से गर्म हो गई।
वो मेरे बालों को खींच कर मुझे खड़ा करके बोली- साले, अकेला ही मजा लेगा क्या?
मैं कुछ समझा नहीं, तो उसने मेरा बरमुडा खोल दिया और मेरा लौड़ा पकड़ कर मुझे लिटा कर चूसने लगी। हम 69 की पोजीशन में थे, बड़ा मजा आ रहा था।