सील तोड़ने का मजा
मैं संदीप पुणे का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 26 साल है, दिखने मे हट्टा-कट्टा हूँ, मैं एक सच्ची कहानी आपको बताने वाला हूँ।
लेकिन उससे पहले मैं आपको अपने लण्ड के बारे में बताता हूँ, मेरा लण्ड 7 इंच लंबा है और खुदा की देन मानो वो नई कोरी चूत सील तोड़ने के लिए ही बनाया है क्योंकि उसका आकार आगे सुपारे की तरफ सिर्फ 2 इंच मोटा है और पिछली तरफ 3 इंच मोटा है, मेरे इस लण्ड का फायदा मुझको तब होता है जब किसी नई चूत का सील तोड़ना होता है। आप सब जानते है कि जब किसी लड़की की सील टूटती है तो उसको कितनी तकलीफ होती है लेकिन मेरे लण्ड आकार ऐसा होने कारण लड़कियॉ अपनी सील तोड़ने के लिए मुझको बहुत पसंद करती हैं।
मैंने आज तक 31 लड़कियों की सील तोड़ी हैं। मैं पुरानी चूत तभी मारता हूँ जब मुझे कोई कुंआरी चूत नहीं मिलती।
यह उस समय की बात है जब मेरी उमर 20 साल थी। हमारे घर के सामने एक परिवार रहता था जिसमें एक लड़की भी थी। उसका नाम नीता था। वो दिखने में कयामत थी, उसकी उमर उस समय 19 साल थी। उसके मम्मे तो एकदम गोल-गोल और 34 इन्च के थे। रंग एकदम गोरा, लंबे बाल, गोल-गोल चूतड़ (गांड)।
मैं उसे शुरु से बहुत पसंद करता था और हमेशा उसे चोदने के बारे में ही सोचता था। वो और मैं एक ही कक्षा में पढ़ते थे। हम दोनों एक साथ ही कॉलेज़ में आते-जाते थे। उस समय हमारी आपस में बहुत अच्छी बनती थी। उसके घर वालों ने उसे आने जाने के लिए नई स्कूटी लेकर दी और उसके पापा को काम से समय ना होने के कारण उन्होंने उसे स्कूटी चलाना सिखाने के लिए मुझको पूछा और मैंने भी हाँ कर दी।
रोज कॉलेज़ से आने के बाद हम शाम को पास के मैदान में जाते और मैं उसे स्कूटी सिखाने लगा। जब मैं उसको गाड़ी चलाना सिखाता तो वो आगे बैठती और मैं पीछे बैठकर उसे बैलेन्स करने में मदद करता था।
जब मैं पीछे बैठता तो मेरा लण्ड उसकी गाण्ड पर रगड़ जाता था और मेरे हाथ उसके मम्मों को टकराते थे। जितनी देर मैं उसको सिखाता, मेरा लण्ड खड़ा ही रहता था और उसकी गांड पर घिसता रहता था, वो भी कुछ नहीं कहती थी।
3-4 दिनों के बाद मैंने उसको कहा- नीता, चलो थोड़ा शहर से बाहर जाकर एकांत सड़क पर प्रैक्टिस करते हैं।
वो भी तैयार हो गई।
हम शहर से करीब 15-20 किमी बाहर जाकर प्रैक्टिस करने लगे, वो गाड़ी चला रही और मैं पीछे बैठकर हैण्डल पकड़े था। जब वो अच्छी तरह चलाने लगी तो मैंने अपने हाथ हैंडल से उठाकर उसकी जाँघों पर रख दिए, उसने कुछ भी नहीं कहा।
तो मैंने थोड़ा और बढ़ते हुए ऊपर उठा कर उसके मम्मों पर रख दिए और हल्के से दबाये। जब उसने कुछ नहीं कहा तो मैं उस पर हाथ फेरने लगा।
उसे भी अब अच्छा लग रहा था। फिर उसने गाड़ी रोक दी और कहा- चलो, पेड़ के नीचे बैठते हैं।
पेड़ के नीचे बैठने के बाद मैंने उसे अपनी बाँहों में लेते हुए उसे आई लव यू कहा।