मौज़ की कमाई
लेखक : अमित
अन्तर्वासना के पाठकों और मेरी प्यारी चूतों को नमस्कार जिन्हें बेसब्री से मेरे लण्ड की सोनीपत में जरूरत होती है।
मैं अपनी अगली कहानी आप सबके सामने पेश करता हूँ कि कैसे एक गलत फोन से मैं कॉल बॉय बन कर चूतों का पानी निकालने लगा !
हुआ यों कि मैंने मनीषा के परिवार की लगभग सारी महिलाओं की जरूरत पूरी की। उनमें से किसी एक ने मेरा नंबर दिल्ली की किसी लड़की को दे दिया, उस लड़की को कहा- मर्द की जरूरत हो तो फोन करके बुला लेना इस नम्बर वाले को !
फिर एक रात को किसी लड़की का फोन आया, बोली- मैं मोना बोल रही हूँ, मुझे तुम्हारा नंबर कामिनी ने दिया है।
मैं समझ गया कि किसी को मेरी जरूरत है।
मैंने उसे कहा- जगह बताओ, सोनीपत में कहा आना है?
वो बोली- आज रात ! मैं सोनीपत में नहीं दिल्ली में हूँ, यहीं आना है।
मैंने कहा- एक्स्ट्रा चार्ज लगेंगे।
उसने कहा- मैं दे दूँगी, तुम मेरा पता लिख लो !
मैं उसके बताए पते पर पहुँचा तो देखा कि वो किसी घर के ऊपर कमरा था जो उन्होंने किराये पर ले रखा था।
फिर मोना ने मुझे हाथ हिला कर इशारा किया, मैं ऊपर चला गया उसने हाथ पकड़ कर मुझे अन्दर बुला लिया और बोली- जब तुम इतने स्मार्ट हो तो तुम्हें कालबोय बनने की क्या जरूरत है? तुम तो लड़कियाँ पटा कर उन्हें चोदो।
मैंने कहा- वो तो एक नंबर का धंधा है और यह जो मैं अब कर रहा हूँ वो साइड बिसनेस है !
उसने मुझे धक्का देते हुए मुझे सोफे पर गिरा दिया और मुझे चूमने लगी।
मैं भी गर्म सा होने लगा और उसे जोर से चूमने लगा।
उसने मेरी शर्ट उतार दी तो मैंने भी उसकी कमीज़ उतार दी।
वो दिखने में ठीक थी, उसकी चूचियाँ ऐसी थी कि अगर मुझे उसे मुफ़्त में भी चोदना पड़े तो मैं छोड़ूँगा नहीं।
तब उसने मेरी ज़िप खोल कर मेरा लण्ड निकाल लिया और बोली- जितनी अच्छी सूरत, वैसा ही लण्ड !
और मुँह में लेकर चूसने लगी। मेरा लण्ड बिल्कुल सख्त डण्डे की तरह हो गया।
मैंने भी उसके सारे कपड़े उतार दिए। वो कयामत लग रही थी।
मैंने उसकी कोमल चूत जिस पर हल्के-हल्के बाल थे, उसे खूब चूसा। इतने में अन्दर से दो खूबसूरत लड़कियाँ और आ गई।
मेरे कुछ पूछने से पहले ही मोना बोल पड़ी- आओ और तुम भी मजे लूटो इसके !
मैंने सोचा कि कॉल-गर्ल्स को बुला कर उन पर दोस्त तो खूब चढ़ाए थे, पर यह नहीं सोचा था कि लड़कियाँ भी हमें चोद सकती हैं !
खैर वो सुंदर ही इतनी थी कि मैं खुद उनमें से किसी को छोड़ने वाला था नहीं।
वो भी अपने कपड़े उतार मुझ से चिपक गई, कोई मुझे गले पर, कोई मुझे छाती पर और एक मेरा लण्ड चूसती !
उन दोनों का नाम रिया और भारती था।
मैंने मोना को घोड़ी बना दिया और रिया-मोना सामने सीधी लेट गई, मोना रिया की चूत चाटने लगी। मैंने धीरे से मोना की चूत में लण्ड डाल दिया तो वो सिसकारियाँ भरने लगी- आह आह उई आह !
मैंने धक्के लगाने शुरु कर दिए।