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लण्ड की बदनसीबी- चूत ना मिली

Story Hindi 2 pages 12 years ago

लण्ड की बदनसीबी- चूत ना मिली
मेरी उम्र 22 साल है.. रंग गोरा.. कद 5 फुट 8 इंच है। मैं करनाल हरियाणा का रहने वाला हूँ.. मेरा नाम ठरकी है.. ये नाम किसी ने मेरा रखा था.. पर मेरे लिए बहुत सही है।
मैं हूँ हवस का पुजारी और हर वक़्त चूत को याद करता हूँ। पर मेरी किस्मत ऐसी थी कि मेरे चारों तरफ चूत ही चूत थीं.. पर मुझे कोई मिलती नहीं थी। मैंबस सपने देख कर मुठ्ठ मारा करता था।
मेरे पड़ोस में इतनी सुन्दर-सुन्दर लड़कियाँ थीं.. भाभियाँ थीं.. पर साली कोई भी देने को तैयार नहीं थी। मैं सब पर लाइन मारने की कोशिश करता था.. पर सब बेकार।
मैं शकल-सूरत से.. शरीर से.. अच्छा दिखता हूँ.. पर फिर भी चूत मुझ से दूर थी।
साला लौड़ा ही बदनसीब था।
फिर मैंने किसी तरह एक लड़की पटा ली.. उसका नाम था कोमल.. पर वो साली पूरी सावित्री निकली।
मैं जब भी सेक्स की बात करता था उसके नखरे शुरू हो जाते- अभी नहीं.. शादी के बाद.. ये गलत है..
मैंने सोचा, ‘माँ चुदाए ऐसी लड़की..’ मैंने उसे दफा कर दिया ‘साली जब तूने देनी ही नहीं.. तो मैं का क्या करूँ तेरा..’
उसके बाद एक दिन मैं घर पर अकेला था, तभी एक पड़ोस वाली भाभी नाम है मीनू.. वो मेरे घर आ गई। वो मुझे मेरी लाइन का जवाब देती थी और कभी-कभी स्माइल भी पास करती थी।
मुझे बस मौके का इंतज़ार था.. आज सिग्नल हरा था।
पर जब वो आई.. तो उसने पूछा- मम्मी कहाँ हैं?
मैंने कहा- घर कोई नहीं है.. सिर्फ मैं हूँ और अब आप भी हो।
वो तनिक मुस्कुराई।
मैंने कहा- भाभी.. इस देवर के कुछ काम ही आ जाओ।
भाभी- कहिए देवर जी।
मैं- भाभी… देवर आपका अकेला है आपका साथ चाहिए।
भाभी- सीधे-सीधे बोलो क्या कहना है।
मैंने फिर कह दिया- भाभी मैं अभी तक कुंवारा हूँ.. आज तक अकेला हूँ.. कभी किसी का साथ नहीं मिला.. कभी सेक्स नहीं किया.. बस आपके साथ सेक्स करना चाहता हूँ।

भाभी ने मुझे थप्पड़ मार दिया और भड़क गई- बदतमीज़.. बेशर्म.. ठरकी..’
चटक कर बोल कर चली गई और इस तरह मुझे नाम मिल गया ठरकी.. पर चूत नहीं मिली।
भाभी की डांट से मेरी गांड फट गई थी.. इधर बहनचोद.. अब डर भी लगता है और ठरक भी बढ़ती जा रही है।
दिन पर दिन बीतते गए.. मैं मुठ्ठ मार कर काम चलाता रहा। पहले एक पोर्न वेबसाइट मेरी गर्लफ्रेंड है.. मस्त चुदाई की वीडियोज देखता हूँ और अन्तर्वासना वेबसाइट मेरी बीवी बनती गई।
मैंने इस वेबसाइट की लगभग सभी कहानियाँ पढ़ ली होंगी। कोई भी कहानी नहीं छोड़ी.. सब पढ़ी हैं। इतनी लड़कियों के गेड़े (चक्कर) लगाए.. पर अब तक कोई नहीं पटी।
एक लड़की मेरी दोस्त थी.. नाम है साक्षी.. मैंने उससे कहा- मेरी किसी से सेटिंग करवा दे.. मुझे सेक्स करना है.. या तू ही मेरे साथ एक बार सेक्स कर ले।
पर हाय रे बदनसीब लण्ड.. उसने भी यह कहते हुए मना कर दिया- मैं अपने बॉयफ्रेंड को धोखा नहीं दे सकती। मैं तन-मन से उसी की हूँ।
‘माँ की लौड़ी.. साली..

वो भी काम नहीं आई और न ही कहीं सेटिंग करवाई।’
एक दिन ठरक पूरी चढ़ी हुई थी.. मैंने कामवाली को पकड़ लिया।
उसने भी मना कर दिया- बाबूजी.. हम बीवीजी को सब बता देंगे आप हमसे ज़बरदस्ती किया तो।
मैंने कहा- तुमने कुछ करने कहाँ दिया। बहन की लौड़ी.. अगर कुछ बोली तो गांड काट के हाथ में दे दूँगा और नौकरी से भी जाएगी और फिर कहीं काम भी नहीं मिलेगा।
उस कुतिया ने भी मुझे कुछ करने नहीं दिया।
मेरे खड़े लौड़े पर जैसे कुल्हाड़ी लग गई हो। किस्मत ने फिर एक मौका दिया.. मैं अपने दोस्त के घर गया.. उसकी बहन घर पर अकेली थी। उसने स्लीव लैस टॉप डाला हुआ था.. उसके मोटे-मोटे मम्मों और पतीले जैसी गांड देख कर मेरा लौड़ा गर्म होने लगा।
मैंने उससे कहा- अंजलि बहुत सेक्सी लग रही हो..
उसने कहा- थैंक्स फॉर कॉम्पलिमेंट।
मैंने उसे पॉइंट पर ले आया और उससे कह डाला- अंजलि मैं तुमसे प्यार करता हूँ.. तुम पर मरता हूँ।
अंजलि बोली- पता है.. मुझे तू मेरा बदन घूरता रहता है।
मैंने कहा- फिर तुम क्या सोचती हो?
वो भी मादरचोद निकली.. बोली- गांड मरवा.. बहन के लौड़े.. साले कुत्ते.. तेरे जैसे हज़ार चूतिये मेरे पीछे पूंछ हिलाते घूमते हैं। भाग रहा है या अभी करूँ पुलिस को फोन..?
अपनी तो गांड फट गई.. मैं वहाँ से तुरंत खिसक लिया।
बस अब तो एक ही बात सोचता रहता हूँ मैं कि काश कोई मिल जाए.. थक चुका हूँ मैं.. दूर-दूर से देख-देख कर पक चुका हूँ मैं..
मेरा 7 इंच का लौड़ा अभी तक कुंवारा है चूत के इंतज़ार में।
अगर कोई लड़की इसे पढ़ रही है.. तो मुझे ईमेल करे।[email protected]

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