अब आई बड़ी बहन की चोदा चोदी की बारी-1
मेरी कहानीबड़ी बहन को पटाया और छोटी चुद गई
पसंद करने के लिए थैंक्स!
नेहा को चोदने के बाद मेरी जिन्दगी मस्त हो गई, मूड होता तो मैं और नेहा चोदा चोदी करते!
उसकी बड़ी बहन सुमन आती तो उसके साथ बस चुम्मा चाटी और चुची मसलाई होती. चोदा चोदी का मन तो अब सुमन का भी होता पर नेहा की वजह से वो तैयार नहीं होती और कहती- नेहा के सामने नहीं!
अब मेरा लंड भी नई चूत चोदने को परेशान होने लगा.
एक दिन जब मैं नेहा की चुदाई कर रहा था तो मैंने सुमन की बात कही. पहले तो नेहा गुस्सा हुई पर मेरे समझने पर मान गई.
मैंने उसको अपना प्लान समझाया और वो राजी हो गई, नेहा कहने लगी- यह बात थी तो पहले बोलना था!
और एक बार हम फिर चोदा चोदी में लग गये.
मुझे नई चूत मिलने वाली है यह सोच कर जोश में आकर तेजी से लंड अंदर बाहर करने लगा.
नेहा मेरे प्लान को सुन जोश में आकर चुदाई करा रही थी. कुछ देर बाद हम पसीने पसीने हो गए और पानी निकाल दिया. नेहा कपड़े पहन कर घर चली गई और कह कर गई कि कल तैयार रहना!
मैं तो तैयार था ही, दूसरे दिन सुमन और नेहा साथ आई, आते ही सुमन को किस की और बांहों में भर लिया.
नेहा तुरन्त बोली- दीदी, मैं अपनी फ्रेंड के घर जा रही हूँ, जब तुम लोगों का प्यार व्यार हो जाये तो बुला लेना!
नेहा की यह बात सुनते ही सुमन पीछे ने सर घुमा कर और हँसते हुये मेरा लन्ड पकड़ कर उसको बोल दिया- जा!
नेहा के जाते ही सुमन मुझ पर टूट पड़ी, मेरे लंड को मसलने लगी और बोली- इस दिन का कब से इंतज़ार था अमित… आज बहुत प्यार करो!
सुमन ने चोदा चोदी का पूरा मूड बना रखा था.
मैंने तो तैयारी कर रखी थी, पहले ही व्याग्रा की टेबलेट खा रखी थी, मुझे मेरे प्लान पर भरोसा था इसलिये मुझे टेबलेट की जरूरत थी. अब मैंने सुमन के सभी कपड़े निकाल दिये.
नंगी सुमन अप्सरा से कम नहीं लग रही थी, उसकी उसकी लाल रंग की ब्रा और पेंटी मुझे बहुत परेशान कर रही थी, मैंने उसको भी निकाल दिया और मैं उसके निप्पल को सहलाने लगा, उसका दूध पीने लगा.
क्या बताऊँ दोस्तो, जाने क्या क्या किया!
उसकी फूली हुई चूत को देख मेरे मुंह में पानी आ गया, उस पर चिपट गया, उसकी चूत से खेलने लगा और उसकी चूत को चूसने लगा.
मैंने सुमन से लंड को मुंह में लेने को बोला तो उसने मना कर दिया.
मैंने कोई जोर नहीं लगाया जब उसकी चूत पानी छोड़ने लगी तो मैं उसके पानी को पी गया. अब मैंने उसकी टांगों को फैलाया और लंड का सुपारा उसकी चूत पर रखा और धक्का मारा.
सुमन समझदार थी, मगर फिर भी उसकी दबी दबी सी चीख निकल गई और आँखों में आँसू आ गये.
मैं उसको चूमने लगा और वो मुझे…
मैंने उससे पूछा- क्या एक धक्का और मारूं?
उसने हाँ में सर हिला दिया और मैंने पूरी ताकत से धक्का मारा और पूरा 7 इंच का लंड उसकी सील तोड़ता हुआ अंदर चला गया.