अब आई बड़ी बहन की चोदा चोदी की बारी-2
अब आई बड़ी बहन की चोदा चोदी की बारी-1
दोस्तो, आपने पढ़ा कि मैंने अपनी गर्लफ्रेंड की छोटी बहन को चोदा, उधर मेरी वाली अपनी चोदा चोदी के लिए बेचैन थी!
मेरी सच्ची सेक्सी कहानी पढ़ कर जिन दोस्तों ने मेल किये उन सभी को थैंक्स!
अब आगे:
जब सुमन ने नेहा को आवाज़ देकर बुलाया तो वो किचन से तुरंत निकल कर आ गई.
और सुमन जाने लगी तो नेहा बोली- आप कहाँ जा रही हो?
सुमन बोली- किचन में!
और चुपचाप चली गई.
नेहा मेरे पास आई तो मैं उसको किस करने लगा, वो भी साथ देने लगी. मैं तो नंगा था ही, उसके कपड़े उतारने लगा और धीरे से बोला- यार, मैं तुम दोनों के साथ सेक्स करना चाहता था, लेकिन प्लान फेल हो गया.
और जब नेहा के कपड़े निकाल दिए, तब मैंने देखा कि सुमन देख रही है.
मैंने नेहा को इशारा किया कि वो चुप रहे, कुछ न कहे.
वो समझ गई, मैंने अपना लंड चूसने को कहा तो नेहा और मैं 69 की पोजीशन में आ गए, वो मेरा लंड चूसने लगी.
मैं भी तैयार था, तुरंत उसकी चूत से मुँह लगा दिया और चाटना चालू कर दिया. दोनों मस्त मजा कर रहे थे, बोल सुमन की वजह से नहीं रहे थे.
अब हम सीधे हुये और मैंने उसकी चूत पर लंड लगाया ही था कि सुमन भागती हुई आई और सीधा मेरे लंड को पकड़ लिया और मुझे चिल्लाती हुई बोली- मैंने मना किया था!
और मुझे हटाने लगी.
उधर नेहा ने एकदम से करवट ली और मैंने तुरंत सुमन को खींच लिया और उसको किस करने लगा.
सुमन हटाने लगी तो मैं नेहा से बोला- यार, अब तुम मदद करो!
नेहा भी साथ में आ गई और मैं अब बोला- यार, अब ये किसी एक की चूत में तो जायेगा ही!
तो सुमन बोली- ठीक है, मेरी में डालो!
नेहा बोली- नहीं, मेरी बारी है, तुम कर चुकी हो!
तो मैं बोला- तुम दोनों ही मेरी हो… अब आ जाओ!
सुमन ने बहुत नखरों के साथ कपड़े उतारे.
मैंने दोनों बहनों को लिटा दिया और मैं बीच में होकर कभी नेहा के और कभी सुमन की चुची से खेलने लगा.
नेहा उठी और मेरे लंड को चूसने लगी.
यह देख सुमन को भी मस्ती आ गई और बोली- मैं तेरी शर्म कर रही हूँ और तू मेरे माल पर ही डोरे डाल रही है?
और नेहा को हटा के खुद मेरा लंड चूसने लगी.
यह देख मैं मस्त हो गया, मैंने नेहा को अपने पास बुलाया और नेहा को अपनी चूत मेरी मुँह पर रखने को बोला.
वो तुरंत अपनी चूत को मेरे मुँह से रगड़ने लगी और ‘आह आह आह स्स्स्स्स् स्सस्स…’ करने लगी.
यह देख के सुमन भी जोश में आ गई, उसने भी सब शर्म छोड़ दी.
अब मैं मस्त हो चला था.
सुमन को बुरा भी लग रहा था, ‘पर क्या करती…’ सोच के टाइम इंजॉय करने लगी.
अब मैंने सुमन को लिटाया और उसके ऊपर आ गया और जैसे ही लंड उसकी चूत में डाला, वो दर्द से उछाल पड़ी और हटाने लगी.
तो नेहा बोली- तू हट दी… मैं देखती हूँ.
और सुमन को मेरे नीचे से खीच कर निकाल दिया और खुद आ गई.