गर्लफ्रेंड की चूत चोदी पूरी रात-2
वो मेरे सीने पे सर रख मेरे ऊपर ही ढेर हो गई। हम दोनों ने इतने जोर से चुदाई की थी कि शरीर ढीला पड़ गया था। आधी रात भी हो गई थी। हमें बात करते-करते कब नींद आई, पता ही नहीं चला।
मेरी रात को आँख खुली तो देखा कि जिया दूसरी तरफ मुँह करके सो रही थी। हम दोनी नंगे ही सो रहे थे। मैं उसके बदन पर हाथ फेरने लगा और उसकी गर्दन पर चुम्बन करने लगा।
उसकी भी नींद खुल गई थी, उसने मुझे बाँहों में ले कर अपने सीने से लगा लिया और बोली- जान, सोने दो ना बहुत अच्छी नींद आई हुई है आपके साथ और वो भी बिना कपड़ों के।
मैंने कहा- जानेमन, सोते तो हर रोज ही हैं। आज की रात तो क़यामत की रात है, पूरी रात चुदाई का संग्राम होगा।
वो मुस्कुरा कर बोली- अच्छा !?!
मैंने ‘हाँ’ कहा और उसके बदन को चूमने लगा। मेरे चूमते ही वो भी गर्म होने लगी।
मुझे बोली- यार, तुम तो 2 मिनट में मदहोश कर देते हो। एक अजब सा नशा छा जाता है तुम्हारे चूमते ही।
इतना सुन कर मैं भी उसे अच्छी तरह चूमने लगा। बस दोनों एक-दूसरे को चूमते जा रहे थे। मदहोशी का आलम दोनों के सर चढ़ कर बोल रहा था। आधी रात को दो नंगे जिस्म एक साथ जब होते हैं तो आप खुद ही अंदाजा लगा लो कि कितनी जबर्दस्त चुदाई होती है।
हम दोनों का भी आलम वही था, मैंने उसकी दोनों चूचियाँ हाथों में ले कर इस तरह से मसली कि उसकी ‘आह’ निकल गई।
जिया बोली- आराम से दबाओ यार, मेरे रस भरे आमों को उखाड़ोगे क्या?
मैंने कहा- नहीं, बस इनका सारा रस कर पीऊँगा।
मैं इतना कह कर चूचियों का रसपान करने लगा और वो भी मेरी गर्दन पर चूमने लगी, दोनों पर ऐसा नशा छाया हुआ था, जैसे कि कई पैग लगा रखे हों।
मैंने अब थोड़ा नीचे सरकना शुरु किया और उसके जिस्म को काटने लगा। वो तो पागलों की तरह आहें भर रही थी। जैसे ही मैंने उसकी चूत पर चूमा वो तो जोर-जोर से सीई… ईईई… सीईईईई… की आवाजें करने लगी।
मैं उसकी चूत उंगलियों से खोल कर अंदर तक चाट रहा था। उसे इतना मजा आ रहा था कि उसने अपनी पूरी टाँगें खोल कर मेरे सर पर हाथ रखा और मेरा मुँह अपनी चूत पर जोर से दबा दिया। मैं भी उसकी चूत को खा जाने पर तुला हुआ था।
वो बुरी तरह आहें भर रही थी और पिछाड़ी उठा-उठा कर चूत चटवा रही थी। थोड़ी देर बाद वो बोली- जान अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा, अब तो मुझे चोद कर मेरी प्यास बुझा दो।
मैं भी जोश में ही था, उसके चूतड़ों के नीचे तकिया रखा और उसकी दोनों टाँगें अपने कंधों पर रख ली और कमर पकड़ कर एक जोर का शॉट लगाया। उसकी दबी हुई चीख निकली। मैंने देर न करते हुए उसके उसके होंठो पर होंठ रखे और उन्हें चूसने लगा।
थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद वो नार्मल हो गई। आधा लंड चूत में पहले ही उतर चुका था। मैंने उसकी गर्दन पकड़ कर एक खतरनाक शॉट और लगाया और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में फिट हो चुका था।