पहली डेट पर ही चुत की सील तुड़वाई
सभी अंतर्वासना सेक्स कहानी पढ़ने वालों को मेरी तरफ से यानि कि प्रीतो पंजाबन की तरफ से बहुत बहुत आदर, सतिकार, प्यार, सलाम, नमस्ते!
दोस्तों, आप ही की तरह मैं भी अन्तर्वासना की पक्की पाठक हूँ और अब तक वैसे इस में छपने वाली हर एक कहानी का लुत्फ उठाती रही हूँ और फिर कभी कभी तो बाथरूम में भी जाना पड़ता है जब पास में कोई मर्द न हो तो उंगली, मोमबत्ती जिंदाबाद!
मेरी उम्र इक्कीस साल की है. मैं पंजाब में अमृतसर में रहती हूँ और यह मेरी अन्तर्वासना पर पहली सेक्स कहानी है. पिछले तीन सालों से मुझे लड़कों का चस्का लगा है, घर में माहौल ही ऐसा था कि कदम खुद ब खुद बहकने लगे थे. मेरी कामुकता मेरे काबू में नहीं थी. अब तक तीन सालों में मैंने पांच बॉयफ़्रेन्ड बदले हैं. किसी एक साथ मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाती, जो भी लड़का या कोई भी मर्द मुझे सेक्स में खुश नहीं कर पाता या फिर जिस के साथ मुझे बिस्तर में मजा नहीं मिलता, मैं उसे छोड़ देती हूँ.
अन्तर्वासना पर अपनी चुदाई के एक एक किस्से को बताने जा रही हूँ जिस का आगाज़ मैं अपनी सब से पहली डेट पर हुई चुदाई के साथ करने लगी हूँ.
ठीक तीन साल पहले मैंने जवानी में बिल्कुल नया नया पैर रखा था, तभी से मेरा दाना फड़कने लगा था, जिस का कारण था केबल, हॉट वेब साइट्स अथवा अपनी उम्र से बड़ी लड़कियों के साथ मेरी दोस्ती! उनके घर जाती तो वो कंप्यूटर पर ब्लू फिल्में देख देख एक दूसरी की चूतें मसलती, मम्मे दबाती!
दसवीं क्लास में मेरा पहला एफेयर बारहवीं क्लास में पढ़ने वाले बबलू नाम के लड़के के साथ चला. उस की स्कूल में पूरी दहशत थी, हर लड़का उस से डरता था, स्कूल का चौकीदार, चपड़ासी वगैरा स्टाफ के लोग उस का पानी भरते थे, मन मर्ज़ी से स्कूल आता जाता! हमारा स्कूल बहुत बड़ा है, फ्री पीरियड में वो मुझे स्टोर रूम में बुला लेता, वहाँ बैठ बातें करतें, वो मेरी स्कर्ट में हाथ डाल कर मेरी जांघें सहलाता, मेरे बटन खोल मेरे मम्मे दबाता, चूमा चाटी करता, बदले में मैं भी उस का लौड़ा पकड़ लेती और मसल देती. एक दो बार उसने मुझ से लौड़े की मुठ मरवाई और चुसवाया भी. मुझे चूस कर बहुत मजा आया. मेरा दिल रोज़ उसके लौड़े को चूसने को करता लेकिन मौका और जगह सही ना होने की वजह से कभी आगे नहीं बढ़ पाए.
एक दिन उसने मुझे पहली डेट का ऑफर दिया. उसने मुझे स्कूल से बंक कर के सिनेमा हाल में बुला लिया. स्कूल टाइम पर घर से निकली और वहाँ पहुँचने की बजाये थिएटर चली गई. वहाँ डबल एक्स फिल्म लगी थी. दोनों अंधेरे में एक दूसरे से लिपट गए. उसने खुलकर मेरे मम्मे चूसे! तभी उसको कॉल आई और वो खुश हो गया और मुझे वहाँ से चलने को कहा. मैं उसके साथ बाहर आई, चेहरा चुन्नी से छुपा उसकी बाईक पर बैठ गई.
वो मुझे लेकर शहर से थोड़ा बाहर ले आया.