तनीशा के बाद सुनीता की चूत मारी-2
हमने 69 पोज़िशन बना ली, इस कामक्रीड़ा में उसने एक बार पानी छोड़ दिया और मैंने भी अपना वीर्य उसके मुख में छोड़ दिया!
हम थक कर निढाल होकर अगल-बगल लेट गए! हम बहुत थक गए थे!
उसकी मदमस्त खूबसूरती देख मेरा लंड फिर जल्दी ही तन गया और मैं उसके पैरों के बीच में आ गया।
‘आर्यन! ज़रा धीरे से करना! मेरा पहली बार है, दर्द होगा! प्लीज़ धीरे से डालना!’ सुनीता थोड़ा डर कर बोली।
‘डोंट वरी सुनीता! आइ लव यू! थोड़ा दर्द होगा, पर मैं कोशिश करूँगा कि तुम्हें दर्द ना होने दूँ!’ मैंने प्यार से कहा और मेरा लंड उसके कुंवारी चूत पर रगड़ने लगा।
कुछ देर ऐसे ही रगड़ता रहा तो वो पागल सी होने लगी और बोलने लगी- प्लीज़ आर्यन! तड़पाओ मत, अब डाल दो अपना, कुछ अजीब सा हो रहा है, रहा नहीं जा रहा! प्लीज़ डाल दो अब, आहह, फक मी!
मैंने अपने लंड का सुपारा थोड़ा अंदर घुसाया और धक्का दे दिया, पहली बार में लंड फिसल गया, और वो ‘उफ़! आहह!! धीरे रे रे!!’ उसकी हल्की सी चीख निकल गई!
मैंने लंड को चूत पर सेट किया और उसकी पतली कमर को कस कर पकड़ते हुए एक जोरदार धक्का मारा और मेरा लंड उसकी झिल्ली तोड़ते हुए अंदर घुस गया, वो छटपटाने लगी, उसकी आँखें आँसू से भर गई और वो चीख पड़ी- अयीईई! मर गई मैं! आर्यन इसे बाहर निकालो, बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज़ बाहर निकालो इसे! मैं मर जाऊँगी, आहह आहह!! प्लीज़ निकालो इसको बाहर प्लीज़ प्लीज़!!’
सुनीता की चीख इतनी जोर से निकली जो पड़ोसी भी सुन लें!
मैं उसके बूबे दबाने लगा और उसको किस करने लगा, उसके होंठ और जीभ चूसने लगा! मैं बिना हिले उसके होंठ चूसने लगा, कुछ देर बाद वो थोड़ा शांत हुई, और मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए।
अब उसकी चीख सेक्सी आवाज़ों में बदल गई- आहह.. आहह.. कम ऑन आर्यन.. डोंट स्टॉप.. फक मी.. फक मी.. किस मी.. ओहहहह.. ह.. ह.. ह.. ह..!!!! आहह.. ह.. ह.. ह.. ह.. ह..!! बहुत मज़ा आ रहा है!!
‘जान मैं तो कब से इस पल का इंतज़ार कर रहा था, आज मैंने तुम्हें अपना बना लिया है और आज के बाद मैं तुम्हें रोज़ इसी तरह प्यार करना चाहता हूँ।’
मेरे लंड और उसके चूत की अनगिनत बार टकराने की ठप ठप.. फच फूच.. फक फुक.. फॅक फक़ से और हमारे मिलन की आहों से कमरे का माहौल सेक्स से भर गया, कमरे में सिर्फ़ हमारी आहों की आवाज़ गूंज़ने लगी, मैं उसे तूफ़ानी धक्के मारता रहा और पागलों की तरह उसके बूबे चूसने लगा, किस करने लगा!
मैंने उसको उठा कर दीवार के सहारे खड़ा किया और पीछे से उसकी चूत में लंड पेल दिया और धक्के मारने लगा और उसकी पीठ और गर्दन को चूमने लगा, दोनों हाथों से उसके बूबे बुरी तरह से दबाने लगा, उसकी कमर को काट काट कर धक्के पर धक्का देने लगा, ना जाने ऐसी कौन सी शक्ति मुझमें आ गई थी, मैं पूरा हैवान बन गया था और उसकी सुंदर काया को हैवानों की तरह मसल रहा था।