गाँव की दो जवान लड़कियों की अन्तर्वासना
हॉट गर्ल सेक्सी कहानी मेरे पड़ोस में रहने वाली दो लड़कियों की है. उनकी जवानी, तन की आग ने उन्हें जवान लड़कों के साथ सेक्स के लिए उकसा दिया. लेकिन गली वालों ने देख लिया.
मैं प्रेम हूं और मैं चुदासी लड़कियों से बहुत प्रेम करता हूं। आजकल पहले जैसी चुदासी लड़कियां मिलती ही कहां हैं।
बात उस समय की है जब हम गांव में रहते थे।
मैं अपने दादा दादी के साथ ही अपने पैतृक गांव में रहता था और अपनी जिन्दगी में बहुत मस्त लाइफ जीता था.
जबकि मेरे साथ के और बहुत सारे लड़के और लड़कियां बेचारे बहुत अभाव की जिंदगी जीते थे।
कुछ दोस्तों के पास तो पहनने के लिए ढंग के कपड़े भी नहीं होते थे।
उन्हीं मेरे बचपन के साथियों में दो बहनें भी थीं।
वो कुल मिलाकर सात भाई बहन थे।
उनका इकलौता भाई था जो कि सबसे छोटा था।
दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी थी तो वे दोनों अपनी ससुराल में रहने लगी थीं।
अब उनके घर में ग्यारह में से नौ प्राणी रह गये थे।
दादा, दादी, मां, पिताजी और बाकी के पांच भाई बहन।
यह परिवार हमारे घर से कुछ दूरी पर रहता था मगर इनके पशु हमारे घर के बिल्कुल नजदीक (सटे हुए) के मकान में ही बंधते थे।
दोनों बड़ी बहनों की शादी हो जाने की वजह से अब इन दोनों बहनों को उन पशुओं की देखभाल का जिम्मा सौंपा गया था।
यह हॉट गर्ल सेक्सी कहानी इन्हीं दोनों लड़कियों की है.
उनके दादा दादी की उम्र अधिक हो जाने वजह से वे दोनों ही घर से बाहर नहीं जाते थे।
और उनके पिताजी किसी दूकान पर शहर में नौकरी करते थे जो कि ज्यादातर समय दुकान के काम में ही लगे रहने की वजह से महीने में या दो महीने में दो-एक दिन के लिए घर आते थे.
और उनकी मां अपने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था के लिए लगभग पूरा दिन ही खेतों में रहती थीं।
तो इस तरह से उन लोगों की जिन्दगी ठीक ठाक चल रही थी।
मुझे तो लगता है कि उन दोनों बहनों ने घर के काम की वजह से शायद स्कूल जाना छोड़ दिया था।
मैंने तो उन दोनों बहनों को ज्यादा तर समय उनकी पशुशाला में ही बिताते देखा था।
कभी कभी मुझे शक भी होता था कि ये दोनों बहनें इसी मकान में क्यों पड़ी रहती हैं।
धीरे- धीरे पता चला कि अब तो उन दोनों बहनों की रात की ड्यूटी भी पशुओं के पास ही लग गयी थी।
मतलब कि अब वो दोनों रात को भी यहीं रहने लगीं थीं।
एक दिन सुबह सुबह जब मैं होकर उठा तो मैंने मौहल्ले में कुछ शोरगुल सुना।
लोग उन दोनों लड़कियों को गालियां दे रहे थे और पीटने के लिए बोल रहे थे।
मैं भी अपने मकान पर चढ़कर सारी कार्यवाही देखने लगा।
मैंने देखा कि कुछ लोग उन दोनों बहनों को खींचकर बाहर ला रहे थे।
कुछ ही देर में उसकी मां भी आ गई।
किसी ने चीखकर उनकी मां से कहा- या तो अपनी लड़कियों को सुधार लें नहीं तो हम इनको बहुत मारेंगे।