कोटा की कमसिन कली-1
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा एक बार फिर नमस्कार!
मेरा परिचय तो आप जानते ही हैं, मैं रितेश शर्मा ताज नगरी आगरा का रहने वाला हूँ।
आज मैं आपको अपनी एक सत्य कथा बताने जा रहा हूँ, उम्मीद है आपको जरूर पसंद आएगी।
मेरी पिछली कहानी
क्लासमेट की कुँवारी चूत का मज़ा
में मैंने आपको बताया कि कैसे मैंने अपनी कोटा में पढ़ने वाली क्लासमेट प्रीति की मस्त चुदाई की।
इसके बाद मुझे बहुत सारे मेल और फेसबुक रिक्वेस्ट मिलीं.. जिनका मैंने यथा संभव प्रतिउत्तर देने का प्रयास किया।
इनमें से एक रिक्वेस्ट कोटा में कोचिंग करने वाली साक्षी गोयल (परिवर्तित नाम) की थी।
उसने मुझसे फेसबुक पर बात की और मिलने की इच्छा जताई, किन्तु मैंने व्यस्तता का हवाला देते हुए मिलने आने से इंकार कर दिया।
किन्तु मुझे पिछले महीने कोटा जाने का मौका मिला, जब मुझे किसी काम से कोटा जाना पड़ा।
मैंने उसे फ़ोन पर उक्त सूचना दी, वह बहुत खुश हुई और मेरे आने का इंतज़ार करने लगी।
मैं तय समय पर कोटा स्टेशन पहुँच गया।
वो मुझे स्टेशन पर लेने के लिए पहले से मौजूद थी। मैंने उसकी फ़ोटो देखी थी.. सो मैंने उसे पहचान लिया और उसने भी मुझे पहचान लिया।
उसने मुझसे दूर से ‘हाय’ किया, मैंने भी जबाब दिया।
साक्षी एक मस्त लड़की लग रही थी। जिसकी उम्र कोई 19-20 साल होगी।
उसने पीले रंग का टॉप पहना हुआ और स्काई ब्लू कलर की जीन्स।
उसके पास जाकर मैंने उसके हाल-चाल पूछे।
मैंने पहले से ही एक ऑनलाइन रूम बुक किया हुआ था।
हमने टैक्सी ली और होटल पहुँच गए।
होटल पहुँच कर सबसे पहले मैं नहाया.. नहाने के बाद हमने कमरे में ही खाने का आर्डर दिया।
हम दोनों ने खाना खाया।
अब मौका आ चुका था चुदाई करने का।
मैंने अपने मोबाइल पर ब्लू-फ़िल्म चालू की और हम दोनों ब्लू-फ़िल्म देखने लगे। इसके बाद मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया और उसके होंठों पर एक जोरदार चुम्मन लिया।
उसने मेरे चुम्बन का स्वागत किया तो मेरे हाथ भी उसके शरीर पर चलने लगे।
मैंने अपने हाथ को पीछे ले जाकर जीन्स के ऊपर से ही उसके पिछवाड़े का मुआयना किया।
फिर मैं उसके माध्यम आकर के स्तन भी टॉप के ऊपर से सहलाने लगा।
मैंने जल्दी ही उसके टॉप और जीन्स को उसके शरीर से अलग कर दिया।
अब वो मेरे सामने मात्र ब्रा और पैंटी में थी।
मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए।
जब मैंने उससे उसका फिगर पूछा तो उसने बताया- मेरा फिगर 32-28-34 का है।
उसके बाद मैंने उसकी सफेद ब्रा और लाल पैन्टी को भी उसके बदन से अलग कर दिया।
उसका गेहुँआ शरीर कमरे की रोशनी में मक्खन मलाई की तरह चमक रहा था।
सबसे पहले मैं उसके मम्मों को दबाने लगा और जोर-जोर से चूसने लगा।