बुआ की लड़की ने चूत दिलाई
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार.बुआ की बेटी प्यार में पड़ कर चुद गई
से आगे की कहानी!
असल में शालू तो बस एक काम चलाऊ चीज थी, मुझे तो अमिता को चोदना था.
एक रात शालू को चोदते समय मैंने शालू से कहा- मुझे अमिता की चूत मारनी है!
तो वो नाराज हो गई और बोली- उस रण्डी की चूत क्या मेरी से ज्यादा अच्छी है?
मैंने कहा- नहीं यार! चल उसे नंगी तो दिखवा दे!
तो वो बोली- नहीं!
मैं बोला- मैं तेरा पति नहीं हूँ, न ही हो सकता हूँ, यह तू भी जानती है. तूने भी तो लण्ड के मज़े लेने को ही मेरे से अपनी चूत चुदवाई है तो फिर मुझे क्यों नहीं अमिता की चूत दिला सकती है तू?
वो बोली- नहीं!
फिर मेरे जिद करने पर वो राज़ी हो गई पर बोली- मेरी चूत भी मारनी होगी! कहीं उस रण्डी के चक्कर में मेरी चूत को ही भूल जाये?
मैंने कहा- नहीं मेरी जान! तेरी चूत को कैसे भूल सकता हूँ मैं?
तो अगली रात उसने अमिता को भी साथ में सुला लिया और अब हम तीनों साथ में थे. एक तरफ़ मैं, बीच में शालू और दूसरी तरफ़ अमिता!
थोड़ी देर बाद मैं सोने का नाटक करने लगा और शालू अमिता की चूची से खेलने लगी और अमिता शालू की चूचियों से!
शालू ने अमिता से कहा- यार, अगर लण्ड मिल गए तो मजा आ जाये!
अमिता बोली- अपने भाई को पटा ले तो लण्ड मिल जायेगा.
मैं सोने का नाटक करते हुए सब सुन रहा था, मेरा लण्ड तूफान की तरह हिल रहा था और मैं अपने लण्ड को शालू की गाण्ड पर रगड़ रहा था पर इस तरह कि अमिता को पता न चले.
फिर शालू ने अमिता से कहा- अगर यह तेरे साथ सेक्स करे तो तू करेगी या नहीं?
उसने कहा- हाँ करुँगी.
क्योंकि वो शालू के हाथों से गर्म हो गई थी.
अमिता ने कमीज-पजामा पहना था, शालू ने उसके कपड़े उतार दिए और ब्रा और पेंटी ही छोड़ी उसके बदन पर!
अमिता ने शालू को नंगी कर दिया!
तब शालू ने मुझ से कहा- मेरे शेर, खड़ा हो! देख तेरा शिकार पानी छोड़ रहा है.
मैं खड़ा हुआ तो अमिता शर्माने लगी और अपने ऊपर चादर डाल ली.
शालू बोली- अभी तो बहुत उछल उछल कर लण्ड मांग रही थी और अब छिप रही है?
अमिता बोली- तुझे अपने भाई के सामने नंगी होने में शर्म नहीं आ रही क्या?
तो शालू बोली- मैं तो इससे चुद भी चुकी हूँ और इसकी इच्छा तुझे चोदने की है तो इसलिए आज की रात तुझे अपने साथ सुलाया है.
अब अमि़ता की भी शर्म कम होने लगी और शालू मेरे लण्ड को मसलने लगी.
थोड़ी देर बाद अमिता बिल्कुल बेशर्म हो गई और मेरा लण्ड मुँह में लेकर चूसने लगी.
मैं सीधा लेट गया और शालू अपनी चूत मेरे मुँह पर रख कर बैठ गई. अब मैंने अमिता की पेंटी और ब्रा खोल दी तो अमिता मादरजात नंगी हो गई. क्या रूप था! संतरे जैसी चूचियाँ! गोरा बदन! गोल जांघें! और उनके बीच में सुनहरी छोटी झांटों वाली चूत! यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं.