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मनाली में दशहरे के मेले में मिली चुदासी गर्लफ़्रेंड

Story Hindi 2 pages 14 years ago

मनाली में दशहरे के मेले में मिली चुदासी गर्लफ़्रेंड
मेरा नाम गोलू है और मैं हिमाचल में मनाली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 22 साल है और हाईट 5’4″ है। मैं पेशे से मैकेनिकल फिटर हूँ और देखने में बहुत आकर्षक हूँ। यह मेरी पहली और सच्ची कहानी है।
बात एक साल पहले की है.. मतलब पिछले दशहरे की है।
हम दो दोस्त रात को दशहरे के मेले में घूम रहे थे।
तभी थोड़ी देर बाद मुझे एक लड़की दिखी जो मेरी फ्रेंड थी, उसका नाम अनु था, वो देखने में बहुत ही खूबसूरत थी, उसका फिगर 32-30-36 का था।
जब वह मेरे पास आई तो उसने मुझे ‘हैलो’ कहा और हम थोड़ी देर तक बातें करते रहे।
बातें करते-करते मैंने उससे पूछा- कुछ खाना-पीना है?
तो उसने कहा- खाना तो कुछ नहीं है.. पर पीना है।
इस पर मैंने पूछा- क्या पीना है?
तो उसने कहा- मुझे शराब पीनी है।
मैंने देर न करते हुए तीन बोतल बीयर ला दीं और हम सभी ने बीयर पी।
उसे कुछ नशा चढ़ गया, उसने यह कहते हुए मेरा फोन लिया कि दिखाना जरा इसमें कुछ मसाला भी है.. या यूं ही लटकाए घूमता है।
उसने फोन की गैलरी में जाकर उसमें सेव सेक्स वीडियोज को देखने लगी।
कुछ ही पलों में वो गरमा गई और अपना एक हाथ मेरे लंड पर घुमाने लगी।
चुदाई का मूड बन गया था तो मैं उसे थोड़ी देर बाद अपने दोस्त से कमरे की चाबी ली और उससे किसी दूसरे दोस्त के कमरे पर सोने की कह दिया।
अब मैं नशे में मस्त अनु को दोस्त के कमरे पर ले गया।
कमरे में जाते ही मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया, वो भी अपनी जीभ घुमा-घुमा कर मुझे चूम रही थी.. जिससे कि मुझे बहुत मजा आ रहा था।

मैं एक हाथ से उसकी चूत और दूसरे हाथ से उसकी चूचियां सहला रहा था।
थोड़ी देर में मैंने उसके कपड़े उतार दिए। अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में ही थी।
उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए और हम दोनों पूरे नंगे हो चुके थे।
इसके बाद मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और मैं उसके ऊपर आ गया। मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी चूत के छेद पर लंड को रखा और थोड़ा सा धक्का दिया तो मेरा लंड बिना किसी देरी के एक ही झटके में उसकी चूत में घुस गया।
वो भी बड़े आराम से मेरा लौड़ा लील गई… साली पक्की चुदक्कड़ थी।
मैंने अब अपने झटके तेज कर दिए उसे बहुत मजा आ रहा था और साथ ही साथ मुझे भी पूरा कमरा उसकी कामुक सिसकारियों से गूँज रहा था।
वो ‘अआआहह.. आआह.. आईईई..’ जैसी सिसकारियां निकाल रही थी।
वो अकड़ उठी और झड़ गई.. उसके झड़ते ही मैं भी झड़ने वाला हो गया था।
मैंने अपना लंड निकाला और उसकी चूत के छेद पर अपना सारा पानी निकाल दिया।
चुदाई के बाद मैं थोड़ी देर उसके ऊपर ही पड़ा रहा।
थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और फिर मैंने उसे पूरी रात जमकर चोदा।
अब सुबह के 5 बज रहे थे। मैंने उसे व खुद को साफ किया और सो गए हम दोनों सुबह 10 बजे उठे और नहा-धो कर बस अड्डे आ गए।

मैंने उसे कुल्लू छोड़ा और वापिस आ गया।
आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे मेल करें![email protected]

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