मेरी आशा की चूत से मेरे लौड़े का मिलन
दोस्तो, मेरा नाम सनी राय है, मैं धामपुर से हूँ। मैं दिखने में सीधा सा लड़का हूँ। मेरी हाइट 5.6’ है.. मेरा लण्ड भी ठीक-ठाक है।
मैं 3 साल से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ।
मैं अपने लण्ड को लेकर हमेशा सोचता रहता था कि मैं कैसे किसी लड़की को खुश कर सकता हूँ.. क्योंकि मूवी में जो भी दिखाते हैं.. उनका पता नहीं कैसे इतना बड़ा होता है। मैं इस बात को लेकर बहुत परेशान रहता था।
तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ कि मेरी सारी परेशानी दूर हो गई।
बात कुछ दिनों पहले की है.. मैं अपनी कॉलेज की फ्रेंड के साथ बात करता रहता था। हम दोनों साथ में कॉलेज आते-जाते रहते थे। मेरी उस फ्रेण्ड की एक सहेली थी.. जिसका नाम आशा है.. उससे मेरी मुलाकात कॉलेज में हुई थी। वो देखने में एकदम मस्त माल थी.. उसका साइज 32-30-32 का होगा।
मैंने अपनी फ्रेण्ड से कहा- अपनी दोस्त आशा से मेरी सैटिंग करवा दो।
उसने कहा- उसका एक ब्वॉय-फ्रेण्ड है।
मैंने कहा- एक बार पता तो कर..
उसने कहा- चल मैं पता करती हूँ।
मैंने कहा- ठीक है।
दो दिन बाद उसका फोन आया- आशा पहले एक बार तुझसे मिलना चाहती है।
मैंने कहा- चल मिलवा दे।
अगले दिन मेरी फ्रेण्ड और आशा मेरे पास आए, हम सब कॉलेज में मिले।
मेरी फ्रेण्ड मुझे और आशा को अकेला छोड़ कर चली गई।
आशा ने मुझसे कहा- आप मुझसे कुछ कहना चाहते हो?
मैंने कहा- मुझे आप पहली बार में ही पसन्द आ गई हो, आपका कोई और ब्वॉयफ्रेण्ड है?
उसने कहा- है नहीं.. था..
मैं बहुत खुश हुआ।
कुछ देर यूं ही बातें होती रहीं.. फिर हमने एक-दूसरे का नम्बर लिया और वापस चले गए।
इसके बाद हमारा सारा टाइम फोन पर बात करके निकलने लगा।
धीरे-धीरे हम सेक्सी बातें करने लगे।
एक दिन उसने मुझसे पूछा- आपका लण्ड कितना लम्बा और मोटा है़?
मैंने कहा- 6 इंच का..
उसने कहा- कुछ छोटा नहीं है?
मैंने कहा- पहले एक बार लेकर तो देखो.. फिर बताना कि छोटा है या मोटा।
आशा बहुत जोर से हँसने लगी।
फिर हमने दो दिन बाद एक होटल पर मिलने का प्रोगाम तय किया।
हम निर्धारित टाइम पर होटल पर मिले.. कमरे में जाते ही हम एक-दूसरे से चिपक गए।
क्या कहूँ.. ऐसा लगा पता नहीं कितने टाइम से प्यासे आदमी को पानी मिल गया हो।
मैंने आशा के होंठों को अपने होंठों से चिपका लिया। मैं इतनी जोर से किस करने लगा कि वो सहन ना कर सकी।
वो मुझसे दूर होकर कहने लगी- सनी इतनी जोर से मत करो यार.. मुझे दर्द हो रहा है।
मैंने कहा- तुमको मजा नहीं आया?
उसने कहा- मजा तो आया.. पर दर्द होता है।
मैंने कहा- दर्द में ही तो मजा है।
मैं आशा को फिर से किस करने लगा और उसके मम्मों को इतनी जोर से दबाने लगा कि उसके मुँह से ‘आह.. आहह..’ की आवाज निकलने लगी।
मुझे आशा ने ऐसे पकड़ लिया कि हम दोनों एक-दूसरे में समाने को हों।