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मेरी पहली चुदाई दिल्ली मेट्रो की देन

Story Hindi 2 pages 15 years ago

मेरी पहली चुदाई दिल्ली मेट्रो की देन
हिन्दी सेक्स कहानी पढ़ने वाले मेरे प्रिय मित्रों को मेरा नमस्कार!
मेरा नाम ओम है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ।
मेरी उम्र 22 वर्ष है, मेरी लम्बाई 6 फुट है, रंग गोरा है। मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और मैं इस घटना से पहले वर्जिन था।
यह मेरी पहली कहानी है।
बात दिल्ली मेट्रो की है, काम पर मेरा आना जाना मेट्रो में होता था।
अक्सर समय बिताने के लिए मैं मोबाइल में कैंडी क्रश खेला करता हूँ। आजकल हर कोई यही खेलता है।
एक दिन मैं मेट्रो में था और कैंडी क्रश खेल रहा था। अगले स्टेशन पर एक सुन्दर सी लड़की मेट्रो में आई, वो मेरे पास आकर खड़ी हो गई।
उसकी उम्र 27 -28 साल की होगी, उसने नीले रंग की साड़ी पहनी थी, शायद एयरहोस्टेस थी।
मैं गेम खेलने में लगा रहा।
अचानक उस लड़की ने मेरे मोबाइल की स्क्रीन को टच किया और गेम खेलने लगी।
मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।
वो बोली- अच्छी गेम है, मैं 607 लेवल पर हूँ।
मेरे तो होश ही उड़ गए, मैं तो अभी 86 लेवल पर ही था।

फिर हम दोनों गेम खेलने लगे।
मैंने उसका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम पल्लवी बताया।
मैंने कहा- शायद आप एयरहोस्टेस हैं?
तो वो बोली- नहीं, मैं एक कंपनी में रिसेप्शनिस्ट हूँ।
मैं बोला- आप परी जैसी लगती हैं तो मैंने सोचा आप हवा में उड़ती होंगी।
वो हंसने लगी।
हम बातें करते करते गेम खेलने का मजा ले रहे थे।
अचानक वो जाने लगी, उसका स्टेशन आ गया था।
उसने पूछा- आपको कहाँ जाना है?
फिर मुझे ध्यान आया कि मेरा स्टेशन तो पीछे निकल गया।
अब वो और जोर जोर से हंसने लगी।
फिर हम दोनों चले गए।
हम रोज मिल जाते थे और साथ साथ गेम खेलते।
उसने बताया कि वो अकेली रहती है, उसके घरवाले नैनीताल में रहते हैं।
एक दिन हम दोनों मेट्रो में थे, शाम का समय था, तेज बारिश आ रही थी जिसके कारण मेट्रो में कुछ खराबी आ गई थी।
उसने कहा- मेरा घर पास में ही है, चलो बारिश बंद होने के बाद चले जाना।
हम दोनों ने रिक्शा किया और उसके घर की तरफ चल पड़े।
उसका घर अच्छा था।
वो कॉफ़ी बनाने चली गई।
उस वक़्त मेरी नजर उसके बदन पर पड़ी!
क्या फिगर था 38-32-36, उसकी चूचियाँ बहुत बड़ी थी।
पर मैं थोड़ा शर्मीला बंदा था इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
वो कॉफ़ी लेकर आई और बैडरूम में आने को कहा।
हम दोनों उसके बिस्तर पर कॉफ़ी पीने लगे।
कॉफ़ी खत्म हुई, वो मुझे घूरे जा रही थी और मैं इधर उधर देखने लगा।
वो मेरे पास आकर बैठ गई और मेरे गाल खींचते हुए बोली- यू आर सो स्वीट!
मैं मुस्कुरा गया और एकदम उसने मेरे होंठों को चूम लिया।
मैं उससे दूर हट गया, मैंने कहा- अब मुझे चलना चाहिए।
उसने कहा- ओम, तुम मुझे अच्छे लगते हो! क्या मैं तुम्हें एक किस कर सकती हूँ?
मुझे जाना था तो मैंने हां बोल दिया।
उसने धक्का देकर मुझे बेड पर गिरा दिया, मेरे ऊपर लेट गई और मुझे चूमने लगी।

वो मेरे होंठो को चूस रही थी।
करीब 20 मिनट तक वो मुझे चूमती रही।
मेरा लंड खड़ा चुका था और यह बात उसे भी पता थी।
उसने अपनी साड़ी उतारी और ब्लाउज भी उतार दिया, अब वो सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में थी।
मैंने उसकी चूची दबाना शुरू किया और वो सिसकारियाँ लेने लगी।
उसकी ब्रा मैंने उतारी और उसके बड़े बड़े चूचे देख कर मेरे तो होश ही उड़ गए।
मैंने उन्हें दबाया और फिर चूसने लगा।
मैं अपनी उंगली के नाखून से उसके चूची के ऊपर के भाग को रगड़ रहा था।
अब मैंने उसके नीचे के कपड़े उतारे।
उसकी चूत एकदम सफ़ेद थी, बिल्कुल बाल नहीं थे चूत पर… मैंने उसे चाटना शुरू किया, वो आहें भरने लगी और बोली- अब नहीं रहा जाता… चोदो मुझे!
मैंने भी कपड़े उतारे और वो मेरा लंड देख के बोली- इतना बड़ा!
वो दोनों पैर खोल कर लेट गई।
अब मैंने उसकी चूत पर लंड रखा और जोर से धक्का दिया और मेरा आधा लंड अंदर चला गया।
वह जोर जोर से चिल्लाने लगी- निकालो… दर्द हो रहा है।
अब मैंने धक्का मारकर पूरा लंड अंदर डाल दिया और वो चिल्लाई- आआआह!
मैंने थोड़ी देर अंदर ही रहने दिया, उसका दर्द कम हो रहा था।
अब मैंने उसे चोदना शुरू किया, मैं अंदर बाहर कर रहा था और उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी- आआह आह आआ आह!
फिर वो झड़ गई, मुझे अंदर गरम गरम सा लगने लगा।
मैं भी झड़ने वाला था, मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी।
अब मैं झड़ चुका था।
वो मुझे किस करने लगी, हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे।
वो मेरे ऊपर आ गई और मेरी छाती को चूमने लगी।
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अब मेरा लंड दुबारा से खड़ा हो गया था, उसने लंड अपने मुंह में लिया और जोर जोर से चूसने लगी।
अब वो मेरे लंड के ऊपर आ कर बैठ गई और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो धीरे धीरे से ऊपर नीचे होने लगी।
अब उसके दोनों हाथ मेरे कधों पर थे और मेरे उसके चूची पर!
अब उसने अपनी स्पीड तेज की और वो बहुत तेज तेज मेरे ऊपर कूद रही थी और आह आह की आवाज निकल रही थी।
वो झड़ने लगी… मेरा लंड गीला हो चुका था पर मैं अभी झड़ा नहीं था।
उसने मेरा लंड अपनी चूत से निकाला और उसे चूसने लगी।
अब मैं बेड पर बैठ गया और उसने मेरा लंड हाथ में लिया और मेरी तरफ अपनी पीठ करके मेरे लंड पर बैठ गई।
मेरे हाथ उसकी चूचियों को दबाये हुए थे और वो जोर जोर से फिर मेरे ऊपर कूदने लगी।
अब वो रुकी और हाथ बेड पर रख कर घोड़ी बन गई मेरा लंड उसकी चूत में ही था।
मैं उसी अवस्था में उसे चोदने लगा।
अब मैं झड़ने लगा, मैं जोर से चिल्लाया ‘आह…’ और झड़ गया।
फिर हम दोनों बेड पर एक दूसरे के साथ ही सोते रहे।
आपको मेरी कहानी कैसी लगी?[email protected]

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