पड़ोसन लड़की के घर जाकर पेला
नेबर सेक्स कहानी में गाँव की एक लड़की से मेरा टांका भिड़ा था, हम सेक्स का मौक़ा खोज रहे थे. एक दिन उसके माँ बाप बाहर गए तो उसने मुझे अपने घर बुलाया और मैंने उसके घर जाकर उसे पेला।
दोस्तो! मेरा नाम अमित है।
मेरी लंबाई 5 फीट 9 इंच है।
मेरे पास एक अच्छी बॉडी है और मेरा रंग सांवला है।
मेरा लंड 7 इंच और लम्बा 3 इंच मोटा है।
यह मेरी और पूजा की पहली सेक्स कहानी है।
अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली सेक्स स्टोरी है, नेबर सेक्स कहानी में कोई गलती हो जाये तो माफ़ कीजिएगा!
मेरी पड़ोसन का नाम पूजा (बदला हुआ) है क्योंकि पूजा नाम से सभी को एक बार तो जीवन में प्यार होता ही है।
पूजा की उम्र 19 साल है।
वह दिखने में भी मस्त माल है; छोटी–छोटी चूचियां, मस्त आकार और एक नंबर पीछे से दिखने में! उसकी लंबाई 5 फीट 6 इंच है।
क्या बताऊँ मैं आप सब को उसके बारे में, दिखने में वह आलिया भट्ट से कम नहीं है।
ऐसा है कि मेरे चाचा जी की किराने की दुकान है।
तो कभी–कभी मैं दुकान में बैठ जाता था।
चाचा जी कहीं बाहर जाते और पूजा समान लेने आती।
तब हमारे बीच खूब बातें होती।
बातों ही बातों में वह कब सेट हो गई पता ही नहीं चला।
जब एक दिन रात के समय, 8 बजे दुकान से घर जाने का समय हुआ तो मैंने लाइट ऑफ की और दुकान बंद ही कर रहा था।
तभी वह (पूजा) आ गई।
मैं– तुम इस समय?
वह– हाँ, क्यूं नहीं आ सकती?
मैं- हाँ आ सकती हो लेकिन घर वालों ने आने दिया?
वह– मैं कहीं भी आ–जा सकती हूँ।
मैं– अच्छा, तो मेरे घर भी?
तो वह समझ गई और बोली– आज तो नहीं फ़िर कभी!
मैं– ठीक है! अभी क्या लोगी?
वह- चुम्मा लूंगी, दोगे?
तभी मैंने कस कर उसको पकड़ा और अपने होंठ को उसके होंठों से लगा दिया और उसे चूमने लगा।
सर्दी का समय था तो किसी के आने का कोई डर नहीं था।
हम इस कदर चिपक गये थे कि बीच से हवा भी नहीं निकल सकती थी।
मैं उसके चूतड़ दबा रहा था।
वह भी मुझे अपने में समा लेना चाहती थी क्योंकि वह मुझे बहुत कस के पकड़ी हुई थी।
10 मिनट के चुंबन के बाद उसने कुछ सामान लिया और चली गई।
कुछ दिन बाद वह सुबह 7 बजे ही आई और बोली– छूटे पैसे चाहिए!
मैं- इतने सुबह–सुबह क्यों?
वह- हाँ, मेरे दादा जी का देहांत हो गया है! मम्मी–पापा गाँव जा रहे हैं। अभी घर में मैं अकेली हूँ आज, कल और परसों। तुम आ जाना मजा करना है तो!
मैं- यार, आना तो चाहता हूँ लेकिन चाचा जी बाहर गये है!
फ़िर वह चली गई।
मैंने सोचा ‘यार मौका तो अच्छा है, आज काम हो सकता है लेकिन कोई बात नहीं फ़िर कभी पूजा को मना लूंगा।’
पूजा के माता–पिता जब गाँव के लिए निकल रहे थे तब उसकी मम्मी मेरी मम्मी से बोलीं– हम लोग गाँव जा रहे हैं। ससुर जी का स्वर्गवास हो गया है! घर पर सिर्फ भाई बहन ही है, तो आप विकी के पास अमित को भेज दीजिएगा!
यह बात मेरी मम्मी ने मुझे रात में बताई।