पड़ोसन लड़की ने पढ़ाई के बहाने मेरा लंड पकड़ लिया
दोस्तो, मैं पुणे से हूँ। आज मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। स्टोरी आपको कैसी लगी ज़रूर बताना।
मेरे सामने वाले घर में एक लड़की रहती है.. जो 12वीं में पढ़ती है.. कभी-कभी उसे कुछ समझ ना आए.. तो मुझसे समझने और पूछने चली आती है। मैं साइन्स बहुत अच्छे से पढ़ाता हूँ।
मैं पिछले महीने अपने घर पर बैठा टीवी देख रहा था.. घर पर कोई नहीं था। मैं अकेला था, तब वो पड़ोसन लड़की आ गई।
उसने लाल टी-शर्ट और नीचे कैपरी पहन रखी थी।
उसे साइन्स में एक टॉपिक समझ नहीं आ रहा था.. तो वो पूछने आई थी।
टॉपिक था बच्चा कैसे होता है। मेल और फीमेल कैसे बनता है। मैं उस दिन घर पर अकेला ही था.. तो मैंने सिर्फ़ बॉक्सर पहन रखा था.. उसके अन्दर मैंने कुछ नहीं पहना था।
मैं सोफे पर बैठा था और वो मेरे बाजू में आकर बैठ गई.. एकदम करीब आकर..
उसके पैर मेरे पैर से टच हो रहे थे और मेरी कोहनी उसके नाज़ुक छोटे-छोटे मम्मों को छू रही थी.. ऐसे हम दोनों बैठे हुए थे। मैं उसे टॉपिक समझाने लगा.. उसमें एक शब्द आया ‘लिंग’.. जो उसे समझ नहीं आया।
उसने पूछा- ये क्या है.. मुझे समझ नहीं आया?
मैंने उसे बताया- उसका मतलब मेल और फीमेल का गुप्त अंग.. पेशाब करने की जगह। पुरुष के लिंग का एक पार्ट होता है शिश्न और फीमेल के दो अंग होते हैं एक योनि और दूसरा स्तन..
उसे स्तन शब्द समझ में नहीं आया, उसने फिर पूछा- ये कौन सा अंग होता है?
फिर मैं भी कन्फ्यूज़ हो गया.. मैं सोचने लगा कि क्या सचमुच इसे नहीं पता.. या ऐसे ही ये मुझसे पूछ रही है।
मैं सोचने लगा कि अब इसे कैसे समझाऊँ।
फिर मैंने उसे समझाया- जहाँ से बच्चे माँ का दूध पीते हैं उसे स्तन कहते हैं। फिर उसने मुझसे शिश्न के बार में पूछा मैंने उसे वो भी समझाया और शिश्न से क्या होता है.. वो भी समझाया।
जब मैं समझा रहा था.. तब मैंने अपने पैर में कुछ महसूस किया.. तो मैंने देखा कि वो अपने अंगूठे को मेरे पैर पर घुमा रही थी। वो मेरे काफ़ी करीब बैठी थी.. मेरी एक कोहनी उसके मम्मों के बिल्कुल पास थी।
वो थोड़ी-थोड़ी देर में जान बूझकर मेरी कोहनी से अपने मम्मों को सहला रही थी।
मेरा भी लंड धीरे-धीरे टाइट होता जा रहा था। मैंने सिर्फ़ बॉक्सर पहन रखा था.. तो उसकी वजह से मेरा लंड का शेप बॉक्सर के अन्दर से साफ़ दिखाई दे रहा था।
उसकी निगाह अब मेरे टाइट लंड पर टिक गई.. वो बार-बार उसे छूने की कोशिश कर रही थी।
उसने अपना एक हाथ लिखने के बहाने मेरी जांघ पर रख दिया.. फिर धीरे-धीरे वो अपना हाथ मेरे लंड की ओर बढ़ाने लगी।
मैं और गर्म होने लगा, अब मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था, उसकी नजरें उसी के ऊपर थीं।
आख़िर उससे नहीं रहा गया और मुझसे पूछने लगी- सर ये आपको क्या हुआ है.. कुछ तकलीफ़ है?
मैंने कहा- नहीं.. जब एक मेल उत्तेजित होता है..