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बीवी के आशिक

Story Hindi 96 pages 7 months ago

Upadte 1
“ओह जान तुम तो किसी भी मर्द को अपना गुलाम ही बना दोगी..”

मेरे मुह से यही निकला जब मैंने मोना के योनि में अपना वीर्य उड़ेल दिया …

मैं थका हुआ उसके ऊपर पड़ा हुआ था वही वो मेरे सर को सहलाती हुई शांत पड़ी थी,जब मैंने उसकी आंखों में देखा तो वो उसकी आंखों में एक अजीब सी हलचल थी और होठो पर एक कातिल मुस्कान…

“सच में मैं किसी भी मर्द को अपना गुलाम बना सकती हु..”

मोना की बात से मेरे भी होठो पर एक मुस्कान खिल गई ..

“मुझे तो बना ही चुकी हो …”

वो हल्के से हँसी ..

“अच्छा,लेकिन मुझे तो लगता है की मैं आपकी गुलाम बन चुकी हु ,आपके प्यार के आगे मेरी हुस्न की क्या मजाल है,जब से हमारी शादी हुई है आपके प्यार की कसीस ने मुझे अपना गुलाम ही बना दिया है…”

उसकी आंखों से छलकती हुई सच्चाई की बूंदों को मैंने अपने होठो में भर लिया …

“तुम्हारे हुस्न और सच्चाई ,तुम्हारी ये प्यारी सी आंखे और भरे हुए होठो से छलकते हुए रस के प्याले ,किसी भी मर्द को पागल बना देंगे….तुम जब हंसती हो तो लगता है की चांद खिल गया है,तुम्हारा रूठा हुआ चहरा भी इतना प्यारा है की दिल करता है अपना सब कुछ तुम्हारे कदमो में रख दु …”

मेरी आवाज में मोना के लिए बस प्यार ही प्यार था..

और उसके आंखों में आंसू ,जिसे मैं अपने होठो से हल्के हल्के से चूम रहा था,

“इतना ही प्यार करते हो तो मना क्यो नही करते….”

उसकी बात से मैं सकपका गया था,ना जाने क्यो लेकिन उसकी हर बात मुझे अच्छी लगती थी,ये भी की जब वो अपने आशिकों से बात किया करती थी,हा मेरी बीवी के आशिक थे एक दो नही कई जो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थे,लेकिन मेरी बीवी थी की उसे मेरे सिवा किसी और की फिक्र ही नही थी …

मेरे होठो में हल्की मुस्कान तैरने लगी …

“जलन तो होती है लेकिन फिर भी अच्छा लगता है जब देखता हु की तुम्हारा प्यार बस मेरे लिए है,और उन बेचारों के चहरे में मायूसी देखता हु...मेरे जीवन में सिर्फ तुम ही एक लड़की हो ,मैंने तो कभी कोई लड़की पटाई भी नही लेकिन तुम जिससे बात कर दो वो तुम्हारा दीवाना हो जाता है ,ऐसी बीवी है मेरी तो थोड़ा शो ऑफ तो बनता है..”

उसने झूठे गुस्से से मुझे मारा ..

“आप भी ना ……..”

लेकिन वो तुरंत ही गंभीर हो गई

“लेकिन अगर किसी से मुझे भी प्यार हो गया तो …”

उसकी बात सुनकर मैं भी गंभीर हो चुका था..

“तो मैं समझूंगा की मेरा प्यार कमजोर था..”

वो थोड़ी देर मुझे देखने लगी ..

“और अगर मैं बहक गई तो ….”

उसकी बातो का इशारा मैं समझ सकता था,

मैं भी गहरे सोच में डूब चुका था..

“मुझे नही पता ….”

मैं बस इतना ही बोल पाया …

उसने प्यार से निहारते हुए मेरे होठो पर अपने होठो को रख दिया ..

“ये साली मोना तो साड़ी में और भी कमाल लगती है ..

पिछवाड़ा तो देख इसका ”
Update 2
एक अजनबी आवाज को सुनकर मैं अचानक ही रुक गया,ये मोना की ऑफिस पार्टी थी और मैं उसके लिए ड्रिंक लेने गया हुआ था,

मैंने उन लड़को को घूरा जो मीना की ऐसी तारीफ कर रहे थे,कुछ लड़को का ग्रुप था जिनमे एक लड़का बहुत ही हैंडसम टाइप था,डोले शोले और अच्छी हाइट ने उसे और भी आकर्षक बना रखा था,लेकिन उसकी नजर अभी मोना के उन्नत पिछवाड़े पर ही टिकी थी साथ ही बाकी लोग भी उसे खा जाने वाली निगाह से देख रहे थे,मोना अभी अपने बॉस शर्मा जी से हँस हँस कर बाते कर रही थी इन सबसे अनजान की उसके ही ऑफिस के लड़के उसे ऐसी नजरो से घूर रहे है…….

लेकिन मेरे अंदर भी कुछ बदल रहा था,उन लोगो की बात का मुझपर दोहरा असर हो रहा था,एक तरफ ऐसा लगा की सालो के दांत तोड़ दु तो दूसरी तरफ मुझे एक उत्तेजना सी महसूस हुई ,मेरे साथ यही होता रहा है,जब भी मैं किसी को मोना को घूरते हुए देखता तो एक अजीब सी जलन और मजा मेरे अंदर घर कर जाता था,मुझे पहले पहल तो लगा की ये कोई रोग है लेकिन जब मैं इसके बारे में पता किया तो पता चला की ये एक कामन सी चीज है जो हर मर्द में होती है,ज्यादा या कम मात्रा में,ये असल में जलन का ही एक रूप है जब आपकी कोई इन्फिरियरटी के कारण आप खुद को दुसरो से कम समझते है ,और जब कोई आपकी प्रोपर्टी की तरफ देखता है तो कुछ नही कर पाने का दुख उमड़ता है,लेकिन मन धीरे धीरे इसमें मजे लेने लगता है,मर्दानगी का ईगो आपमे जलन पैदा करता है और साथ ही अवचेतन में छुपी हुई कुछ कुंठाये आपके भीतर एक उत्तेजना का संचार भी करती है,ये जितना नार्मल है उतना ही एबनार्मल भी है……

मैं इन सब से सालो से जूझता रहा और मुझे एक ही रास्ता दिखा की मैं मोना को ही ये फैसला करने दु की उसे क्या चाहिए,मैं किसी भी तरह से उसके ऊपर कोई भी फैसला थोपना नही चाहता था,अगर मैं ऐसा करता तो मेरे मन में ही अंतर्द्वंद की स्तिथि उमड़ जाती ……

मैं अपने ख्यालों से सम्हलता की वही हट्टा कट्टा लड़का बोल उठा,

“शर्मा इसकी लेता है क्या कैसे हँस हँस कर बात कर रही है..”

सभी लड़के मुस्कुरा उठे,

“नही यार साला बुड्डा ठरकी तो है लेकिन इसे नही पटा पाया,साली बड़ी नखरे वाली और तेज है लड़को को घुमा कर छोड़ दे “

उस लड़के की आंखों में एक अजीब सा नशा चढ़ गया

“तब तो ये मेरे लायक है ..”

वो बड़े ही शान से बोला ..

मैं चलता हुआ मोना तक पहुच मुझे देखकर शर्मा जो की जोरो से हँस रहा था,उसकी हँसी थोड़ी कम हो गई जैसे झेंप गया हो या मेरा आना उसे पसंद नही आया हो …

“कैसे हो अभी..”

“अच्छा हु सर ,नाइस पार्टी भाभी जी नही दिख रही “

मेरी बात सुनकर उसका चहरा पूरी तरह से उतर गया..

“होंगी यही ओके तुम दोनो एन्जॉय करो मैं बाकी के गेस्ट से मिलता हु ..

”

उसके जाने के बाद मोना ने और मैंने एक दूसरे को घूरा और हँस पड़े ,

“साला ठरकी ,अच्छा हुआ की तुम जल्दी आ गए नही तो इसे सम्हालना बहुत मुश्किल हो जाता है ,साला चिपके ही जाता है “

मोना की चंचल हँसी को मैं बस देखता ही रह गया…

वो सच में कमाल की लग रही थी ,मादकता उसके जिस के हर हिस्से से फूटे जा रही थी ,1 साल हो चुके थे हमारी शादी को लेकिन जब भी उसे देखता था पता नही साला मेरा बाबूराव ऐसे क्यो अकड़ जाता था,मेरी हवस भरी निगाहों को वो आसानी से पहचान गई ..

“यंहा तो सब्र करो,अपनी भी बीवी को ऐसे घूर रहे हो..”

उसके आवाज में थोड़ी मस्ती थी ,

“तुम हो ही ऐसी ,सोचो मेरा ये हाल हो रहा है तो दुसरो का क्या हो रहा होगा,उस बेचारे शर्मा का क्या दोष और उन लड़को का जो तुम्हे देखकर आहे भर रहे है ..”

उसने अपनी आंखे बड़ी कर ली

“कौन लड़के ??”

मैंने हल्के आंखों से उन लोगो की तरफ इशारा किया,वो भी बहाने से पलटी ..और फिर मेरी तरफ देखने लगी ,

“ये साले ऑफिस के ठरकी लोग है ,इनका काम ही यही है,हा लेकिन वो नया लड़का थोड़ा अलग है ,उसमे एक बात है..हैंडसम भी है ..”

उसने थोड़ी शरारत फिर से दिखाई,उसे भी मुझे थोड़ा जलाने में मजा आता था,मैंने आंखों में ही पूछ लिया की वो किसकी बात कर रही है,

“चलो मिलावाती हु ..”

वो मुड़ी और थोड़े ही देर में हम उन्ही लड़को के पास थे..

“हाय कैसी चल रही है तुम लोगो की पार्टी..शर्मा कभी कभी तो मेहरबान होता है,फोकट की दारू ज्यादा मत पी लेना ..”

मोना का अंदाज बहुत ही फ्रेंडली था,मैं भी थोड़े आश्चर्य में था की ये वही लड़के है जिन्हें ये अभी गालियां दे रही थी ..

“ओह इनसे मिलो मेरे पतिदेव अभिषेक ..”

मोना ने मेरा सभी से परिचय करवाया और सभी ने बड़े ही अच्छे ढंग से मुझसे हाथ मिलाया ,लेकिन आखिर में ..

“और ये है हमारे ऑफिस के नए मेंबर राज ,अभी अभी आया है..”

ये वही लड़का था जिसके बारे में मोना ने मुझसे कहा था,और साथ ही वो जो मोना को पटाने की बात कर रहा था,साला था तो दिखने में बेहद से हैंडसम ,लेकिन उसकी बात सच हो पाएगी या नही ये मैं नही कह सकता क्योकि मैं मोना को जानते हुए भी नही जानता था,उसका अंदाज जितना बिंदास था ,अदाएं उतनी ही कातिलाना लेकिन दिमाग उससे भी ज्यादा तेज ,किसी लड़के की वो फेंटेसी हो सकती थी लेकिन उसे पाना कोई आसान काम तो नही लगता….

पार्टी अपने सबाब पर पहुच चुकी थी और मोना के साथ साथ मैं भी कुछ ड्रिंक्स अंदर कर चुके थे,मोना पीने के बाद और भी मतवाली हो जाती है,वो दुनिया की फिक्र भूल कर मेरे साथ डांस करने लगी,लगभग सभी डांस फ्लोर में आ चुके थे…..

मैंने मोना को कस रखा था और कभी कभी उसके जिस्म को मसल भी देता था,उसकी आंखों में भी वासना की लहरे नाचने लगी थी,लेकिन अभी हम इसे कम नही करना चाहते थे,आज तो बिस्तर में भूचाल आना तय था लेकिन अभी उसे आग और भड़काने का दिल था……..

“मुझे एक और ड्रिंक चाहिए “मोना मेरे कानो में चिल्लाई

“कितना पीयेगी बेवड़ी “

मैं उसके कानो में चिल्लाया और वो खिलखिला के हँस पड़ी ..

“प्लीज़ जान “वो फिर से चिल्लाई और मैं मुस्कुराते हुए उसके लिए ड्रिंक लाने चला गया,डांस फ्लोर में अंधेरा था लेकिन डांस लाइट के कारण उजाला और अंधेरा बार बार हो रहा था,कभी जैसे आधे सेकंड के लिए रोशनी हो जाती फिर से आधे सेकंड का अंधेरा ..

मैं बार में खड़ा हुआ अपने पैक का इंतजार कर रहा था,और मेरी निगाहे अभी भी मोना पर थी जो अभी भी मस्त हुई नाच रही थी ,तभी किसी ने उसे पीछे से जकड़ लिया,वो कोई नही राज था,उसने मोना के कानो में कुछ कहा वो पलटी और उसे देखकर हँसने लगी,दोनो साथ डांस कर रहे थे …….

लेकिन अभी तक कुछ भी गलत नही लगा लेकिन राज ने अपने हाथ आगे बढ़ाये और मोना की कमर को सहलाने लगा,मोना नशे में थी या शायद उसे उसके ऐसा करने में कोई आपत्ति नही थी ,उसकी कोई प्रतिक्रिया नही आयी और राज ने उसे थोड़ा और अपने पास खिंचा,मेरी मतवाली और मदहोश बीवी के साथ उस खूबसूरत मर्द को देखकर एक अजीब सा अहसास मेरे अंदर आ गया,मैं कोई प्रतिक्रिया नही कर रहा था लेकिन एक उत्तेजना मेरे अंदर बढ़ रही थी,मेरा लिंग अकड़न खा रहा था,तभी राज ने मोना को और जोरो से अपने करीब खिंच लिया ,और उसके कानो में कुछ कहने लगा,मोना हंसते हुए उसके सीने में एक मुक्का मार गई ,दोनो के चहरे बेहद करीब थे ,राज का हाथ मोना के कमर को जकड़े था जो उसकी साड़ी के कारण खुला हुआ था,सीधे चमड़ी का स्पर्श राज के अंदर क्या भावना जगा रहा होगा ये तो मुझे नही पता लेकिन मेरी हालत खराब थी ,मैं बेहद ही उत्तेजित महसूस कर रहा था,मैंने अपनी बीवी को किसी मर्द के इतने पास कभी नही देखा था…

मेरी ड्रिंक्स आ चुकी थी और मैं उसे लेकर फिर से मोना की तरफ बढ़ा,राज में मुझे आते देख लिया और वो मोना से थोड़ा दूर हो गया,मैंने मोना को उसकी ड्रिंक दी और राज को एक हल्की स्माइल वो झेंपा लेकिन मुस्कुराता हुआ हमसे अलग हो गया…

ड्रिंक खत्म होने के बाद मैं मोना से चीपक चुका था,मोना मेरे सीने में अपना सर रखे हुए थी और मैं उसे अपनी बांहो में भरा हुआ था,गाना भी रोमांटिक चल रहा था और मोना भी नशे में चूर हो चुकी थी……

“क्या हो रहा था उसके साथ “

मैंने हल्के से उसके कानो में कहा,वो मुझसे थोड़ी और चीपक गई

“बस थोड़ी मस्ती ,आपको कोई ऐतराज तो नही …”

मैं उसका चहरा देखने उससे थोड़ा अलग हुआ ,उसके होठो में एक नशीली सी मुस्कान थी जैसे कह रही हो की देखो मैं कितनी कमीनी हु…

“फिलहाल तो

घर चलो तुम्हारी पूरी मस्ती निकलता हु “वो खिलखिलाई और हम दोनो के होठ मिल गए

घर आकर हमने जोरदार सेक्स किया,आज मोना बेहद ही उत्तेजित लग रही थी वही हाल मेरा भी था,मेरे सामने बार बार मोना और उसके चाहने वाले राज का चहरा घूम रहा था,जब राज ने मोना के कमर में हाथ डाला था वो सीन ही मुझे उत्तेजित कर दे रहा था….

Update 3
“गुड मॉर्निंग बेबी “

सुबह सुबह जब नींद खुली तो ये प्यारी सी आवाज मेरे कानो में आई..मोना का खिला हुआ चहरा मेरे आंखों के सामने था,वो मुझसे लिपट गई उसके बाल भीगे हुए थे और शरीर से हल्के इत्र की खुश्बू आ रही थी ,

“कल जो भी हुआ उसके लिए सॉरी जान ,शायद मैं ज्यादा पी गई थी “उसने मुझसे सटते हुए कहा

“लेकिन बहुत एक्साइटिंग था,कसम से कल का सेक्स मैं कभी नही भूलूंगा “

मैं मोना के कमर को और जोरो से अपने ओर खिंचने लगा,वो मेरे आंखों में देख रही थी ,

“आप ठरकी हो ये तो पता था लेकिन इतने हो ये नही पता था,इन पोर्न वेबसाइट्स और कहानियों ने अपका दिमाग खराब कर रखा है..”वो गुस्से में थी लेकिन होठो में मुस्कान लेकर ..

मैं भी हँस पड़ा ,

“सच में आपको गुस्सा नही आया ??”

“आया ना,लेकिन मजा भी आया ,ये वैसे ही था जैसा तुमने हमारी सुहागरात वाली रात को कहा था,की दर्द तो हुआ लेकिन मजा भी आया,तो बात इसपर डिपेंड है की ज्यादा गुस्सा आया की मजा ”

हम दोनो ही हँसने लगे ..

हमारे बीच ये बात जितनी छिपी हुई थी उतनी ही उजागर भी थी की मुझे उसके किसी और मर्द से संबंध से कोई आपत्ति नही है ,

उसे तैयार होते हुए देखकर ना जाने कितने सवाल मेरे मन में आ रहे थे,मैं यही सोच रहा था की आज वो राज का सामना कैसे करेगी,या राज शायद आज उसपर और भी ज्यादा लाइन मारेगा..

वो रोज से ज्यादा खूबसूरत लग रही थी और जाते हुए उसने मुझे जो शैतानी मुस्कान दी थी उससे लगा था की कुछ तो होने वाला था,

मैं अपने ऑफिस में बैठा था,एक क्राइम एनालिस्ट की जॉब जितनी एक्साइटिंग लगती है उतनी ही बोरिंग भी होती है ,अधिकतर समय मेरे पास कोई काम नही होता था,और जब होता तो क्या दिन और क्या रात…

मैं अपनी फेवरेट वेबसाइट में कुछ स्टोरी पड़ने लगा,मुझे उससे कुछ आइडियाज मिले की कैसे एक पति अपने पत्नी के पास काम के वक्त फोन करता है ,मुझे खुद पर हँसी भी आ रही थी की मैं ये क्या पागलपन करने में लगा हुआ हु…

लेकिन फिर भी मैंने मोना को काल लगाया ..

“हैलो आज इस वक्त सब ठीक तो है ना “मैं उसे ऑफिस टाइम में तब ही फोन करता था जब मेरे पास कोई केस आ जाता था,या मुझे बाहर जाना होता या कोई इम्पार्टेंट काम होता ,

“बस सोच रहा था की आज राज का क्या रिएक्शन रहा होगा..

”वो चुप तो थी लेकिन उसकी हल्की हँसी की आवाज मेरे कानों में पड़ रही थी ,

“आप सच में पगला गए हो ,चलो आपको तो कोई काम है नही लेकिन मेरे पास बहुत काम होता है ,”

“अरे मेरी जान कुछ तो बताओ “

“क्या …?क्या बताऊँ बस साला अजीब से घूर रहा था और पास आने की बात करने की कोशिस कर रहा था लेकिन मैंने उसे कोई चांस नही दिया ,अब वो अपना काम कर रहा है और मैं अपना और आप भी अपना काम करो ,जासूस हो लेकिन अब अपनी बीवी की जासूसी करने में मत लग जाओ “वो खिलखिलाई और मैंने भी उसे प्यार से लव यू बोलकर फोन रख दिया,लेकिन जाने अनजाने मोना ने मेरे दिमाग में एक दूसरे आईडिया को जन्म दे दिया था,मोना की जासूसी ….

“अभिषेक सर sp साहब बुला रहे है “एक कांस्टेबल मेरे कमरे में आया

“हा आता हु,”मैंने राहत की सांस ली की चलो मुझे भी कोई काम मिल गया

*********

“यार अभी हाई प्रोफ़ाइल केस है कोई मंत्री भी इन्वाल्व हो सकता है ,मीडिया में बात पहुची तो बात बिगड़ जाएगी ,हमे भी इसे सम्हालना है लेकिन शांति से “मैं अपने जिले के क्राइम SP आर. के. ठाकुर साहब को देखता हुआ गंभीर हुआ जा रहा था ..

“सर लेकिन ये बड़ा मामला लगता है हमारे जिले तक सीमित नही है “

“साले चूतिये इसीलिए तो हमे दिया गया है ,तुम हेडक्वार्टर में बैठते हो इसका मतलब समझते हो ,तुम पूरे राज्य में कही भी इन्वेस्टिगेशन कर सकते हो ,अब फाइल उठाओ और अपनी टीम तैयार करो ,मैं चाहता हु की तुम ही इसे लीड करो और मुझे रिपोर्ट करो ..”

मैं हा बोलकर तो निकल गया लेकिन अपना माथा पकड़कर अपने केबिन में बैठ गया,साल ये क्या झंझट आ गई थी ,जो जांच किसी IAS या IPS की टीम को करना था मुझे पकड़ा दिया था,मैं एक ASP रेंक का अधिकारी था जिसके पास उतनी पॉवर नही होती की किसी मंत्री की जासूसी करे ,लेकिन फिर भी मैंने वो आदिवासी लैंड स्कैम की फाइल खोली और देखने लगा और देखते ही देखते मेरे आंखों की चमक भी बढ़ने लगी ….

Update 4
हल्के मध्यम रोशनी से पूरा कमरा जगमगा रहा था,हवा में उड़ाती हुई खुशबू ने मेरे नथुनों को भर दिया,मैं आश्चर्य से भर गया जब मैं घर में घुसा,अभी मोना कही दिखाई तो नही दी लेकिन मोहोल को देखकर जरूर लग रहा था की आज मोना रोमांस के फूल मुड़ में है ,मैं धीरे से जब अपने कमरे में पहुचा तो पाया की वो बाथरूम में है और साथ ही बेड में पड़े उसके उत्तेजक लिंगरिस ने ये बात कन्फर्म कर दी थी की आज वो जलवे बिखेरने वाली थी ,मैंने उन लिंगरिस को देखा वो बिल्कुल ही नए थे जैसे पहली बार आज ही उनका इस्तेमाल होने वाला हो,वो बहुत ही मुलायम थे इनके मुलायम की उन्हें छूते ही मेरा लिंग अकड़न खाने लगा,मैं जल्दी से अपना बेग फेंककर बाथरूम के दरवाजे के पास पहुचा दरवाजा खुला हुआ था मैं अंदर दाखिल हो गया,मोना अंदर बिना किसी कपड़े के शावर के नीचे खड़ी हुई थी ,मैंने भी जल्दी से अपने कपड़े फेके और पीछे से उसे जाकर अपनी बांहो में भर लिया..वो मुस्कुराई लेकिन कुछ नही कहा ..

“मेरी जान बड़ी मूड में लग रही हो ..”वो हल्के से हँसी

“और आप हमेशा की तरह जल्दबाजी में ..”वो खिलखिलाई

“कभी तो थोड़ा सब्र करो ,भाग थोड़ी ना रही हु,इतना इंतजाम किया है और आप यही शुरू हो जाओगे,”उसका गीला हाथ मेरे लिंग पर था,सच में मैं यही सोच रहा था की कभी अकड़े हुए लिंग को उसकी गीली योनि में घुसा ही दु ,लेकिन उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा खुद पर कंट्रोल पाने की सोची..

“ऐसे भी मेरे पास कुछ ऐसी खबर है की आप आज रात धमाल मचा दोंगे,पानी गिर गया तो फिर खबर का मजा नही आएगा ..”वो फिर से अपनी चिर परिचित अंदाज में खिलखिलाई और झट से टॉवेल उठाकर बाहर निकल गई ..

उसकी बात सुनकर मेरे दिल की धड़कने बढ़ गई थी ,मेरा पेशा ही ऐसा था की मैं एक साथ कई पॉसिबिलिटी के बारे में सोचता था उसमे एक ये था की उसने राज के साथ कुछ किया तो नही ,या शर्मा …

शायद वो मुझे ये बताना चाहती थी क्योकि उसे पता था की उसके दूसरे के साथ किये हरकत मेरे लिंग में हरकत पैदा कर देते है …

उसके साथ ही मैं अपने दिल को सहलाता हुआ बाहर निकला और जल्दी से एक शार्ट पहन लिया ,मेरी उत्तेजना की शिखर ये था की लिंग शार्ट को मानो फाड़कर बाहर आना चाहता था,एक तंबू साफ साफ दिख रहा था,

उसने एक झीनी सी नाइटी पहनी और उसके ताजे अंतःवस्त्र उसमे से झांकने लगे …

मैंने उसे फिर से जकड़ लिया था मेरा लिंग उसके कूल्हे में गड़ा जा रहा था ,साला सोने का नाम ही नही ले रहा था…

“ओहो चलो खाना तो खा लो “

“मुझे तो बस तुम्हे खाना है ,”मैं उसके गर्दन को चूमने गला वो मचली और तेजी से मुझसे अलग हो गई उसके होठो में शरारत भरी मुस्कान थी ,

“अगर ऐसा किये ना, तो कोई बात नही बतलाऊंगी “वो हसंते हुए बाहर निकल गई और खाना टेबल में सजाने लगी,मैंने अपने लिंग को सहलाया ..

“थोड़ी देर सब्र करले बेटा नही तो कुछ भी नही मिलेगा “

खाना बड़ी मुश्किल से अंदर जा रहा था,आज मैं उसी चुद में जाने को इतना बेताब था जिसे मैं साल भर से चोद रहा था,

हवसी तो मैं पहले से था लेकिन लग रहा था की अपनी फेंटेसी की वजह से मेरी पुरानी हवस फिर के जाग गई है और बड़ी जोर से जागी है …

पूरे खाने के दौरान मोना ने मुझे अपने से दूर ही रखा और मैं उसे देखकर अपना लिंग मसलता रहा,मुझे लगा की साला आज तो ये अंदर जाए बिना ही झड़ जाएगा …

मैं अपनी हवस को काबू पाने के लिए थोड़ा इधर उधर चल रहा था,जब ये कम नही हुई तो मैं अपने पंचिंग बेग को मारने लगा,मोना अब भी किचन में थी…

जब वो बेडरूम में आयी तो मुझे देखकर हँसने लगी..

“पूरी ताकत यही निकाल दोगे क्या ..”उसे पता था की जब मैं ज्यादा जोश में आता था और मुझे उसका साथ नही मिलता था तब मैं अपनी उत्तेजना को कम करने के लिए पंचिंग बेग को मारा करता था,खासकर उसके परेड वाले टाइम में मैं कई घण्टे तक उसे मरता थक जाता था लेकिन फिर मोना की टांगो को देखकर उत्तेजित हो जाता,आखिर उस बेचारी को अधिकतर मेरा लिंग अपने मुह और हाथो से मसल कर झडना पड़ता था,कुल मिलाकर मैं हवसी था जिसे मोना जैसी समझदार लड़की ही अपने प्यार से मैनेज कर पाती थी …

मैं तुरंत ही उसके ऊपर कूद गया ,उसकी आंखों को देखकर थोड़ा शांत हुआ,और उसके होठो को अपने होठो में भर लिया..

जब सांसे फूलने लगी तो हम अलग हुए ..

“क्या बताना चाहती थी “

मैं थोड़ा शांत हो चुका था ,

“आज राज से बात की “मेरी आंखे बड़ी हो गई और लिंग ने फिर से फुंकार जोरो से मार दी ,मैंने अपने लिंग को इतने जोरो से सहलाया की वो हँस पड़ी ..

“क्या तुम भी बस इतनी सी बात पर ऐसा खड़ा कर रहे हो पहले पूरा तो सुन लो “

मैं अधीरता से उसे देखने लगा ..

वो मुस्कुराते हुए मेरे सीने से लग गई ..

“जान सच में वो बहुत हैंडसम है ,आज उसके साथ ही लंच किया ,पूरे ऑफिस की लडकिय उसकी दीवानी है ..सोच रही हु आपकी बात मान ही लू .

”

उसने आखिरी लाइन को थोड़ा मजाकिया अंदाज में कहा था लेकिन मेरे लिए इतना भी काफी था मैंने उसे झट से नीचे लिटा दिया और उसके ऊपर टूट पड़ा ,पहले तो हंसती रही लेकिन फिर वो सिसकियां लेने लगी ,मैं उसके पूरे बदन को अपने थूक से गीला कर रहा था,

उसे भी पता था की मेरी इस उत्तेजना का कारण क्या है लेकिन हवस थोड़ी ही देर में प्यार की शक्ल लेने लगा,जिस चहरे को सालो से देख रहा था वो रोज मुझे कुछ नया ही लगता था,हर नजरिये के साथ साथ नजर भी बदलते जाती है ,

वो इतनी मासूम लग रही थी की मुझे खुद पर भी थोड़ा गुस्सा आने लगा की मैं उसे कहा फसाना चाह रहा हु ,लेकिन हमे पता ताकि ये बातो तक तो ठीक है लेकिन असली जीवन में ये हुआ तो उसका सामना करना हमारे लिए बेहद ही मुश्किल होगा…

उसने मेरी आंखों में झांका मैं अभी भी उसके आंखों में डूबा हुआ था,उसकी आंखे थोड़ी पनियाई जैसे पहले पहले प्यार में अक्सर होता है,शायद ये थोड़ी मोड़ी शरारतें हमारे प्यार को कभी बूढ़ा होने नही देंगी,हम आज भी उसी नए जोड़े की तरह एक दूसरे के साथ व्यव्हार करते थे जैसा की शादी के समय किया करते थे,वो आज भी मेरी आंखों में प्यार देखकर इमोशनल हो जाती थी और आज भी मैं उसकी आंखों में पानी देखकर उसके प्यार में और उतर जाता था,

मैंने अपने होठो को उसके आंखों पर लगा दिया,उसका पानी मेरे होठो से मेरे मुह में चला गया था,उसके होठो पर हल्की मुस्कान खिली और हमारे होठ फिर से मिल गए,मन शांत होने लगा और हवस ने हारकर प्यार का रूप ले लिया,कपड़े खुलते गए और हम एक दूजे में सामने लगे,मन और भी शांत हो रहा था,उत्तेजना बढ़ रही थी लेकिन शरीर के तल पर ही वो मन को नही जला पा रही थी,शरीर के तल पर दोनो ही मिल चुके थे ,सांसे भी एक दूसरे में घुलने लगी थी और मन भी ,..........

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Update 5
मेरी आंखों की पट्टी खुली जिसे पिछले एक घंटे से मेरे आंखों में लगाया गया था,मेरे सामने एक गोरा और लंबा चौड़ा उम्रदराज शख्स एक बड़े से सिंहासन नुमा कुर्सी पर बैठा हुआ था,उसने काले रंग का पठानी शूट पहना था,एक घंटे पहले एक अनजान काल आया था,जिसने मुझे केस से जुड़े सबूत देने के लिए मुझे मेरे ऑफिस के पीछे एक सफेद वेन में बैठने का निर्देश दिया,वँहा दो मुस्कन्डो ने मेरे आंखों में पट्टी बांध दी थी जो अब खुली ….

मुझे एक कुर्सी में बिठाया गया था और मेरे सामने बैठा शख्स मुझे देखकर मुस्कुरा रहा था..

“ASP साहब बहुत सुना है आपके बारे में ,आपके दिमाग की चर्चा हर जगह होती है ,सपना मर्डर केस,5 दिन में सॉल्व ..वाओ..KTS बैंक घोटाला,1 महीने में सभी आरोपी सबूत के साथ पकड़ लिए अपने,और सबसे ज्यादा चर्चा में रहे चिट फंड घोटाले के उजागर में..बड़े बड़े दुश्मन खड़े कर लिए अपने,लेकिन डरे नही और आखिर आपके केरियर का सबसे बड़ा केस आदिवासी लेंड स्कैम ….

”

मैं उस कमरे को और उस शख्स को ध्यान से देख रहा था,और वो मुझे देखकर मुस्कुरा रहा था..

“आप सोच रहे होंगे की ये कौन है और आपको किस जगह लाया गया है लेकिन फिक्र मत कीजिए आप सुरक्षित है …”

अब उसके बात से मेरे होठो में मुस्कान आ गई ..

“जंहा तक इस जगह कि बात है तो आपके ड्राइवर सच में बड़े चालाक है ,उन्होंने मुझे पूरा शहर घुमा दिया लेकिन MG रोड में नए लगे स्पीकर में बजते हुए रेडियो ने मुझे फिर से सतर्क कर दिया,फिर एक किलोमीटर चलने के बाद उन्होंने राइट टार्न लिया मैं उस सकरी गली के शोर को सुन सकता था जो की मस्जिद के पास खत्म होती है ,और फिर सीधा जाकर VIP रोड में मिल जाती है ,VIP रोड की शानदार सड़क में 5 किलोमीटर चलने के बाद फिर से एक लेफ्ट टर्न फिर वो उबड़ खाबड़ रोड जो नए बन रहे मॉर्डन टाउन जाने का शॉर्टकट है,लेकिन हम वँहा गए नही क्योकि 500 मीटर के बाद ही गाड़ी फिर से राइट मोड़ी गई और एक अच्छे सड़क में आ गई ,ऑफकोर्स ये तो हाइवे था,आपके ड्राइवर ने आधे घंटे के रास्ते को एक घंटा बनाने की कोशिस कर दी और फिर हमे ले आया शहर में फिर से मस्जिद के पास की पीछे वाली गली में ,अजान की आवाज और दुकानों से आती हुई लोभंग की खुशबू ने मुझे समझा दिया की मैं खान बाड़ी में हु ,जब सकरे रास्ते से होती हुई ये एक बड़े से मैदान जैसी जगह पर आ गई ,स्वाभाविक है ये खान बाड़ी की वो प्रसिद्द चाल है जंहा आने से पुलिस भी डरती है और रही तुम्हारी बात तो तुम इस चाल के मालिक असलम खान के बेटे होंगे,लेकिन मेरी चिंता की बात बस ये है की तुम्हे तो इस समय दिल्ली में होना था,क्योकि तुम्हारे पिता की मौत के बाद तुम्हारा गिरोह और परिवार दोनो ही बिखर गया था,मतलब की तुम फिर से अपने गिरोह को सक्रिय करने में लगे हो,अब मेरी फिक्र बस ये है की तुमने मेरे आंखों में पट्टी क्यो बंधी और अपनी पहचान छुपाने की कोशिस क्यो की ,इसका मतलब है की तुम दुनिया के सामने नही आना चाहते,क्योकि इस शहर में तुम्हारे पिता के दुश्मन तुमसे कही ज्यादा पावरफुल हो चुके है,और किसी को अगर भनक भी लगी की तुम यंहा फिर से आ गए तो …..”

उसके चहरे में पसीना छलक आया ..

“मैंने जितना आपके बारे में सुना था आप तो उससे भी ज्यादा तेज निकले ..”उसने घूरकर अपने ड्राइवर की ओर देखा जो आंखे फाडे हुए मेरी बात को सुन रहा था..

“कोई बात नही ये तो मेरा काम ही है,ऐसे तुम्हारे बारे में अभी तक इंटेलिजेंस को पता नही चल पाया ..ऐसा क्यो..??”

“मैं कुछ ही दिनों पहले यंहा आया हु,और साथ ही इसे बस मिलने जुलने के लिए यूज़ कर रहा हु ,मेरा असली ठिकाना कही और है,अभी तक किसी को नही पता की मैं असलम का बेटा हु ...क्योकि मैं हमेशा दिल्ली में ही रहा था,”

“ह्म्म्म अब काम की बात कर ले..

”मैंने उसे घूरा ,वो थोड़ी दहशत में लग रहा था,

“साहब आपके और मेरे दुश्मन एक ही है मैं इस केस में आपकी मदद कर सकता हु ,और आपको देख कर लग रहा है की आप उन सभी को जेल भिजवा देंगे …”

उसकी बात सुनकर मैं थोड़ी देर के लिए शांत हो गया क्योकि अभी तक मैंने कोई कारवाही शुरू नही की थी और मुझे बस शक था किसी पता यकीन के साथ नही कह सकता था की ये ही गुनहगार है,

“मुझे जंहा से भी मदद मिले वो ठीक है ..ऐसे तुम्हारा नाम क्या है ..”

वो मुस्कुराया

“इतने बड़े जासूस हो खुद ही पता लगा लो ..”

उसकी बात सुनकर मैं मुस्कुराया

“ठीक है अब्दुल मैं ही पता लगा लूंगा “अब वो चकराया ..

और मैं हँस पड़ा ..

“एक बार तुम्हारे पिता बातो ही बातो में तुम्हारा नाम बोल गए थे,मैंने तभी से उसे नोट कर लिया था,वो भी कभी नही चाहते थे की तुम इन सब में पड़ो ,लेकिन अब पड़ ही गए हो तो सतर्क रहना ,हमारे बीच दोस्त कर और दुश्मन ज्यादा है …”

इस बार हम दोनो का ही चहरा गंभीर था….

Update 6
पूरी केस फाइल पढ़ने के बाद मै गहरे सोच में डूबा हुआ था…

‘मल्टी नेशनल कंपनी को टेंडर ,1500 आदिवासी विस्थापित लेकिन कई मौतें,कई पुलिस के जवान शाहिद ,”मैंने एक गहरी सांस ली और वो आने लगा जो हमेशा ही फसने पर मैं करता हु ,आंखे बंद कर अपने को ढीला छोड़ दिया,मन में एक एक कर विचार आने लगे और कई आवाजे एक साथ गूंजने लगी …

‘मैं आपकी मदद करूंगा…..हाई प्रोफ़ाइल केस है…..JS ग्रुप ऑफ कंपनी…...मंत्री जी का अकाउंट कैसे चेक कर सकते हो ...क्या माल है ना यार मोना..ऐसे वो हैंडसम तो है…….नही राज आह...राज मैं तुम्हारी हु….साली साड़ी में तो बवाल लगती है,पिछवाड़ा तो देख इसका ……...आई लव यू जान…….अभी...अभी...तुम ठीक तो हो ना …”

मुझे किसी ने झकझोरा ..वो मोना थी...जो अभी अभी ऑफिस से आयी थी …

“हम्म ठीक हु …”मेरे माथे पर पसीना था…

“चलो छोड़ो आज तुम्हे एक मस्त बात बताऊंगी की तुम्हारा मूड बन जाएगा ..”

उसके चहरे में लालिमा खिल गई लेकिन मेरे चहरे को देखकर फिर से उड़ गई,

“क्या हुआ तुम्हे ..”

“कुछ नही यार आज मूड ठीक नही है ..

”

“कुछ दिनों से बहुत परेशान दिख रहे हो,पहले तो मेरे ऊपर खुद ही पड़ते थे और अब देखते भी नही ,”

वो थोड़ी गंभीर हो गई थी ऐसे उसे पता था की जब मैं किसी केस में बहुत ही बिजी हो जाता हु या फंस जाता हु तो बहुत ही टेंसन में रहता हु लेकिन इस बार बात कुछ अलग थी ,पहले मैं कुछ ही दिनों में नार्मल हो जाया करता था लेकिन इस बार पूरा महीना हो चुका था,हमारी सेक्स लाइफ भी इससे प्रभावित होने लगी थी ,पूरे महीने में मैं 15 दिन तो बाहर ही रहा और बाकी के दिनों में 3-4 दिन ही हमारे बीच कुछ हुआ था,अब तो राज का नाम भी मेरे मन में उत्तेजना नही जगा पा रहा था,मोना मुझे खुश रखने की कोशिस तो कर रही थी लेकिन इस बार वो भी चिंता में पड़ गई थी …

“कुछ नही जान जानती हो ना केस के कारण परेशान हु ..’वो मेरी गोद में आकर बैठ गई ..

“साला ये भी क्या केस है मेरे ठरकी पति की पूरी ठरक ही मिटा दिया इसने “

मोना के बोलने का अंदाज ही ऐसा था की मेरे चहरे में एक मुस्कान उभर आयी,मैंने हल्के से उसके होठो को किस किया,मुझे भी इस चीज का अहसास था की मेरा काम हमारे बीच के संबंधों पर भी असर डाल रहा है और मैं ऐसा होने नही देना चाहता था…

“अच्छा बताओ क्या बताना चाहती हो …”

“छोड़ो आप थके हुए लग रहे हो ,..”

“अरे बता भी दो ..”

“जब मूड अच्छा होगा तो बताऊंगी,क्या मतलब की बात का कोई असर ही नही होगा तो ..”

“अरे यार तुम भी ..”

वो हँसी और अपना मोबाइल मेरे हाथो में पकड़ा दिया,

“इसका पासवर्ड तो आप जानते ही हो ना ,जासूस हो अब खुद ही पता कर लेना की क्या बताना चाहती थी ..”

वो हंसते हुए मेरे गोद से उठी और कपड़े चेंज कर बाथरूम में चली गई ,मैं थोड़ी देर तक सोचता रहा फिर अपना मूड बदलने के लिए मोना का मोबाइल उठाया ,मुझे समझ नही आ रहा था की आखिर वो मुझे क्या दिखाना चाहती थी की अचानक ही एक वाट्सप के मेसेज में मेरा ध्यान खिंचा ,राज के नाम से मेसेज आया था,उसकी dp में वो खुले बदन अपने 6 पैक दिखाते हुए फ़ोटो डाल कर रखा था,मैंने देखा की उन दोनो में बहुत सारी बाते हुई है ,अभी तुरंत का मेसेज था..

‘उस शर्मा को मैं मार डालूंगा साला कैसे घूरता है तुम्हे ..’

मेरा मूड थोड़ा खराब था इसलिए मैंने चुपचाप ही फिर से रख दिया और बाकी के मेसेज को पढ़ने की भी जहमत नही उठाई,इतना तो पता चल चुका था की इस एक महीने में दोनो काफी पास आ चुके थे,उनके बीच रोज बात भी होती थी लेकिन वो कहा तक पहुचे थे ये मुझे नही पता था ना ही जानने का ही मन हुआ,लेकिन फिर भी था तो मैं जासूस ही ,एक साफ्टवेयर मोना के मोबाइल में इंस्टाल कर दिया ताकि अपने मोबाइल में उस मोबाइल की गतिविधियों को देख सकू,मैं मोना को आजादी तो देना चाहता था और मेरी तमन्ना भी थी की उसके पीछे लड़के आशिकों की तरह घूमे लेकिन मैं उससे इस वफ़ा की आशा जरूर करता था की वो मेरे प्रति पारदर्शी रहे ….

मोना जब किचन से बेडरूम में आयी तो उसने अपना मोबाइल बिस्तर में रखे हुए देखा,मेरी इस उपेक्षा से उसका चहरा फिर से उदास हो गया,उसने तो सोचा होगा की उन दोनो की बात पढ़कर मैं हमेशा की तरफ उत्तेजित हो जाऊंगा ..

उसका चहरा देखकर मैं उसके पास जा खड़ा हुआ,और उसके हाथो को अपने हाथो में ले लिया,

“आई लव यू जान ,लेकिन मेरी भी मजबूरी है,मेरी थोड़ी भी गलती से कई जान जा सकती है ,और मैंने देखा की तुम राज के साथ खुल रही हो,और वो भी तुम्हारी केयर करने लगा है,लेकिन अब अभी खुलो कुछ खोलना मत ..”मेरे अधरों में आयी मुस्कान से उसका चहरा भी खिल गया,वो मेरे गले में झूल गई .

“आपकी ऐसी कामिनी बातो को मैं मिस करती हुई जान ,ये साले मेरे आशिक तो मुझसे ही इतना डरते है की कुछ गंदा नही बोलते,और अपने इसकी आदत डाल दी है ..”

वो खिलखिलाई वही स्वकच्छन्द हँसी जिसमे कोई राग द्वेष नही था,बिल्कुल निर्मल ..मैंने उसे अपने से सटा लिया ..

मेरे दिमाग में आया की मैं अपनी प्यारी बीवी के साथ ये क्या कर रहा हु ,मेरी चाहत को पूरा करने के लिए ही वो ये सब कर रही है..???

“तुम्हे ये सब करने की कोई जरूरत नही है,हा किसी दूसरे के साथ तुम्हे देखकर मैं उत्तेजित हो जाता हु लेकिन इसके लिए। मैं तुम्हे किसी शारीरिक और मानसिक या इमोशनल तकलीफ में नही डाल सकता...किसी के साथ संबंध बनाना सिर्फ शारीरिक नही होता,मानसिक और इमोशनल जुड़ाव भी आ ही जाता है,तुम कोई पेशे वाली नही हो जो बस देह का सौदा कर जाओ,मेरे कारण तुम्हे ये सब करने की कोई जरूरत नही है …”

मेरी बात सुनकर उसके आंखों में भी थोड़ा पानी आया और वो मेरे आंखों को ध्यान से देखने लगी ,वो हल्के से मुस्कुराई ,वो प्यार से भरी ही मुस्कान थी ,उसने अपने हाथो से मेरे गालो को सहलाया,..

“जानते हो मैं कभी इतनी खुस नही थी जितना की अपने मुझे शादी के बाद बना दिया,मैं एक पढ़ाकू और अंतर्मुखी लड़की थी जिसे अपने इतनी आजादी दी की मैं अपने आप को एक्सप्लोर कर सकू,आप ने मुझे इतना बदला है,आपने ही सिखाया की कैसे मैं किसी मर्द को अपने बस में कर सकू...कितने अजीब चीज है ना की जो ताकत मेरे पास हमेशा से थी उसे मैं ही नही जानती थी ,अपने ही बतलाया की मैं कितनी सुंदर हु ,और चाहूं तो क्या कर सकती हु,अपने मुझे जीवन में वो सम्मान दिया और दिलवाया जो मैं अपने बूते पर शायद कभी नही पा सकती थी,मैं उस ऑफिस में बस एक वर्कर बनकर रह जाती जिस ऑफिस में आज बॉस से लेकर चपरासी तक मेरे इशारे में कोई भी कदम उठाने से नही हिचकिचाते...

जान आप इन सबकी वजह से खुद को मत कोसो अपने मुझे ताकत दी है,सम्मान दिलवाया है,वो आजादी दी है जिसकी कल्पना कोई लड़की अपने पति से करती है,और सबसे बड़ी बात इतना प्यार दिया है,आई लव यू जान,मैं आपके बिना अधूरी ही रहूंगी,और आपके सिवा किसी पर दिल आ जाए ये हो नही सकता,और बात जिस्मानी रिस्तो की है तो आज तक आपके सिवा किसी की नही हो पाई ,और बात अगर उत्तेजना की है तो हा ये बात की मैं किसी और के साथ जिस्मानी हो जाऊ ये सिर्फ आपको नही मुझे भी उत्तेजित कर देता है ,तो खुद को ग्लानि में मत डालिये ,आपका काम बहुत ही प्रेशर वाला है और मैं आपको खामखा का कोई और प्रेशर नही देना चाहती,”

वो मुझसे लिपट गई और मैं उससे,जिस्म में कोई आग तो नही थी बस अहसास था एक दूसरे के होने का अहसास...मैं उसके बालो को हल्के हल्के ही सहला रहा था वही वो आंखे बंद किये मेरे कंधे पर ही लेटी थी...हमारे रिश्ते में आगे क्या होने वाला था इस बात की गारेंटी दोनो में कोई नही दे सकता था,मैंने उसे आजादी दी थी और उसने उस आजादी का सही उपयोग अपने केरियर को आगे बढ़ाने के लिए किया था,लेकिन मेरे मन में आने वाली भविष्य को लेकर कई दुविधा थी,क्योकि मैं कही ना कही ये जानता था की हमारे रिश्ते का ये नजरिया मोना को शिखर में भी पहुचा सकता है या एक रंडी की उपाधि भी दिला सकता है,क्योकि मेरे दिमाग में कल होने वाली पार्टी की बाते चल रही थी जिसमे मंत्री जी द्वारा मुझे इनवाइट किया गया था,आउर मैं जानता था की ये ना सिर्फ मेरे केस के लिए बल्कि हमारे रिश्ते के लिए भी एक टर्निंग पॉइंट होगा,अगर हम सम्हाले तो जीत सकते है वरना मैं सब कुछ हार भी सकता हु………

जासूस होने का यही फायदा था और यही नुकसान की आपको कई ऐसी चीजे भी पता होती है जो की पता होनी नही चाहिए…...

Update 7
मोना को सुबह ही मैंने जल्दी आने को कहा और मंत्री जी की पार्टी की बात बतलाई ,

वो बहुत एक्साइटेड थी ,वैसे भी मैं काम में इतना मसरूफ था की उसे कही घूमने भी नही ले जा पाता था,

शाम उसने एक नील रंग की साड़ी पहनी ,उसकी जवानी उसके ब्लाउज से बाहर आने को बेकरार लग रही थी और नीला रंग उसके गोरी त्वचा पर बेहद फब रहा था,माथे में लगा गहरा सिंदूर उसके सुहाग की निशानी थी और हाथो की घनी चूड़ियां उसे और भी प्यारा बना रहे थे,,उसने अपने घने वालो को खुला ही रखा और जो उसके कमर को छू रहे थे,कमर में उसने मेरी सुहागरात में दिया हुआ पतला चांदी का करधन पहना,जो की उसके पतले और साड़ी से झांकते पेट को और भी मादक बना रहा था,..

कुल मिलाकर वो किसी भी मर्द को आकर्षित कर देने को तैयार थी,हल्की गंध वाली परफ्यूम से महकती हुई वो मेरे पास आयी …

“किस पर जादू चलाने वाली हो “

उसकी आंखे चंचलता में मचली ..

“सभी पर “वो खिलखिलाई और मैंने उसे जोरो से जकड़ लिया उसके होठो को चूसने लगा,थोड़ी देर के बाद ही उसने मुझे झूठे गुस्से से देखा

“पूरी लिपिस्टिक ही खराब कर दी “

वो फिर से टचअप करने लगी,मैं भी अपनी तैयारी करने लगा,मैंने वो फाइल उठा ली और एक बार फिर से उसे सरसरी निगाहों से पढ़ा..और फिर अपने बेग में डालकर चलने लगा..

“इतना काम मत किया करो “

वो फिर से मेरे गले लग गई..

“बस थोड़ी और जानकारी फिर काम हो गया,लेकिन सबसे मुश्किल काम यही है “

वो मुस्कुराई

“आप पर मुझे पूरा भरोषा है ..”

*************

पार्टी एक होटल के गार्डन में रखी गई थी, मेरे सभी ऑफिसर वँहा मौजूद थे ,मुझे मंत्री ने इस्पेसली बुलाया था ,

मैं जानता था की क्यो,शायद मुझे धमकाने के लिए या सौदा करने के लिए …?

हम सभी से मिल रहे थे,सभी मुझसे ज्यादा तज्जवो मोना को दे रहे थे,

“आओ अभी केस कैसा चल रहा है”

SP साहब भी मिल गए..उन्होंने भी मोना को ऊपर से नीचे तक देखा लेकिन मेरा लिहाज रखा ..उसे बस हाय बोलकर मेरी ओर देखने लगे..

“बस नजदीक हु सर ,लेकिन मंत्री जी ..”

sp साहब ने आंखों में ही मुझे चुप करा दिया ..

“पागल हो गए हो क्या ,ये उनकी ही पार्टी है भूलो मत ...मुख्यमंत्री भी आये हुए है ,कुछ उल्टा सीधा का तो तुम सीधे सस्पेंड समझे,सम्हाल कर बोलना जो भी बोलना है “

मोना उनकी बातो से जरा सहमी लेकिन मेरे लिए ये कोई नई बात तो नही थी ..

आखिर मंत्री साहब भी मिल ही गए ,

“आओ आओ अभिषेक कैसे हो ,ओह हाय ये हसीना कौन है “

उन्होंने मेरी ओर बढ़ रहे अपने हाथो को मोना की ओर बड़ा दिया,मोना के चहरे में मुस्कान खिल गई लेकिन मेरी गांड ही जल गई,उन्होंने मोना का हाथ पकड़ा और एक हल्की सी किस उसके हाथो में किया ,

“ये इनकी बेगम साहिबा है हुजूर …”

एक जानी पहचानी आवाज मेरे कानो में पड़ी,और उसे देखते ही मेरी आंखे चौड़ी हो गई ..

“तू यंहा ..”मेरी आवाज में थोड़ा क्रोध था ,

अब्दुल में मोना को नमस्ते किया ,दोनो की आंखे मिली लेकिन अचानक मोना की आंखों में एक अजीब सी चमक दिखाई दी ,वही चमक अब्दुल की आंखों में भी था ..वो मेरी ओर मुड़ा

“क्या करे अभिषेक साहब मंत्री जी ने आपसे ज्यादा अच्छा ऑफर दे दिया “वो हंसा लेकिन मेरे चहरे में बस गुस्से का भाव था वही मंत्री के चहरे में भी एक कुटिल मुस्कान थी ..

वो मुझे मोना से थोड़ा अलग ले गया..

“बेटा जो खेल तुम खेल रहे हो ना हमे उस खेल में महारत हासिल है,तुम्हारे जैसे कितने पुलिस वाले आये और गए हमारा कुछ भी नही उखाड़ पाए ,हा किया है घोटाला,खाया है पैसा मल्टीनेशनल वालो से ,मरवाये है कई पुलिस वाले और आदिवासी ..

उखाड़ ले जो उखाड़ना है,तेरे सभी सबूतों की कागज पर मैं भजिया रख कर खाऊंगा और तू कुछ भी नही कर पायेगा,अच्छा है की मेरे साथ मिल जा ,थोड़ा पैसा भी मिल जाएगा,ऐसे भी मेरा झांट भी तो नही उखाड़ सकता तू,इतनी हसीन बीवी है खुदा ना करे की उसे कुछ हो जाए ,तू सस्पेंड हो जाएगा बीवी किसी और की हो जाएगी तो क्या रह जाएगा तेरे जीवन में ,मेरी बात को सोचना आज फोकट की दारू पी और खाना खाकर घर जा …”

वो शैतानी मुस्कान के साथ मुझे देखता हुआ पलटा,मेरे पंजे बंधे हुए थे,मन कर रहा था की उसे अभी एक घूंसा मार दु..

वो फिर से मेरी ओर पलटा इस बार उसकी वही शैतानी मुस्कान और भी ज्यादा थी ..

“ऐसे तेरी बीवी पर मेरा दिल आ गया है,बचा के रखना “

वो अब जोरो से हंसा और वँहा से चला गया,मेरा चहरा गुस्से से लाल हो चुका था…

“क्या हुआ जान आप ठीक तो हो ना “मोना मेरे पास आ चुकी थी..

“कुछ नही बेबी बस ..ठीक हु ,तुम कुछ लोगी ..”

“एक दो ड्रिंक हो जाए ..”वो मुस्कुराई और हम ड्रिंक्स के पास चले गए दो पैक हम दोनो ने लगा लिया था ,मेरा ध्यान पूरे समय बस मंत्री और अब्दुल पर ही था,उन दोनो में कुछ बात हुई और वो होटल की ओर बड़े ,मैं भी मोना से थोड़ा बिदा लेकर उनके पीछे गया,

“साहब क्या करना है उसका ..”

“उसकी चिंता मत कर ,जब तक वो फाइल मेरे पास है हमे कोई चिंता नही है ,वो कुछ भी नही कर सकता,लेकिन मैंने तुझे दूसरे काम से बुलाया है ..”

“क्या ..”

वो दोनो ज्यादा दूर नही गए थे,थोड़े अकेले वाले जगह में पेड़ो के पास ही खड़े थे,मैं दोनो की बातो को पेड़ की ओढ़ लेकर सुन रहा था ..

“वो साली उसकी बीवी कमाल की है ,और तुझे देखकर वो अजीब सा एक्सप्रेशन क्यो दे रही थी “

अब्दुल हंसा

“बस साहब है कुछ पुराना “

“वाह साले तू तो खिलाड़ी निकला बे,हमारा कुछ जुगाड़ कर “

दोनो ही हंसे और मेरी अंदर तक जल गई

“आप पहुँचो वही कमरा नंबर 144 में मैं कुछ जुगाड़ चलाता हु “

“ये हुई ना बात “

दोनो ही फिर से चले गए ,कमरा नंबर 144 मैंने कई लोगो से इसके बारे में सुन रखा था ,मैं जल्दी से भागा और अपने कार तक पहुचा तुरंत ही फाइल निकाली और उसे अपने कोट में डाल कर वापस आया ,लेकिन ये क्या मोना कही भी दिखाई नही दे रही थी …………..

Update 8
मेरी धड़कने तेज थी और माथे में पसीना था,अभी 15 मिनट ही हुए थे और ऐसा लगा जैसे कई युग बीत चुके हो ,

मैं बहुत तेजी से कमरा नंबर 144 में पहुचना चाहता था लेकिन फिर भी मैं आराम से जा रहा था ताकि किसी को भी कोई शक ना हो ,5th माले पर वो एक ही कमरा था,जब मैं लिफ्ट में घुसा तो एक वेटर पहले से एक ट्राली में एक शेमपीएन की बोतल और कुछ स्ट्राबेरी के साथ मौजूद था,मेरे बटन दबाने से पहले ही उसने 5th फ्लोर का बटन दबा दिया ,मैं जानबूझकर 4th का बटन दबाया और उतरकर तेजी से सीढ़ियों से दौड़ता हुआ ऊपर पहुचा ,वेटर के अंदर जाने तक मैंने इंतजार किया और उसके जाते ही मैं कमरे के दरवाजे के पास पहुचा,वँहा से कुछ आवाजे तो आ रही थी लेकिन मैंने अपना काम किया,अभी दरवाजा खुला हल्का खुला हुआ था.मैंने एक रबर का टुकड़ा दरवाजे में लगा दिया ताकि जब वेटर जाए तो दरवाजा पूरा बंद ना होने पाए ,थोड़ी ही देर में वेटर वहां से चला गया और मैं फिर से दरवाजे के पास आया और रबर के टुकड़े के कारण दरवाजा लॉक नही था,मैं अंदर की आवाजे सुनने लगा …

“क्या कर रहे हो थोड़ा तो सब्र करो “

ये एक आवाज मेरी धड़कने रोकने को काफी थी,ये मोना की आवाज थी,साथ ही एक जोरो से हँसने की आवाज सुनाई दी ,दो लोग वँहा मौजूद थे ,

“अरे रानी जब से तुम्हे देखा है मैं तो पागल ही हो गया हु,मुझे तो अब भी अपने किस्मत पर यकीन नही आ रहा की तुम मेरे पास हो ,मान गए तुमको अब्दुल तुम तो यार कमाल ही निकले ..”मंत्री फिर से हंसा साथ ही मोना और अब्दुल भी ..

“अरे मंत्री जी अब तो हमारा नजराना दे दो “

“कमाल करते हो अभी काम पूरा कहा हुआ है अभी तो वो अभिषेक जिंदा है “

“क्या वो मेरे पति है “

मोना की आवाज में चिंता थी ..

“अरे मोना रानी अब छोड़ भी दो ,मंत्री जी के साथ रहो जीवन भर ऐश करो उस कंगाल में क्या रखा है …”

थोड़ी देर तक कमरे में कोई आवाज नही आयी ..

“लेकिन वो मेरा पति है कम से कम मेरे सामने तो ऐसा मत बोला करो “मोना ने बड़ी मासूमियत से कहा और मंत्री और अब्दुल दोनो ही हँस पड़े

“अच्छा बाबा तुम्हारे सामने नही करेंगे इसकी बात,अब्दुल तुम्हे क्या करना है तुम समझ जाओ और मेरी रानी के साथ मुझे थोड़ा समय बिताने दो “

“जी साहब ,मुझे पता था तुम यही फैसला करोगी “

अब्दुल जाने को मुड़ा ही था की ..

“आउच “मोना की आवाज आयी

“क्या हुआ “अब्दुल फिर से मुड़ा

“क्या मंत्री जी अभी से शुरू हो गए थोड़ा तो रुको मुझे जाने दो “दोनो हँसने लगे

“साले क्या चीज है ये थोड़ा भी इंतजार नही हो रहा है “

“आह रुको तो थोड़ा “

मोना की खिलखिलाने की और दौड़ाने की आवाज आयी ..

अब्दुल दरवाजे की ओर मुड़ चुका था ,उसने दरवाजा खोला की ..

धड़ाम

मैंने उसे ऐसा लात लगाया की वो फर्श में जा गिरा ,मैं अब कमरे के अंदर था,मोना की साड़ी का पल्लू खुला हुआ था,उसके ब्लाउज में उसके वक्ष समा नही पा रहे थे और उसकी गोरी चमड़ी खिलकर दिखाई दे रही थी ,वक्षो के बीच की घाटी पर थोड़े थूक के निशान थे ,लगा की जैसे अभी अभी मंत्री ने उसके वक्षो को खाने की कोशिस की थी ,सभी का चहरा मुझे देखकर उतर गया था ,और मेरा चहरा गुस्से से तमतमा रहा था..

इससे पहले की कोई कुछ हरकत करता मैंने अपने कमर से पिस्तौल निकाल ली और अब्दुल की ओर तान दिया ..

थोड़ी देर तक कमरे में सन्नाटा रहा …

मैं गुस्से से इतना कांप रहा था की मैं कुछ भी बोल नही पा रहा था…

“मैं जानता हु की वो फाइल तुम्हारे पास इसी कमरे में है उसे मुझे दे दे “

मेरी बात को सुनकर मंत्री थोड़ी देर तक शांत रहा लेकिन फिर उसके चहरे में अजीब सी मुस्कान आ गई और देखते ही देखते वो हँसने लगा…

“साले मुझे तो लगा की तू अपनी बीवी को इस हालत में देखकर मुझे मरना चाहता है ,हा हा हा ..तुझे फाइल चाहिए साले चूतिये चला गोली ,देख तेरी बीवी तो मेरी हो ही गई अब तेरी नॉकरी भी गई समझ,गोली चलाएगा,जानता भी है मैं कौन हु इस स्टेट का मंत्री हु ,तेरा बाप हु ,और गोली चला कर क्या साबित करेगा,की तेरी बीवी रंडी थी या उसका मंत्री के साथ अवेध संबंध था इसलिए गोली चला दिया,उम्र भर जेल में सड़ेगा और मैं तेरी बीवी के साथ ऐश की जिंदगी जियूँगा ,तू कुछ नही उखाड़ सकता मेरा ,चल जा तुझे जान से नही मरता,जीने देता हु और तेरी नॉकरी से भी नही निकालता तुझे,तू इसका पति ही बनकर रहना ,और मेरी तरफ से तुझे बहुत सारा पैसा एक फ्लेट और प्रमोशन भी मिलेगी,बस उस केस को भूल जा और तेरी बीवी आज से मेरी रखैल होगी ,लेकिन साथ तेरे ही रहेगी …”

उसकी बात सुनकर मैं मोना की ओर देखने लगा,मेरे चहरे से गुस्सा कम हो चुका था और मेरी आंखों में पानी आ चुका था…

“इनकी बात मान लो अभी देखो तुम कुछ भी तो नही खो रहे हो और बदले में तुम्हे इतना कुछ मिल रहा है ,और रही मेरी बात तो हमारा रिलेशन पहले की ही तरह रहेगा,बस मैं कभी कभी इनके पास आया करूंगी जब जब ये मुझे बुलाएंगे …”

मोना ने बड़े ही प्यार से मुझसे कहा,उसकी बात सुनकर मेरी गन नीचे होने लगी ,मंत्री के चहरे में मुस्कान बड़ी हो रही थी ,वही अब्दुल भी अब उठ रहा था,

“अरे अभिषेक साहब ,मंत्री जी से दोस्ती आपको मालामाल कर देगी,और मेरा यकीन करो ये बात सिर्फ हमारे बीच ही रहेगी किसी को कानो कान खबर भी नही होगा की क्या हुआ है और क्या होगा …”

मेरी गन अब पूरी तरह से नीचे थी,

“शाबास अब देखो हम तुम्हे कहा से कहा पहुचा देते है …”मंत्री के होठो की मुस्कान और भी गहरा गई थी और उसने मेरी ओर ध्यान ना देते हुए सीधे मोना की कमर में हाथ डाला और उसे खिंचकर अपने से सटा लिया,उसके वक्ष मंत्री के सीने में

जा धंसे ,वो भी हल्के से हँसी ..

“अगर तुम्हे ये पसंद नही तो तुम जा सकते हो या हमारे साथ ही रहो और तुम भी इंजॉय करो ..”

मंत्री की बात सुनकर अब्दुल भी हँसने लगा

“अरे अभिषेक साहब आजकल का तो कल्चर ही है ऐसा ,बीवी को दूसरे के साथ देखकर मर्द अपना…”

वो बोलते बोलते रुक गया और उसकी आंखे मुझपर ही जम गई क्योकि मैं अपने जेब से साइलेंसर निकाल कर अपने गन में लगा रहा था …

“ये क्या कर रहे हो ..देखो मंत्री जी का आफर बहुत अच्छा है सोचो जरा ..”अब्दुल और कुछ बोलता इससे पहले ही ..’धाय धाय धाय ‘

तीन गोली उसके सीने में उतर गई ..मोना तुरंत ही मंत्री से अलग हो गई ..

“ये ..ये क्या किया तुम्हे अभी जानते हो तुम्हारे ऊपर …”

मोना भी बोलते बोलते रुक गई थी मैंने गन मंत्री की ओर कर दी थी ..

उसके चहरे का रंग उड़ चुका था..

“साले पागल हो गया है क्या,मंत्री को मरेगा ...जिंदगी भर जेल में सड़ेगा ..”

“वो फाइल कहा है मादरचोद …”मेरा चहरा गुस्से से तप रहा था और मैंने बहुत ही तेज आवाज में उसे धमकी दी ,वो थोड़ी देर तक शांत हो गया लेकिन वो था बड़ा ही कमीना ..

“साले मुझे मरेगा ,ले मार लेकिन तुझे पूरा जीवन लग जाएगा उस फाइल को पाने में ,तू कभी मुझे गुनहगार साबित नही कर पायेगा,ले देख यंहा है वो फाइल ..”

उसने एक लॉकर को दिखाया ,

“ये मेरे फिंगर प्रिंट,मेरी आंखों की पुतली और मेरे दिल की धड़कन से ही खुलती है इसे तोड़ा तो फाइल खुद ब खुद ही नष्ट हो जाएगी,अब खोल ले इसे मुझे मार कर भी नही खोल पायेगा इसे “

मंत्री दहाड़ ..

मेरी हालत रोने वाली हो गई थी ..मेरे आंखों से आंसू झर रहे थे ,और इस हालत में भी साला मंत्री मुस्कुरा रहा था जैसे उसे अब भी यकीन था की मैं उसे कुछ नही कर पाऊंगा ..

“अभी प्लीज् इनकी बात मान लो ये बहुत ही पावरफुल है ,देखो अब्दुल को मारा तो मार दिया,इसे वो सम्हाल लेंगे ,लेकिन समझो मेरी बात को ..”वो मेरे पास आ रही थी

“चुप कर मादरचोद रंडी “

मैंने उसके गालो में एक जोरदार झापड़ लगाया और दूर जा गिरी..

“तुझे कितना प्यार किया था मैंने,तुझे अपनी जान समझा,और तू ...मेरे मरने से भी तुझे कोई फर्क नही पड़ता ना ,क्या ऐसी जरूरतें है तेरी जो मैंने पूरा नही किया…”

मैं गुस्से से कांप रहा था और मेरे आंखों से पानी की धार बह रही थी ,

“मेरी बात सुनो अभी “

इससे पहले की वो कुछ कहती …’धाय धाय धाय…’

तीन गोली उसके सीने में जा धंसी ,खून के फुहारे फूटने लगे और…..और मैं दहाड़ मारकर रोने लगा,लेकिन थोड़ी ही देर में मैंने फिर से गन मंत्री के ऊपर ठिका दिया ,

अब वो भी डर से कांप रहा था ...पहली बार उसके चहरे में इतना डर आया था ..

“तुम मुझे नही मार सकते ..”

इस बार मैं हंसा लेकिन उस हँसी में बेहद ही तकलीफ भी मौजूद थी ..

“मेरे पास अब रखा ही क्या है जो मैं खुद को बचाऊंगा,तुमने इतने निर्दोष लोगो को मरवा दिया ,मेरी बीवी जिसे मैं जान से ज्यादा प्यार करता था उसे तुम्हारे वजह से मैंने अपने इसी हाथो से मार दिया,तुम अब कितना जीने की आशा कर रहे हो ……..”

वो डर से कांपने लगा था ..

“एक ही चारा है तुम्हारे पास ,ये लॉकर खोलो और खुद को पुलिस के हवाले कर दो ,वरना जान से जाओ,मेरे पास कुछ खोने को नही है की मैं तुम्हे जिंदा छोड़ दूंगा …”

वो कांपता हुआ भागा और फाइल निकाल कर मेरे हाथो में दे दिया ,मैं उसे पलट कर देखने लगा,इतना सबूत उसे फांसी में चढ़ाने को काफी था,फांसी नही तो उम्रकैद तो हो ही जाएगी …

“बाय बाय मंत्री जी “

मैंने गन उसके ऊपर टिकाई और ‘कट कट ‘

दो गोलियां चलाई लेकिन गन में गोली नही थी लेकिन उस कट कट की आवाज सुनकर मंत्री जी के पेंट में पेशाब जरूर हो गया …………….

Update 9

“चेयर ...यार अभी तुमने तो कमाल कर दिया ..”

SP साहब का चहरा खिला हुआ था,हम उन्ही के बंगले में बैठे थे..

“ससपेंड होने के बाद भी इतने खुश हो रहे हो सर “

हम दोनो ही हँस पड़े ..इस केस के ओपन होते ही मीडिया में धूम मच गई ,मंत्री जी तो तुरंत ही मंत्रिमंडल और पार्टी से निकाल दिया गया,लेकिन मीडिया से ये जरूर छुपाया गया था की ये केस आखिर सॉल्व कैसे हुआ,लेकिन फिर भी जांच अधिकारी के तौर पर मेरा नाम मीडिया में कुछ दिनों तक छाया रहा ,वही मेरा साथ देने के लिए SP साहब को भी वाहवाही मिली ,लेकिन डिपार्टमेंट ने हमारे ऊपर अनुशासनात्मक कारवाही कर दी और हम दोनो को ही एक महीने के लिए सस्पेंड कर दिया,ये सब विभाग ने बस खानापूर्ति की तरह किया था वरना सभी बड़े अधिकारीयो ने मेरे काम की खूब सराहना की थी …

“ऐसे बधाई की पात्र तो मोना भी है “

SP साहब ने एक नजर मोना की ओर देखा ,जो हम दोनो को देखकर मुस्कुरा रही थी ,

“नही सर इनके प्लान के बिना ये सब कहा हो पाता ..”

“लेकिन अगर तुम इसका साथ देने की हिम्मत नही दिखती तो ये सब कैसे मुमकिन हो पाता ..”

“ये तो सही बात है मोना तुम्हारे सपोर्ट के बिना ये सब संभव नही था “मोना बस जवाब में मुस्कुरा

गई ..

“यार अभी लेकिन मुझे एक बात का डर है ,मंत्री को रास्ते से हटाकर कही हमने अब्दुल को शह तो नही दे दी ,उसके रास्ते का सबसे बड़ा काटा तो अब हट गया..

”

“सर कांटे को कांटा ही निकालता है,हमारे बीच यही डील थी की वो मंत्री का वफादार बनकर उस फाइल के बारे में पता लगाएगा और उस फाइल को पाने में हमारी मदद करेगा बदले में उसके ऊपर लगे इल्जाम हटा दिए जाएंगे,जिसकी कारवाही मैं कर रहा था,और वो फिर से अपने पिता जैसा वर्चस्व कायम कर पायेगा ,अब मंत्री नही तो उसे किसी के सामने झुकना नही पड़ेगा,उसने सही फैसला किया,एक महीने की गुलामी के बदले फिर से पूरा साम्राज्य …”

मेरी बात बस खत्म हुई थी की अब्दुल भी वँहा आ गया,

‘बधाई हो साहब ,मंत्री को इतना धमकाने और इतना बड़ा नाटक रचने के लिए बस एक महीना का सस्पेंसन ..”

सभी हँसने लगे ,

“ऐसे मुर्दे का रोल सही किया था तूने,मुझे तो डर था की कही बीच में ही हँस ना पड़े जैसा रिहल्सल के समय में हंसा था …”

वो फिर से दांत निकाल कर हँसने लगा ..

“अरे साहब अपने तो माहौल ही ऐसा बना दिया था की कोई कैसे हंसे,लास्ट टाइम में भाभी जी को इसका हिस्सा बना दिया,पहले तो मेरी फट ही गई थी लेकिन आपकी और भाभी जी की एक्टिंग का तो मैं दीवाना हो गया ,मुझे तो लग ही नही था था की आप एक्टिंग कर रहे हो ,हम दोनो तो कम से कम चुप ही थे लेकिन आपका गुस्सा तो बिल्कुल ही रियल लग रहा था ,..”

उसकी बात सुनकर मेरे और मोना के होठो में हल्की सी मुस्कान आ गई ..

“जब तुम्हारी बीवी किसी के बांहो में हो तो गुस्सा नकली नही होता ..”

मैंने जिस तरह से ये बात कही अब्दुल थोड़ा सहम गया ,..

लेकिन मोना ने मेरे बालो को सहलाया और हल्के से एक किस मेरे गालो में दे दिया ,जिसे देखकर बाकी दोनो भी मुस्कुराने लगे ..

“ऐसे साहब ये वो मेमोरी कार्ड ,किसी को पता नही चला की वो सब रिकार्ड हो रहा था,पुलिस ने उस दिन से ही कमरा सील कर दिया था,आज खुला तो बड़ी मुश्किल से जुगाड़ करके ये लाया हु,इसमें सारे क्लिप है उस दिन के,”

मैंने उसे जेब में डाला और साथ देने के लिए अब्दुल का धन्यवाद दिया,..

मुझे पता था की जो अभी मेरे इशारे मे काम कर रहा है वो अब इस शहर का राजा बनने वाला है,और शायद मेरा दुश्मन भी ,लेकिन दुश्मन से भी दोस्ती रहे यही तो खुफिया विभाग वालो का काम होता है…

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रंडी से प्यार , प्यार या धोखा , दीदी और दोस्त , रंडियो का घर,
,बीवी के कारनामे, खूबसूरत डकैत,
जादुई लकड़ी , बीवी के आशिक , जिम्मेदारी (कुछ नयी कुछ पुरानी)
BHABHI MAA , Shikari Ki Bimari

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Jan 19, 2020

#58

Update 10
“थैंक्स जान तुमने मेरे ऊपर भरोषा किया और मेरा साथ दिया “

मोना मेरी बांहो में थी ,मैं लेपटॉप में वो चिप लगा कर उस दिन के वीडियो देखने वाला था ,

वो मेरे सीने से लग गई

“मैं तो आपके हर बात में साथ देने को तैयार हु,लेकिन अब की बार पहले से बताना 2 घंटे पहले नही ..

”उसने एक हल्का मुक्का मेरे सीने में मार दिया ..

“क्या करू जान मैं खुद ही बेहद कंफ्यूज था की आगे क्या करना सही रहेगा,मंत्री ने पार्टी में बुलाया था और मैं जानता था की वो मुझे अपने साथ मिलने का ऑफर करेगा ,मेरे हाथो में तब भी कोई ठोस सबूत नही था की मैं उसके खिलाफ कोई केस भी दायर कर पाऊ ,मुझे तो उससे पुछताज का भी वारेंट नही मिलता,अब्दुल ने मुझे बताया था की उसके सारे किस्से चिट्ठे की जमा पूंजी उसके लाकर में है जो सिर्फ उसके फिंगरप्रिंट,आंखों की पुतलियों के स्कैन और दिल की धड़कनों के मिलने से ही खुलेगा,वो फाइल कोई आम फाइल नही है,कई लोगो की जान गई तब जाकर वो सब जानकारी इकठ्ठी हुई थी ,एक पत्रकार ने अपनी और अपने परिवार की जान पर खेल कर उसे इकठ्ठा किया था,आखिर उसे मंत्री ने मरवा ही दिया लेकिन उसे उन कागजातों में कुछ ऐसी चीजे भी मिली जो भविष्य में उसके काम आने वाला था,उसके अभी के कुछ दोस्तो के खिलाफ सबूत जिसके सहारे वो सबको डरा कर रखे हुए था,पत्रकार मेरा अच्छा दोस्त था और उसने मुझे इसके बारे में पहले ही बतलाया था,वो इस केस में मुझसे पहले से लगा हुआ था,वो मुझे सारे सबूत देता उससे पहले ही उसे मार दिया गया,मैं जानता था की मंत्री उस फाइल को और बाकी के दस्तावेजों को नष्ट नही करेगा,वो उसे कही ना कही सुरिक्षत रखा होगा,अब्दुल से मुझे उसका ठिकाना मिल गया,लेकिन मैं जानता था की वो कितना चालाक है,मंत्री को भी पता था की मैं सिर्फ एक केस के लिए उससे पंगा नही ले सकता,अगर मैं सीधे ही उसे गन पॉइंट पर लेता तो वो कभी यकीन ही नही करता की मैं उसे मार दूंगा,क्योकि उसे भी पता है की मैं इतना बड़ा चुतिया नही हु की जीवन भर के लिए बर्बाद हो जाऊ,वो भी तब जब मुझे मंत्री के जिंदा रहते ही सबूत मिल सकते थे…

मैंने दूसरा प्लान किया की मैं उसके सामने अगर अब्दुल को मार दु तो ,काफी सोचा और उसकी रिहल्सल भी की लेकिन मुझे फिर ही लगता था की वो फिर भी लाकर को नही खोलेगा और बिना लॉकर खुले मैं उसका कुछ भी नही बिगड़ सकता था,मैं उसी उधेड़बुन में था की तुम मेरे पास आयी याद है पार्टी से एक दिन पहले,तुमने मुझे रिझाना चाहा और कुछ बताने की बात भी कही ,अपना मोबाइल मुझे दिया,तुम्हारी हर अदा को ध्यान से देख रहा था और मेरे दिमाग में एक प्लान आया…

लेकिन मैं तुम्हे किसी मुसीबत में नही डालना चाहता था,रात भर मैं सोचता रहा की आखिर कैसे मैं मंत्री को फ़साउ और सुबह मैंने तुम्हे पार्टी में जाने की बात कही ,तुम खुस थी और तुम्हारे चहरे की उस खुसी ने मुझे और भी सोचने को मजबूर कर दिया,दिन भर सोचने के बाद मैंने ये प्लान बनाया की मंत्री के ठरकीपन और मुझसे बदला लेने की लालसा का फायदा उठाया जाए…

मैंने अब्दुल को सब प्लान समझाया मुझे ये भी पता था की तुम मेरा साथ दोगी,और वही हुआ जो होना

था,मंत्री को तुहारी अदांओ से लगा की तुम अब्दुल को पहले से जानती हो ,अब्दुल ने तुम्हारे बारे में कुछ गंदी बाते उससे कही,और वो झांसे में आ गया ,सही कहते है की हवस आदमी के दिमाग को मार देती है ,यही उसके साथ भी हुआ,

लेकिन सबसे बड़ी बात थी की उसे कैसे यकीन हो की मैं सच में उसे मार दूंगा,क्योकि वो साला बेहद ही दिमाग वाला आदमी है,इतना बड़ा घोटाला कर के बैठा था लेकिन सब जानते हुए भी कोई उसकी ओर उंगली नही उठा पता,सभी जानते थे की वो कितना कमीना है लेकिन मुख्यमंत्री तक उससे डरता था,कारण था उसका दिमाग,इसलिए मुझे ये कदम उठाना पड़ा ताकि उसे लगे की अब मेरे पास खोने के लिए कुछ भी नही है और मैं उसे मारने में देती नही करूंगा….”

मोना मेरे बात को ध्यान से सुन रही थी ,और मेरी आंखों में देख रही थी ,

“लेकिन मैंने तो सोचा था की आप अगर मुझे किसी के साथ देखोगे तो आप भी उत्तेजित हो जाओगे लेकिन आपका गुस्सा तो बिल्कुल ही ओरिजनल था,कही कोई झूट मुझे दिखाई नही दिया ..”

मैं मुस्कुराते हुए मेरी जान को देखने लगा..

“मजा तब आता जब तुझे भी मजा आता,लेकिन उस दरिंदे के साथ तुझे देखकर मेरा खून खोल गया था,मैं संचमे गुस्से में जल रहा था,लेकिन तुमने सही एक्टिंग की ..”

वो हल्के से हँसी

“मुझे तो लग रहा था की मेरे ऐसा करने से आप थोड़ा उत्तेजित हो जाओगे..”

मैं भी हँस पड़ा,

“वो तो हो जाऊंगा लेकिन अभी ,ये वीडियो फिर से देख के साला मेरी बीवी की साड़ी उतार रहा था,और वो कमीना अब्दुल ..”

मोना हँस पड़ी

“सही कहा अब्दुल भी ऐसे मेरे सीने को देख रहा था की खा ही जाएगा,शायद इसीलिए मंत्री को हमारी एक्टिंग इतनी सच्ची लगी क्योकि असल में हम सभी कही ना कही इमोशन को जी रहे थे…”

मोना की बात सुनकर मैंने मोना को जोर से जकड़ लिया..

“और तुझे उसके सीने से चिपककर बड़ा मजा आ रहा था..”

उसने एक बहुत ही सेक्सी आह भरी ..

“मंत्री की जगह अगर अब्दुल होता तो शायद ज्यादा मजा आता “

मैंने उसे और जोरो से जकड़ा

“तेरी तो ..”

मैं उसे लिटा के उसके ऊपर चढ़ गया और उसके खिलखलाने की आवाज से पूरा कमरा गूंज गया

Update 11
एक महीने मैं पूरी तरह से खाली था,2 ही दिन में मेरा घर में रहना मुश्किल हो रहा था,बैठे बैठे मैं मोना का फोन देखा,जो फेंटेसी इतने दिन से दब कर रह गई थी वो फिर से सर उठाने लगी,मोना अभी ऑफिस में थी और मैं अपने मोबाइल में उसका क्लोन देख रहा था,वाट्सप के मेसेज से ही शुरू किया राज से उसकी बात का पुराना मेसेज जो की मोना मुझे दिखाना चाहती वो सब कट चुके थे लेकिन आज के ही मेसेज बचे थे,मुझे ये बात थोड़ी खटक गई …

मैं आज के ही मेसेज को देखने लगा…

‘आज तुम गुलाबी सूट में कमाल की लग रही हो …’

‘थैंक्स ..

’और एक स्माइल

‘आजकल ज्यादा बात क्यो नही करती कटी कटी सी रहती हो ‘

‘नही ऐसी कोई बात नही है ‘

‘ऐसे तुम्हारे पति की बड़ी चर्चा है अखबारों में ,इतने बड़े नेता को अरेस्ट करवा दिया..’

मोना बस एक स्माइल ही भेजी ,मुझे लग रहा था की उसे इसमें उतना मजा नही आ रहा है..

‘वो अगर ये जानेगा की मैं तुमसे बात करता हु तो गुस्सा हो जाएगा है ना,ऐसे भी उस केस के बाद से मुझे भी उनसे डर लगने लगा है ..’

उसकी बात सुनकर मोना ने एक खिलखिलाने वाली स्माइल डाल दी ..

‘सिर्फ बात से क्यो गुस्सा होंगे ,वो बहुत ही अंडरस्टैंडिंग है ..’

‘ओह तो क्या हम सिर्फ बात बस करेंगे ..’

‘तो और क्या चाहते हो तुम ,आगे बढ़ने की उम्मीद भी मत रखना..’

‘ओके सॉरी ,आज लांच साथ में करे,या फिर शर्मा के साथ ही जाने वाली हो ..’

इस बार फिर से मोना ने एक हँसने वाली स्माइल डाली

‘ओके साथ चलेंगे ‘

मोना के व्यव्हार मुझे थोड़ा बदला लगा वरना वो फ्लर्ट करना पसंद करती है ,शाम को जब वो आयी तो मैं उससे लिपट गया ..

“क्या मेरी जान आज अपना मोबाइल नही दिखा रही हो ..”

“क्या देखना चाहते हो ,कुछ रह नही गया जिसे देखकर आप उत्तेजित हो जाओ ..”

“क्यो वो तुम्हारा राज तो है ना बात नही करती क्या “

वो मेरी आंखों में थोड़ी देर तक देखने लगी

“आप सच में चाहते हो की मैं उससे बात करू ..या कुछ और आगे जाऊ..”

“ऐसे क्यो बोल रही हो “

वो मुझसे अलग हुई

‘क्योकि उस दिन जो आपकी आंखों में गुस्सा देखा था वो सच्चा था,और मैं नही चाहती की कुछ ऐसा हो जाए की आपको फिर से उस रूप में आना पड़े ..”

अब मैं समझा की मेरी बीवी इतनी शरीफ क्यो बन रही है ,

मैंने उसे फिर से जकड़ लिया ..

“मेरी जान वो मामला ही अलग था,गुस्सा होना स्वाभाविक था,लेकिन अगर तुम खुद किसी को पसंद करो तो मैं तो तुम्हे सेक्स भी करने को नही रोकूंगा ..”

वो गुस्से से मुझे घूरने लगी

“चुप रहो बड़े आये ..”

वो बेडरूम में चली गई और मैं उसके पीछे पीछे पहुचा ..

‘मैं मजाक नही कर रहा..”

“पता है मुझे आप क्या कर रहे हो,हवसी तो हो ही पागल भी हो रहे हो ..”

उसने अपने कपड़े खोले,उसे उस लाल रंग की अंतःवस्त्रों में देख कर मेरा मन मचल उठा,और लिंग ने पूरे उठकर सलामी दी जो मेरे शार्ट से बाहर निकलने को बेताब था ,उसे देखकर मोना के होठो में मुस्कान आ गई

“हवसी कही के ..”

वो बाथरूम की ओर बढ़ रही थी लेकिन मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया मेरा लिंग उसके कूल्हों में जा धंसा ,

“आह सच में आपको काम में जाना चाहिए,नही तो मेरी ही सामत है ,जब देखो खड़ा करके रखते हो आह अब छोड़ भी दो फ्रेश होने दो “

“ऐसे कैसे मेरी जान एक राउंड तो हो जाए “

“नही ना प्लीज़ ..”

मैंने उसे उठाकर बिस्तर में पटक दिया और खुद उसके ऊपर आ गया,हमारे होठ मिले और करवा चल पड़ा ..

“सोचो अगर मैं राज होता तो “

“छि प्लीज् ना “

वो बेहद धीमे स्वर में बोली क्योकि वो बहुत ही उत्तेजित थी

“बताओ ना ..”

“तो क्या “

मैं उसके पेंटी से उसकी योनि को सहलाने लगा सच में वो बहुत गीली हो चुकी थी ,मैं उसे हटा कर सीधे उसकी गीली योनि में अपने लिंग को प्रवेश करवाया ..

“आह राज ..”

उसके मुह से ऐसी आवाज सुनकर मुझे ऐसा लगा की मेरा वीर्य ही निकल जाएगा,उसकी सेक्सी आवाज में किसी दूसरे मर्द का नाम सुनने का ये मेरा पहला एक्सपीरियंस था लेकिन कसम से उसने मुझे बेहद ही उत्तेजित कर दिया .,मेरा पूरा लिंग आराम से उसके अंदर चला गया ,

वो भी आंखे खोल कर मुस्कुराई क्योकि उसे मेरी बड़ी हुई उत्तेजना का पता चल चुका था,

“राज करो ना मेरे पति किसी केस में बिजी है आज बहुत टाइम है “

मोना की बातो ने मेरा जोश आसमान में पहुचा दिया था ,मैं उसे बुरी तरह से ठोकने लगा ,वो भी बुरी तरह से हांफ रही थी और सच में बेहद ही उत्तेजित लग रही थी ,कमरा हमारे धक्के की आवाज से भर चुका था,साथ ही हमारे आहो से भी ,उत्तेजक आवाजे दोनो के मुह से ही निकल रही थी ,मोना अब राज को भूल कर बस जान जान कह रही थी ,पहला राउंड बहुत ही तेजी से खत्म हो गया मैं मोना की योनि को पूरी तरह से भिगो चुका था …

“मजा आया उसका नाम सुनकर “

“बहुत मजा आया “

“आप सच में पागल हो है ना “

मैं उसके होठो में हल्का किस किया

“हो सकता हु लेकिन सच बताना पूरे राउंड के दौरान कभी उसका चहरा तेरे दिमाग में आया “

वो झूठे गुस्से से मुझे देखने लगी लेकिन फिर उसके होठो में शरारती सी मुस्कान आ गई,

“सच कहु तो हा,कोशिस तो किया की आपके जगह उसे याद करके देखु लेकिन थोड़ी ही देर में वो गायब हो गया और आप ही रह गए,पता नही कल उससे कैसे नजर मिला पाऊंगी ,आप मुझे क्या बनाने में तुले हुए हो ..”

वो फिर से हल्के गुस्से से मुझे देख रही थी

“कुछ भी नही बनाना है बस मैं चाहता हु की तू जीवन के पूरे मजे ले ..”

“आप साथ रहो तो जीवन में कभी दुख आएगा ही नही ,मेरे लिए तो आप ही सब कुछ हो ..”

हम दोनो के होठ फिर से मिल गए

“मैं जानता हु मेरी जान लेकिन अगर कुछ करने का मन हुआ आगे बढ़ने का दिल किया तो उस जस्बात को दबाना मत बस बढ़ जाना ,”

वो बस मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी

Update 12
‘फिर ले आया दिल मजबूर क्या कीजे ,रास ना आया रहना दूर क्या कीजे’

‘आप कौन ???’

‘पहचानिए ..’

‘सॉरी आपका नंबर सेव नही है’

‘हाय यू ही सितम ढा रहे है वो कैसे,खुद को मजबूर बता रहे है वी कैसे..’

‘रोहित..’

‘बड़ा खूब पहचाना …’

‘कमीने कहा था इतने दिनों तक ‘

‘नॉकरी मेरी जान..बस उसी के कारण भटक रहे थे ..अब तुम्हारे शहर में है ’

‘ओह यार आई हेट यू पता है ना ‘

‘हा और आई लव यू पता है ना..’

‘हा पता है इसीलिए तू मेरी शादी में भी नही आया है ना..कहा है कमीने कब मिल रहा है..कितने दिन हो गए तुझे देखे ..

’

‘तेरे ऑफिस के बाहर सोनाली रेस्टारेंट में ‘

‘क्या आज भी कमीना ही है चल आती हु..’

रोहित…??

क्या वो वही रोहित था जिसकी तारीफ किये मोना थकती नही थी,पूरे कालेज में उसने मोना पर चांस मारा था ,मोना के बेस्ट फ्रेंड लेकिन मोना शादी करना चाहती थी और रोहित पारिवारिक दबाव में आकर शादी नही करना चाहती थी ,मोना ने मुझे बताया था की उसे भी रोहित से प्यार हो गया था लेकिन वो इस रिश्ते को दोस्ती तक ही रखी क्योकि वो रोहित का दिल नही दुखाना चाहती थी…

मोना का ये वाट्सअप चैट आधे घंटे पहले का था..यही अभी वो उसके साथ रेस्टारेंट में थी,मेरी मोना का एक और आशिक इस शहर में आ चुका था,जिसे कभी वो प्यार किया करती थी ,हा रोहित से मुझे हमेशा ही जलन होती थी लेकिन रोहित मोना के लिए बहुत मायने रखता था,फिर भी वो कभी मोना से कांटेक्ट करने की कोशिस नही किया,मजबूरी क्या थी ये तो नही पता लेकिन कुछ तो था उनके बीच जो मोना ने कभी मुझे नही बतलाया था…

थोड़ी ही देर हुए थे की मोना का मेरे पास फोन आ गया..

“जानते हो आज मैं किस्से मिली ..”

मोना चहक रही थी

“रोहित से “

उसने मेरे बिना बोले ही बोल दिया

“कौन रोहित,”

मैं अनजान बनने की कोशिस करने लगा

“अरे रोहित मेरा पुराना फ्रेंड आपको बतलाई था ना उसके बारे में “

“ओह तेरा आशिक ..”

“ओहो आप भी ना ,हा वही वो हमारे ही शहर में आ गया है और आज मैंने उसे घर में खाने के लिए बुलाया है ..”

“ओ ..”

“क्या हुआ आप खुस नही हो ..?”

“फ्रेंड तेरा है तुझे मिला है तो मैं क्यो खुस होउ ..”

“हम्म जलनखोर कही के ,चलो आज एक अच्छी सी विस्की ला के रखना वो रात तक आ जाएगा ..”

“अच्छा उसे बोल विस्की लाने के लिए ..”

“प्लीज् जान ..वो मेरा सबसे अच्छा दोस्त है आप इतना भी नही करोगे ..”

मैं हल्के से हंसा

“ओके और कोई हुक्म इस खाली आदमी के लिए “

मोना खिलखिलाई

“कुछ भी नही बस बहुत सारा लव यू और ऊउम्मआ आज मैं बहुत खुस हु …”

***********

ऐसे तो कई लड़के थे जो मोना के दीवाने थे लेकिन ये पहला था जिसकी मोना दीवानी थी ,मैं आज उससे पहली बार मिलने वाला था,पता नही क्यो लेकिन मुझे थोड़ा नर्वस फील हो रहा था ...शाम को मोना आयी और तैयारी में लग गई,आज उसका चहरा बिल्कुल ही खिला खिला लग रहा था ,लेकिन फिर वो थोड़ी डर जाती शायद उसे इस बात का डर था की उसकी इतनी खुसी मुझे तकलीफ ना दे लेकिन मैंने फिर से उसे थोड़ा समझाया और वो अब खुल कर अपनी खुसी दिखा रही थी ..

वो वक्त आया जब रोहित हमारे घर पहली बार आया ..

लेकिन गेट के खुलते ही जैसा मैंने सोचा था उसका उल्टा हुआ ,वो मोना की ओर लपकने के बदले बेहद ही सादगी से पेश आया,शायद उसे इस बात का इल्म था की मोना अब शादी शुदा है और उसका पति भी घर में मौजूद है ..

वो बेहद ही सभयता से व्यवहार कर रहा था उल्टे मोना बेहद खुस थी और उसके पास बैठी हुई बिल्कुल किसी कालेज की लड़की जैसे व्यव्हार कर रही थी ,जैसे मैं हु ही नही ,लेकिन रोहित को मेरे होने का आभास था,जब कभी मोना अपना सर उसके कंधे पर रख देती वो मुझे देखता लेकिन मेरे तरफ से कोई खास रियेक्सन ना पाकर रिलेक्स को जाता ,मैं भी उसकी बातो का मजा ले रहा था,वो किसी बिछड़े दोस्तो की तरह एक दूजे के बातो और किस्सों में ही गुम हो गए थे,रोहित जरूर झेंप रहा था लेकिन धीरे धीरे उसकी वो झेंप गायब होने लगी लेकिन अब भी वो अपनी मर्यादा में ही था,वो सच में एक अच्छा दोस्त था जिसे अपने दोस्त की शादी शुदा जीवन के खराब होने का भी डर रहता है ..

हमने विस्की खोली ,अब मैं मोना एक ही सोफे में बैठे थे वही रोहित हमारे सामने था..

“ओहो सच में कितना बात कर रही हु,आपलोगो को तो बात करने का मौका ही नही मिला ..”

“तुम ऐसे भी किसी को कहा बोलने देती हु “रोहित की बात से मोना बस मुस्कुरा कर रहा गई

“अरे अब मैं क्या बात करू ,तुम दोनो सालो बाद मिले हो तो बाते करो “

“हमारी बाते तो कभी खत्म नही होंगी ,और तूने अभी तक शादी नही की कमीने..”

मोना उसे बड़े प्यार से कमीना कह रही थी ,उसे देखकर मुझे सच में रोहित के लिए जलन हो गई क्योकि मेरी उसके जैसी कोई दोस्त नही थी ,

“कोई मिली ही नही ,अब तू ही ढूढना मेरे लिए ..”

“बिल्कुल “

2-3 पैक में ही हम दोनो भी थोड़े घुल मिल गए ,वो भी मोना की ही तरह एक साफ्टवेयर कंपनी में काम करता था तो उनके काम की बाते तो मेरे दिमाग के पपरे थी लेकिन उसे मेरे काम का भी पता था और वो मुझसे बहुत इम्प्रेस दिखा,मुझे भी आदमी अच्छा लगा,वो कभी कभी मोना के हंसते हुए चहरे को बड़े प्यार से देखता और थोड़ी देर के लिए खो जाता,फिर झेंप का चहरा दूसरी ओर कर लेता,मैंने मोना को घूरते हुए बहुत से लड़को को देखा था लेकिन किसी की आंखों में मोना के लिए ऐसा प्यार कभी नही देखा था,उसकी आंखों में प्यार भी था तो कही कही कोई दुख कोई टीस सी भी थी ,जैसे जैसे दारू हमारे अंदर जा रही थी माहौल में कुछ अजीब सी उदासी छा रही थी ,ऐसा लग रहा था जैसे कोई आशिक अपना टूटा हुआ दिल ले के बैठा है,लेकिन कुछ कह नही पा रहा कुछ जता नही पा रहा,

“तुम्हे वो पार्टी याद है ,तुम्हारे भाई ने कैसे उस लड़की को प्रपोज किया था और फिर उसका झापड़ खाया था..”मोना की बात पर दोनो ही खिलखिला कर हँस पड़े और देखते ही देखते दोनो की आंखों में आंसू आ गया,दोनो ने ही खुद को सम्हाला

“एक्सक्यूज़ मि ..मैं थोड़ी देर में आयी ..

”

मोना तुरंत ही उठाकर हमारे बेडरूम में चली गई ,रोहित भी बड़ी मुश्किल से अपने होठो पर झूठी हँसी ला पाया,ऐसे तो दारू का नशा ज्यादा था लेकिन फिर भी मैं उसके चहरे में आये हुए दुख के भाव को पहचान सकता था,

2 पैक और अंदर गए जो सिर्फ मैंने पिये,मोना आ चुकी थी और दोनो ही खामोश थे ,एक अजीब सी खामोशी फैल रही थी ,

“माफ करो यार रोहित लेकिन मुझे थोड़ी ज्यादा हो गई है ,तुम लोग खाना खा लो “

“आप भी ना चलो बिना कुछ खाय आपको सोने नही दूंगी “

मैं बड़ी ही मुश्किल में कुछ खा पाया और रोहित ने हमसे इजाजत मांगी,दोनो बिदा होते समय भी चुप ही थे,

“अच्छा लड़का है “

उसके जाने के बाद मैंने कहा

“हा बहुत अच्छा लड़का है ..”

मोना वँहा से सीधे ही बाथरूम में चली गई

Update 13
रोहित जा चुका था और मोना अभी भी बाथरूम से नही निकली थी,शराब के नशे में मेरी आंखे बंद हो रही थी,और बिस्तर में लेटने से नींद और भी जोरो से पकड़ रही थी लेकिन दिमाग काम कर रहा था,मोना का मोबाइल अभी भी बिस्तर में पड़ा हुआ था जिसपर अभी अभी कोई मेसेज आया था,अब वो नंबर सेव हो चुका था,रोहित के नाम से ,उत्सुकता तो बहुत हुई की उसका मेसेज पढू लेकिन फिर दिमाग ने कहा की कोई ऐसा सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर दे जो मेसेज का बेकप रखे और तू सोजा...मैंने मोना के मोबाइल में कुछ सेटिंग की और आराम से सो गया,अब उसके हर मेसेज डिलीट होने के बाद भी मेरे मोबाइल में एक इनक्रिप्टेड फॉर्म में सेव हो जाएगा,वही मैंने उसके कॉल्स को भी रेकॉर्ड करने की सोची , जिसे मुझे लेपटॉप के मदद से देखना होगा,जो मेसेज वो डिलीट नही करेगी वो तो मैं अपने मोबाइल से ही देख सकता था,जासूसी दिमाग अब तेजी से दौड़ रहा था ..

मोना बाहर आयी और मुझे सोया हुआ देख कर अपना मोबाइल उठाकर देखने लगी ,कमरे में अंधेरा हो चुका था और उसके मोबाइल की रोशनी से कमरे में थोड़ी प्रकाश दिखाई दे ही थी ..

सुबह मैंने फिर से उसी मोना को पाया,जो मेरी बीवी थी हंसती हुई खिलखिलाती हुई..मेरे उठाने तक वो तैयार हो चुकी थी ..

“आपको सच में काम की जरूरत है ,देखो कितने आलसी हो गए हो ..”

मैंने अपनी काफी उठाई और उससे जा सटा ,वो खाना बना रही थी ,मेरा खड़ा हुआ लिंग उसके कूल्हे में जा धंसा ..

“अरे सुबह सुबह शुरू हो जाते हो जाओ ना तैयार हो जाओ “

“ये तो तैयार है मेरी जान “

“चुप रहो चलो जाओ जल्दी “मैं भी हंसते हुए अपने बाथरूम में चला गया..

******

मोना के जाने के बाद मैंने जब अपना मोबाइल देखा तो पाया की सभी मेसेज डिलीट कर दिए गए थे,मेरे होठो में एक अजीब सी जानी पहचानी मुस्कान खिल गई,ये मुस्कान मेरे होठो में तब आती है जब कोई मुजरिम अपने जुर्म को छिपाने के लिए सुबूत मिटाता है और मुझे वो सुबूत मिल जाती है..

मैंने इंक्रप्टेड फाइल्स को अपने लेपि में डाला और उसे एक जगह सेव कर लिया,साथ ही कुछ कॉल्स की रिकार्डिंग भी थे,मैंने मेसेज को सॉफ्टवेयर के जरिये खोला जो की अब टेक्स्ट फाइल के रूप में मेरे सामने थे,रोहित से मोना ने रात में ही चैट की थी जो कुछ ऐसा था …

“मुझे यकीन नही था की तुम्हे भी उस रात की बात याद होगी ,तुम्हारे आंखों में आये हुए आंसू ने सब बता दिया ..”

“वो बात अब पुरानी हो चुकी है रोहित,अब मैं शादी शुदा हु ..”

“हा जानता हु लेकिन तुम्हारे दिल में मेरे लिए प्यार अब भी है …”

मोना ने इसका कोई रिप्लाई नही दिया

“क्या हुआ ..मैं अब समझ सकता हु की प्यार तो तब भी था लेकिन तुमने कभी उजागर ही होने नही दिया ..”

“रोहित ये सब बाते छोड़ो ना अब इन सबसे क्या मिलेगा..”

“अभी कहा है ..”

“सो रहे है ..”

“मैं तुम्हे काल कर रहा हु ..”

“नही रोहित सुनो..”

इसके बाद से कोई मेसेज नही था मलतब साफ था की रोहित ने मोना को काल किया होगा..

मैं रेकॉर्डिंग को देखने लगा,रात की एक काल रिकार्डिंग थी ,मैं वो सुनने लगा..

“तुम पागल हो गए हो क्या ,कमरे से बाहर आकर बात करना पड़ रहा है ..”

मोना की आवाज में चिंता तो थी लेकिन वो थोड़ी रूवासी जरूर थी ,वो हल्के हल्के सिसक रही थी ,

“हा तुम ही कहती हो ना की मैं पागल हु ,इतने दिनों के बाद तुम्हे देखकर कोई पागल नही होगा ..”

रोहित की आवाज में नशे वाला भारीपन तो था लेकिन बेहद ही गमगीन आवाज थी,

थोड़ी देर तक कोई कुछ नही बोला

“याद है मोना वो रात जब हम दोनो एक हो गए थे..”

मोना ने कुछ भी नही कहा,वही सुनकर मेरी हालत खराब हो गई थी ,ये बात मोना ने मुझसे हमेशा से ही छिपाई थी ,

“रोहित प्लीज् वो एक गलती थी ,शायद हम शराब के नशे में थे ..”

“नशा तो था मोना लेकिन तुमने सच ही कहा था उसदिन की तुम मुझसे प्यार करती हो ..”

“रोहित तुम्हे आजतक कभी इस बात को नही छेड़ा तो अब क्यो,मैं तो तैयार थी ना तुमसे शादी करने के लिए,लेकिन परिवार की जिम्मेदारी तो तुम्हे उठानी थी,अब मैं अपने पति से प्यार करती हु,बेहद प्यार ...आज तक तुम मेरे जीवन में दखल नही दिया लेकिन आज ….”

वो सिसकने लगी

“मोना मुझे माफ कर दो ,मैं आज भी तुम्हारे जीवन में दखल नही देना चाहता ..लेकिन मैं बस उस बात से बहक गया था,मैं नही चाहता की अभी को हमारे बारे में पता चले,लेकिन मैं आज भी तुम्हे बेहद प्यार करता हु मोना,और मैं जानता हु की दिल के किसी कोने में तुम भी मुझसे मोहोब्बत करती हो …”

मोना थोड़ी देर तक चुप ही रही..

“हा रोहित करती थी तुमसे प्यार और करती भी हु,और प्यार कोई ऐसी चीज तो नही जो मर जाएगी ,लेकिन तुम्हारे अलावा मैं अपने पति से भी बेहद प्यार करती हु,और मुझे आशा है की तुम मेरे शादी शुदा जीवन में अब दखल नही दोगे..”

मोना का स्वर और भाव दोनो ही स्पष्ट थे ..वो दृढ़ थी ..

कही ना कही मुझे उसपर गर्व हो रहा था और खुद पर घमंड ..

“नही दखल दूंगा,शायद इसीलिए आज तक तुमसे दूर ही रहा क्योकि अगर तुम्हारे पास आता तो फिर से बहक जाता,सोचा था की अब सब कुछ ठीक हो गया होगा,फिर से हम दोस्तो की तरह रहने लगेंगे..लेकिन ...मुझे माफ कर दो मोना शायद मुझे यंहा से चले जाना चाहिए तुम्हारे जीवन से दूर हमेशा के लिए..”

रोहित रो पड़ा था ..

“रोहित ..”

इस बार मोना चिल्लाई थी ..

“तुम फिर से मुझसे दूर जाना चाहते हो …???अच्छा चले जाओ,लेकिन मेरी खुसी इसी में है की तुम मेरे पास रहो,मेरे सबसे अच्छे दोस्त बनकर ..”

दोनो ही कुछ नही बोले..

“दोस्त..हा वो तो जीवन भर रहूंगा लेकिन ….लेकिन अगर मैं बहक गया तो ,अगर हम दोनो ही बहक गए तो ..”

मोना हल्के से हँसी

“मुझे तुमपर और खुद पर पूरा भरोसा है रोहित,मैं तुम्हे और खुद को रोक सकती हु,ताकि हमारी मर्यादाओं का उल्लंघन ना हो..”

फिर से एक खामोशी सी छा गई..

“सच में तुम बड़ी बड़ी बाते करने लगी हो मोना,”इस बार रोहित हंसा और साथ ही मोना भी

“अगर कुछ हुआ ना तो तुम जानो ,मैं यही रुक रहा हु ..”रोहित की आवाज में एक चहक थी,

“थैंक्स मेरे कमीने..लेकिन एक बात बता,तू इतने जल्दी घर कैसे पहुच गया..”

रोहित हंसा

“अभी तेरे घर की बिल्डिंग के नीचे खड़ा हु ,सोचा था तू मान जाएगी तो तेरी किस ले के जाऊंगा “

“बहुत कमीना है तू ,अभी तो प्यार की बात कर रहा था ..”

फिर से दोनो ही हंसे

“ओके मेरी जान गुड नाइट “

“गुड नाइट कमीने और पहुच कर मिस काल कर देना ..”

“बाय लव यू ऊऊमाआआ “रोहित की बात से मोना जोरो से हँसी

“बाय लव यू कमीने और हमेशा ऐसे ही रहना”मोना ने हल्के से कहा ……

दोनो की बात सुनकर मेरे दिल में मोना और रोहित के लिए इज्जत और भी बढ़ गई थी ,सच में मैं मोना और रोहित के बारे में ऐसा नही सोच पा रहा था जैसा की मैं किसी दूसरे मर्द के साथ मोना के बारे में सोचता,उन दोनो में एक प्यार था अपनत्व था,दोस्ती थी जो बेहद ही गहरी थी ,साथ पाने की चाह थी लेकिन हवस नही ,मैं कुछ डिसाइड नही कर पा रहा था की क्या करू,मैंने एक गहरी सांस छोड़ी और आंखे बंद कर बैठ गया,मुझे मोना का प्यार चहरा दिखाई देने लगा...और ना जाने कब नींद आ गई ..

Update 14
खाली होने का दर्द क्या होता है ये उस आदमी से पूछो जिसे पहले अपने काम से एक मिनट की भी फुरसत नही मिलती थी और आज वो एकदम खाली बैठा हुआ हो,यही हाल मेरा भी हो रहा था,जासूसी और खतरों से खेलने का कीड़ा लगा बैठा था अब अपनी ही बीवी की जासूसी करके अपनी ही गांड जला रहा था,

लेकिन एक अजीब वाकया मेरे साथ मुझे सीधे कमिश्नर का फोन आया,पहले तो मेरी भी फट के चार हो गई थी ,लेकिन उसके बाद जो उन्होंने बोला उससे और भी फट गई,गृहमंत्री मुझसे मिलना चाहते थे,बंसल(वो मंत्री जिसे मैंने गिरफ्तार करवाया था,अब वो ना तो नेता बचा ना मंत्री तो नाम ही लिख रहा हु) के बारे में कोई बात करनी थी …

मैं दौड़ता हुआ वँहा पहुचा,एक और आश्चर्य था की मुझे वेट भी नही करना पड़ा ,मुझे तुरंत अंदर बुला लिया गया,कमिश्नर साहब पहले ही विराजमान थे,

“आओ आओ अभिषेक ..बहुत सुना है तुम्हारे बारे में “

गृहमंत्री ने बड़े ही प्यार से मुझे बिठाया …

“तो पुलिस डिपार्टमेंट के सबसे काबिल जासूस कहलाते हो तुम “

इतना बड़ा कॉम्प्लिमेंट और वो भी इतने बड़े आदमी से मैं थोड़ा शर्मा गया

“बस सर वो ..”

दोनो हल्के से हँसने लगे

“बंसल हमारे लिए भी एक कांटा ही था,उसे गिरफ्तार करवा कर तुमने हम लोगो को भी कई मुसीबत से बचा लिया ,जानते हो ना “

“जी सर “

“तुम्हे कैसे पता ?”

“क्योकि उस फाइल से कुछ चीजे मैंने ही निकाली थी “

दोनो की आंखे बड़ी हो गई और मैं जो इतने देर तक संकोच मे बैठा था थोड़ा फुल गया..

“जासूसी का कीड़ा नही जाएगा क्यो..”

गृहमंत्री के चहरे पर एक कुटिल मुस्कान थी

“मुझे पता था सर की बंसल उस लॉकर को इतने सिक्युरिटी में क्यो रख रहा था ,जिनके खिलाफ पुख्ता सबूत मुझे हाथ लगे वो सभी आज जेल के अंदर है ,बाकी जो जेल के अंदर नही है या तो उनके खिलाफ पुख्ता सुबूत नही थे ,या उनके गुनाह इतने बड़े नही थे …”

मंत्री जी बेहद ही गंभीर लेकिन चालाकी वाली मुस्कान से मुकुराये ..

“तो हमारे खिलाफ क्या मिला ..”

“कुछ खास नही सर बस ये ..”

मैंने जेब से एक पेन ड्राइव निकाल कर दे दिया..

“मुझे नही लगता की ये कोई ऐसा गुनाह है जिसके लिए एक मंत्री को सजा मिले,अगर इतना नही करेंगे तो काम कैसे करेंगे “

मंत्री जी ने तुरंत ही उसे अपने लेपटॉप में लगाया और राहत की एक गहरी सांस ली..

“तुम समझदार आदमी हो अभिषेक ,तुम्हे तो प्रमोशन मिलना चाहिए “

“थैंक्यू सर ..”

सच में उनके खिलाफ ऐसा कुछ नही था जिसे मैं छुपाता इसलिए उन सबूतो को देकर अपनी थोड़ी अच्छी इमेज बनाना ही मेरा मकसद था ,मेरे ऊपर लगा सस्पेंड भी वो हटवा सकते थे और साथ में प्रमोशन भी मिल सकती थी ..

“अच्छा सुना है तुम बड़े अच्छे जासूस हो कुछ हमारे बारे में भी बतलाओ ..

”

मैं चौका

‘क्या सर

“कुछ भी यार ,मुझे देखकर क्या लगता है …”

मैंने उनके चहरे को ध्यान से देखा ,वो मुस्कुरा रहे थे

“लोग आपको जो भी कहे लेकिन आप दिल के बड़े ही नरम आदमी है “

दोनो ही जोरो से हंसे

“अभी से चापलूसी शुरू कर दिया तुमने “कमिश्नर साहब ने कहा

“नही सर बस चहरा देख कर कुछ चीजे पता लग जाती है ..”

“अच्छा ठीक है तो बतलाओ और कुछ “

मैं उनका चहरा ऐसे देख रहा था जैसे कुछ पढ़ रहा हु

“आप अपने परिवार से बेहद प्यार करते है खासकर अपनी बेटी से ..”

मेरी बात सुनकर ही दोनो के चहरे का रंग उड़ गया

“ये क्या बक रहा है ,मंत्री जी को बस एक बेटा है “

कमिश्नर चिल्लाया,उसके चहरे की भी हवाइयां उड़ी हुई थी

“सर मैं जो देख रहा हु बस वही कह रहा हु,ऐसे आपकी बेटी आपको पसंद नही करती “

कमिश्नर फिर से चिल्लाने वाला था लेकिन मंत्री ने उसे इशारे से रोक दिया ..

“ह्म्म्म और बोलो ..”वो एक बेहद गंभीर स्वर में बोलो

“लेकिन उसे अपनी गलती का अहसास होगा वो आपके पास आएगी ,जब उसे प्यार होगा तो वो भी आपकी मजबूरी को समझ पाएगी ,और शायद आप भी उसकी मजबूरी को समझ पाओगे ..यही समय होगा जब आपको एक फैसला करना होगा ,हा या ना का फैसला ..एक फैसला आपकी बाकी के जीवन को प्रभावित करेगा ..”

उनके आंखों में आंसू था …

“सच बता की तुझे कैसे पता की मेरी कोई बेटी है ..”

“आपके चहरे में लिखा हुआ है ..”

वो हँस पड़े

“चुतिया समझ के रखा है ,एक झपडी में रहने वाले से आज एक गृहमंत्री बन गया हु ,ऐसे ही नही बन गया बेटे ..”

कमिश्नर दुविधा में हम दोनो को देख रहा था ,

मैंने एक गहरी सांस ली …

“बस पता है ये मत पूछिये की कैसे ..”

“ह्म्म्म तो ये भी पता होगा की मुझे वो हा या ना का फैसला कैसे करना है ..”

मैंने ना में सर हिलाया

“ये तो पता होगा की किसके लिए करना है ..”

मैंने हा में सर हिलाया

“तो इतने दिन घर में बैठ कर तुम मक्खी नही मार रहे हो ,बड़े पहुचे हुए चीज हो तुम मान गया तुम्हे ..”

कमिश्नर अब भी बेहद ही कंफ्यूज था ..

“बस ये बताओ की ना में फैसला करू की हा में ..”

“वो तो आपकी मर्जी है सर,लेकिन मुझे लगता है की बेटी का प्यार वापस चाहिए तो थोड़ी ना करके हा करना सही रहेगा “

वो खिलखिला उठा ,

“वेरी गुड तो कहने की जरूरत नही की तुम मेरे साथ हो ..”

“बिल्कुल सर “

“ह्म्म्म तो अब तुम जा सकते हो ,लेकिन जरा बचके ये बात बाहर नही जानी चाहिए “

उसने हम दोनो को घूरा और हम दोनो ने ही सर हिलाया ….

Update 15
“नारी का संम्मान सबसे ऊपर होता है,सिर्फ जिस्म की चाह करना उसकी बेज्जती है ,नारी तो प्यार का सागर होती है उससे प्यार करो उसका सम्मान करो ,लेकिन नही लोगो तो बस जिस्म की भूख सताए हुए है ,अरे भई जब लड़की का प्यार ही तुम्हे नही मिला हो तो जिस्म से कैसे सुख भोग सकते हो ,बिना प्यार के किया हुआ सेक्स भी कोई सेक्स होता है क्या...

लेकिन लोगो को तो जबरदस्ती करनी है चाहे लड़की को ही क्यो ना हो ..वो तो उन्हें इंसान समझते ही नही ,बेचारी लड़की …”

SP साहब ने पूरा जाम एक ही सांस में पी लिया ,माहौल गमगीन हो चुका था,मैं और रोहित ऐसे नजर गड़ाए बैठे थे मानो कोई गुनाह कर दिया हो ,मोना भी हमारे बीच बैठी चुप थी और किसी सोच में बैठी थी असल में हम सभी के दिमाग में इस खबर के कारण कई विचार चल रहे थे..

आज सुबह की घटना ने समाज को दहला कर रख दिया था,एक नाबालिक लड़की का रेप कर मर्डर कर दिया गया था,कातिल तो पकड़े गए थे लेकिन एक बार फिर से ये सवाल समाज के सामने खड़ा हो चुका था की आखिर क्यो..?

क्यो ऐसी दरिंदगी इस समाज में फैल गई है…आज मेरे घर में रोहित और SP साहब डिनर पर आये थे और यही बात हमारे बीच उठ गई ..

“इन्हें इतनी भी शर्म नही आती जब कहते है की लड़की का बलात्कार उनके कम कपड़े पहनने से होता है..”

मोना ने चिढ़ते हुए कहा ..

“क्या साड़ी और बुर्के पहनी औरतो का बलात्कार नही होता ,ये समाज क्यो नही समझता की बलात्कार की वजह मर्द के शरीर की वासना ही है जो उसके अंदर ही है ,लड़की को देखकर अगर वो वासना जगती है तो उसमे लड़की की क्या गलती है ..”

थोड़ी देर तक सभी चुप ही थे ,

“मुझे लगता है की ये बहस बहुत ही बड़ी है और अगर समाज को बदलना है तो खुद को बदलना होगा,क्योकि हमशे ही तो समाज का निर्माण होता है ना की समाज से हमारा..”

रोहित बोल उठा

“तुम सही हो रोहित लेकिन फिर भी थोड़ी गलती कर रहे हो ,हमसे ही समाज का निर्माण होता है लेकिन फिर भी समाज से ही मनुष्य के सोचने का तरीका निर्धारित होता है ,तो देखा जाए तो दोनो ही एक दूसरे के पूरक हुए ना..मनुष्य समाज को बनाता है फिर समाज मनुष्य को बनाने लगती है ,पहले जो चीजे जरूरतें होती है अब वो मजबूरी बन जाती है …”

मैंने एक गहरी सांस छोड़ी ..

“वो सब छोड़ो यार ,तुम बताओ तुमसे मैं पहली बार मिला रहा हु,तो क्या करते हो “

SP ने रोहित से पूछा

“जी सर मैं अभी ** कंपनी में हु ,मोना के कालेज का दोस्त हु “

“हा वो तो बतलाया था अभी ने ..तो अभी यार मंत्री जी को क्या गोटी पिलाकर आ गए ,की हमारा सस्पेंसन ऑर्डर ही कैंसल हो गया “

अब वो उद्दे पर थे जिसके कारण हम सभी यंहा बैठे थे ,हमारा सस्पेंसन ऑर्डर का कैंसल होना ..

“कुछ नही बस चाहते है की मैं उनके लिए काम करू ,अब सोच रहा हु की थोड़ी पोलिटिकल सपोर्ट होनी भी जरूरी है ,बंसल भले ही जेल में है लेकिन फिर भी बाहर कुछ पकड़ तो रखता है,हमारे पास भी तो कोई बेकअप होना चाहिए ..”

“हा ये भी सही है ..”SP ने पहले रोहित फिर मोना को देखा फिर मुझे आंखों से इशारा किया,मैं समझ गया था की वो मुझसे अकेले में कोई बात करना चाहते है ..

हम दोनो गैलरी में खड़े थे,और वो दोनो अंदर थे ..

“अभी ये मंत्री बहुत ही कमीने टाइप के होते है ,मेरी मानो तो अभी हमे अब्दुल पर ध्यान देना चाहिए ,”

“वो तो है लेकिन फिर भी सपोर्ट के बिना हम कर ही क्या सकते है ,अब्दुल अभी तक उतना ताकतवर तो हुआ नही है की उससे डरना पड़े ,और सर मंत्री जी कोई रोज तो काम नही देंगे ,जब उन्हें जरूरत होगी तब उनकी मदद कर दूंगा,और अगर उनके खिलाफ भी कुछ मिला तो वो भी जेल में “

SP मेरी काबिलियत जानता था ,और मेरा शुभचिंतक भी था,और ईमानदार भी ,इसलिए हमारी अच्छी पटती थी ,

“ह्म्म्म तुम समझदार हो अभी लेकिन सम्हलकर ,और हा जंहा तक अब्दुल की बात है साले ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है,खबरे आनी शुरू हो गई है की वो फिर से अपने गैंग को तैयार कर रहा है,पुलिस वालो और अधिकारियों को खरीद रहा है,और फिर से हथियार ,जुआ सट्टा ,अवैध शराब और ड्रग्स का धंधा जमाना चाहता है ,और अब तो वो भूमाफिया भी बनने के फिराक में है ,कमाई के लिए हर गोरखधंधा करेगा वो अब ..”

“हम्म ..”मैंने एक गहरी सांस ली

“वो तो मुझे पता था ही की बंसल के कमजोर पड़ने के बाद अब्दुल ताकतवर बन जाएगा और उसके सभी धंधे खुद ही सम्हालने लगेगा ,हमने अपना काम ईमानदारी से किया है सर बस इसी चीज की खुसी है की रात में चैन से सो तो पाते है,और बिना ऑर्डर के करे भी तो क्या करे,या किसी के कम्प्लेन का वेट करते है..”

“लेकिन तुम अपने मुखबिरों के टच में रहो,उसे अभी रोका जा सकता है अगर वो बढ़ गया तो फिर से रोकना मुश्किल हो जाएगा..”

मैंने सर हा में हिलाया और दोनो फिर से अंदर चले गए,

रोहित और मोना अभी किचन में थे,हम दोनो आकर अपनी जगह पर बैठ गए,थोड़ी ही देर में खाना भी लग गया….

Update 16
“क्या तुम रोहित से उतना ही प्यार करती हो जितना मुझसे ..”

मोना चौकी ,अभी वो मेरी बांहो में थी और अभी अभी हम दोनो एक दूसरे में झड़ कर लेटे हुए थे ..

“पागल हो गए हो गए हो क्या क्या बक रहे हो ..”

“जबसे तुम उससे मिली हो तब से तुम मुझसे बहुत कुछ छिपाने लगी हो ,मसलन अब तुम्हारे सभी मेसेज कट चुके होते है “

मोना की आंखे लाल हो चुकी थी,आजतक किसी लड़के के बारे में बात करते हुए मैंने उसे ऐसे हालत में नही देखा था ..

“तुम मुझपर शक कर रहे हो ..”उसकी आवाज में दर्द था

“नही जान ,मैं तो बस ये कह रहा हु की अगर तुम चाहो तो …..तुम तो मेरी फेंटेसी जानती हो ना “

वो उठ बैठी ,उसके चहरे पर अजीब से भाव आ रहे थे…

“किसी और के बारे में बोलते हो मुझे बुरा नही लगता लेकिन रोहित ..जानते हो ना की वो मेरे लिए कितना इम्पोर्टेन्ट है ,दोस्त है वो मेरा “

उसके इस रिएक्शन से मैं थोड़े देर के लिए चुप हो गया..

“आपकी फेंटेसी के लिए मैं किसी दूसरे मर्द की कल्पना भी कर सकती हु लेकिन रोहित की नही ,किसी और का नाम भी ले सकती हु ,किसी और के बारे में बोलकर आपको जला सकती हु लेकिन रोहित नही,अगर आप चाहो तो किसी का बिस्तर भी गर्म कर दूंगी लेकिन वो रोहित नही होगा ..”

उसके आंखों में आंसू आ चुके थे .मैं प्यार से उसके गालो को सहलाया और अपने सीने से लगा लिया,

“मैंने ऐसा कब कहा जान,मैं तो बस इतना जानता चाहता था की क्या तुम उससे प्यार करती हो ...और मुझे जवाब मिल गया “

वो मेरी ओर आश्चर्य से देखने लगी ….

“तुम इसीलिए रोहित का नाम नही लेना चाहती क्योकि तुम डरती हो की तुम्हारे अंदर वो भावनाएं ना जाग जाए जो तुम अपने सीने में दबाए बैठी हो ...तुम किस्से झूट बोल रही हो जान मुझसे या अपने आप से ..”

वो मुझे आंखे फाडे हुए देख रही थी ...जैसे उसे पता था की मैं जो भी कह रहा हु वो सभी सच ही तो था,

“जान सुनो मेरी बात मैं बस ये कह रहा हु की ऐसे घुट कर रहने से क्या फायदा है ,मैं तुम्हे खुस देखना चाहता हु और तुम ये भी जानती हो की मैं किन चीजों से उत्तेजित होता हु तो ….तो तुम अपनी जिंदगी इस शादी के बोझ के कारण खराब मत करो तुम उसी खुलेपन से अपनी जिंदगी जिओ जैसा जीना चाहती हो ..मैं तुमसे प्यार करता हु और करता रहूंगा ...बाकी तुम्हारी मर्जी मैं तुम्हे किसी भी चीज के लिए फोर्स नही करूंगा “

मैंने फिर से उसके गालो को चूमा ,लेकिन इस बार वो बेहद ही शांत थी,मैं लेटा रहा और वो बैठी हुई किसी सोच में डूबी रही …

*****

“हैल्लो कौन बोल रहा है “

“भाभी जी नमस्ते मैं हु ..”

“कौन ..??”

“अब्दुल “

मोना के साथ साथ मैं भी चौका ,मैं उसके काल की रिकार्डिंग सुन रहा था ,ये 3 घंटे पहले की काल थी ,

“तुम ..हा बोलो अब्दुल “

“बस आपकी याद आ गई तो काल कर लिया “

मोना हल्के से हँसी

“अच्छा याद कैसे आ गई हमारी “

“बस यू ही आज पुराने दिन को याद करते हुए ,उस दिन के आपके जलवे याद आ गए ,बस मन किया की बात कर लू “

“अच्छा ..तुम्हे अभी भी उस दिन के जलवे याद है “

“भाभी क्या लग रही थी आप,कसम से मन कर रहा था”

वो फोन में ही सिसकियां लेने लगा,जरूर साला हाथ से अपने लिंग को मसल रहा होगा ..

पहले तो मोना हल्के से हँसी ..

“बेटा अब्दुल अगर अभी को ये बता दिया ना तो तुम्हारे गांड से तुम्हारी याद खिंच के बाहर कर देंगे समझ गया,तो अब फोन रख..”

मैं मोना की बात सुनकर जोरो से हँस पड़ा मुझे यकीन नही हो रहा था की मोना ने ऐसा कहा होगा..

वही अब्दुल बुरी तरह से हड़बड़ाया गया था,

“भाभी अभिषेक सर को बीच में क्यो ला रही हो मैं तो बस ..

”

“देखो बेटा तुम जवान हो लड़की को देखकर लार टपकती है ये स्वाभाविक है लेकिन बात किसीसे कर रहे हो वो सोच लिया करो ,”मोना ने फोन रख दिया,वो जरूर मन ही मन हँस रही होगी …

लेकिन उसकी इस बात से मुझे इतना तो पता चल गया था की वो क्या बला है…

उसके काल लिस्ट में मुझे रोहित का नंबर भी दिखा ,और उसने उसके बाद फिर से अब्दुल से बात किया था..

मैं थोड़ा चौका लेकिन रोहित की बात सुनने लगा,

“गुस्से में क्यो हो “मोना ने पूछा

“तुम्हे किसने कहा की मैं गुस्से में हु “रोहित की आवाज में अभी भी थोड़ा गुस्सा था

“तुम्हारी आवाज बता रही है “

“ऐसी कोई बात नही है “

“तो फिर “

“कुछ भी तो नही ,कैसे काल किया था मुझे “रोहित के रूखे व्यव्हार से ,मोना भी चुप हो गई ..

अब इन्हें क्या हो गया ,मैं सोच में पड़ गया क्योकि कल ही तो दोनो ठीक थे ..

“कुछ नही बस याद आ गई “मोना ने भी रूखे हुए स्वर ने कहा ,रोहित हँस पड़ा

“अच्छा तुम्हे मेरी भी याद आती है भला क्यो..?”

“बस ऐसे ही ...उस बात को लेकर इतना क्यो गुस्सा दिखा रहे हो पता है ना की मैं शादी शुदा हु “

मेरा माथा ठनक गया,आखिर किस बात की बात कर रहे है ये दोनो

“शादी शुदा हो तो मैं क्या करू ,मेरी गलती है ..”

“हा तुम्हारी ही तो गलती है,वरना आज मैं तुम्हरी बीवी होती “

रोहित कुछ भी नही कह पाया

“और वैसे भी उस समय घर में SP साहब और अभी भी तो थे “

इसकी माँ का यानी ये कल ही हुआ था जब हम घर में थे ,लेकिन आखिर क्या

“अच्छा अगर वो नही होते तो क्या मुझे किस देती “

मोना हल्के से हँसी और मेरे दिल में एक अजीब सी लहर उठ गई ,साला जिस फेंटेसी के बारे में सोच कर एक्ससाइटेट हो जाता हु ,क्या सच में वो होने वाला था,और अगर वो होगा तो क्या मैं उसे सम्हाल पाऊंगा ..

मेरे दिल में एक डर उठा,एक अजीब सा डर ..

“वो मुझे नही पता की मैं तुम्हे किस करती की नही लेकिन अब मैं शादी शुदा हु बस इतना समझ लो “

“मतलब अब भी चांस है ..”

“रोहित बोला ना की मैं ..”

वो कुछ बोल पाती उससे पहले ही रोहित ने बात काट दी

“याद है वो रात जब हम ..”

“रोहित प्लीज् ,..वो एक गलती थी “

“तुम्हे आज भी ये लगता है की वो एक गलती थी या शराब के कारण था “

मोना कुछ भी नही बोल पाई जो की एक सबूत था की वो ये नही मानती

“बोलती क्यो नही मोना “

“क्या बोलूं,चलो मुझे काम में जाना है “

उधर से रोहित एक अजीब सी हँसी हंसा जिसमे एक दर्द था साथ ही व्यंग भी ..

“हा जाओ जाओ जब भी मैं उस रात की बात छेड़ता हु तुम्हे काम ही याद आ जाता है “

“रोहित जो हो चुका उसे हम भुला नही सकते क्या,इस तरह हम दोस्त भी नही रह पायेगें और मैं तुम्हारी दोस्ती को खोना नही चाहती ..”

“मैंने भी बहुत कोशिस की है मोना की हम दोस्त रह पाए लेकिन ...

शायद मैं टूट जाता हु तुम्हारे साथ ,खुस को सम्हाल नही पाता उस रात के बाद से ही मैं …”

“रोहित मैं चलती हु ,बाय,”

मोना ने फोन रख दिया ,और मैं एक सोच में डूब गया,मोना उसे अब उस तरह से मना नही कर रही थी जैसा उसने पहली बार में किया था,लग रहा था की अगर रोहित थोड़ी कोशिस करे तो कुछ हो जाएगा,मोना के व्यव्हार में भी एक चेंज था शायद वो भी रोहित के साथ अपने जिस्मानी रिश्ते को आगे ले जाना चाहती थी ,और शायद इसका दोषी मैं ही था क्योकि मैंने ही उसे ये छूट दे दी थी ,मैंने आखिरी काल चेक की जो की अब्दुल को की गई थी ,रोहित से बात करने के लगभग आधे घण्टे के बाद ..

“जी भाभी जी “

“गुस्सा तो नही हो गए जो मैंने कहा “

अब्दुल सच में चौक ही गया होगा

“जी नही नही ,कहिए..”

“बस ऐसे ही तुम्हारी याद आ गई “

“मेरी .???.”

अब्दुल अभी भी थोड़ा डरा हुआ ही था होता भी क्यो ना पहले बार में मोना ने जो उसे झाड़ा था ..

“क्यो तुम्हे मेरी याद आ सकती है तो मुझे तुम्हारी क्यो नही “

“क्यो मजाक कर रही हो भाभी जी ,बतलाइए की क्या काम है ..”

मोना ने एक उदास ही हँसी हँसी जिसका आभस अब्दुल को ही गया था

“क्या हुआ भाभी जी आप उदास लग रही हो ..”

“हा थोड़ी सी हु “

“मैं कुछ कर सकता हु ..??”

“घूमने ले चलोगे मुझे ..”

अब्दुल के साथ साथ मैं भी आश्चर्य में पड़ गया था ,आखिर मोना कर क्या रही है..

“कहा...यानी कब ..यानी..”

अब्दुल के इस जवाब से मोना खिलखिलाकर हँस पड़ी

“अभी आ जाओ ,कही चलते है,एक चाय हो जाए या काफी ..मेरे ऑफिस आ जाओ ..”

“बिल्कुल बिल्कुल अभी आया “

मोना की इस हरकत ने मुझे थोड़ा चिंता में डाल दिया,अब्दुल को लेकर नही क्योकि वो भले ही इस शहर का डॉन बन जाए लेकिन वो उतना मेच्योर नही था की मोना जैसी लड़की के साथ कुछ गलत कर पाए,असल में उसकी आंखों में मैंने मोना के लिए एक अजीब सा आकर्षण देखा था,और मोना में ये काबिलियत थी की उसे वो अपनी उंगलियों में नचा सकती थी ,लेकिन मुझे चिंता हो रही थी मोना के लिए ,वो रोहित को माना रही थी ,उसे सही तरीके से मना भी नही कर पा रही थी ,वो अपना दिमाग शांत करने के लिए अब्दुल के साथ चाय पीने जा रही थी,मुझे समझ नही आ रहा था की मेरी मोना को हो क्या रहा है कही ये मेरे द्वारा फैलाया गया सियापा तो नही जिसके कारण मोना टेंसन में है ,मुझे यकीन था की मोना कोई भी गलत कदम नही उठाएगी ,वो समझदार थी ,और गलत कदम का मतलब था की किसी भी के साथ संबंध नई बनाएगी लेकिन रोहित के साथ ….ये कहना तो अभी मुश्किल था,सबसे ज्यादा चिंता वाली बात ये थी की अगर उसने ऐसा किया तो मेरा रियेक्सन क्या होगा,क्या मैं गुस्सा होंउंगा,या मजे लूंगा जैसा मैं उसे कहता हु,...अभी तो मुझे भी नही पता था ...

Update 17
“आज आप कही गए नही “

मोना के चहरे में एक मुस्कान थी ..

“क्यो “

“मुझे लगा की आज से आप ऑफिस जाने वाले हो “

“ओह जान कहा तुम काम की याद दिला देती हो ,इन 15 दिनों में तो आदत सी हो गई है खाली बैठने की “

मोना जोरो से हँसी ,

“चलो मैं फ्रेश होकर आती हु “

“हम्म सुनो यार ये अब्दुल अब परेशान करने लगा है “

अब्दुल का नाम सुनकर मोना ठहर गई

“क्या हुआ ???”

मैं उसका चहरा भांपने लगा ,उसके चहरे में एक अजीब सा आश्चर्य था

“बस साला डॉन बनना चाहता है लगता है उसका कुछ करना पड़ेगा “

“ओह…”मोना ने एक गहरी सांस ली

“मैं तो उससे आज ही मिली थी लेकिन वो तो पहले की ही तरह लगा,और आपके सामने वो क्या है जब चाहे लगाम लगा देना “मोना ने मुझसे कुछ नही छिपाया ये मेरे लिए एक बड़ी बात थी ..

“तुम उससे कब मिल गई “

“वो …”वो थोड़ी नर्वस लगी

“वो ..क्या है ना की रोहित से थोड़ा कहा सुनी हो गई थी ,और आज सुबह अब्दुल ने मुझे काल किया था लाइन मार रहा था साला,पहले तो उसे झाड़ दिया,लेकिन रोहित से झगड़ा होने के बाद मुझे बेकार लग रहा था तो उसे साथ चाय पीने के लिए बुला लिया “

मैं खुद भी आश्चर्य में था की मोना सब कुछ सच बता रही थी …

मेरे चहरे के भाव शायद उसने समझ लिए

“अरे फिक्र मत करो मैं सम्हाल लुंगी उसे ,उसके पास इतनी ताकत नही है की वो कुछ आगे बड़े “

मोना तो हल्के से हँसी लेकिन मेरे चहरे की रंगत अभी भी वैसी ही थी ..

“क्या हुआ आपको ..”

“मुझे अब्दुल की नही रोहित के बारे में फिक्र हो रही है,क्या तुम उसे सम्हाल पाओगी..???”

मेरी बात से मोना लगभग सकपका सी गई

“ऐसा क्यो बोल रहे हो “

“ऐसा क्या हो गया की रोहित तुमसे गुस्सा हो गया ,और तुम उसे माना नही पाई बल्कि खुद भी अपसेट हो गई “

मोना को जैसे सांप सूंघ गया…

“कोई बड़ी बात नही है “

वो घबराई हुई बोली

“मोना तुम मुझसे कुछ छुपा तो नई रही,”मैंने उसपर एक भेदक दृष्टि डाली

“नही नही कुछ भी नही ..”

“जानती हो ना मैं कौन हु ,लोग मुझे पुलिस डिपार्टमेंट का सबसे काबिल जासूस कहते है ,और मेरी ही बीवी मुझसे कुछ छिपा रही होगी तो ये दुखद बात है “

मोना इस बार बुरी तरह से घबरा गई थी,कोई बात थी जिसका उसने मेरे सामने खुलासा नही किया था और वो उसके दिल में डर बनकर पैदा हो रहा था..

“मैं उसे कंट्रोल नही कर पा रही हु “

आखिर मोना ने मुह खोल दिया

“मतलब “

“मतलब वो आगे बढ़ना चाहता है और मैं उसे कंट्रोल नही कर पा रही “

उसकी नजर नीची थी और वो थोड़ी डरी हुई भी थी ..

“तो तुम क्या चाहती हो “

उसने नजर उठाई ..

“आपको क्या लगता है ..?”

उसका जवाब मेरे लिए मुश्किल पैदा करने वाला था

“मुझे क्या लगेगा “

मैंने अपना पल्ला झड़ते हुए कहा.

“क्यो आपको क्यो नही लगेगा,आप ही तो कहते थे ना की दूसरे के साथ देखकर आपको उत्तेजना का अहसास होता है ,तो अब बताओ की आपको क्या लगता है ..

”

अब मैं बुरी तरह से झेंप गया था

“तुम बात को बदल रही हो मोना मैंने पहले पूछा था “

मोना के चहरे में एक व्यंगात्मक मुस्कान आ गई

“बात को मैं नही आप बदल रहे हो ,जिस चीज के लिए इतने दिनों से मेरा दिमाग बदलने की कोशिस कर रहे थे आज वो सामने है अब बोलो की आपको क्या चाहिए,मैं सब में तैयार हु “

मोना की बात से मैं बुरी तरह से हिल चुका था,मेरा ही फैलाया गया शनिश्चर मंझे भी अपने चपेट में ले रहा था ,दुनिया के लिए मैं एक माहिर खिलाड़ी था लेकिन ये मामला तो दिल का था ,मेरे इमोशन का था ना की दिमाग का …

मैं अपने को कही ना कही हारा हुआ फील कर रहा था मेरे पास मोना के सवाल का कोई भी जवाब नही था…

मैं बस अपनी नजर नीचे किये हुए अपने सोच में पड़ा था ,की मोना के चहरे की मुस्कान और भी गहरी हो गई

“मुझे पता था की आप का रियेक्सन ऐसा ही होने वाला है,मैंने उस मंत्री के समय देखा था आपको की आपको मेरे दूसरे के साथ होने पर क्या होता है,जान खुद को धोखा देना बंद करो आप मुझसे प्यार ही नही करते बल्कि आपको मुझे बांटना भी नही चाहते ,मान लो इस बात को की आप मुझे किसी और के साथ नही देख सकते …”

मोना इतना बोलकर बेडरूम में घुस गई ,मुझे लगा जैसे किसी ने मेरे मुह में एक जोर का थप्पड़ मार दिया हो ,मैंने तो कहानियों में पढ़ रखा था की ये सब कितना आसान होता है,एक पति अपने पत्नी को बताता है की उसे क्या चाहिए फिर पत्नी भी किसी मोटे लंड की चाह में उसका साथ देती है और अपने पति को जलती है ,और पति दूसरे मर्द के साथ अपनी बीवी को देखकर हिलाता है,बीवी दूसरे का मोटा लंड और सेक्स की क्षमता से खुस हो जाती है और मजे से सेक्स करती है …

सब कितना आसानी से हो जाता है ,मैं भी यही सोचा करता था की मैं भी एक दिन मोना को दूसरे के साथ देखूंगा तो मेरा भी खड़ा हो जाएगा ,वो बेडरूम में होगी और मैं अपना लिंग मसलूंगा ...लेकिन ….लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी ,मोना ने मुझे एक अजीब सा दर्पण दिखा दिया था,मैं तो यही सोचता था की मैं बहुत ही मॉर्डन ख्यालात का व्यक्ति हु जिसे अपनी पत्नी की खुसी के सामने कुछ नही दिखेगा,उसे खुस देखकर मैं भी खुस हो जाऊंगा और खुश ही क्यो उत्तेजित भी हो जाऊंगा लेकिन यंहा तो कुछ और ही हो रहा था ,

मैं पहली बात अपने को भावनात्मक रूप से इतना कमजोर पा रहा था ,

मैंने एक गहरी सांस ली और एक सिगरेट जलाकर चुपचाप ही बेडरूम में घुस गया,मोना इस समय एक झीनी सी नाइटी पहने हुए अपने बालो को संवारते हुए बाथरूम से निकल रही थी ,उसके सभी अंग अपने चरम में मुझे मोहित कर रहे थे और मैं एक टक उसे देख रहा था ,वो मेरे पास आकर बैठ गई …

मुझे इस चिंता में देखकर उसका भी चहरा उतर गया…

वो मेरे गालो को सहलाने लगी और मेरे आंखों में देखने लगी ..

“क्यो अपने को तकलीफ दे रहे हो ,मान भी जाओ के सच क्या है ..

”उसके आंखों में कुछ आंसू दमक रहे थे

“लेकिन मैं…”

“उन कहानियों के पीछे क्यो पड़ रहे हो ,वो सच नही है वो सिर्फ कहानियां है बस ...और आप वैसे नही हो ,मैंने भी आपके कारण कुछ कहानियां पढ़ ली और मुझे समझ आया की आप तो उनमे से कोई भी नही हो ..आप मुझे बिस्तर में संतुष्ट करते हो ,और आप कोई डरपोक इंसान भी नही हो ,असल में आपको आजतक किसी चीज के सामने मैंने झुकते हुए नही पाया है,आप तो जिस्म और मन से ही इतने फौलादी हो फिर क्यो आप ऐसे बनने की चाह रखते हो ….मैंने आपकी फेंटेसी क्या कहते है उसे cuckolding के बारे में काफी पढ़ा उसमे एक अल्फा होता है और एक बीटा ,बीटा अपनी पत्नी को अल्फा मेन से से सेक्स करवाता है और खुस होता है क्योकि उसे लगता है की एक अल्फा उससे कही ज्यादा उसकी पत्नी को खुस करता है लेकिन क्या आपको लगता है की आप एक बीटा हो,नही जान आप ही तो वो अल्फा हो जिसकी कोई भी लड़की दीवानी हो जाती है ,आप सच्चे मर्द हो ,आपकी ये फेंटेसी ही झूठी है ..’

मोना मुझसे लिपट कर रोने लगी ,लेकिन मैं अब भी अजीब सी उलझन में था,मुझे भी पता था की मोना ने कुछ गलत नही कहा है,मैं बिस्तर में और समाज में दोनो ही रूप से मोना को संतुष्ट करता था,मैं खुद ही इतना पॉवरफुल था की रोहित राज ,शर्मा और अब्दुल जैसे लोगो की मुझसे ही फटती थी ,लेकिन फिर भी पता नही दिल के किसी कोने से ये आवाज आ रहा था की ये आइडिया बेहद ही उत्तेजक है …

“आप अब भी नही समझ रहे है ...है ना..अच्छा चलो अगर मैं कहु की मैं सच कह रही हु ,,और मैं रोहित से बेहद प्यार करती हु और उसके साथ सोना चाहती हु तो आप क्या कहोगे…”

मोना की बात से मैं फिर से हिल गया,मैं कुछ कह ही नही पा रहा था,उसने मेरे चहरे को जोरो से पकड़ लिया और मेरे आंखों में देखने लगी ..

“बस एक ही बात बोलो जो आपके दिल में आ रही है,अब आप मुझसे कोई भी झूट नही बोलोगे “

मैं उसके आंखों में देखने लगा ,उसके उस मासूम चहरे को देखने लगा ,उसकी वो बड़ी बड़ी आंखे जिसमे मेरे लिए असीम प्यार झलक रहा था,उसका वो नाजुक बदन जो अभी पतले कपड़े से ढंका हुआ था और उसके करीब होने का अहसास ही मुझे उसकी कोमलता का बयान कर रही थी ,

“शायद मैं उसे मार डालूं ..”

मेरे मुह से बस इतना ही निकला और मोना के चहरे में एक मुस्कान गहरा गई ,वो मुझसे लिपट गई ..

“बोला था ना आपको …’

वो मेरे सीने को चूमने लगी ,मैं अपनी ही दुनिया में खोया हुआ था,जैसे कोई व्यक्ति एक बेहद हसीन सपना टूटने पर खो जाता है ,मुझे यकीन ही नही हों रहा था की मेरी सच्चाई अखिर ये है,मैंने तो अपने को कुछ और ही सोचा था ,उन कहानियों के हीरो की तरह जो की हॉट वाईफ और cuckolding पर लिखी जाती है,(दोस्तो सच में कहानियां कहानियां ही होती है ,असल जीवन में ये हॉट वाईफ और cuckolding की फेंटेसी जिस्मानी से कही ज्यादा इमोशनल होती है ,मैं उन्ही पहलुओं को उजागर करने की एक चेष्टा में हु जिसके माध्यम से इन फेंटेसी को और अच्छी तरह से समझा जा सके और इस स्टोरी को सच्चाई के करीब ले जाया जा सके...ताकि पढ़ने में ऐसा ना लगे की ये क्या चुतियापा है ऐसा कभी होता है क्या ???जैसा मुझे ऐसी स्टोरी को पढ़ते हुए लगता है ...मैं कुछ तह की खोज में हु जिसे मैं स्टोरी के माध्यम से उखाड़ना चाहता हु जो ये बता सके की आखिर ये होती क्या है )

मोना मेरे सीने से लगी हुई मुझे अपना प्यार दे रही थी ,मेरे हाथ उसके बालो पर चले गए थे,और मैं उसकी कोमलता को ...उसकी कोमलता को जो मैं किसी के साथ बाटने की ख्वाहिश रखता था ..सहलाते हुए ये सोच रहा था की क्या मैं सच में इसे किसी और के साथ बांट पाऊंगा ….

और मेरा मन मुझे बस ये ही कह रहा था की इसका जवाब तो तुझे भी नही पता.......

“तो क्या सोचा अपने “

मोना की आवाज से मैं थोड़ा चौका,ना जाने कितने समय हो चुके थे मुझे अपने ही ख्यालों में खोए हुए …

“क्यो मुझे फंसा रही हो “

उसकी मुस्कान बेहद ही गहरी हो गई ..

“आखिर मान ही गए ना “

“हा लेकिन फिर भी कुछ अजीब सी गुदगुदी होती है जब सोचता हु की कोई दूसरा ..”

उसने मेरे होठो में अपनी उंगली रख दी ..

“बहुत हो गया अब ,..”

वो थोड़े देर कुछ सोचने लगी..फिर अचानक ही बोल पड़ी

“अच्छा एक काम करते है ..क्यो ना ऐसा करते है की मैं अपनी जिंदगी जीयू आप अपनी ,लेकिन अब मुझसे कोई उम्मीद मत करना की मैं आपको कुछ बताऊंगी ...किसी भी लड़के के बारे में “

मैं हँस पड़ा

“पता है ना की मैं कौन हु ,कैसे छिपाओगी .”

वो मुस्कुरा उठी

“हम्म्म्म तो मेरी जासूसी करोगे ..चलो देखते है कितनी करोगे ,”

“अच्छा तो कुछ प्लान कर रही हो ..”

“अब तो सोचना ही पड़ेगा कुछ ,बस आप अपने को काबू में रखना ,वरना किसी को सच में मार बैठोगे..”

उसके होठो में एक शरारती मुस्कान आ गई ..

“क्या तुम सच में कुछ करने वाली हो “

मैं थोड़ा गंभीर था,

“बहुत बोलते थे ना अब देखना,जलने का सारा शौक पूरा कर दूंगी मैं आपका “

वो शरारत से बोलकर फिर से सो गई,मैं बुरी तरह से कांप गया आखिर ये करने क्या वाली थी ...खैर मुझे इसकी कोई फिक्र नही थी क्योकि वो जो भी करती मैं कैसे भी करके उसका पता तो लगा ही लेता ..

Update 18
सुबह मुझे अपने काम भी जाना था ,मैं अपने ऑफिस पहुचा और मुझे मोना की बात याद आ गई ,मैंने अपना मोबाइल निकाला और देखने लगा,चार लोगो के मेसेज थे ,

शर्मा,राज,रोहित और अब्दुल ..

मैं सोच में पड़ गया की ये आज मोना को हो क्या गया है सभी को लाइन में ला रही है ..

शर्मा के साथ कुछ हँसी मजाक तक ही सीमित थी ,वही राज ने कई बार उसे कहा की तुम आजकल ज्यादा बात क्यो नही करती जवाब में मोना ने उसे कहा था की अब से करूंगी फिक्र मत करो …

अब्दुल फिर से कही साथ जाने की जिद में था ,मोना ने उसे भी आश्वासन दे रखा था ,लेकिन मेरे दिल के किसी कोने से ये आवाज भी आ रही थी की मोना इन सबके साथ कुछ नही करने वाली,उसका उद्देश्य बस मुझे जलाना था ..

मेरा इंटरेस्ट था रोहित ,आखिर रोहित के साथ वो कैसे विहेब करेगी ,

रोहित को मेसेज में उसने बस यही लिखा था की आज मिलते है ,रोहित थोड़े गुस्से में था और मोना ने उसे बड़े से प्यार से मनाया,और आज मिलने और साथ थोड़ा वक्त बिताने की बात कही …

मैं इन सबको पढा ही था की मोना का काल मेरे मोबाइल में आ गया..

“हैलो मेरी जान “

वो हल्के से मुस्कुराई

“कल वाली बात याद है ना ..”

उसने सीधे ही कहा

“हाँ क्यो ..”

“कुछ नही बस आज जलना शुरू कर दो ..”

“मतलब “

“मतलब मेरे सारे मेसेज तो पढ़ ही लिए होंगे..”

मैं बुरी तरह से चौक गया आखिर इसे कैसे पता ..??

“क्या बोल रही हो ..”

वो खिलखिलाई

“जान मैं एक जासूस की बीवी हु,आपके व्यहार से ही थोड़ा शक सा हो गया था की इन्हें मेरे बारे में कैसे पता चल रहा है,मैंने फोन की जांच करवाई तो आपके दो स्पाई सॉफ्टवेयर मिल गए ,तो आज आपको मेसेज पढा दिया,लेकिन माफ करना अब से कोई मेसेज और काल आप तक नही पहुचेगा “

वो बेहद ही शरारत से हँसी ,

“अरे जान तुम तो ..”

“हो गया आपका बहुत ,अब देखती हु मेरे जान की हालत क्या होगी ,जलने का इतना शौक था ना तो जलो अब,और करो जासूसी ...मुझसे कोई उम्मीद मत रखना की मैं कुछ बतलाने वाली हु …”

उसने हंसते हुए काल काट दिया ,मैं सर खुजाते रह गया,आखिर ये करने क्या वाली है ,क्या ये सच में किसी के साथ अफेयर करने वाली है...

मुझे तो नही लगता की मोना कुछ ऐसा करेगी लेकिन फिर भी एक शख्स के ऊपर थोड़ा डाउट जरूर था वो था रोहित …

मोना आज ही उससे मिलने वाली थी ,मेरा दिमाग बार बार वही जा रहा था की आखिर वो क्या कर रहे होंगे,मैंने एक रिस्क तो ले लिया था अब इस पाप की सजा भी तो मुझे ही भुगतनी थी,मोना एक मेच्योर लड़की थी लेकिन रोहित के सामने भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाती थी ,वही उसे ये भी पता था की मैं अगर गुस्से में आ जाऊ तो क्या करूंगा लेकिन फिर भी उसने मुझे जलाने की सोची थी ,वो अपने कदम बेहद ही फूंक फूंक कर रखने वाली थी ,मुझे उसके दिमाग पर भरोसा था लेकिन ये खेल कही ऐसे मुकाम में मत पहुच जाय की हमारे रिश्ते में दरार आ जाए ,ये एक चिंता शायद हम दोनो को ही थी

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मैं मोना की बात से अपना सर पकड़े हुए बैठा था की मेरे मोबाइल पर एक काल आया वो काल गृहमंत्री जी का था,

मैंने अपने सर को झटका ये साली फिर से एक नई मुस्किबत आ गई ..

“हैलो सर “

“क्या भई अभिषेक हमारे काम पर ध्यान नही दे रह हो यार अब तो तुम डियूटी भी जॉइन कर लिए हो और तुम्हारा प्रमोसन भी होने वाला है “

“बस सर आपके ही काम के बारे में सोच रहा था,”

“सोचो मत करो अब समय आ गया है की तुम जाकर डॉली से मिल ही लो,अगर कोई परेशानी हो तो कहो वरना मैं किसी दूसरे को इस काम में लगाऊंगा …”

मंत्री जी की बात सुनकर मैंने एक गहरी सांस ली ,

“आपको लगता है की कोई और आपके काम को मुझसे बेहतर कर सकता है..”

“इसलिए तो तुम्हे चुना है ,लेकिन तुम्हे भी इसमें इमोशनल नही होना है ,और इसे पर्सनल में मत ले लेना वरना काम हमारा ही बिगड़ जाएगा ,”

“जी सर लेकिन इसके लिए मुह थोड़े फंड की जरूरत होगी ,मैं सरकारी खर्च में तो नही कर सकता ना आपका काम “

मंत्री जी की हल्की सी हँसी सुनाई दी ..

“मैं समझता हु थोड़ी ही देर में मेरा एक आदमी तुम्हारे पास आएगा और तुम्हे एक ATM और पासवर्ड दे जाएगा,10 लाख है जैसा चाहो खर्च करो ,जरूरत हो तो और बताना …”

10 लाख साला जनता का ही तो पैसा है …

“ठीक है सर मैं आज ही निकल जाता हु “

थोड़ी ही देर में मुझे ATM मिल गया,मंत्री जी की तरफ से तो मुझे खुली छूट थी की मैं उनका काम कैसे करू ,उन्हें बस एक ही चीज से मतलब था वो था की

1. उनकी उस बेटी का राज दुनिया के सामने मत आये,

2. उनकी बेटी एक सही निर्णय पर पहुचे ,जिसमे मुझे उसकी मदद करनी थी

3. उस निर्णय को मंत्री जी का निर्णय बनाना (ये काम मैं मंत्री नही किसी और के लिए कर रहा था )

तीनो चीजों को दिमाग में रख कर मैं तुरंत ही घर के ओर निकला ,अब मोना का मोबाइल का एक्सेज तो मेरे पास नही था ,और जासूसी तो मुझे करनी ही थी ,मैंने पूरे घर में 5 जगह कैमरे लगा दिए …ऐसे मेरे घर में 4 ही कमरे थे ,2 बेडरूम एक हाल और एक किचन...

और एक कैमरा मैंने घर के इंट्री में लगा दिया था,सभी को मैं अपने मोबाइल या लेपटॉप से कंट्रोल कर सकता था,मैं अपने पर थोड़ा इतरा कर वँहा से निकल गया…

रास्ते में ही मैंने मोना को फोन कर दिया

“जान मुझे काम से बाहर जाना पड़ रहा है ,शायद 1-2 दिन या और ज्यादा मैं अभी नही कह सकता ,”

“क्या..?? ठीक है ,लेकिन आप तो मेरी जासूसी करने वाले थे क्या हुआ,और मुझे ऐसे खुली छोड़कर जा रहे हो,इस बीच कुछ हो गया तो “

उसकी शरारती आवाज मेरे कानो में पड़ी ,कितनी कमीनी हो गई थी ये ..

“खबरदार ..ऐसे भी तुम कुछ भी करो मुझे उसका पता चल जाएगा ..”मैंने अपनी होशियारी दिखाई

“ओहो मिस्टर जासूस देखते है ..ऐसे अभी मैं रोहित के साथ हु,अब आप नही हो तो साथ ही डिनर भी कर लेंगे,और रात को घर में …”

मेरा खून खोल गया …

मुझे चुप देखकर वो हल्के से हँसी ..

“जली ना जान ..”वो हँस पड़ी

“चुपकर कुछ की का तो देखना मैं क्या करता हु “

“अच्छा मैंने क्या किया है आपको कैसे पता चलेगा ..”

“मैं पता कर लूंगा ..”

“देखते है,..ऐसे आपके काम के लिए बेस्ट ऑफ लक ,और एक चीज जो कभी मत भूलना ..”

वो थोड़ी देर तक शांत रही

“आई लव यू जान ..”उसने पूरी शिद्दत से कहा ,मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई ,मेरी बीवी थी तो लाजवाब ..

“लव यू मेरी जान,..अपना ख्याल रखना कही मुझे जलाने की चक्कर में खुद को मत फंसा लेना “

वो हँस पड़ी

“अगर फंसी तो इतना भरोसा है की आप मुझे निकाल लोगे ,आपके ही दम पर खतरा उठा रही हु ,अब तो आपको भरपूर जलाऊंगी और खुद भी मजे लुंगी ,आप बैठ कर अपना मसलते रहना ..”वो जोरो से हँसी मेरे चहरे पर भी एक मुस्कान आ गई

“तू बहुत ही बदमाश हो गई है ..”

“आपने ही तो बनाया है ..”

“चलो जाना है लव यू ख्याल रखना ..”

“लव यू मेरी जान आप भी अपना ख्याल रखना और ज्यादा जलना मत..”एक हँसी के साथ हम दोनो थोड़ा इमोशनल हो गए और फोन कट गया…

Update 19
शाम के 8 बजे थे जब मैं होटल में चेक इन किया ,कल से मुझे अपने काम पर लगना था,

मैंने सबसे पहले मोना को काल किया,

पहले तो उसके हँसी की आवाज सुनाई दी फिर उसने हैल्लो कहा और साथ ही थोड़ा रुको भी …

“हा जान आप पहुच गए “

“हा पहुच गया तुम कहा हो “

“कहा था ना की रोहित के साथ डिनर पर आयी हु ,अब घर जाने वाली हु “

“ओह घर अकेले जाओगी या ..”

उसकी हल्की सी हँसी सुनाई दी

“पता कर लेना ऐसे 15 मिनट में घर पहुच जाऊंगी “

उसने हंसते हुए फोन को रख दिया ..

क्या बतलाऊ की इस खेल में मेरा क्या हाल हो रहा था,मुझे एक अजीब सा रोमांच महसूस हो रहा था,मैंने अपने मोबाइल से कैमरे को देखने लगा सभी कैमरे अपने सही जगह पर थे,बेडरूम में ही एक माइक्रो फोन भी लगा रखा था,उसमे से कोई भी आवाज अभी तो नही आ रही थी ,

जलन और रोमांच ..

दिल की धड़कने बड़ी हुई थी समझ नही आ रहा था की सही क्या है और गलत क्या है,एक तरफ मैं चाहता था की मेरी बीवी को कोई भी मत छुए वही दूसरी तरफ एक अजीब सी तम्मना भी थी की मोना मुझे धोखा दे जाए..

मैं बेसब्री से मोबाइल में नजर टिकाए हुए बैठा था ,मैं भी फ्रेश होकर तैयार हो चुका था लेकिन अभी तक तो घर कोई भी नही आया ,लेकिन थोड़ी ही देर में मुझे मोना रोहित के साथ घर के अंदर घुसते हुए दिखी,दोनो ही खुस लग रहे थे,लेकिन रोहित ने कोई भी ऐसी वैसी हरकत नही की थी की मुझे उनपर थोड़ा भी शक हो …

वो अंदर घुसे ,मारे हाल का चित्र देखने लगा,रोहित सोफे में जा जमा और मोना अपना बेग रखकर किचन में चली गई फिर पानी के साथ आयी ,उसने रोहित से कुछ कहा और रोहित ने सर हिला कर घर के दूसरे बेडरूम में प्रवेश कर दिया,मैंने वँहा भी कैमरा लगा रखा था,वो बेडरूम में जाकर सीधे बाथरूम में घुस गया,वही हाल में बैठी मोना उसके जाने के तुरंत भी बाद उठी और अपने बेग से एक छड़ी जैसी कोई चीज निकाली,मैं उसे देख कर हैरान रह गया क्योकि वो एक डिवाइस डिटेक्टर था,जिससे छिपे हुए माइक्रो फोन और हिडन कैमरा को डिटेक्ट करते है ,यानी मोना को शक था की मैं घर में कैमरा या माइक्रोफोन लगा कर ही जाऊंगा ..

उसने पहले हाल का कैमरा पकड़ लिया,मैं उसका चहरा अच्छे से देख सकता था उसने मुझे जीभ दिखाकर चिढ़ाया और हँसी ,उसकी आवाज तो मेरे कानो तक नही आयी लेकिन उसने मुझे जी भर कर चिढ़ाया और एक ही झटके में वो कैमरा काम करना बंद कर दिया,दूसरा कैमरा किचन का उसने पता लगा लिया वो भी बंद..

तब तक रोहित बाहर आ गया था,वो उस कमरे में घुसी रोहित को पता ही नही लगने दिया की वो क्या कर रही है उसने उस रूम का भी कैमरा बंद कर दिया,फिर थोड़ी ही देर में वो हमारे बेडरूम में आयी पहले तो वो एक जोर की अंगड़ाई ली फिर अपने काम में जुट गई उसे एक कैमरा और माइक्रोफोन मिल गया,उसने कैमरा को अपने चहरे की ओर कर लिया और माइक्रोफोन को अपने होठो के पास रखा…

मेरे सामने उसका चहरा था और कानो में एक आवाज गूंजी ..

“जान ...तो ऐसे मेरी जासूसी करने वाले थे आप,हाहाहाहाहाहाहाहा (वो जोरो से हँसी ) अब क्या करोगे जान ...भूल ही जाते हो की मैं आपकी ही बीवी हु आपके हर ट्रिक का मुझे पता है ,हाहाहाहाहा ओह मेरा बेबी जलन तो फूल हो रही होगी लेकिन कर कुछ ही नही सकते ,ओ ओह ..हाहाहाहाहा “

मैं सच में पसीने से भीग गया था वो तो सच में बेहद ही चालाक निकली ,मुझे ऐसे चिढ़ा रही थी की लग रहा था अभी जाकर उसे अपने बांहो में मसल दु,जी हा उसके ऊपर बेहद ही प्यार आ रहा था लेकिन हवस वाला ..

उसकी आवाज फिर से आई ..

“चलो ये कैमरा तो और माइक्रोफोन तो बंद कर रही हु अब रात भर सोचना की आखिर हम दोनो घर में कर क्या रहे है ,लेकिन आप के ऊपर भी एक रहम कर देती हु ,गेट वाला कैमरा नही निकलूंगी हाहाहाहाहा”

है भगवान उसे ये भी पता था की गेट में भी कैमरा लगा के रखा हु ,आखिर वो कैमरा भी बंद हो गया वही माइक्रोफोन से आवाज आनी भी बंद हो गई ,मेरा दिल कसमसा कर रह गया,संचमे ये बात मुझे जला भी देती और रोमांचित भी कर देती की मेरी बीवी घर में अकेले अपने पुराने बॉयफ्रेंड के साथ है,वो क्या कर रहे होंगे ,मेरे लिए तो सहना ही मुश्किल था ,आखिर अब करू तो क्या करू

Update 20
दिमाग खराब बेहद ही खराब था,आंखों के सामने बस वो गेट का फुटेज था जो की बंद था,मैं अपना लेपटॉप चालू किये बस उसे ही देख रहा था ,,अंदर क्या हो रहा होगा,??

मुझे मोना पर इतना तो भरोसा था की वो इतना आगे तो नही जाएगी की हमारी शादी को खतरा हो …

और वो चली गई तो ,मैं ही तो था जो उसे उकसाता रहता था,नही ये नही हो सकता,

जब दिमाग काम करना बंद कर देता है तो आप क्या करते है …?

शराब का सहारा,मैं दो घुट पी चुका था,आधा घंटा होई चुका था ..मैं परेशान भी था तो उत्तेजित भी ,लेकिन इतनी उत्तेजना की आदत मुझे नही थी ,मैं अब भी अपनी बीवी से बेहद प्यार था,और मैं अब भी कही ना कही ये चाहता था की वो वही मोना रहे जिसे मैं घर में छोड़कर आया था,किसी भी मर्द के लिए ये इतना आसान नही हो सकता की वो अपनी बीवी को ऐसे ही छोड़ दे …

बीवी खुद की संपति होती है और आपकी संपति पर कोई दूसरा राज करे तो सोच लो कैसा लगेगा ….

अचानक ही मेरे मोबाइल में एक मेसेज आया ,वो मोना का मेसेज था …

‘बेडरूम वाला कैमरा ऑन कर रही हु ,और माइक्रोफोन भी ..’

मेसेज पड़कर मेरे आंखों में आंसू आ गए क्या वो मुझे अपने आशिक के साथ मनाने वाली रंगरलियां दिखाने वाली है …

मैं सच में रो ही पड़ा ,तभी स्क्रीन में बेडरूम वाला कैमरा ऑन हुआ ,मोना का चहरा मेरे सामने था,उसकी आंखे लाल थी जैसे बेहद रोई हो,उसने अभी भी अपने कपड़े चेंज नही किया था …

मेरे कानो में आवाज आयी ..

‘आपके कारण मैं क्या करने वाली हु अभी ,छि अपने मुझे क्या बना दिया …’

वो कुछ बोलती उससे पहले ही मैंने अपने मोबाइल से उसे वीडियो काल कर दिया ...उसने कैमरा नीचे फेक दिया और मेरा काल उठाया …

हम दोनो के सामने हमारे चहरे थे दोनो की आंखों में आंसू था ,तभी मुझे एक आवाज आयी जैसे कोई दरवाजा पिट रहा हो ...वो रोहित ही होगा ..

‘मोना प्लीज् मुझे माफ कर दो ..’

रोहित की ये आवाज मेरे कानो में आयी ,मोना मुझे ही देख रही थी उसकी आंखे सूजी हुई थी ,लाल …

“मुझे माफ कर दो जान मैं तुमसे कुछ करने को नही कहूंगा प्लीज् …”

मैं उसके सामने गिड़गिड़ाने लगा ,वो रोते हुए भी हल्के से हँसी …

“आपको तो लगा होगा की आज मैं रोहित के साथ इसी बिस्तर पर है ना...

इसीलिए माफी मांग रहे हो ना ताकि मैं ऐसा कुछ ना करू ..”

उसकी आवाज में एक गुस्सा और शरारत दोनो ही थी ...मैंने हा में सर हिलाया

“भारतीय नारी हु अपने पति को ऐसे ही गुस्से में आकर धोखा नही दे सकती समझे ,लेकिन आपने तो दिल ही दुखा दिया क्या आप सच में ऐसा सोच रहे थे की मैं ऐसा कुछ करूंगी …”

वो नाराज लग रही थी

“पागल हो गई हो क्या नही नही ...मैं जानता था की तुम ऐसा कुछ नही करोगी तुम तो बस मुझे जला रही हो ,लेकिन डर तो लगता है ना “

वो हल्के से मुस्कुराई ..तभी पीछे से दरवाजा पीटने की आवाज तेज हो गई ,रोहित जोरो से मोना को सॉरी कह रहा था,

“तुम यंहा से जा सकते हो रोहित “मोना चिल्लाई और फिर से मुझे देखने लगी

“क्या हुआ वो ऐसे क्यो दरवाजा पिट रहा है …”

वो हल्के से फिर से हँसी ..

“क्योकि उसे भी वही लगा जो आपको लगा,कि पति नही है जाऊंगा और कुछ हो जाएगा,साला मुझे समझ के क्या रखा है ...एक झापड़ मार कर यंहा घुस गई हु अब चिल्लाने दो उसे “

मेरा मन एकदम से शांत हो गया ,मुझे पता था की मोना जब तक ना चाहे कोई उसे कुछ नही कर पायेगा ..मेरी खुसी देखकर मोना भी मुस्कुरा उठी ..

“इतना खुस मत हो वो आज आपके ना होने का पूरा फायदा उठा रहा था,साले ने जबरदस्ती क्या क्या नही दबा दिया ..”

वो इतराते हुए बोली ,एक पल के लिए मेरी सांसे ही रुक गई ..

“क्या ...उसे तो मैं ..”

मैं बोल तो गया लेकिन मेरे चहरे को देखकर वो मुस्कुराई

“आपको गुस्सा तो नही आ रहा है ये सब किसी और को कहना इतना झूट तो मैं भी पकड़ सकती हु “मैं हँस पड़ा सच में मुझे इस बात पर कोई गुस्सा नही आया था ,असल में मैं तो बस इस बात से खुस था की कुछ ज्यादा नही हुआ ,

“गुस्सा नही आया तो उत्तेजना तो आई ही होगी आपको की रोहित ने मुझे मसल दिया “

उसके होठो में एक शरारती सी हँसी आ गई ..मैंने उसे आंखे बड़ी करके देखा

“क्यो तुम्हे भी मजा आया क्या “

वो हल्के से हँसी लेकिन उदास स्वर में कहा जैसे खुद से कह रही हो ..

“मजा आता अगर ये मैं जानबूझ कर करती ,लेकिन ….लेकिन उसने जबरदस्ती की ,उसने जिसे मैं दिल से अपना दोस्त मानती हु ,...”

उसके आंखों में फिर से आंसू आ गया था,और मुझे उसके दिल का कोई भी हाल समझ आना बंद हो गया था,आखिर वो चाहती क्या है ...एक बार फिर दरवाजा खटखटाया गया लेकिन इस बार थोड़ा धीरे ..

“मोना मुझे माफ कर देना मैं तुम्हे गलत समझ गया,सॉरी यार ,मैं जा रहा हु आशा करता हु की तुम मुझे माफ कर दोगी ..”

मोना ने पीछे मुड़ कर दरवाजे को देखा ..

फिर मुझे

“क्या वो चला गया”

मैंने लेपटॉप में देखा घर का दरवाजा खुला और रोहित बाहर निकला ,वो बेहद ही परेशान दिख रहा था ,

“हा वो चला गया “

मोना ने एक गहरी सास ली और जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया वो आकर बिस्तर में लेट गई …

“जो हुआ वो नही होना था मोना ,शायद मेरे कारण ये सब हो गया “

मैं उसे उदास देखकर बोला ,उसके होठो में एक फीकी सी मुस्कान आई ..

“नही अभी ये तुम्हारे कारण नही हुआ,मैं तो बस तुम्हे जलाना चाहती थी इसका हमारे उस खेल से क्यो वास्ता नही था,मैं जानती हु की तुम मुझपर भरोसा करते हो और मुझे समझते हो ….जो हुआ उसका कारण शायद वो रात थी जो हमारे बीच बीती थी ..”

मैं चुप उसके बाते सुन रहा था,मोना ने अपने जीवन की हर जरूरी बात मुझे बतलाई थी लेकिन ये नही …

उसने मेरे चहरे को देखा ,उसकी आंखों में कोई भी भाव नही थे जैसे वो शून्य में गुम हो गई हो ..

“क्या हुआ था उस रात ..”मैं पूछ बैठा..

वो मुस्कुराई

“सुन पाओगे “

“थोड़ा तो समझ ही गया हु ,”

“फिर भी मुझसे प्यार करोगे ..”

उसकी आंखों से वो सवाल साफ था जो उसने मुझे पूछा था..

“कोई शक,”

“तुमने कैसे जाना उस रात के बारे में ,..ओह वो सब सॉफ्टवेयर...जासूसी कर रहे थे ना मेरी “

मैं थोड़ा घबरा गया

“नही जान बस थोड़ा ..”

“चुप रहो संमझती हु आपको ,भले ही कितना भी कहो की प्यार करते हो लेकिन फिर भी दिल के किसी कोने में आप को शक का कीड़ा काटता ही रहता है ,सभी मर्द एक ही जैसे होते है तो आप कैसे उनसे जुदा होंगे ..’

मैं कुछ भी नही कह पाया ..

वो भी कुछ नही बोली ,थोड़ी देर बाद ही उसने एक गहरी सांस ली और कहना शुरू किया……

“तब हम कालेज में थे,रोहित और मैं बेहद ही अच्छे दोस्त थे ,रोहित मुझे चाहता था एक लड़की की तरह लेकिन उसने कभी सिरियासली नही कहा,हा मजाक में वो मुझे कई बार प्रपोज कर चुका था ,मैं जानती थी की वो मुझसे प्यार करता है उसकी आंखे बताती थी ,और मुझे भी उससे प्यार था लेकिन फिर भी हम दोस्ती का चोला ओढ़े हुए थे ,जब तक वो रात नही आयी………”

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मोना ने कहना शुरु किया,

उस रात हम एक पार्टी में थे,हम दोनो ही बेहद ही खुस थे,मैं रोहित के साथ ही पार्टी में आयी थी,हमने जमकर शराब भी पी ली थी,रोहित ही मुझे अपनी बाइक से घर छोड़ने वाला था,हम दोनो की दोस्ती ऐसी थी की मुझे उसके साथ कभी डर नही लगा,हमारे ही कालेज में लड़की थी जिसका दिल रोहित पर आ गया था,बहुत ही पैसे वाली लड़की थी ,लेकिन रोहित तो ठहरा मेरा दीवाना,मुझे उसने उस दिन तक कुछ नही कहा था वो लड़की मेरे पास आकर रोहित से अपनी बात कहने को कहती और उसकी बात सुनकर ही रोहित का चहरा उतर जाता,मैंने रोहित को बहुत कहा लेकिन वो उस लड़की को भाव ही नही देता था,पार्टी तो खत्म हो गई लेकिन ठंड के दिन में हल्की बरसात ने मौसम को और भी गर्म बना दिया था,मैंने घर में बता दिया की मैं उस लड़की के साथ रुक रही हु जो रोहित को चाहती है,रोहित भी हमे उस लड़की के घर तक लिफ्ट देने को राजी हो गया ..

लड़की ने जिद की मैंने बाइक में रोहित के पीछे बिठा दिया,उसका घर तो आ गया था लेकिन उसने रोहित से एक और ड्रिंक के लिए रिक्वेस्ट की ,उस लड़की के घर पर ही हम तीनो ने दो ड्रिंक्स और लिए,लड़की ने अपने आधे कपड़े खोल दिए ताकि वो रोहित को उत्तेजित कर सके लेकिन वो इतने नशे में हो चुकी थी की वो गिर रही थी हमने मिलकर उसे उसके कमरे में सुला दिया,और रोहित जाने लगा…

“रोहित यार इतनी चढ़ गई है और हम भीग भी गए है ,यही रुक जा कपड़े बदल ले ऐसे भी इसके बाप के पास बहुत पैसा है थोड़ी उसकी शराब और पी लेते है …”रोहित मेरी बात को टाल नही सका,हम दोनो ने ही अलग अलग कमरे में जाकर कपड़े बदल लिए,मैं एक नाइटी पहन कर उसके सामने आयी तो उसका चहरा खुला का खुला रह गया,नशे की हालत और भीगा हुआ बदन ,मैं भी उसके सुडौल शरीर को देखते ही रह गई थी ,ये मेरा पहली बार था जब मैं किसी लड़के की तरफ यू खिंची चली जा रही थी …

हमने एक पैक और बनाया,दोनो ही सोफे में बैठे थे ,रोहित मुझे ही घूर रहा था ...उसका शरीर भी भीगा हुआ था,दोनो को ठंड तो लग रही थी लेकिन शराब ने हमे थोड़ा गर्म कर रखा था,

“ऐसे क्या देख रहा है “

“तुम बहुत ही सुंदर हो”

मैं हल्के से हँसी

“कोई नई बात बोल ना “

“मैं तुमसे प्यार करता हु “

“मैं भी करती हु …”

वो मेरे आंखों में देखने लगा

“क्या हुआ ..”

“इस बार मैं सच कह रहा हु ..

”

उसने अपना हाथ मेरे जांघ पर रख दिया,जैसे मेरे शरीर में एक करेंट सा दौड़ गया था ,वो अपने हाथो को हल्के से हिलाया,मेरे जिस्म में एक सुरसुरी सी दौड़ी ,शराब का वो नशा नही था जो इस छुवन का था ..

“रोहित हम अच्छे दोस्त है ..”मेरी जुबान लड़खड़ा रही थी

“लेकिन फिर भी मैं तुम्हारे प्यार में हु मोना ,मैंने कई बार ये कहना चाहा लेकिन हिम्मत ही नही हुई ..”

उसका हाथ जांघो में थोड़ा और ऊपर गया,वो जांघो के जोड़ के करीब ही था,और मेरे बिल्कुल पास आकर बैठ गया था,उसकी सांसे मेरे चहरे से टकरा रही थी ,मैंने नजर नीचे झुका रखी थी ,वो मेरे और भी करीब सटता गया,

“मोना आई लव यू ..”

उसने अपने होठो को मेरे होठो से मिला दिया ,मेरे भी दिल में इतने दिनों से दबे हुए अरमान जैसे एक ही झटके में बाहर आ गए मैं भी उसे चाहती थी लेकिन आज तक उससे कुछ कहा नही था,हम दोनो ही दोस्ती की आड़ में अपने जज़बातों को छुपा रहे थे …..

“कहो ना मोना क्या तुम मुझसे प्यार नही करती “

रोहित के सांसों की गर्मी मुझसे बर्दास्त नही हो रही थी ,मैं क्या कहु मेरा दिल ही जिंदा था दिमाग तो शराब ने मार कर रखा था…

मैंने उसे अपने पास खिंचा और उसके होठो में अपने होठो को मिला दिया……

अभी हमारे बीच वो हुआ जो होना था,हम एक हो गए दो जिस्म एक हो गए अभी…

मोना रोने लगी थी,और मैं उस सिचुएशन की कल्पना कर रहा था की वो कैसे एक हुए होंगे…

उसने फिर से कहना शुरू किया…

इसके बाद से ही हम दोनो कट से गए ,और हमारी शादी हो गई,रोहित भी बाहर चला गया,मजेदार बात ये है की उसे वो लड़की फिर से मिली जो उसे बेहद ही प्यार करती थी...और अब हम फिर से मिल गए ..अजीब दुनिया है ना अभी …

मैं कुछ नही कह पाया ..

“क्या अब भी वो प्यार बाकी है “बस मेरे मुह से इतना ही निकला

“”हा है...लेकिन अब मैं तम्हारी हु …”

मोना इतना बोल कर ही चुप हो गई ..

“क्या उस लड़की का नाम डॉली था ..”

मेरे प्रश्न से वो चौक गई

“तुम्हे कैसे पता ..??”

मेरे होठो में बस एक मुस्कान आ गई….

Update 21
बार में हल्की हल्की सी रोशनी फैल रही थी और हल्के संगीत में लोग झूम रहे थे,माहौल नशीला था और लोग भी नशे में थे,मेरे टेबल के पास ही 3 लड़के अपनी शराब में पूरी तरह से डूबे हुए दिखाई दे रहे थे,वही उनकी नजर डांस फ्लोर पर थी ,डांस फ्लोर में एक बेहद ही मदमस्त सी हसीन लड़की पर उनकी नजर थी जो की अपने ही धुन में झूम रही थी ,लड़की के कसे हुए पिछवाड़े उसके मिनी स्कर्ट में मटक रहे थे,जो जानलेवा दिखाई पड़ रहे थे..गोरा रंग कुछ लाल हो चुका था शायद ये शराब का ही असर था…

उसके वक्ष भी बड़े तरबूज से दिखाई पड़ रहे थे,दूर होकर भी उसके शरीर का सही अनुमान हो पा रहा था,लड़के उसे भूखी नजर से देखते हुए उसके हुस्न की तारीफ अपने ही ढंग से कर रहे थे,लड़की भी नाचते नाचते थक गई और हमारे तरफ ही आयी..

“हाय क्या बदन है मिल जाए तो …”

उस लड़की की बात शायद लड़की के कानो में पड़ गई वो वही रुक कर उन लड़को को देखने लगी ,फिर उनके टेबल में रखा हुआ जाम भी अपने हलक के अंदर उतार लिया,लड़के बस उसकी इस अदा को देखते ही रह गए,वो उतनी बोल्ड दिख रही थी उतनी थी भी ,उसने लड़को को हल्के से मुस्कुरा कर देखा…

“जिस्म की इतनी भी चाह मत करो की भेड़िए भी बन जाओ “लड़की की आवाज में एक ललकार थी जिससे वो जवान लड़के भी थोड़े सहम से गए,वो मुस्कुराती हुई आगे बढ़ गई,उस लड़की को और उसकी इस अदा को देखकर मेरे होठो में एक मुस्कान तैर गई……..

***********

पार्किंग में वही लड़की उन तीनो लड़को के बीच खड़ी थी ,लड़के उसके हाथो को जोरो से पकड़ रखे थे और अंधेरे में उसके साथ कुछ करने की फिराक में थे,लड़की नशे में थी फिर भी उसके ताकत ने लड़को को हलकान कर रखा था,वो तीनो मिलकर भी उसे ठीक से काबू नही कर पा रहे थे,

“ये छोड़ो उसे ..”मेरी गरजती हुई आवाज से उनका ध्यान मेरी ओर गया..लड़के मुझे देखने लगे तभी एक लड़के ने अपने जेब से एक चाकू निकाला ..

“जान प्यारी है तो निकल जा “

उसकी बात से मुझे थोड़ी हँसी तो आयी लेकिन मैं फिर भी नही मुस्कुराया और उनकी तरफ बढ़ने लगा,वो लड़का चौकन्ना हो चुका था और अपने हाथो में उस चाकू को खिला रहा था,दो लड़के भी मुझे ही देखने लगे शायद उनकी पकड़ ढीली हुई और ..लड़की ने जोर से एक लात एक लड़के के जांघो के बीच में लगा दी ,वो तिलमिला उठा लेकिन लड़की को नही छोड़ा …

दूसरा भी उसपर काबू पता इससे पहले ही लड़की ने फिर से अपने पैर उछाले और उसकी जांघो को निशाना बनाया लेकिन लड़का बच गया,इधर तीसरा लड़का चाकू लिए कुछ सोचने लगा और उसने तुरंत ही अपनी दिशा मेरे ओर से लड़की की ओर की…

“अगर होशियारी दिखाई तो यही काट दूंगा “

लड़का होशियार निकला उसने लड़की के गले में चाकू ठिका दिया था,मैं भी वही जड़वत खड़ा हो चुका था,ऐसा लगा की बाजी उनके हाथो में है तभी …

एक कार की रोशनी से सभी चौन्धिया गए ,कार रुकी और एक पतला दुबला काला सा शख्स निकाला,वो गुंडों और लड़की को देखकर मुस्कुराने लगा …

“ये लाइट बंद कर और निकल यंहा से “लड़का चिल्लता उससे पहले ही उस शख्स ने उनपर पिस्तौल तान दी ,

लड़को की हालत खराब हो चुकी थी ,

“ये मार देंगे इसे “

“मार दे लेकिन फिर तेरा क्या होगा “वो शख्स जरा भी बिचलित नही हुआ उसकी आवाज में एक भारीपन था,बड़े ही आराम से बोले गए उसके शब्दो में बहुत ही वजन था,लड़के पीछे हटने लगे ,

“अबे गाड़ी ले के आ “एक लड़का दौड़ पड़ा ,उनकी गाड़ी उनके पास आकर रुकी और उन्होंने लड़की को आगे फेका और खुद रफू चक्कर हो गए ,मैंने दौड़कर लड़की को थाम लिया …

“तुम ठीक तो हो ना डॉली “वो शख्स दौड़ते हुए उसके पास आया ..

“मैं ठीक हु डॉ …”वो सम्हाली

“थैक्स आप आ गए वरना “

डॉली मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी ..

“कोई बात नही ,ऐसे आप भी काफी बहादुर है ..”वो हल्के से हँसी

“अरे ये इसने ज्यादा पी ली थी वरना इन लड़को को तो यू ही मसल देती क्यो सही कहा ना “

उस शख्स की बात पर वो हँसी ..

“आप भी डॉ साहब …”

“हल्लो मैं डॉ चुतिया हु ,थैक्स आपका आप सही समय में आ गए “

मेरी नजर उस शख्स पर जा टिकी उसके चहरे में एक गजब की चमक थी वो मुझे देखकर स्माइल दिए जा रहा था,मैंने भी अपना हाथ आगे बढ़ाया ..

“हैलो मैं अभिषेक ...आपका नाम सुना हुआ लग रहा है ..”

वो हंसा

“सुना होगा कही ये बहुत फेमस है ,इन्होंने ही तो मशहूर ड्रग्स माफिया रोबर्टो को पकड़वाया था ..”

मेरी आंखों में चमक आ गई

“ओह सर आप डॉ चुन्नीलाल तिवारी यरवदा वाले उर्फ डॉ चुतिया ,मैं कैसे भूल गया “

वो भी हल्के से हंसे

“और आप DSP साहब मैंने भी आप का नाम सुन रखा है ,बंसल को पकड़वाने वाले आप ही हो ना “

“क्या बात है मैं इतना फेमस हु मुझे नही पता था “मुझे सच में नही पता था ..

हम दोनो ही हँस रहे थे वही डॉली मुझे ध्यान से देख रही थी..

“आप DSP अभिषेक है ,मंत्री बंसल केस वाले ..”

“जी क्यो ??”

उसके चहरे में जैसे चमक दुगुनी हो गई ,

“वाओ “

वो उछल कर मेरे गले से लग गई ,मैं और डॉ दोनो ही उसके इस रिएक्शन से डर गए ..

“वाओ तो आप है मेरी जान के पति देव …”

मुझे अब माजरा समझ चुका था..

“तभी तो मैं कहु की आखिर मैंने आपको कहा देखा है,शादी में तो आ नही पाई हा फेसबुक में जरूर आपके फोटो और चर्चे सुने है …”वो बेहद ही खुस दिखाई दे रही थी ..

“ओह तो आप मोना की दोस्त है ..”

“हु नही थी ..”

ना चाहते हुए भी उसके होठो में एक फीकी सी मुस्कान उभरी ..

“मतलब ..”

“अब मतलब तो वो ही आपको बताएगी,बस इतना समझ लो की एक गलतफहमी हो गई थी हमारे बीच ..”

ओह तो ये माजरा था,जिसे ये गलतफहमी कह रही थी शायद इसे नही पता की वो सही फहमी थी..

“तो चलिए अभी दूर कर देते है आप दोनो की गलतफहमी को “

मैं फोन निकाल कर मोना को काल करने लगा,मैंने उसे पूरा वाकया बताया,वो भी बेहद खुश लग रही थी ,मैंने दोनो को आपस में बात करवाया ,वो दोनो ही इमोशनल लग रहे थे,डॉली बात करते हुए हमसे दूर चली गई थी …

“तो DSP साहब कैसे आना हुआ यंहा “

डॉ के चहरे में वही मुस्कान थी,

“बस एक तहकीकात के सिलसिले में आया था..”

“ओह मुझे लगा की आपको डॉली के पिता जी ने भेजा होगा”

अब डॉ के चहरे की मुस्कान गाढ़ी हो चुकी थी ..मैं उनकी बात सुनकर थोड़ा घबराया ..

“म..मतलब “

“घबराइए नही वो मेरे अच्छे दोस्त है ,मंत्री जी से बात हुई मेरी ,और मैं भी चाहता हु की इस लड़की का जीवन सुधार जाए,लड़की बुरी नही है बस बुरी आदतों की मारी है,अब शायद आप ही कुछ कर पाए ..”

“जी कोशिस करूंगा ,लेकिन आप को कैसे पता की ये मंत्री जी की बेटी है ..”

वो फिर मुस्कुरा उठे ..

“क्योकि मंत्री मेरा पुराना दोस्त है और इसकी माँ भी मेरी दोस्त थी,जवानी में फिसल गए और फिर इज्जत बचने के लिए इस बेचारी को दुनिया से छिपा कर रखा ,लेकिन प्यार वो इससे भी बहुत करते है..लेकिन इसे बस यही गम है की सब कुछ होते हुए भी पिता का साया इसके पास नही है ,और अब जिससे ये प्यार करती है वो भी इसे छोड़कर चला गया…”

“ओह”मैं उसके सामने बस इतना ही बोल पाया जबकि मेरे दिमाग में कई बाते एक साथ चल रही थी,क्योकि डॉ को भी बहुत कुछ पता था ..क्या इन्हें मोना और रोहित के रिश्ते के बारे में भी पता है,जैसा मुझे डॉली की बातो से लगा की डॉली रोहित को लेकर मोना से नाराज है...मैं अपनी ही सोच में गुम था की डॉ बोल पड़े..

“ऐसे ये बात ज्यादा सोचने वाली है की आपको इसके बारे में कैसे पता चला “

“जी जी...वो ..”मैं उनकी बातो को समझने की कोशिस कर रहा था..

“वो क्या है ना की ...मेरे भी अपने कुछ कांटेक्ट है ..”मैं हल्के से मुस्कुरा दिया

“बहुत खूब..”वो भी मुस्कुराने लगे..

तभी डॉली अपने आंसुओ को पोछती हुई हमारे पास आयी...और फोन मुझे थमा दिया..

“कही साथ डिनर करते है”डॉली बोल उठी

“बिल्कुल “मैंने और डॉ ने एक साथ कहा ..

Update 22
डिनर की मेज पर हम तीनो ही हँस हँस कर बाते कर रहे थे,मुझे डॉली और डॉ के बारे में बहुत सारी बाते पता लगी,तभी मेरे मोबाइल में दो तीन मेसेज आये ..

“उससे बच कर रहना ,साली अपने बदन के डोरे आप पर मत आजमाए..”ये मोना का मेसेज था जिसे पड़कर मेरे होठो में मुस्कान आ गई

“ऐसे भी वो मुझसे जलती है क्योकि उसे लगता है की मेरे कारण रोहित उसे छोड़ गया,अब वो मेरे प्यार को मुझसे अलग करने की कोशिस करेगी ..”

मैं फिर मुस्कुराया ..मैंने भी उसे एक मेसेज चीपका दिया

“अब समझ आया की जलना किसी कहते है …”साथ ही ढेर सारी स्माइल भी भेज दी …

**************

मैं अपने होटल की पार्किंग में अपने कार से उतरा ही था की 3 लड़के मुझे आकर घेर लिए ..

वो वही लड़के थे जिन्होंने डॉली को छेड़ा था..

उन्हें देखकर मेरे होठो में मुस्कान आ गई ..

“क्या सर उसके हाथो में तो बंदूख था,कही हमे मार देता तो ..”

लड़के की बात से मैं हँस पड़ा ..

“साले मरा तो नही ना,ये ले “

मैंने जेब से कुछ पैसे निकाल कर उनकी तरफ उछाले ..

“थैक्स साहब कुछ काम होगा तो याद करना ..”

मैं मुस्कुराता हुआ अपने कमरे की तरफ चल दिया ...

“हल्लो जीजा जी “

डॉली की खनकती हुई मेरे कानो में पड़ी ,

“कैसी हो तुमसे मिलना था.कुछ बात करनी थी”

“क्यों नही बताइए कहा है आप “

“मैं तो होटल ** मे रूम नंबर ** में ठहरा हु “

“ठीक है मैं पहुच जाऊंगी ..”

“यंहा ???”

“क्यो अकेले कमरे में मुझसे नही मिल सकते क्या ..”

“नही ऐसा बात नही है “

“तो आधे घंटे में आ रही हु ..”

“ओके..

”

*************

“हैलो जान तुम डॉली को अपने कमरे में बुला रहे हो बोला था ना की उससे थोडा सम्हाल कर रहना “

5 मिनट भी नही हुए थे की मोना का काल आ गया,यानी डॉली ने उसे सब बता दिया ???

“अरे वो ही जिद करने लगी तो मैं क्या करू ..तुम्हे किसने बतलाया ”

मोना खामोश थी ..थोड़ी रूखी सी लगी

“रोहित ने..”

“क्या???वो तुम्हारे साथ है “

“हा उसे ही तो जलाने के लिए ऐसा कर रही है ,और उसे तो एक तीर से दो निशाना मारने का मौका मिल गया है एक तरफ रोहित को जलाना और दूसरी तरफ मुझे ..”

“तुम्हे कैसे ??”

“क्योकि उसे पता है की मैं रोहित के साथ हु ..”

“ओह”मेरे होठो में मुस्कान आ गई ये लडकिया तो बिल्लियों जैसे झगड़ रही है

“क्या ओह...देखो वो अपने अदांओ के जादू में आपको फंसा ना ले..”वो थोड़ी गंभीर थी

“जिसे तेरा नशा पड़ा हो उसे कोई दूसरा नशा कैसे चढ़ेगा मेरी जान...रोहित को ही देख लो …”

मैंने तो मजाक में बोल दिया था लेकिन मोना थोड़े देर के लिए चुप हो गई ,मुझे भी अपनी गलती का अहसास हो गया था ,मैंने अनजाने में ही उसे ताना मार दिया था…

“सॉरी मेरे कहने का कोई गलत मतलब नही था ..”

“क्यो बात नही जानती हु आपकी आदत को ,बिना चाहे भी दिल को चोट दे जाते हो ,लेकिन समझ लो …”

मोना की आवाज चेतावनी भरी हो गई थी ,

“यदि आपने उसके साथ कुछ किया तो ..”वो हल्के से हँसी

“तो ..???”

“तो मैं भी शुरू हो जाऊंगी “

वो सच में हँस पड़ी ..

“ओहो सीधे धमकी ..”

“सीधा या टेढ़ा मुझे नही पता लेकिन कुछ किये ना उसके साथ तो मुझसे बुरा कोई नही होगा ..”

“हा मेरी माँ,ऐसे भी वो मेरा पुराना प्यार नही है जो उसके साथ कुछ करू ..”

मोना फिर से चुप हो गई मैंने फिर से उसके जख्मो पर उंगली कर दी थी..

“मुझे ताना दे रहे हो ..”

“नही जान वो मुह से निकल गया..”

“मुह से वही निकलता है जो दिल में होता है ..करो जो भी करना है ..बाय.”

उसने गुस्से में फोन रखा और फिर मेरे दो बार काल करने पर भी फोन नही उठाया …

**********

“हल्लो हॉटी “

मैं कुछ देर के लिए डॉली को देखता ही रह गया,साला रोहित सच में या तो चुतिया था या मोना से सच में बेहद ही प्यार करता था जो इस लड़की को छोड़कर मोना के चक्कर में पड़ा हुआ था,ऐसे मोना से हसीन तो नही लेकिन मोना से कम भी नही थी ,डॉली सच में हॉट थी,एक छोटे से स्कर्ट में उसकी जाँघे चमक रही थी,और गोरा रंग काले कपड़े में खिलकर दिख रहा था,बड़े बड़े वक्षो की चोटिया बाहर आने को बेताब लग रहे थे,उसने पुशअप ब्रा पहनी थी जिससे उसके वक्ष और भी बाहर आने को व्याकुल दिख रहे थे,बाल खुले हुए और कंधे तक थे,और होठो में लगाया गया उसका गाढ़ा लिपिस्टिक ही बता रहा था की ये किसी का शिकार करने निकली है,और शायद वो मैं था जिसका शिकार ये करना चाहती थी…

“जीजू से सीधे हॉटी ..आओ अंदर “

वो मुस्कराती हुई अंदर आयी ..

“क्यो क्या खराबी है मुझे तो रश्क हो रहा है मोना की किस्मत में जो आप उसके पति है,मसल्स तो देखो,”

उसने मेरे टीशर्ट में फड़कते हुए मेरे बाइसेप्स को पकड़ लिया..

“ओह ऐसे मुझे भी आज रोहित की किस्मत पर रस्क हो रहा है की तुम उसकी गर्लफ्रैंड हो..”

उसका खिला हुआ चहरा उदास हो गया …

“आपको किसने कहा “

“इतना तो मुझे पता है,मोना ने ही बताया ..”

वो बेड में बैठ चुकी थी,उसकी जाँघे अब एक दूसरे के ऊपर थी,उसने अपने पर्स से एक सिगरेट जलाई और लंबी कस लेने लगी,मैं भी अपनी सिगरेट निकाल कर पीने लगा और उसके बाजू में जाकर बैठ गया..

“कहा की गर्लफ्रैंड वो साला किसी दूसरे लड़की के चक्कर में है ..”

उसके आवाज में गुस्सा था ….

मैंने उंगली उसके जांघो में घुमा दी ,वो मुझे आंखे फाड़े देख रही थी…

“तुम्हारे जैसी हॉट लड़की को छोड़कर वो चुतिया किसके पीछे दौड़ रहा है..”

मेरी हरकत और बात से वो थोड़ी देर को सोच में पड़ गई फिर हल्के से मुस्कुराई ..

“आपको नही बता सकती बता दिया तो आफत हो जाएगी ..”

“क्यो शायद मैं कुछ कर सकू …या छोड़ो उसे तुम्हे तो कई आशिक मिल जायेगें..”

मेरी नजर अब उसके वक्षो पर थी...उसकी मुस्कान और भी गाढ़ी हो चुकी थी…

“कर तो आप बहुत कुछ सकते है लेकिन जानने को हिम्मत चाहिए होगा ..”

मैंने उसके चहरे को ऐसे देखा जैसे मुझे कुछ पता ही नही हो ..

“जानते हो रोहित किसके पीछे पागल है …”मैं उसके चहरे को ध्यान से देखे जा रहा था जैसे मैं उस नाम को सुनने को बेताब हु …

“वो मोना है …”

“क्या ??”

मैं चौक कर उठ खड़ा हुआ ..

उसके चहरे में एक विजयी मुस्कान तैर गई ..वो एक लंबा कस लगाती है ..

“वो साली रांड है ही ऐसी फंसा कर रखा है मेरे रोहित को “

चटाक ...एक जोरदार थप्पड़ और डॉली का गाल लाल हो गया लेकिन उसके होठो में अब भी मुस्कान थी ,जबकि वो और भी गहरी हो चुकी थी ….मेरा चहरा गुस्से से जल रहा था..

“हा हा हा सच नही सुना जाता ना मिस्टर अभिषेक ..तुम दुनिया के लिए जासूस होंगे लेकिन तुम्हारी बीवी तुम्हे ही धोखा दे रही है ,रोहित उसका पुराना आशिक है और मोना तुमसे कही ज्यादा चालाक ...तुम तो उसे बस उसका दोस्त समझते थे लेकिन वो अभी तुम्हारे ही घर में उसके साथ रंगरलियां मना रही होगी ...उसने ही मेरे रोहित को मुझसे छीना है,कालेज के बाद तो दोनो अलग हो गए और रोहित मेरे साथ खुसी से रह रहा था लेकिन जबसे उसे मोना का पता चला वो उसके पास चला गया और अब मुझे इग्नोर करने लगा है ,...ना जाने साली उसे ऐसा क्या देती है जो मेरे पास नही है..

देखो मुझमें कुछ कमी है क्या …”

उसने एक झटके में अपने स्कर्ट की पतली डोर को अपने कंधे से हटा दिया जो उसके कंधे में थी,स्कर्ट उसके पेट तक उतर चुका था और उसके ब्रा में उसके वक्ष फड़फड़ा रहे थे…

लेकिन मेरा गुस्सा मानो सातवे आसमान पर था…

“मुझे मेरी मोना पर पूरा यकीन है ,तू ही साली रांड है जो मेरे सामने मुझे फसाने के लिये अपना कपड़ा खोल रही है ..”

वो खिलखिला कर हँस पड़ी ,

“सच कहते है प्यार अंधा होता है ,देखो ना पहले रोहित फिर तुम दोनो ही उसके प्यार के नशे में ऐसे चूर हो गए हो की अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली है …”

वो एक अजीब सी मुस्कान में मुस्का रही थी …

“मैं जानता हु की रोहित उसे पसंद करता था लेकिन इसका मतलब ये नही है की उन दोनो के बीच अब भी कुछ है,कचरा तो तुम्हारे दिमाग में है जो रोहित जैसे अच्छे लड़के पर शक कर रही हो ..”

वो फिर से खिलखिलाई ..

“मुझे पता है की रोहित अच्छा लड़का है लेकिन मैं ये भी जानती हु की मोना कितनी कमीनी है ,रोहित हो या तुम दोनो ही एक जैसे हो प्यार के अंधे ..मोना ने अपनी अच्छाई तुम्हे दिखाई है लेकिन उसका कमीनापन मैं जानती हु ..”

“तुम कुछ नही जानती ,मोना देवी है …”

डॉली जोरो से हँसी जैसे कोई बहुत ही बड़ा जोक मार दिया हु…

“क्या तुम जानते हो की वो दोनो साथ सो भी चुके है …”

“वो उस समय शराब के नशे में थे ..और वो शादी से पहले की बात है ..”

“ओह तो तुम्हे पता है ,सच में तुम एक अच्छे पति हो अभी...लेकिन नशे में दोनो नही बस रोहित और मैं थे,मैं नशे में सो गई और मोना ने जानबूझकर रोहित को उकसाया ,क्योकि उसे लगने लगा था की रोहित अब मेरी तरफ आकर्षित होने लगा है,आज भी उस एक रात के कारण रोहित को ग्लानि का अहसास होता है की उसने मोना को धोखा दे दिया,उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर भी उसके साथ शादी नही किया ...लेकिन असल में ये मोना की ही चाल थी,चाहती तो वो अपने घर जा सकती थी लेकिन वो रुकी मेरे घर में ,उसने जबरदस्ती बहाने से रोहित और मुझे ज्यादा शराब पिलाई ,मेरे घर में और शराब पिलाई और जब मैं नशे की अधिकता में सो गई तो उसने रोहित को उत्तेजित किया ,रोहित बेचारे को आज भी यही लगता है की उसने शुरुवात की लेकिन ये मोना की ही ऐसी चाल थी जिसे वो नही समझ पाया,उल्टे उसका उपयोग करके भी मोना ने उसे ही दोषी बना दिया,...”

डॉली के आंखों में आंसू आ गए ..

“रोहित ने कभी मेरी भी बात नही मानी,वो भी मोना को उसी तरह से अच्छी समझता है जैसे की तुम ...काश मैं उसे समझा पाती तो आज वो मुझसे दूर नही होता …”

वो रो रही थी ..

“तुम सच में उससे जलती हो ..”

उसने मुझे घूरा उसके आंखों में लाचारी थी ..

“तुम दोनो कभी मेरी बात को नही समझ पाओगे,जाने तुम्हे कैसे समझाऊं ..”

“मुझे कुछ भी नही समझना तुम जा सकती हो ..”

वो चौक कर मुझे देखने लगी …

“लेकिन ..

”

“लेकिन वेकिन कुछ भी नही गेट आउट…”

वो थोड़े देर मुझे देखती रही और फिर गुस्से में पैर पटकते हुए वँहा से निकल गई ...

Update 23
मैं वँहा से वापस आ चुका था मेरा मुख्य काम दो ही दिनों में हो चुका था,घर आते ही मोना मेरे गले से लग गई ,

“कितना याद आया आपका ..”

“क्या याद आया काल का तो जवाब ही नही दे रही थी ,”

“तो क्यो देती आप उस कमिनी के साथ जो थे..”

मैं मुस्कुरा उठा,

“मैंने तो उसे उसी दिन झाड़ कर बाहर कर दिया था...तुम्हारे बारे में ना जाने क्या क्या बक रही थी “

वो बेहद ही प्यार से मुझे देखने लगी और मेरे गाल को चूम लिया..

“मुझे आपसे यही उम्मीद थी जान...मैं जानती थी वो साली कमीनी तो आपको भड़काने की पूरी कोशिस करेगी ..”

वो मेरे गले से लग कर मुझे चूमने लगी …

“इसी लिए साली ने फिर से कोई रिप्लाइ नही किया,क्या कहती की अपने उसे धक्के मारकर बाहर निकाल दिया ..”

वो हँसने लगी …

“आई लव यू जान ..”

वो फिर से मेरे गले से लग गई ,मैं भी उसके कोमल बालो को सहलाने लगा…

“तो रोहित के साथ कुछ किया की नही ..”

वो हल्के गुस्से से मुझे देखने लगी..फिर शरारती मुस्कान लाकर बोली

“किया ना बहुत कुछ ..”

“अच्छा क्या ..”

“वो नही बताऊंगी जासूस हो खुद पता कर लो ..”

“अच्छा ..’

“हा”वो खिलखिलाने लगी मैंने उसे अपनी बांहो में भर लिया और उसे सीधे बिस्तर में ले जाकर पटक दिया ,

वो मुझे बड़े ही बेकरारी से देख रही थी …

“अगर मुझे पता होता की वँहा आपको डॉली मिल जाएगी तो मैं आपको कभी उसके पास जाने नही देती ..वो सच में डायन है ,आप थे जो उसके जाल से निकल आये वरना …”

मैं हँस पड़ा ..

“अब तो निकल गया ना जान छोड़ो ना उसकी बात ,तीन दिन से तड़फ रहा हु ..”

उसने कुछ नही कहा बस मुस्कुराते हुए मेरे बालो को सहलाने लगी फिर मेरे कानो में हल्के से फूक मारने लगी..

मुझे एक गुदगुदी का अहसास हुआ,मैंने उसे अपने ऊपर ला लिया,और उसके बालो को अपनी उंगली में फंसा कर उसके होठो को चूमने लगा,दोनो के होठ एक दूजे में मिल चुके थे और सांसे तेज हो चुकी थी ,धड़कने बढ़ रही थी…

मैंने उसके आंखों को हल्का गीला देखा ..

“क्या हुआ जान ..”

“रोहित मुझसे बात नही कर रहा है ..”

“कब से “

“कल से ना जाने उसे क्या हो गया ..”

“तुमने कुछ कह दिया होगा..”

वो मेरे चहरे को देखने लगी ..

“मैंने बस उसे मना किया था ,वो बेकाबू हो रहा था ..”

मेरे होठो पर एक मुस्कान आ गई

“नही करना था ना उस बेचारे की भी कई तमन्नाएं रही होंगी की प्रेमिका का पति बाहर गया है तो कुछ फायदा मिल जाए लेकिन तुम तो ..बेचारे की हर तमन्ना को ही फेल कर देती हो अब वो गुस्सा तो होगा ही ना “

मोना गुस्से से मुझे मारने लगी ..

“आपको हर वक्त मजाक ही सुझा रहता है ,भूल गए क्या उस दिन क्या हालत हो गई थी आपकी ..”

वो खिलखिलाने लगी

‘वो तो ..

”

“क्या वो तो अब अगर फिर से कहे ना तो सच में रोहित के साथ …”

वो रहस्यमयी मुस्कान से मुकुस्कुराने लगी …

“क्या करेगी ..”

उसकी मुस्कान और भी खिल गई ..

“जलने का बहुत ही शौक है ना आपको ..”

“हा वो तो है ..”

मैं भी मुस्कुराने लगा ..और उसके सीने में पके एक ताजा गोल आम को दबाने लगा,मेरा लिंग जीन्स में ही अकड़ रहा था मैंने जीन्स निकाल देने में हि अपनी भलाई समझी ..उसने भी अपनी नाइटी के अंदर हाथ डाला और अपनी ब्रा और पेंटी निकाल फेंकी..

अब मेरे जिस्म में बस एक अंडरवियर थी वही मोना के जिस्म में वो नाइटी जो एक पतले कपड़े का गाउन था जो उसके एड़ी से थोड़ा ऊपर तक था..

मेरे हाथ उसके जिस्म में फिसलते हुए उसके चहरे तक गए,मैंने उसके स्ट्राबेरी की तरह लाल होठो में अपने जलते हुए होठो को रख दिया,दोनो ही एक दूसरे के होठो से रस पीने लगे ,

मेरा लिंग तनकर मेरी अंडरवियर से बाहर आ रहा था,जिसे मैं गाउन के ऊपर से ही मोना के योनि में रगड़ रहा था ..

वो भी गर्म हो रही थी ,उसकी भी सांसे तेज हो रही थी ..

“बोलो ना जान क्या करोगी रोहित के साथ ..”

उसकी एक बेहद ही शरारती मुस्कान उसके चहरे में आ गई ..

“आप नही सुधरोगे ना .”

“नही तुम ही बिगड़ जाओ ..”

मैं बेचैन सा बोला ..

वो भी उत्तेजित होकर मेरे बालो को पकड़ कर मेरे होठो को चूसने लगी …

“आप जब अब बाहर कही जाओगे तो मैं फिर से रोहित को बुलाऊंगी ..”

उसने अपनी कमर मेरे लिंग के ऊपर जोरो से रगड़ दी ..

“आह फिर ..”मुझे उसके योनि से रसते हुए रस का आभस होने लगा था..

“फिर उसे सोफे में बैठने को कहूंगी ,वो भी मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपनी गोद में बिठा लेगा ..”

उसने फिर से जोरो से अपनी योनि को मेरे लिंग में रगड़ा जो की अंडरवियर में होने के कारण अकड़ कर लेटा हुआ था और उसके इलास्टिक से बाहर झांक रहा था मोना उसके मोटे तने में अपनी योनि को रगड़ रही थी ,

“वो मेरे चहरे को पकड़ कर अपने होठो को मेरे होठो से मिलने की कोशिस करेगा,मैं पहले तो उसे हटा दूंगी लेकिन मुझे याद आएगा की अपने क्या कहा था और आपको तो जलने में मजा आता है ,मैं आपको फोन लगाउंगी ताकि आप मेरी आवाज सुन सको लेकिन ये बात रोहित को पता नही होगी …”

मैं बुरी तरह से उत्तेजित हो गया था,मेरी बीवी मुझसे ही मुझे चीटिंग करने की बात कर रही थी..मैंने उसे अपने नीचे कर दिया और उसके ऊपर छा गया ..

उसके गले को चूमने लगा,अब मैंने अपने अंडरवियर को निकाल दिया मेरा लिंग अब मोना के गाउन के ऊपर से ही उसके नंगे योनि पर रगड़ खा रहा था …

“आह जान …”वो सिसकी वो भी बेहद ही उत्तेजित हो गई थी ..

‘आप फोन में होंगे और मैं उसके होठो को अपने होठो में ले लुंगी ,मेरी सिसकियां आपको सुनाई देगी और मैं उसे खिंचते हुए अपने बेडरूम में ले जाऊंगी ,वँहा मैं आपके माइक्रोफोन को भी आन कर दूंगी ताकि आप और भी क्लियर मेरी आवाज सुन सको ..वो मुझे बिस्तर में पटक देगा और मेरे ऊपर चढ़ जाएगा ,मैं सिसकियां लुंगी जब वो आपकी तरफ मेरे ऊपर छा जाएगा ,और फिर इसी गाउन को उतरेगा …”

वो तड़फ रही थी उसके मुह से शब्द निकलना भी मुश्किल हो रहा था..

मैंने तुरंत ही उसके गाउन को निकाल फेका ..

मेरा लिंग आसानी से उसके योनि में चला गया ..उसने मेरे बालो को जकड़ लिया

“आह रोहित मेरी जान “

रोहित का नाम सुनकर मेरा लिंग और भी कड़ा हो गया था ,मैंने तेजी से एक धक्का उसके योनि में दिया ..

“रोहित तुम्हारा कितना बड़ा है मेरी जान ,अभी से ज्यादा बड़ा है और गहरा उतारो ना इसे “

उसकी बात सुनकर मैं एक बार कांप गया ,मोना की आंखे पूरी तरह बंद थी क्या वो अभी रोहित को ही अपने साथ महसूस करने की कोशिस कर रही थी …

मैंने फिर से एक जोर का धक्का दिया और उसके होठो से अपने होठो को मिला दिया,

दोनो ही इस खेल में पूरी तरह से रम चुके थे,पहले तो मोना भी रोहित रोहित ही कह रही थी लेकिन जब खेल अपने तेजी में पहुचता गया वो जान जान कहने लगी ,अब वो जान मेरे लिए था या रोहित के लिए ये कहना बेहद ही मुश्किल काम था ………

(सेक्स सीन्स की डिटेलिंग मैं थोड़ी कम कर रहा हु , बाकी आप लोग इमेजिंग कर लेना..ज्यादा डिटेल में जाने से साला बहुत समय और एनर्जी चली जाती है ,तो जितना जरूरत हो उतना ही डिटेल से सेक्स सीन्स लिखूंगा…बाकी की कमी सीन क्रिएट करके ही पूरी कर दूंगा..)

Update 24
सुबह आंखे खुली तो रात की बाते याद आयी,मेरे अधरों में एक मुस्कान आ गई ,तभी मोना बाथरूम से बाहर आयी,और मुझे देखकर मुस्कुराने लगी ,

“कल आपको बहुत मजा आ रहा था,..”

“हा आ तो रहा था,सोच रहा हु तुम्हे आगे बढ़ने ही दु ..”

सुनते ही वो शर्मा गई और इठलाते हुए मेरे ऊपर आकर लेट गई,उसने अभी एक टीशर्ट ही पहना हुआ था,अभी अभी नहाकर निकल रही थी बालो में हल्की सी नमी भी बरकरार थी ,साबुन की खुशबू मेरे नथुने में समा रही थी…

“आप ऐसा मत बोला करो ,उत्तेजित करके ही छोड़ देते हो ,मुझे भी पता है की ये नही हो सकता ….”

मेरी आंखे चौड़ी हो गई ..

“यानी तुम उत्तेजित होती हो ..”

वो हल्के से मुस्कुराई

“इतना बोलेंगे बार बार तो उत्तेजित तो हो ही जाएगा कोई भी ,और इमेजिनेशन भी करने लगेगा,मानसिक रूप से आपने मुझे उसके साथ सुला ही दिया है ..तो…..

”

वो थोड़ी गंभीर भी थी तो थोड़ी उत्तेजित भी ,और साथ थी शरमाई भी ,और साथ ही घबराई भी और साथ ही थोड़ी दुखी भी और साथ ही थोड़े गुस्से में और साथ ही थोड़े जज़बातों में …

उसकी आंखों से एक साथ कई भाव टपक जा रहे थे,जिसे मैं निचोड़ने की कोशिस कर रहा था,

“तो तुम उसके साथ सोना चाहती हो …”उसने ना में सर हिलाया..

“मैं कुछ नही चाहती,मैं बस जानती हु...ये की मैं आपसे बेहद ही प्यार करती हु और ये भी की मैं रोहित की ओर भी आकर्षित हु,लेकिन मैं ये भी जानती हु की आप मुझसे बेहद प्यार करते है और किसी दूसरे के साथ सोचने तक तो ठीक है लेकिन सच में किसी के साथ सोने पर आप उसे और मुझे दोनो को मार डालेंगे..”

मेरे होठो की मुस्कान खिल गई ..

“तुम्हे नही जान बस उसे …”मैने बेहद ही आराम से कहा इतने आरम से की कोई सुने तो ख़ौफ़ खा जाए लेकिन वो मोना थी ,मेरी मोना जो मेरे फितरत से वाकिफ थी ,मेरी एक एक नश से वाकिफ थी…

वो भी मुस्कराई …

“इसीलिए तो कहती हु की आप अब ऐसी बाते मत किया करो ,मैं भी इंसान ही तो हु,दिल में अरमान तो मेरे भी जाग जाते है जबकि आप उसे बार बार घी डालकर और भड़कते हो,लकड़ी भी आपकी,घी भी आप ही डाल रहे हो ,हवा भी आप ही दे रहे हो और फिर आग भी जलाने पर तुले हो फिर अगर ये आग भड़क कर कुछ जला दे तो फिर कहोगे की गलती किसी दूसरे की है …”

मोना ने बेहद ही मतलब की बात कर दी थी,सच में ये एक ही समस्या थी की मैं अपनी गलती को स्वीकार ही नही कर रहा था इसलिये शायद मुझे इतना गुस्सा था की मैं सामने वाले को मार दूंगा...या मोना को ही मार दु…

मैं थोड़ी देर तक चुप ही रहा...वो मेरे बालो से खेल रही थी जितना द्वंद मेरे अंदर था वो उतनी ही शांत थी ..

“ठीक है तो मैं खुद की गलती मानता हु ,और आज से तुम्हे पूरी छूट देता हु ,मैं किसी को नही मारूंगा ,जो आग तुम्हारे अंदर लगी है उसे जिससे चाहे बुझाओ ..वो तुम्हारी गलती नही होगी ..”

वो मेरे आंखों में देखने लगी ..

“आप तो सच में सीरियस हो गए ..”

“हा मोना मैं सीरियस ही हु,तुमने सही कहा ,पत्थर को भी बार बार घिसने से निशान बन जाता है वो तो तुम्हारा दिल ही है ,तुम्हारा मन है ,उसमे अगर बार बार ये बाद डाली जाए की तुम किसी गैर मर्द के साथ भी मजे ले रही हो और इस बात से मैं भी खुस हु तो ये सच है की कभी ना कभी तुम्हारे दिल में भी ये ख्याल आएगा ,और ख्याल ही क्यो ये चाहत भी होगी...और उस चाहत को पूरा करने का तुम्हे अधिकार होना चाहिए,मेरी तरफ से तुम फ्री हो …”

उसने मेरा सपाट चहरा देखा..

और मेरे होठो में अपने होठो को घुसा दिया ..

“मैं अपनी चाहत पूरी करने के चक्कर में आपका प्यार नही खोना चाहती जान ..”वो और भी जोरो से मेरे होठो को चूस रही थी …

“फिक्र मत करो जान मेरा प्यार बस तुम्हारे लिए ही है और हमेशा ही रहेगा..

”मेरे आंखों में एक मोती चमका जिसे देखकर मोना थोड़ी डर गई लेकिन मेरे दिल में क्या हो रहा था ये मैं ही जानता था,और मैं कम से कम इस समय तो मोना को नही बताना चाहता था,क्योकि हर चीज का एक समय होता है …

“आप ऐसे ही रहोगे तो आपको क्या लगता है की मैं कुछ करूंगी ..”

मैंने अपने होठो में एक मुस्कान ला ली ..

“सच बताऊँ मुझे भी बहुत मजा आएगा ,तुम करो तो सही “मैंने शरारत से कहा और उसने झूठे गुस्से से मुझे मारा लेकिन फिर हम दोनो ही हँस पड़े,हमारे बीच बात साफ हो चुकी थी ,अब देखना था की मोना कितना बढ़ती है…

तभी उसके मोबाइल में एक मेसेज आया,मैंने देखा वो रोहित का मेसेज था..

“लो तुम्हारे आशिक का मेसेज आ गया..”

वो मुस्कुराते हुए मेसेज को खोलकर देखने लगी और उसके चहरे का रंग थोड़ा बदल गया …….

मोना का चहरा उस मेसेज को देखकर बुझ रहा था,मैं उसके एक्सप्रेशन को देख रहा था,मुझे पता था की अखिर उसके चहरे की हवाइयां क्यो उड़ी हुई है लेकिन मैं अपने चहरे के एक्सप्रेशन को ऐसा दिखाना नही चाहता था..

“क्या हुआ ……..”

“कुछ नही “

“तो तुम्हारा चहरा क्यो उतारा हुआ है..”

“नही तो ..”

“क्या लिखा है तुम्हारे आशिक ने “

“पहली बात वो मेरा आशिक नही है “

“ओह अचानक से कैसे …...पहले तो वही तुम्हारा आशिक था”

वो रूठ कर उठ गई ,मैंने मेसेज देखा ..

‘हाय मोना तुम्हे बताते हुए खुसी हो रही है की मैं शादी कर रहा हु,लड़की को तुम जानती हो हमारी डॉली...तो *** तारीख को हमारी सगाई **** होटल में है प्लीज् तुम और अभी जरूर आना …’

मेरे चहरे पर मुस्कान खिल गई …

मोना कपड़े बदल रही थी ..

“ओह यार मोना अब तुम किसके साथ ..”

“अभी आप प्लीज् चुप रहिए ..”

“अरे तुम क्यो गुस्सा हो रही हो तुम्हे तो खुश होना चाहिए तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त तुम्हारी पुरानी दोस्त के साथ शादी कर रहा है…”

“यही तो दुख है की रोहित अब भी उसे नही समझ पाया ...आखिरकार उस कुतिया ने रोहित को फंसा ही लिया ..”

मोना का चहरा उतर गया था..

“अरे छोड़ो भी मेरी जान ,जब वो ऐसा कर रहा है तो कुछ तो सोचा ही होगा उसने ,तुम अपना मूड ऑफ क्यो कर रही हो,”

मोना ने भी खुद को सम्हाल शायद वो मेरे सामने कुछ ज्यादा ही रियेक्ट कर रही थी…

“दुख तो आपके लिए लग रहा है आपकी फेंटेसी पूरी होने वाली जो थी ..”

वो मुस्कुराई

‘अरे तो उसमे क्या है तुम्हारे आशिकों की कोई कमी तो है नही ..”

उसने मुझे गुस्से से देखा और हम दोनो ही खिलखिला उठे ………

Update 25
“थैंक्स अभी मेरे लिए तुमने ये सब किया ..”

डॉली मेरे सामने बैठी थी..

“सिर्फ तुम्हारे लिए नही ,असल में तुम्हारे पापा भी यही चाहते थे..”

वो जैसे उछली ..

“वाट ..

??”

“हा उनसे मेरी इस बारे में पहले ही बात हुई थी,रोहित के लिए तुम्हारी दीवानगी को वो समझते है,और उन्हें ये भी पता था की रोहित असल में तुम्हे पसंद नही करता ,वो किसी दूसरी लड़की के पीछे है ,उन्हें ये भी पता चल चुका था की वो लड़की मेरी बीवी मोना ही है ,इसलिए उन्होंने मुझे उसके बारे में मुझसे बात की ...उन्हें पहले तो रोहित पर ही शक था की आखिर वो सही लड़का है की नही ,मैंने उन्हें मोना और रोहित के दोस्ती के बारे में बतलाया और ये भी की रोहित असल में बहुत अच्छा लड़का है,मैं उसे समझाऊँगा .. उन्हें तुम्हे लेकर भी फिक्र थी की आखिर तुम भी उसे प्यार करती हो या ऐसे ही कोई टाइम पास टाइप का रिलेशन है तुम्हरे बीच,डॉ चुतिया ने और मैंने मिलकर उन्हें समझाया था,आखिर में हम कामियाब हो गए और रोहित भी समझ गया…और तीसरा काम मुझे दिया गया था की तुम्हारे दिल से तुम्हारे पापा को लेकर जो नफरत थी उसे कम करना ,मुझे लगता है की तुम अब उन्हें इस बात के लिए माफ कर चुकी हो की उन्होंने तुम्हे दुनिया के सामने अपनी बेटी का दर्जा नही दिया ”

वो थोड़ी देर तक चुप ही रही..

“डॉ तो मुझे ये हमेशा से समझते रहे लेकिन आपकी बात सुनकर मेरा गुस्सा उनपर थोड़ा तो कम हो गया ,लेकिन ये जायेगा तब जब वो दुनिया के सामने मुझे अपना ले …”

मैं भी चुप ही था..

“लेकिन मुझे एक बात समझ नही आयी की अपने रोहित को आखिर समझाया कैसे ,वो भी कुछ नही बता रहा है ..”

मैं हँसने लगा ..

“बस ये हमारे बीच का एक राज है ..और तुम आम खाओ गुठलियां क्यो गिन रही हो ...”

वो झूठे गुस्से से मुझे देखने लगी लेकिन अगले ही पल उसके होठो में मुस्कान आ गई ……

सगाई जोरो से चल रही थी ,मोना असामान्य रूप से नार्मल दिख रही थी ना सिर्फ नार्मल असल में वो खुस भी थी,सारा वक्त वो डॉली और रोहित के साथ ही रही ,असल में ये डॉली के लिए भी हजम होने वाली बात नही थी लेकिन मुझे पता था की मेरी बीवी जितनी भोली लगती है उससे कही ज्यादा शातिर है,मेरे कमरे में लगाए हुए कैमरों को खोज कर उसने बहुत कुछ साबित कर दिया था,गृहमंत्री जी मेहमान की तरह ही आये ताकि सारी दुनिया के नजरो से उनका और डॉली का रिश्ता बचा हुआ रहे ,

डॉ चुतिया भी वही मिले ..

“तुम्हारी चाल काम कर गई अभी..”

उनकी वही कर्कश सी मीठी आवाज मेरे कानो में पड़ी ..

“कौन सी चाल ..”

उन्होंने जवाब नही दिया बल्कि स्टेज में खड़े मोना ,डॉली और रोहित को देखते हुए बोले..

“मोना बड़ी खुस लग रही है ..”

“आप कहना क्या चाह रहे हो ..”

उनकी परखी नजरो ने मुझे घूरा..थोड़ी देर के लिए पूरे शरीर में एक सनसनी सी फैल गई,कही सच में उन्हें मेरी चाल का पता तो नही चल गया..

“अंडरवर्ड में मेरे कुछ कनेक्शन्स है ..”

मैं आंखे फाड़े उन्हें देख रहा था..

“कही तुम्हारी नजर उस माल पर तो नही जो दुबई से आ और जा रहा है ..

”

अब मेरा गाला सूखने लगा था ..

“आपको क्यो लगता है की रोहित को समझाने का कनेक्शन दुबई के माल से है ..”

उनके होठो में एक अर्थपूर्ण मुस्कान आ गई जिससे मुझे समझ आ गया की मुझसे ये प्रश्न करके एक गलती हो गई है ..

“यानी तुम्हे पता है की दुबई से क्या आ रहा है और बदले में क्या भेजा जा रहा है ..”

“पुलिस वाला हु वो भी क्राइम ब्रांच का ,इतने तो मेरे भी खबरी है अंडरवर्ड में ..”

उनके होठो में एक मुस्कान आ गई

“तब भी तुमने हेडऑफिस को इसकी कोई सूचना नही दी है..क्यो..?”

मैं हड़बड़ाया ..

“क्योकि मैं अभी मंत्री जी की ड्यूटी पर हु ..”

“तुम तो मंत्री जी की ड्यूटी के बहाने अपना भी काम करने में तुले हो,एक तीर से कितने निशाने मारने का इरादा है तुम्हारा ..आखिर करना क्या चाहते हो तुम..?”

मैं चुप ही रहा मेरी आंखों में एक शैतान सा उतर आया था,मेरी मुस्कान शैतानी हो चुकी थी , जिसे डॉ ने भांप लिया था ..

“देखो अभी तुम क्या चाहते हो ये तो मुझे थोड़ा थोड़ा समझ में आने लगा है लेकिन याद रखो की माल आएगा वो थो ठीक है लेकिन जाना नही चाहिए…”

इस बार डॉ की आंखे भी जल रही थी,मैंने सहमति में सर हिलाया ..

“आप चिंता ना करे मैं इतना भी कमीना नही हु ..”

डॉ के होठो में एक मुस्कान आ गई

“लेकिन ये तो सच है की तुम कमीने तो हो ..”

हम दोनो ही हल्के से हँस पड़े …

Update 26
चटाक …

इंस्पेक्टर विक्रम के गालो पर एक जोरदार थप्पड़ पड़ा था की वो गिरते हुए बचा ..

“साली इंस्पेक्टर को मारती है जानती है मैं कौन हु …”

वो भड़का …

“साले जानता है मैं कौन हु ..”लड़की की आवाज से वो थोड़ा सा सहम गया था,वो उस इलाके का नया इंचार्ज था जो अभी अभी बदली लेकर आया था,वो आंखे फाड़े हुए लड़की को देख रहा था…

“मैं DSP क्राइम अभिषेक की पत्नी हु …”मोना ने गर्व से कहा ,विक्रम का गाला ही सुख गया..

उसने पास खड़े हुए कांस्टेबल की ओर देखा ..

“सर मैं तो बताने ही वाला था लेकिन अपने बोलने ही नही दिया ..”

“माफी मेडम “वो हाथ जोड़कर खड़ा हो गया था ...

“लेकिन इसके साथ… ये तो शातिर मुजरिम है इसकी फोटो तो मैंने थाने में देखी थी ..आप इसके साथ वो भी यंहा वीरान जगह पर ????”

“मैं कही भी किसी के साथ भी घुमू तुझे क्या साले ..”मोना का चहरा गुस्से से तमतमा गया था ,विक्रम थोड़ा सहम गया..

“और तुम्हारी फ़ोटो वँहा किसने टांग दी ..”मोना ने अब्दुल की ओर देखा ..

अब्दुल ने मुस्कुरा कर कांस्टेबल को देखा ,उसने ना में सर हिलाया ..

“वो सर ने ही एक केस की फाइल से निकाल कर लगा दिया था ..”कांस्टेबल डरा हुआ बोला ..

“नया है गलती हो जाती है ,इसे लेकर खान बाड़ी आ जाना,अब इसे भी तो पता चले की ये जिसके सामने खड़ा है वो यंहा के अंडरवर्ड का बेताज बादशाह है …”अब्दुल ने गुरुर के साथ कहा अब उसके आवाज में नए नए अपराधी वाली बात नही थी जो उसके यंहा आने के समय हुआ करती थी अब वो सच में किसी बादशाह की तरह व्यवहार कर रहा था…

विक्रम और भी बुरी तरह से डर गया..हुआ ये था की मोना और अब्दुल शहर से दूर एक पुरानी गाड़ियों के गोदाम के में थे,अब्दुल मोना को गाड़िया दिखा रहा था ,ऐसे तो उस गोदाम में 20 से ज्यादा लोग काम करते थे लेकिन वो चलते हुए अंदर आ गए थे,विक्रम पेट्रोलिंग में निकला था और उस जगह एक महंगी गाड़ी देख कर रुक गया था,अदंर जाते ही उसने तलाशी और जानकारी लेनी शुरू कर दी ,वँहा से कर्मचारियों ने उसे पूरी इन्फॉर्मेशन दे दी लेकिन वो फिर भी अंदर घूमने लगा,उसे एक जवान और हसीन लड़की साड़ी ने दिखाई दी हँस हँस कर एक लंबे चौड़े मर्द से बात कर रही थी ,उसे विक्रम ने पहचान लिया था ये तो वही केस वाला सस्पेक्ट था,उसने अपना पुलिसिया रुतबा दिखाने की सोची और जाकर उनसे कह पड़ा की साले इस रंडी के साथ यंहा क्या कर रहा है...और मोना के घूमते हुए हाथ ने उसका गाल लाल कर दिया,उसने सोचा था की पुलिस वर्दी देखकर दोनो ही डर जाएंगे जैसा की वो पहले भी कर चुका था लेकिन उसे नही पता था की वो किससे पंगा ले रहा था...

‘माफ कर दीजिए सर ,मैं आज ही आया हु ..”

“लगता है बहुत ईमानदार कर्मठ हो जो आते ही फाइल देखना शुरू कर दिया ,तुम अभी के अच्छे शागिर्द बनोगे ..”मोना ने मुस्कुराते हुए कहा …

विक्रम ने भी मुस्कुराते हुए अपना पसीना पोछा ...

Update 27
“देखो तब की बात और थी अब तुम शहर में हो,यंहा के लोग पढ़े लिखे और सशक्त है ,अपने अधिकारों के बारे में जानते है तुम ऐसे ही किसी को कुछ भी नही कर सकते..”

मैं विक्रम को समझा रहा था..उसने सामने रखा अपना रम का पैक एक ही झटके में अपने हलक के अंदर उतार दिया..

“चुप कर भोसडीके मुझे ज्ञान मत चोद तेरी बीवी नही होती ना तो बताता..”

विक्रम ने अपने गाल को सहलाते हुए कहा ..

‘मादरचोद पहली बात की अगर वो कोई और भी होती ना तो तू कुछ नही उखाड़ सकता था,प्यार से समझा रहा हु समझ नही आता..”

“लौड़े तेरे शहर में पुलिस वाले फट्टू होते है क्या,वहां साला एक मुजरिम तेरी बीवी के साथ था और तू उन दोनो की वकालत कर रहा है ..”

मुझे उसके ऊपर गुस्सा तो बहुत आया लेकिन मैं उसे पी गया..

“भोसडीके wo तेरा ट्रांसफर एक फोन में कर देता वो ,झांट भर कर इंस्पेक्टर है तू अपनी औकात मत भूल ...और मोना एक गाड़ी देखने गई थी ,मुझे बताकर समझ गया,..”

उसने मुझे घूर कर देखा ..

“मेरे इंस्पेक्टर होने का मजाक उड़ा रहा है भोसडीके भूल मत की अगर मैंने नोट्स नही दिए होते तो तु साले अभी भी बेरोजगार घूम रहा होता…”

मैंने अपना माथा पकड़ लिया ..

“अबे लौड़े के चने ,तूने भी तो वही नोट्स पढ़े थे फिर तू क्यो PSC नही निकाल पाया,अब ये मत भूलना की तू बस एक इंस्पेक्टर है और मैं एक DSP …”

उसने मुझे घूरा ..

“लौड़े अगर मेरी बहन की शादी नही होती तो मैं भी तेरे से बड़ा अधिकारी होता,साले कोचिंग के तो पैसे थे नही तेरे पास मैं कोचिंग जाता था पढ़ता था ,और उसी नोट्स को पढ़कर तू PSC नीकाल कर DSP क्या बन गया मुझे ही ज्ञान चोद रहा है …”

उसने एक ही झटके में अपना ग्लास फिर से खत्म कर दिया ..

“मादरचोद जानता हु तू कोचिंग क्यो जाता था,बहन की शादी का बहाना मत बना भोसड़ी के लौड़ी तड़ता रहता था वँहा जाकर बेचारी बहन को क्यो बीच में लाता है,साले कभी इंटरव्यू तो निकला नही तुझसे बात करता है तू साले इसी नॉकरी के काबिल था और ये भी मिल गया वो भी गनीमत है …”

उसने गुस्से से मेरी ओर देखा ,मेरी हँसी निकल गई…

“चुप कर भोसडीके उस समय की भूल आज भी दुख देती है काश उस समय पढ़ लिया होता तो तेरे ये ताने नही सुनता,साले तू DSP बन गया और मुझे बस sub इंस्पेक्टर के पोस्ट से ही संतुष्ट करना पड़ रहा है ..”

मैं खिलखला कर हंसा ..विक्रम मेरे संघर्ष के दिनों का साथी था,मैं गरीब घर का था जैसे तैसे उसी की बदौलत मैं जॉब करते हुए अपनी पढ़ाई की थी ,एक नंबर का चिड़ीमार था लेकिन दिल का साफ और मदद करने में अव्वल था ,उसके कारण ही मैं सिविल सेवा में आया था,लेकिन उसके चूद के शौक ने उसे ज्यादा बढ़ने नही दिया ,वही मैं दिन रात की मेहनत से DSP बन गया और फिर अपनी काबिलियत से क्राइम बैंच तक आया….वो भी मेरी तरह चालक इंसान था लेकिन उसके अंदर ईमानदारी का एक कीड़ा था ,एक तो ईमानदार दूसरा चुद का दीवाना इसी लिए उसे नक्सली इलाको में ही रखा गया,अब जाकर मैंने गृहमंत्री से बात करके इसे अपने इलाके में पोस्टिंग दिलवाई थी …

“लेकिन यार अभी मुझे बस एक चीज समझ नही आयी की वो साला अब्दुल भाभी ऐसे बात कर रहा था जिसे ...भाई गलत मत समझना लेकिन …”

वो हिचकिचा रहा था ..

“क्योकि मेरे तरफ से तेरी भाभी को पूरी आजादी है ,और वो मुझे बता कर ही वँहा गई थी,उसे एक कर चाहिए और अब्दुल ने कहा था की उसके पास सेकंड हैंड कार की भरमार है ,सस्ते में दिला देगा तो देखने गई थी …”

“आजादी है मतलब ..”

“मतलब की वो चाहे जिससे जैसे बात करे मुझे कोई प्रॉब्लम नही है ..”

विक्रम ने मुझे घूरा ..

“और कुछ ज्यादा हो गया तो ..”

“तो भी कोई प्रॉब्लम नही है ,वो मोना की मर्जी है ..”

वो फिर से मुझे घूरता रहा ..

“मादरचोद तू चुतिया है की चोदू..”

मुझे उसकी बात पर गुस्सा नही बल्कि हँसी आयी ..

“साले तेरी बीवी किसी दूसरे के साथ और तुझे कोई प्रॉब्लम नही होगी ..

”

“यार जब उसकी मर्जी हो तो क्यो प्रॉब्लम होगी ..”

वो भन्ना गया ..

“तब अगर भाभी मेरे साथ कुछ करे तब भी तुझे प्रॉब्लम नही होनी चाहिए ..”

उसने बेहद गुस्से से मुझे देखा ..

“तो पटा ले तू ही उसे मैंने कब मना किया है ,ऐसे हॉट है की नही ..”

वो अब भी गुस्से में था ..

“भाभी को उस नजर से थोड़ी देखूंगा मादरचोद...लेकिन अगर वो किसी और से सेट हुई ना तो तेरा भाई कसम लेता है की उसे अपने नीचे ले आऊंगा ...और तेरे सामने ही …”

वो इतना ही बोल पाया था की रुक गया ,शायद नशे में वो इतना बोल गया था ,उसके चहरे में ग्लानि के भाव साफ दिख रहे थे ..

“साले तू चोदू बन गया है बे ,तू मेरा वो दोस्त नही जिसने प्रहलाद को सिर्फ इसलिए मार दिया था क्योकि वो मेरी आइटम के साथ बात कर रहा था,साले मोना तेरी खुद की आइटम नही बल्कि बीवी है और तू उसके बारे में ये बोल रहा है …”

उसकी बात मेरे दिल में लग गई थी ...मैंने एक गहरी सांस ली ..

“दोस्त तूने सच कहा अब मैं वो लड़का नही रहा ..”

अब मुझे उसकी आंखों में अपने लिए एक घृणा के भाव दिखे लेकिन फिर भी मैं शांत ही था ….

“तू अब गांडू हो गया है मादरचोद तुझे तो दोस्त बोलते हुए भी शर्म आ रही है ,”

उसने अपना पैक एक ही सांस में खत्मकर दिया और उठकर जाने लगा..

“सुन अगर अब्दुल तुझसे पहले मोना तो पटा ले गया तो ..”

वो गुस्से से मुझे देखने लगा..

“भाभी को अगर कोई चोदेगा तो वो मैं होंउंगा कोई दूसरा नही ..”

वो गरजा ..आंखों में एक अजीब से नफरत के साथ वो नफरत मेरे लिए ही थी ..

“तो याद रखना किसी को हमारी दोस्ती की भनक नही लगनी चाहिए..”

मैंने शांत स्वर में कहा वो गुस्से में मुझे देखता हुआ वँहा से निकल गया,और मैं एक लंबी सांस लेकर अपने ही कुर्सी में लेट गया मेरे आंखों में एक आंसू अनजाने में ही आ गया था ……

Update 28
मेरा फोन घनघना उठा था ,नंबर विक्रम का था ..

“हल्लो ..”

“बे गांडू तेरी बीवी उस अब्दुल के साथ रेस्टारेंट में बैठी है ..”

“तमीज से बात कर मुझसे ..”मैं भड़का ,लेकिन वो हंसा

“तुझसे तमीज से बात ...किस बात की तमीज और किस बात की इज्जत जो अपनी बीवी को नही सम्हाल पाए उसे मैं चुतिया कहता हु ,और जिसे पता हो की उसकी बीवी अपने आशिक के साथ है फिर भी चुप रहे उसे गांडू..”

अभी भी उसके आवाज में वही गुस्सा था ..

“भोसडीके मैं तेरा अधिकारी हु ..”

“अरे माँ चुदाये साला,अधिकारी बनता है कर ले जो करना है नॉकरी से निकाल देगा ना और क्या करेगा ,भाड़ में जाए ऐसी नॉकरी ..”

मैं उसे जानता था और इसलिए चुप रहना भी बेहतर समझा

“क्या हुआ बे गांडू ..”

“वँहा क्या कर रहा है तू..”

“अब ये मत कहना की यंहा भी मोना तुझसे पूछ कर आयी है ,मादरचोद कही वो अब्दुल से चुदती तो नही ना ..”

“मादरचोद ..’मैं चिल्लाया

“हद में रह तू अपने ..”वो भी थोड़ा सहम गया शायद वो ज्यादा भी बोल गया था ..

“सॉरी यार वो गलती से ..

”

“तेरी हर गलती इसीलिए माफ कर देता हु क्योकि तू मेरा दोस्त है ..”

“नही तो क्या उखाड़ लेता ..”

वो हंसा ,मैं हँस तो नही पाया लेकिन साले पर गुस्सा भी नही आया

“क्या कर रही है मोना वँहा ..’

“अब तू मुझसे अपनी बीवी की जासूसी करवाएगा ..”

“नही बे मैं तो तेरी मदद कर रहा हु ,अब दूसरे से चुदे उससे अच्छा है की मेरे दोस्त से ही चुदे …”

मेरी बात से वो गंभीर हो गया था ..

“अभी ..यार तू कुछ छुपा तो नही रहा है ना मुझसे ,तू ऐसा कैसे कर सकता है बे ,कौन सी बात तू अपने दिल में दबा के रखा हुआ है जो तू ये सब कर रहा है,मैं तुझे जितना जानता हु तो अपने प्यार पर किसी दूसरे का साया भी बर्दास्त नही कर सकता था आज क्या हो गया है तुझे भाई ..”

उसकी आवाज में एक दर्द था ..

“बोला ना तेरा भाई अब बदल चुका है उसे मजा आता है की कोई उसकी बीवी के साथ ..अब तक कई लोग उसके आशिक बन कर घूम रहे थे अब तू भी उनमे शामिल होजा …तसल्ली रहेगी की मेरी बीवी के ऊपर चढ़ने वाला मेरा ही दोस्त है …”

वो ऐसे चुप हो गया जैसे सांप सूंघ गया हो ..

“अब बता क्या कर रहे है दोनो ..”

विक्रम की नजर अब भी उस रेस्टारेंट में थी ..

“पता नही साले किस बात पर इतना हँस रहे है ,मोना बार बार बेवजह ही शर्मा रही है ,ऐसा लग रहा है कोई प्रेमी जोड़ा हो ..”

मैं हंसा ..

“तो तू क्या कर रहा है ..भूल जा की वो मेरी बीवी है बस ये सोच की वो एक चूद है जो तेरा टारगेट है मुझे पता है की तूने आज तक कभी अपना टारगेट मिस नही किया है …”

वो थोड़ी देर तक कुछ नही बोला लेकिन फिर एक गहरी सांस ली जैसे कोई बड़ा फैसला कर लिया हो …

“अगर तुझे यही चाहिए तो ठीक है आज से मोना मेरे लिए मेरी भाभी नही एक टारगेट है …”

उसने फोन रख दिया……..

Update 29
15 दिन बीत चुके थे ,ना ही विक्रम ने मुझे कुछ कहा था ना ही मोना ने ,बस मोना के तेवर थोड़े बदले से थे,वो सज धज कर घर से निकलती थी ,पहले भी वो सज धज कर ही जाती थी लेकिन अब वो मुझे बोलकर जाती थी की वो अपने आशिकों के लिए तैयार हो रही है ...शायद मुझे जलाने के लिए लेकिन मैं उसे बस इतना ही कहता था की तेरी जैसी इक्छा …

मुझे मेरे खबरी का फ़ोन आया की कलकत्ता से माल आना शुरू हो चुका है ,मेरे कान खड़े हो चुके थे …

मैंने तुरंत ही डॉ चुतिया को काल लगाया ..

“खबर पता चली आपको…”

“पता तो चल गई लेकिन ...क्या तुम सच में पुलिस को इसमें शामिल नही करना चाहते…??”

“नही ...ना जाने कौन उनसे मिला हो …”

“वो तो ठीक है ऐसे भी मुझे माल दुबई जाने से रोकना है ,और उसे उनके सही जगह पर पहुचना,लेकिन जो नया इंस्पेक्टर आया है उसका क्या ,तुम्ही ने तो उसे यंहा बुलवाया है ना ..”

“उसकी फिक्र मत कीजिये उसे जो चाहिए मैंने उसे उसके पीछे लगा दिया है ,अब वो कुछ और नही सोच पायेगा ..”

“अभी तुम्हे पूरा भरोसा है की तुम ये कर पाओगे ,कही किसी को तुम्हारे प्लान का पता चल गया तो ..

”

“फिक्र मत करो नही चलेगा,जिसे पता होना चाहिए उसे मैं खुद ही बता दूंगा ,लेकिन अपने तरीके से …”

“तुम पर इतना तो भरोसा है की तुम कुछ दूर की सोच कर ही काम कर रहे होंगे ….”

“थैंक्स डॉ आप भी अपनी आंखे और कान खुली रखना ,जैसे ही दुबई से माल आ जाए हमे अटैक करना होगा ..”

“लेकिन किससे अटैक करेंगे,पुलिस की मदद तो तुम ले नही रहे हो ,और मेरे पास इतने आदमी भी नही है …”

“जंग लोगो से नही दिमाग से जीती जाती है डॉ ,सालो को ऐसा फ़साउंगा की बस सोचते ही रह जाएंगे की हुआ क्या था …”

मेरी आवाज में एक अजीब सी बात थी जिसने डॉ को संतुष्ट कर दिया था …….

Update 30
“अभी तुम्हे सम्हाल कर रहना चाहिए, मोना के कदम इतने बहक रहे है और तुम हो की बात को बिल्कुल ही मजाक में ले रहे हो ..”

“क्या बहक रही है वो ,”

“वो अब्दुल के साथ घूम रही है ,कभी भी उसके साथ चले जाती है और ..”

“और ..”

“और कुछ नही ,तुम थोड़ा तो लगाम लगाओ यार ..”

“इतना तो तुम्हारे साथ भी करती थी तो क्या तुम्हारे साथ भी वो गलत थी ..”

“हम दोस्त है ..”

“वो भी तो दोस्त ही है ..”

“लेकिन फिर भी ..”

“तू कहना क्या चाहता है बे ..”

राज की बात से मेरा दिमाग पक गया था ,

“कुछ नही वो ..”

“वो क्या साफ साफ बोल दे मुझसे फटती है क्या ,या मोना से फटती है जो मुझसे बात करने चला आया है ..”

राज(मोना का कलीग ) थोड़ा बेचैन दिखा ..मुझे पता था की ये भी मेरे बीवी के आशिकों में एक है ..और मोना को लाइन मारने की भरपूर कोशिस में लगा हुआ रहता है लेकिन जब लोग असफल हो जाते है तो उनकी सफल लोगो से जलने लगती है और इस समय इस खेल में अब्दुल ने राज को पछाड़ दिया था ,मोना अब्दुल के साथ ही ना की राज के साथ ,राज की इतनी जली की वो मेरे ऑफिस तक पहुच चुका था …

“ऐसा नही है ..”

“तो प्रॉब्लम क्या है की तू इतना बताने के लिए मेरे ऑफिस तक आ गया है ,ऐसी क्या दोस्ती है तेरे और मोना के बीच और हम तो बस उस पार्टी में ही मिले थे उसके बाद से तो आज तक हम मिले नही फिर भी तू मेरे पास आ गया आखिर राज क्या है राज जी …”

उसे अपनी गलती का अहसास हो चुका था,वो बिना किसी तैयारी के ही मेरे पास आ गया था ,और मेरे चहरे का गुस्सा भी उससे छिपा नही था ..

“कुछ नही बस दोस्ती के नाते बता रहा हु ..”

“तेरी दोस्ती मोना से है ना की मुझसे “

“मोना को समझने की कोशिस की लेकिन वो संमझती नही ,”

मेरे होठो में एक व्यंगात्मक सी मुस्कान आ गई ..

“मुझे लगा की तुम्हे बता दु,लेकिन तुम भी कुछ नही सुनना चाहते खैर ओके बाय ..”

“रुक...मोना के खिलाफ मेरे कान भरने से पहले ये याद रखना की मैं उसे तुझसे ज्यादा जानता हु और उसपर भरोसा करता हु समझ गया …”

उसने बस मुझे एक नजर देखा और तुरंत ही बाहर चला गया ..

Update 31
रात के लगभग 1 बजे थे घना ठंड था जिससे हड्डियां भी कांप रही थी ,मेरे हाथो में बस एक टार्च था जिसे भी मैं जला नही रहा था,रम के चार पैक ने मुझमें थोड़ी गर्मी का संचार तो किया था लेकिन फिर भी हाथ पैर कांप ही रहे थे,मैंने अपनी बाइक उस गोदाम से थोड़ी ही दूर में खड़ा किया हुआ था ,मोबाइल साइलेंट में था , और अंधेरे में आंखों को अरजेस्ट करने की कोशिस करते हुए मैं दीवाल की मदद से कोई ऐसी जगह तलाश रहा था जिससे मैं उस गोदाम के अंदर जा सकू ,लगभग 10 एकड़ के फैलाव में फैले हुए उस विशाल खुले हुए गोदाम में 500 से ज्यादा अलग अलग किस्म की गाड़िया बिकने आयी हुई थी ,उठा डंप की गई थी ,मैं बेहद ही सावधानी के साथ दीवार फांद गया और अभी तक मैंने टार्च का उपयोग नही किया था ,मैं सारा गोदाम ही सुनसान था,गेट पर बने हुए एक छोटे से मकान में एक गार्ड सो रहा था ,वही बाकी के कर्मचारी भी बड़े बड़े रजाई ओढे घोड़े बेच कर सो रहे थे ,मेरे लिए वँहा स्वत्रन्त्र होकर घूमना आसान हो गया था ,लेकिन फिर भी मैं कोई रिस्क नही लेना चाह रहा था लेकिन फिर एक जगह जाकर मैं ठिठक गया,दो गार्ड पूरी मुस्तैदी से तैनात दिखाई दिए ये गोदाम के सबसे पीछे का हिस्सा था ,थोड़ी आग जला रखी थी जिससे उन्हें गर्मी मिलती रहे वही ओल्डमोंक की एक खाली बोतल से भी समझ आ रहा था की ये नशे में तो है लेकिन फिर भी पूरी तरह से सतर्क है …

ये ही इतना समझने को काफी था की जिस माल की तलाश में मैं यंहा पहुचा हु वो यंही रखा गया था…

मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई,जब मैंने पास ही खड़ी एक बड़ी सी गाड़ी को देखा ,लगभग 30 चक्कों की गाड़ी थी जिसमे महंगी कारो को ले जाया जाता है ,उसका यंहा होने का एक ही मतलब था की माल की डिलवरी यंही से होगी या इसी से होगी ,मैंने एक ट्रेकिंग डिवाइस निकाल कर उस ट्रक में ऐसे लगा दिया की किसी को दिखाई ना दे …

मैं जिस तरह से आया था चुप चाप उसी तरह से वापस भी चला गया,ये सब करने में मुझे मुश्किल से आधे घण्टे ही लगे थे …

1:30 हो चुका था..मैंने मोना को काल किया ..

“हल्लो कहा हो अभी ..”

उसकी सांसे थोड़ी तेज थी …

“मैं अभी ..आप कहा हो “

“मैं घर आने को अभी निकल रहा हु ,आधा घंटा लगेगा ..”

“ओह ..”उधर से आवाज बिल्कुल शांत सी आने लगी

“तुम कहा हो ..”

“मैं थोड़ी देर में आ जाऊंगी थोड़ा लेट हो गई आज ..”

“अब्दुल के साथ हो ..”मैंने तुरंत ही पूछ लिया

“हा ..मैं भी यंहा से निकल रही हु ..

”

उसने के सपाट जवाब दिया और फोन रख दिया,मेरे होठो की मुस्कान और भी गाढ़ी हो चुकी थी …

मैं तुरंत ही अपनी गाड़ी को बिना स्टार्ट किये ही ढुलाते हुए उस गोदाम के गेट के पास लाया,

करीब 15 मिनट हुए थे की गेट खुला ,मैंने भी अपना हेलमेट पहन लिया था ,मेरी निगाह लगातार उस गेट पर ही थी ,एक महंगी गाड़ी वँहा से निकली जो की अब्दुल की गाड़ी थी ,मैं साफ देख सकता था की पीछे औरत बैठी थी और ड्राइवर गाड़ी चला रहा था …

उस औरत को मैं पहचान सकता था ,पहचानता भी कैसे नही वो मेरी जान जो थी ,वही लंबे बाल जो अभी बिखरे हुए थे वो उसे सम्हाल रही थी ,मैं उस गाड़ी के पीछे हो गया लेकिन दूरी बनाये रखी,जबतक की गाड़ी भीड़ भाड़ वाले रोड में नही आ गई …

वो गाड़ी तेजी से चल रही थी जैसे उसे कही एक निश्चित समय में पहुचनी हो …

मोना अपने बालो को संवार थी ,वही वो अपने पर्स से दर्पण निकाल कर अपने होठो के साथ कुछ कर रही थी ,चलती हुई गाड़ी में वो अपना हुलिया ठीक कर रही थी जिसका मतलब साफ था की उसका हुलिया किसी ने पहले बिगड़ा था…

वो गाड़ी मेरे बंगले के पास आकर रुकी और मोना उतर कर गेट के पास रुकी अंदर देखा,मेरी गाड़ी नही होने के कारण शायद उसे थोड़ी शांति मिली हो ,मैं दूर ही खड़ा सब देख रहा था की वो अदंर चली गई ,थोड़ी देर बाद मैं भी घर पहुचा गया…

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मैं अंदर गया तो मोना दर्पण के सामने खड़ी हुई थी,उसने अभी भी वो कपड़े पहने हुए थे,मैंने उसे पीछे से जाकर जकड़ लिया …

“कहा थी ..??”

“बताई ना अब्दुल के साथ ..”

“कहा..”

“उसके फॉर्महाउस में ..”

मेरा माथा ठनका …

“ओह तो क्या हुआ तुम्हारे बीच “

उसने मुझे अपने से दूर किया और मेरे चहरे को देखने लगी

“अपने कहा था की आप कुछ नही पूछोगे…”उसकी मुस्कान बेहद ही कातिलाना थी

“अरे लेकिन इतना तो हक बनता है पति हु तुम्हारा ..”

वो खिलखिलाई

“अब नही बनता जो जानना है खुद ही पता कर लो ...हमारे करार के अनुसार मैं आपको कुछ भी बताने के लिए बाध्य नही हु और किसी के भी साथ कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हु ..”

मैं उसे आंखे फाड़े देख रहा था वो हंसती हुई जाने लगी मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसे अपने से सटा लिया ..

“बहुत कानूनी बात कर रही है..”

उसके दिल की धड़कन तेज थी वही मेरा दिल भी तेजी से धड़क रहा था ,वो थोड़ी घबराई जरूर लेकिन फिर मुस्कुराने लगी ..

“मेरे पति ही कानून की भाषा समझते है तो मैं क्या करू ,अपने साफ साफ कहा था ,अब मुकरने से कोई फायदा नही है या ये कह दो की मत कर ,नही करूंगी ,लेकिन कुछ पूछना नही जो बताने के लायक होगा मैं बता दूंगी लेकिन जब मेरी मर्जी हो तो ..आजादी दिए हो तो पूरा दो वरना मत ही दो ..

”

उसके हर शब्द मेरे दिल में तीर के जैसे लग रहे थे,मुझे लगा की मुझसे कोई गलती हो गई लेकिन अगले ही पल मेरे जेहन में कई दृश्य एक साथ घूम गए मेरी पकड़ मोना के ऊपर ढीली पड़ गई मैं माथा पकड़ कर बिस्तर में बैठ गया…

“क्या हुआ मैंने तो पहले ही कहा था की आपसे ये सब सहन नही होगा लेकिन आप तो अपनी पतिव्रता पत्नी को दूसरे के बांहो में भेजने के लिए आतुर थे...लेकिन आपसे एक वादा है जब रुकने को कहोगे तब ही रुक जाऊंगी कही आपकी ये फेंटेसी हमे महंगी ना पड़ जाए ..”

मैं माथा पकड़ कर तो बैठा था लेकिन मेरे होठो में एक तेड़ी मुस्कान आ गई जिसे मैंने मोना से छिपाया और थोड़ा सम्हालते हुए कहा ..

“जब तक सह पाऊंगा तब तक तुम्हे नही रोकूंगा मैं भी देखना चाहता हु की आखिर मैं किस हद तक जा सकता हु ...और तुम किस हद तक..”

वो मुस्कुराई

“मेरी फिक्र मत करो मैं किसी भी हद तक जा सकती हु,मेरे लिए कोई भी हद नही है बस आप अपनी सोचो ऐसे भी आपको कैसे पता चलेगा की मैं किस हद तक गई हु …”

वो बेहद ही कातिलाना मुस्कान से मुस्कुरा रही थी ,वो मुझे जलाने में कोई कसर नही छोड़ती थी ..

मैंने उसके हाथ को पकड़ कर उसे अपने बिस्तर में खिंच लिया ,वो अब मेरे ऊपर लेटी हुई थी,उसके मुह से थोड़ी शराब की बदबू आ रही थी जो उसके खुद के परफ्यूम में कही घुल जा रही थी ,साड़ी का पल्लू नीचे हो गया था उसके वक्ष उसके गोल्डन कलर के ब्लाउज से बाहर झांक रहे थे और मेरे सीने में जा धंसे ...उसके बाल मेरे चहरे से टकरा रहे थे जिसे उसने बाजू किया उसका चहरा अब मेरे चहरे के ऊपर था ..

वो अब भी उसी मुस्कान के साथ थी उसने अपनी कमर को मेरे कमर पर हल्के से चलाया …

“आप नही सुधरोगे,दिल की धड़कने तो बढ़ी हुई है लेकिन लंड बिल्कुल तना हुआ है ..”वो खिलखिलाई} ..

“शायद यही सोच रहे होंगे की अब्दुल ने मेरे साथ क्या किया होगा,ऐसे भी जब आपका फोन आया था तो मेरी सांसे तेज थी ,टूट सोचो वो उस संयम मेरे साथ क्या कर रहा था …?”

मैंने उसे जोरो से जकड़ कर उसे अपने नीचे ले आया ,उसके गोरे उरोजों को देखकर मेरा लिंग और भी तन गया वो जीन्स में मुझे दर्द दे रहा था …

मैंने अपने जीन्स को निकाल फेका मेरे अंडरवियर में मेरा मूसल मोना के जांघो के बीच रगड़ खा रहा था ,वो भी हल्की सिसकारी ले रही थी …

मैं उसके होठो में अपने होठो को घुसा दिया ,वो जैसे तड़फने लगी ..

“क्या किया अब्दुल ने तेरे साथ ..”

वो मुस्कुराई ..

“खुद पता कर लो ..”

वो खिलखिलाई

“साली पूरी रंडी बनती जा रही है ..”

“यही तो चाहते थे ना की आपकी बीवी दुसरो के लिए रंडी बन जाए ..”उसका स्वर ऐसा था जैसे वो बेहद ही उत्तेजित हो ..

मैंने उसे कोई जवाब नही दिया बस उसके साड़ी को खोलने लगा ,उसकी कमर में मुझे एक खरोच के निशान दिखे मेरी नजर वहां अटक गई थी ..

“क्या देख रहे हो ये मेरे प्रेमी ने मुझे दिया है ,साला कितने जोरो से पकड़ता है ..”

मैं और भी मचल गया और बुरी तरह से उत्तेजित होकर उसके ऊपर टूट पड़ा,उसके होठो में एक विजयी मुस्कान आ गई थी जो मुझसे नही छुप पाई थी ,मैं भी जानता था की उसकी मुस्कान कितनी सार्थक थी असल में उसका पलड़ा मुझसे हमेशा से ही भारी रहा था ,और आज उसे अपने असली जीत का अहसास हो रहा होगा...और मैं उसे यही अहसास दिलाना चाहता था ..

मैं और भी जोरो से उसके ऊपर टूटा,दोनो ही नंगे होकर सेक्स के खेल में जुट गए थे..

“आह आह मेरी जान अब्दुल जोर से करो ना ..”

मैं किसी पिस्टल की तरह उसे पेल रहा था ..

“मादरचोद रंडी ये ले ..”मैं और भी जोरो से उसे पेलने लगा उसके होठो की मुस्कान और भी बढ़ गई ..

“आह रोहित मेरी जान ..आह राज ..शर्मा जी ….”

वो मुझे उत्तेजित करने के लिए अपने हर आशिक का नाम ले रही थी …

“सभी तुझे मिल कर चोडेंगे साली रंडी ..”मैं जोरो से पेल रहा था ..

“हा सभी एक साथ एक साथ ..आह मेरी जान आह चोदो ना इंस्पेक्टर साहब ...विक्रांत ..”

मैं चौका और उसे देखने लगा ...वो रंडिपन की हद सी मुस्कुराई ..

“ये नया आशिक है मेरा आप अपना काम चालू रखो ना “

उसकी वो मुस्कान मुझे जलाने के हद से ज्यादा ही थी मैंने जोरो से उसके गाल पर थप्पड़ मारा लेकिन वो फि भी मुस्कुरा रही थी ..

“अब अपनी रंडी बीवी का रंडिपन देखो मेरी जान ..”

उसने हंसते हुए कहा और खिलखिलाने लगी,मैं उसके गालो को जोरो से दबा दिया और जोरो से उसे पेलने लगा,,,

वो भी मस्त थी और मैं भी जलन की हद में अपना गुस्सा निकाल रहा था लेकिन मोना को इसमें बेहद ही मजा आ रहा था,मैं उसके ऊपर पूरी तरह से छा गया था ऐसा सेक्स हमने अपने पूरे जीवन में कभी नही क्या था शायद यही वो मजा था जिसके कारण लोग जलना भी पसंद कर लेते है ...मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दिया और अपना लावा पूरा उसके अंदर उड़ेल दिया….

सांसे जब थोड़ी सामान्य हुई हमारे होठ मिल गए ….

Update 32
“नही साहब वो तो कल रात अपने हवेली में ही था …”

मेरा खबरी कह रहा था..

“सच कह रहा है कही निकला नही .”

“नही साहब कल तो कुछ लोगो के साथ ही था,कोई बाहर से आये थे “

“और उसकी गाड़ी लेकर कौन गया था ..”

“कौन सी कई गाड़िया है उसके पास तो …”

“वो सफेद रंग की मर्सडीज नंबर ****** “

“वो कल रात को यंहा नही थी,शायद ड्राइवर उसे लेके किसी काम से ले गया हो …”

“ड्राइवर से पता करके बता की किस काम से गया था और कहा गया था ..”

“ओके साहब ..”

मैं सोच में पड़ गया था की अगर अब्दुल अपने हवेली में मीटिंग में था और वही रहा तो रात में मोना के साथ गोदाम में कौन था ...

गाड़ी तो अब्दुल की ही थी ,शायद ड्राइवर ही कुछ बता पाए …

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मैं ट्रक की लोकेशन देख रहा था वो गोदाम से निकल कर फिर एक सुनसान जगह पर जा रुका था,वो असल में अब्दुल का फॉर्महाउस था ,वँहा से वो ट्रक फिर से गोदाम चला गया ,माल को इकठ्ठा करके फॉर्महाउस में ट्रांसफर कर दिया गया था ,अब क्लाइंट के आने का इंतजार था ,...मुझे फॉर्महाउस के लिए निकलना था ताकि मैं उस जगह को अच्छे से समझ कर अपना प्लान बना सकू क्योकि मुझे उम्मीद थी की सब खेल वही होगा,वो शहर से लगभग 20 किलो मीटर बाहर था और वँहा से समुद्र की दूरी कुछ 50 किलोमीटर की ही थी ,माल वही से देश के बाहर जाना था ,और जंहा तक मुझे आभस था की क्लाइंट को भी वही से आना था ,...लेकिन कुछ कहा नही जा सकता था ...क्योकि इसके बारे में किसी खबरी को कोई पुख्ता जानकारी अभी तक नही थी …

मैं निकलने ही वाला था की मेरा फोन घनघनाया …

“हल्लो “

“हा साहब वो ड्राइवर कल किसी काम से गोदाम गया था अब्दुल को लेके लेकिन फिर वो नया इंस्पेक्टर आ पहुचा वँहा ,अब्दुल की रांड ने उसे कहा की वो वँहा से निकल जाए तो वो दूसरी गाड़ी लेके निकल गया ,और वो लड़की इंस्पेक्टर के साथ वही रुक गई,फिर उन दोनो को ही ड्राइवर घुमाने ले गया था फिर जाकर गोदाम में ही छोड़ा और फिर उस लड़की को उसके घर छोड़ कर वापस हवेली में आ गया …”

“अब्दुल की रांड…?”

“हा वो एक औरत है आजकल अब्दुल के साथ ही दिख जाती है ,मुझे लगा की वो अब्दुल की कोई माल होगी ,ऐसे ड्राइवर ने बताया की उसने इंस्पेक्टर को अच्छे से सेट कर लिया शायद पुरानी जानपहचान थी दोनो में,वो तलाशी लेने आया था लेकिन कुछ ही नही किया,वो बाहर गए और दारू पीकर वापस आये ,ड्राइवर बता रहा था की वापस आते वक्त इंस्पेक्टर ने लड़की को बुरी तरह से मसला हा हा हा ..”

वो एक घिनोनि सी हँसी में हंसा ..

“हा चल ठीक है ,तू अब्दुल पर नजर रख लड़की कोई भी हो हमे उससे कोई मतलब नही है ...अभी वो कहा है..”

“साहब वो शायद फॉर्महाउस को ही निकला है ,अपनी उसी आइटम के साथ …”

“ओके..”

मैंने घड़ी देखी दिन के 2 बजे थे इसवक्त तो मोना को अपने ऑफिस में होना चाहिए था लेकिन वो अब्दुल के साथ ही ,दोनो का याराना कुछ ज्यादा ही बढ़ गया था…

और कल वो अब्दुल नही बल्कि विक्रम के साथ थी ….मतलब अब्दुल उसे अपने हथियार की तरह भी यूज़ कर रहा था…

मैंने एक गहरी सांस ली क्योकि मेरे लिए ये जरूरी था ...मैं तुरंत ही तैयार होकर फॉर्महाउस की तरफ निकल कर भागा ….

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कई एकड़ में फैला हुआ वो फार्महाउस बेहद ही सुनसान लग रहा था,लेकिन बाहर से ही अंदर की सच्चाई का मुझे अभी तक तो पता भी था मैंने हमेशा की तरह पहले अपने बाइक को ठिकाने लगाया और फिर दीवाल खुदकर अंदर पहुच गया था …

जैसा की मुझे लगा था की बाहर से सुनसान दिखाने वाली ये जगह अंदर से कुछ और ही होगी ,बिल्कुल वही हो रहा था ,वँहा कई लोग उपस्थित थे,कुछ गार्ड बाहर दिख गए जो बेहद ही चौकन्ने दिख रहे थे ,वही कुछ कार भी खड़ी थी ,चारो ओर बड़े बड़े पेड़ थे और बीचों बीच में एक बड़ा सा भवन बना हुआ था ,दो मंजिल के इस घर में मुझे सेंध मारनी थी,मैं ऐसे कई काम पहले भी कर चुका था इसलिए उतना डर मेरे अंदर नही था ,मैं जानता था की ऐसी जगहों में बाहर ही गार्ड्स ज्यादा होते है लेकिन अंदर मुझे कोई भी नही मिलने वाला क्योकि ऐसी जगह अधिकतर लोगो के ऐयासी की अड्डे होते है ,मैं धीरे धीरे बस जगह पहुच गया जंहा से मुझे अंदर जाना था,वो भवन के पीछे का हिस्सा था,अपने दूरबीन से पहले तो अच्छे से नुमाइना किया फिर एक ड्रोन की सहायता से पूरा जायजा भी ले लिया,ऊपर वाली खिड़की खुली थी वही एक खिड़की जो की नीचे थी वँहा से कुछ लोग बैठे हुए दिख रहे थे,ऐसे दो गार्ड भी थे लेकिन वो एक इंटरवेल में ही वँहा आते और सब ठीक देखकर जाते थे मैं वो इंटरवेल भी नोट कर चुका था अब मुझे उसी इंटरवेल में अंदर दाखिल होना था ,मेरे लिए ये छोटी बात थी…

मैं अंदर पहुच गया और जो काम करने आया था वो करने लगा,मुझे छोटे छोटे माइक्रोफोन सारे घर में लगाने थे,जंहा तक मैं लगा सकू,क्योकि मैं वँहा कैमरा नही लगा सकता था ,इस बार ऐसे माइक्रोफोन लगाए थे जो किसी डिवाइस के पकड़ में ना आ सके क्योकि मोना ने मुझे पहले ही सबक दे दिया था ,मैं सचेत हो चुका था...मैं एक कमरे को छोड़कर सभी में कोई ना कोई माइक्रोफोन लगाने में सफल रहा एक वही कमरा बच गया था जिसमे कुछ लोग बैठे थे,मैं ऊपर गया और नीचे उस कमरे को ध्यान से देखने लगा,पूरे घर में कोई नही था कुछ लोग बस एक ही कमरे में थे शायद कोई बड़ी मीटिंग हो रही हो …

मुझे मोना की याद आयी और मैने उसे फोन लगा दिया,रिंग बहुत देर तक बजा लेकिन वो नही उठाई मैंने दुबारा लगाया इस बार वो कमरा खुला और मोना बाहर हाल में पहुची मैं ऊपर से उसे देख पा रहा था वो मेरे सामने ही थी लेकिन नीचे थी,कमरा खुला तो मैंने देखा वो एक बड़ा कमरा है जो की शायद किसमीटिंग के लिए ही बनाया गया हो ..

“हल्लो “

“कहा है मेरी जान ..”

वो हल्के से हँसी ,मैं देख सकता था वो अब भी इठला रही थी,एक पीले रंग की साड़ी में वो मेरे सामने खड़ी थी जिसे पहन कर वो घर से निकली थी …

“क्या हुआ जान आज दोपहर में ही काल कर लिया..”

“बस सोच रहा था की तुम कहा होगी ..”

“कहा होंगी वही ऑफिस में हु और आप ..

??”

“मैं बाहर जा रहा हु शाम तक आऊंगा ,मंन्त्री जी ने रोहित और डॉली के शादी के काम की जिम्मेदारी मुझे ही सौप दी है …”

वो थोड़ी अपसेट हो गई ..

“बस अब आपका यही काम बच गया है की अब उनकी शादी में काम भी करोगे ..”मैं हँस पड़ा ऐसे ये गलत तो नही था की मंन्त्री जी ने मुझे ये कहा था,उन्होंने कहा जरूर था लेकिन मैं वो सब काम दुसरो को सौप कर इस केस में भिड़ा हुआ था..

“अरे जान तुम नाराज क्यो हो रही हो ...ऐसे तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है मेरे पास ..”

“क्या ..??”

“आओगी तो बताऊंगा ऐसे आज तो जल्दी आओगी ना ..”

उसने एक नजर उस कमरे की ओर देखा ..

“हा पुराने समय में ऑफिस से छूट कर ..”

“ओह तो आज अपने आशिक अब्दुल के पास नही जा रही हो “

वो फिर से हँसी

“क्यो चले जाऊ क्या कल तो बहुत मजे किये आपने भी “

तभी कमरे का गेट फिर से खुला अब्दुल बाहर आ चुका था ,मोना ने उसे उंगली में हाथ रखकर इशारा किया की वो चुप ही रहे ..लेकिन वो चहरे में शरारत लिए उसके पास आया और पीछे से उसके गले से लग गया,उस लंबा चौड़ा आदमी के अंदर मोना जैसे गायब ही हो गई थी ,मोना ने उसे हाथो से मारा लेकिन वो हटा नही ..

“ऊमह छोड़ो ना अभी का फोन है सुन लेगा तो ..”

मोना ने फोन को थोड़ा दूर किया लेकिन उसे नही पता था की मैं ऊपर से भी उसकी बात सुन सकता था ..

“तो क्या कल जैसे आज भी मजे लेगा सोच सोचकर ..”अब्दुल की बात से जैसे मेरे सीने में एक तेज दर्द हुआ,मतलब साफ था की अब्दुल को भी पता था की मैं हमारे रिलेशनशिप को लेकर क्या फेंटेसी लिए हुआ हु …

मोना हँसी और उसने जोरो से अब्दुल को धक्का दिया और फिर से फोन अपने कानो से लगा ली ..

“आज कही नही जा रही, आ जाऊंगी शाम तक चलो रखती हु काम पर जाना है …”

मोना ने तुरंत ही फोन काट दिया क्योकि अब्दुल उसे फिर से पकड़ चुका था ..

“तुम ना मरवाओगे मुझे एक दिन ..”

“अरे जब वो भी यही चाहता है तो फिर ..”

“चाहता तो क्या उसके सामने ही करे ...भड़क गया ना तो तुम्हारा कुछ भी नही छोड़ेगा जानते हो ना उसका गुस्सा ,”

अब्दुल थोड़ा चिंतित हुआ ..

“लेकिन फिर हमारा क्या होगा..”

“जो अभी है हम वैसे ही रहेंगे,उसे हल्के हल्के से पता चलने दो उसे भी मजा आएगा और हमे भी ,ऐसे भी मैं उससे बहुत प्यार करती हु ..”

मोना हंसते हुए उसके बांहो में सिमट गई …

मेरी बीवी मेरे सामने थी वो कह रही थी की वो मुझसे प्यार करती है लेकिन थी वो किसी दूसरे की बांहो में …

दोनो के होठ मिल गए और मैं गुस्से से भरने लगा,मैं कुछ भी ऐसा नही करना चाहता था की ताकि मुझे और मेरे प्लान को कोई प्रॉब्लम हो जाए ..मैं चुप चाप ही वँहा से निकलने की सोची लेकिन एक चीज मुझे अभी भी करनी थी वो था एक पावरफुल माइक्रोफोन उस कमरे में पहुचना ,मेरे दिमाग में एक आईडिया आया की इंतजार ही इसका एक रास्ता है ,और मैं वापस ऊपर के कमरे में चला गया...

मैं बहुत देर तक वेट करता रहा ,लगभग शाम 5 बज चुके थे जब उनकी मीटिंग खत्म हुई सभी लोग जा चुके थे,मोना ने भी मुझे फोन कर बता दिया था की वो घर पहुच रही है …

मैं उस कमरे में दाखिल हुआ अपना काम कर 7 बजे तक घर पहुचा …

“अरे मेरी जान कितने थके हुए लग रहे हो ..”

“हा यार इतना काम तो मैं अपने शादी में नही किया ..”

मैं हंसते हुए उसके होठो को अपने होठो में ले लिया …

“कुछ सरप्राइज देने वाले थे..”

“हा मंन्त्री जी ने मुझे एक ईमान दिया है ..”

मोना की आंखे खुली की खुली रह गई..

“क्या ..??”

मैंने एक इन्वलोप उसके सामने रख दिया ..

“ये क्या है ..??”

“खोल कर देखो ..”

उसने उसे खोला और फिर कभी उसे तो कभी मुझे देखने लगी ..

“क्या हुआ तुम्हे पसंद नही आया ..”

“वाओ जान “वो खड़ी हुई और फिर से मुझसे लिपट गई

“लेकिन ये तो उसी रात की फ्लाइट है जिस रात रोहित और डॉली की शादी होगी ..??”

“हा समझ लो की हमे पहले जाना होगा “

“कितने कमीने है साले हम जाकर उनके स्वागत के लिए वँहा खड़े रहे फिर वो आएंगे “

“देखो यार उनकी शादी कोई बड़े समारोह में तो होनी नही है दूसरे दिन ही उन दोनो की फ्लाइट है स्विटीजरलैंड की तो एक दिन पहले हम चले जायेगे तो क्या हो जाएगा ..ऐसे भी मंन्त्री जी चाहते है हम दोनो भी अपना सेकंड हनीमून मना आये तो बुराई क्या है ...मैं तो कभी अपने इतने कम पेमेंट में तुम्हे नही घुमा पाऊंगा ..”

वो बड़ी इमोशनल होकर मुझे देखने लगी और फिर हमारे होठ फिर से मिल गए ….

Update 33
मैं अपने ऑफिस में अब नही बैठता था,मुझे एक अलग कमरा गृह मंन्त्री के ऑफिस में दिया गया था, गृह मंन्त्री ने भी इसके लिए एक आदेश जारी करके मुझे कुछ स्पेसल पवार दी थी,मुझे मेरी टीम चुनने की भी आजादी दी गई थी ,पूरे पुलिस महकमे में एक अजीब सी हलचल थी की कुछ तो हो रहा है लेकिन किसी को सही तरह से पता ही नही था की क्या हो रहा है ..

प्रदेश भर के ईमानदार और काबिल अधिकारी और कर्मचारियों को एक ही जगह में लाया जा रहा था,यही सबसे बड़ा सुबूत था की कोई बड़े ऑपरेशन की तैयारी चल रही है …

लेकिन वजह यही बताई जा रही थी की मंन्त्री जी को जान का खतरा है वही कुछ लोग ये बोल रहे थे की डॉली उनकी मुह बोली बेटी है और इसीलिए उसकी शादी की तैयारी और सुरक्षा के लिए ऐसा किया जा रहा है,असल में जो लोग मेरे लिए इस मिशन में काम कर रहे थे उन्हें भी नही पता था की वो क्या कर रहे है ,जैसे की विक्रम ...असली बात सिर्फ 3 लोगो को ही पता थी एक तो मैं दूसरे डॉ चुतिया और तीसरे खुद मंन्त्री जी …….

ऐसे जिसे जो भी लग रहा था कही ना कही सही ही लग रहा था ,क्योकि मंन्त्री जी के भी कई दुश्मन थे और शादी में गुप्त रूप से निगरानी करना भी बेहद ही जरूरी था…

मैं अपने नए ऑफिस में बैठा था,कान में हेडफोन लगाए हुए था और कई आवाज एक साथ मेरे कानो में आ रहे थे,मैं फ्रीक्वेंसी देख देख कर सब को क्लोज कर रहा था मुझे अपने काम की चीज चाहिए थे ,जो मुझे मिल ही गई वो उसी माइक्रोफोन से आ रही आवाज थी जो अब्दुल के फार्महाउस के मीटिंग वाले कमरे में लगाई थी …

‘ऐसा नही हो सकता ,’

मोना की आवाज आई ..मैं ध्यान से सुनने लगा

‘क्यो नही हो सकता,हमे सतर्क रहना होगा ,पुलिस अचानक से इतनी एक्टिव कैसे हो गई है ‘

एक मोटी सी अजनबी आवाज थी

‘सही कह रहा है ठाकुर ,अचानक से ही कुछ ही दिनों में पुलिस विभाग में कई परिवर्तन हुए है उसे अनदेखा नही किया जा सकता,और मैंने तो ये भी सुना है की खुद अभिषेक ही टीम बना रहा है ,मुझे तो लगता है की उसे हमारे डील की भनक लग गई है ..’

अब्दुल के आवाज में चिंता थी ...लेकिन मोना के हँसने की आवाज आयी

‘तुम लोग खामखाह डर रहे हो अभिषेक मेरी मुठ्ठी में है वो कुछ करेगा तो मुझे पता चल ही जाएगा,सारे घर में मैंने कैमरा लगा के रखा है उसकी कोई भी हरकत से हमे पता चल ही जाएगा,और अभी तक मैंने तो कुछ ऐसा नोट नही किया …’

मोना की बात सुनकर मेरे होठो में मुस्कान आ गई साली कितनी चालाक हो गई है …सच बताऊँ तो नफरत नही बल्कि प्यार आया लगा की उसके गालो को खा जाऊ मैं हमेशा से ऐसी ही मोना चाहता था थोड़ी चालाक और थोड़ी कमीनी ,लेकिन जब वो ऐसी हुई तो उसकी ये चालाकी और कमीनापन मेरे ही खिलाफ था …

‘वो बात तो सही है लेकिन पुलिस की टीम बना रहा है ये क्या बात हुई और इतने बदलाव ...कई लोगो से रोज का मिलना जुलना ,शक करने की बात तो है ना ..’

वो आदमी फिर से बोल उठा,मोना फिर से थोड़ी हँसी ..

‘मंन्त्री की लड़की की शादी है तुम्हे ये मजाक लग रहा है,कितने बड़े बड़े लोग आएंगे,’

‘लेकिन मुहबोली बेटी की शादी के लिये इतना कुछ …’

इस बार मोना जोरो से हँसी ..

‘दुनिया के लिए गोद लिया है उसने सच तो ये है की वो उसकी खुद की बेटी है ...मेरे साथ पूरा कालेज पढ़ी है मैं अच्छे से जानती हु की वो अपनी बेटी को कितना प्यार करता है,फिर भी शायद इतनी सुरक्षा की जरूरत नही पड़ती लेकिन किसी चूतिये ने गृह मंन्त्री को उसकी बेटी के शादी में ही मार डालने की धमकी दे दी तो अब तो पुलिस का पहरा रहेगा ही ,अभिषेक खुद ही थका हुआ घर आता है सारी बात मुझे बताता है …मैंने इसीलिए ये डेट फिक्स किया था ताकि सारे पुलिस वाले उधर ही बिजी रहे और हम अपना काम आसानी से कर ले …’

‘वाह मान गए गुरु तुम्हारी जान तो कमाल की है …इसे तो भगा के ही ले जा ..’

वो हँसने लगा साथ ही अब्दुल भी हँसने लगा..

‘वो तो है ..’

‘क्या वो तो है मैं शादीशुदा हु समझ गए .

.’

‘अरे तो क्या हुआ ये एक काम हो जाए फिर तो मौजा ही मौजा है ..उसे मार के फेंकवा देंगे कही ..”

‘अब्दुल ..’ मोना गुस्से से चिल्लाई ..थोड़ी देर के लिए वँहा शांति छा गई …

‘आज कह दिया फिर कहा ना …’

ऐसा लगा जैसे मोना वँहा से निकल गई हो

‘अरे मोना मेरी बात तो सुनो …’

करीब 15 मिनट तक कोई भी आवाज उस कमरे से नही आई ना ही दूसरे कमरों से थोड़े देर बात फिर से आवाज आई ..

‘चली गई ..साले ये चिड़िया तो तूने गजब की फ़साई है लेकिन खतरनाक भी लग रही है ..दिल तो नही आ गया इसपर ..’

वही अजनबी आवाज मेरे कानो में आयी ..

साथ अब्दुल की हँसी गूंजी ..

‘जब मैं पहली बार अभिषेक से मिला था तो लगा कि साला कितना चालाक आदमी है ,जैसा उसने बंसल को पकड़वाया मैं तो उसका दीवाना हो गया था ..लेकिन ...ये साली उससे भी तेज है ,बहुत तेज ..’

अब्दुल की आवाज थोड़ी धीरे हो गई थी जैसे वो कुछ सोच में पड़ गया हो ..

‘इतनी तेज लड़की हमे फंसा भी सकती है क्या पता की ये अभिषेक के साथ ही मिलकर ..’

‘नही अभिषेक को इसके कारनामो का पता नही होना चाहिए क्योकि वो इससे बेहद प्यार करता है और मुझे नही लगता की वो किसी और के साथ इसे देख भी सकता है ..’

‘लेकिन तू तो कह रहा था की वो साला DSP गांडू है अपनी बीवी को दूसरे के साथ देखकर खुस होता है ..’

‘अरे वैसे नही बे,ये लड़की उसे कहानी बताती है जो सच है की नही उसे नही पता,उस गांडू को अपनी बीवी पर पूरा भरोसा है की वो कोई भी गलत काम नही करेगी,तो वो बस सुनकर ही मजे लेता है ..’

दूसरा आदमी जिसका नाम ठाकुर था वो हँसने लगा ..ऐसा लगा जैसे की अपना पेट पकड़कर हँस रहा है ..

‘कैसे चूतिये है दुनिया में अपनी ही बीवी को दूसरे के साथ देखकर ..’

‘अबे देखकर नही उसके बारे में सोचकर,अभी हमे कुछ करते देखा नही है देख लेगा ना तो दोनो को ना मार डाले…’

‘तू तो कह रहा था की गांडू है ..’

‘वो तो है लेकिन साले का गुस्सा भी गजब का है कुछ नही देखता पेल ही देता है..’

‘तुझे पेलेगा साले तू डॉन है..’

‘तूने उसका गुस्सा नही देखा है मैंने देखा है ..’

‘चल छोड़ ये सब लेकिन इस लड़की पर भी नजर रखनी पड़ेगी,साली चीज क्या है समझ नही आता,कभी तो तेरे बांहो में झूलती है फिर उस इंस्पेक्टर को कैसे सेट किया उस दिन देखा ना,ड्राइवर ने बताया की उससे ही मसलवा रही थी ,और अब साली पतिव्रता भी बन रही है ,क्या है कुछ समझ नही आ रहा ..’

‘हम्म्म्म…’अब्दुल ने एक गहरी सांस छोड़ी ..

‘ये तो मेरे भी समझ में नही आ रहा ,कुछ तो खास है जो हमे सच में नही पता जो ये उस अभिषेक से इतना प्यार दिखा रही है ..’

‘मतलब ??’

‘मतलब कभी तो ऐसे बात करती है जैसे साली अपने पति के लिए मर जाएगी फिर लगता है की साली रंडी है ...ऐसे तो नही हो सकता की वो उससे प्यार करती है ..

तो क्या है जो वो ऐसे प्यार दिखा रही है ,,,ये काम हो जाए फिर साली को ब्लैक मेल करके सब राज पता कर लूंगा ‘

‘वो कैसे ..’

‘अबे उसने बोला ना की उसके घर में कैमरा लगा है ..’

‘ओह तो साले चुदाई की कई वीडियो होगी तेरे पास तो ‘

दोनो जोरो से हँसने लगे………….

वही ये सब सुनकर मेरा सर भी चकरा गया था मेरे सर में तेज दर्द होने लगा था मुझे अब एक ही चीज की जरूरत थी ...शराब ...

Update 34
शादी को बस दो ही दिन बचे थे,साथ ही डील को भी,हर गतिविधियों पर एक साथ नजर रखी जा रही थी ,रात भी मैं घर नही गया था लेकिन कही किसी गतिविधियों का पता नही चला था,दोपहर हो चुका था जो की मीटिंग का समय था ,

लोग फिर से अब्दुल के फार्महाउस में आने लगे थे कोई 3 लोगो की आवाज आ रही थी लेकिन अभी अब्दुल और मोना नही आये थे …

थोड़ी देर बाद ही दोनो भी आ गए ..

‘काम में दो ही दिन बचे है और ये इमरजेंसी मीटिंग किसलिए ..?’

एक आदमी चिल्लाया ..

‘शांत हो जाओ माल का आखिरी ट्रक भी आ चुका है,..’

‘ये हमे पता है ये बताने के लिए बुलाया है ..’

‘नही बल्कि ये बताने के लिए की अब डील परसो नही बल्कि उसके एक दिन बाद होगी..’मोना की आवाज आयी

‘वाट ..’वँहा बैठे सभी तीनो लोग एक साथ ही चिल्लाए

‘पागल हो गए हो क्या क्लाइंट दूसरे शहर से नही देश के बाहर से आ रहा है अगर कुछ गड़बड़ हो गई तो ...और वो डील भी कैंसल कर सकते है ..’

‘उनसे हम बात कर लेंगे ..’मोना फिर से बोली

‘चुप कर छिनाल ये तेरा ही आईडिया होगा ..’

ये आवाज ठाकुर की थी

‘ठाकुर ..तमीज से बात कर ..’अब्दुल भड़क गया था ..

‘देखो उस दिन मंन्त्री के बेटी की शादी है तुम सब को बताने की जरूरत नही की किसी ने उसी शादी में मंन्त्री को मारने की भी धमकी दे रखी है ,और तुम DSP अभिषेक और इंस्पेक्टर विक्रम को अच्छे से जानते हो वो बाल की खाल खिंचने वालो में से है..सारे नाकों पर पुलिस होगी ,हो सकता है की समुद्र के किनारों में भी गस्त की जाए ...खतरा ज्यादा रहेगा ..’

मोना ने सबको समझाया ..

‘लेकिन तुमने ही तो कहा था की वही दिन ठीक है और समुद्र कौन सा शहर के पास है ..’

‘हा मैंने कहा था लेकिन उस समय किसी को जान से मारने की कोई भी धमकी नही दी गई थी ..और ऐसे भी एक खुशखबरी भी है की शादी की रात को ही अभिषेक स्विटीजरलैंड जाने वाला है ,तो काम और भी आसान हो जाएगा ‘

मोना की बात सुनकर सभी तो चुप हो गए लेकिन मेरे माथे पर पसीना आ गया लगा की सारे किये कराए पर पानी फिर गया..

‘वो अकेला जाएगा ..या तू भी ‘ठाकुर ने फिर से कहा

‘ये क्यो जाएगी ??’

किसी दूसरे व्यक्ति ने पूछ लिया

‘क्योकि ये उसकी बीवी है ..

’

‘क्या??’बाकी के दोनो लोग ऐसे चौके जैसे भूत देख लिया हो,मैं इस समय अब्दुल और मोना का चहरा तो नही देख पा रहा था लेकिन मुझे मालूम था की ठाकुर की इस बात से वो जरूर गुस्सा हुए होंगे,सालो ने मेरी इज्जत सरे बाजार उछालने की कसम खा ली थी..

‘हा मैं भी जाऊंगी और ऐसे भी इस काम में मेरा क्या काम है,तुम तो हमेशा से यही चाहते थे की मैं इस डील में ना रहू ..’

मोना का स्वर ठंडा था..

‘ह्म्म्म तो ठीक है शादी के एक दिन के बाद ही डील होगी लेकिन अगर क्लाइंट नही माने तो ये तुम्हारी जिम्मेदारी ..’

‘हमने उनसे बात कर ली थी ,वो मान गए है बस तुम लोग अपनी तैयारी रखना ..’

अब्दुल इतना बोलकर शायद वँहा से निकल गया …….

Update 35
दिमाग की बत्ती जब गुल हो जाती है और शराब भी कोई सहारा ना दे तो क्या किया जाए,

इस एक डील की वजह से मैंने कई रिस्क लिए थे ,कई जगह गैर कानूनी काम भी कर रखे थे,कई सेटिंग्स किये थे,सब कुछ एक ही झटके में कैसे बदल जाने दे सकता था…..

अंत में जब कुछ समझ नही आया तो मैं घर को निकल गया,मुझे सोचने के लिए थोड़ा आराम भी चाहिए था…

मैं फ्रेश होकर ध्यान करने बैठ गया शायद जब कुछ समझ ना आये तो सब कुछ छोड़कर अपने अंदर झांकना चाहिए,कई रास्ते दिखाई देने लगते है ……

मेरे दिमाग में कई सवाल घूमने लगे ,कई विचार मेरे सामने लेकिन मैंने किसी भी विचार को नही पकड़ा,मैंने पहले भी मेडिटेशन की प्रैक्टिस की हुई थी मुझे पता था की दिमाग को शांत कैसे किया जाय,विचार आते है और चले जाते है ,मुझे बस दृष्टा होकर बैठना था और मैं बैठा था,मन के अंदर की कोलाहल और भी ज्यादा बढ़ने लगी यही समय था जब मुझे शांति से सब कुछ देखना था,फिर अचानक एक पल आया और सभी कुछ खत्म ….

मन शांति की एक अलग ही आनन्द को महसूस करने लगा,आधे घण्टे हो चुके थे फिर से विचार आने शुरू हुए लेकिन इस बार सभी बेहद ही सलीके से थे कोई कौतूहल नही हो रहा था,इसीलिए ध्यान में बैठने का समय कम से कम एक घंटा होना चाहिए आधे घंटे तो बस स्थिर होने में ही लग जाते है ,जैसे जैसे समय बढ़ता गया शांति में फिर से हलचल हुई इस बार मेरे मन के सामने सभी कुछ आ चुका था अब बस वो आश थी जिसमे मुझे कोई ऐसा हिंट मिल जाए जिससे मेरा काम बन जाए ,मैं बस देख रहा था देख रहा था…

मन की थकान इतनी थी की मन जैसे ही ज्यादा शांत होने लगा मैं कही खो गया और फिर नींद के आगोश में चला गया…..

दरवाजा खुलने के आभास से मेरी तंद्रा टूटी मैं फिर से अकड़ कर बैठ गया पता नही कितने समय तक मैं सोया हुआ था,..

मोना के मेरे कमरे में आने का आभास हुआ,हम दोनो में ये करार था की अगर मैं ध्यान में बैठा हु तो मुझे डिस्टर्ब ना किया जाए …

कुछ देर मैं मोना की गतिविधियों के बारे में ही सोचता रहा ,मन जब शांत हो तो आप एक ही चीज को कई तरीके से सोचने और समझने की योग्यता पा लेते है,मेरे सामने कुछ तथ्य ऐसे आये जिसे मैंने अभी तक सोचा ही नही था और साथ ही आया मेरे होठो में एक मुस्कान ,मुझे अपने सवाल का हल मिल चुका था……

मैं उठा और सीधे मोना को जकड़ लिया उसके गाल पर एक पप्पी दे दी ..

वो अपने कपड़े निकाल कर अपनी नाइटी पहन चुकी थी ,वो हल्के से हँसी ..

“लगता है काम का बहुत प्रेशर है ,आज कितने दिनों बाद तुम्हे ध्यान करते देख रही हु ..”

“हा जान पता नही कौन ऐसा चुतिया है जो मंन्त्री जी को मारने का प्लान कर रहा है ,सभी अधिकारी मेरे ही पीछे पड़े रहते है हर समय साला परेशान कर रखा है लोगो ने,बस ये शादी अच्छे से हो जाए फिर हम दोनो फुर्र हो जायेगे,सीधे स्विटीजरलैंड..

उसके होठो में मुस्कान तो थी लेकिन ऐसा लगा की कुछ जानने की कोशिस कर रही है …

“क्या हुआ ऐसे क्यो देख रही हो ..”

“कुछ नही सुबह 3 बजे की फ्लाइट है ,रात भर शादी में बिजी रहेंगे ,एक दिन अगर ये फ़्लाइट पास्पोण्ड हो जाती तो ठीक रहता ना थोड़ा आराम भी कर लेते..”

मैंने गहरी सांस ली ,

“यार अब ये तो नही हो सकता जाना तो उसी दिन पड़ेगा,चलो कोई नही रात फ्लाइट में ही सो जाएंगे और क्या ..ऐसे भी उसके बाद तो आराम ही आराम है 15 दिन का पूरा पैकेज दिया है मंन्त्री जी ने …”

मोना के चहरे में आश्वस्त होने का भाव आया,लगा जैसे वो ये जानना चाहती थी की हम उसी दिन जा रहे है की नही …

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सुबह उठते ही मैंने कुछ फोन किये जिसमे एक था डॉ चुतिया को ...मैंने अपने प्लान में कुछ बदलाव लाया था जो उन्हें पता होनी जरूरी थी …….

शादी का दिन आ चुका था …

लोग शादी में मस्त थे और मैं अपने काम में ,डॉ साहब ,और विक्रम भी वँहा आये हुए थे..

मोना ने एक लाल रंग की साड़ी पहनी थी ,स्लेवलेस ब्लाउज बेहद ही सेक्सी लग रहा था ,ब्लाउज में कई तरह से सितारे जैसे मोती चमक रहे थे,कंधा तो खुला था ही बल्कि गला भी बहुत खुला हुआ था,एयरकंडीशन होटल के बड़े से हाल में शादी की रस्म होनी थी ,एक ही दिन हल्दी से लेकर बारात तक का कार्यक्रम रखा गया था ,पूरा दिन मैं और मोना दोनो ही व्यस्त रहे थे,मैं अपने काम में और मोना तो थी दूल्हा और दुल्हन की सबसे अच्छी दोस्त…

शाम की पार्टी में मोना का सेक्सी रूप देखकर एक बार तो मेरे मुह से भी आह सी निकल गई थी …

वही शराब के काउंटर में बैठा विक्रम भी मोना को घूरे जा रहा था ,वो साला मुझे ऐसे इग्नोर कर रहा था जैसे मुझे जानता ही नही हो,वैसे भी वो डयूटी में था,दो पैक लगा कर उसने फिर से अपना वाकीटोकि सम्हाल लिया..

“विक्रम ..

”

मैंने ही उसे आवाज लगाई …पहले तो वो मुझे थोड़ा घूरा फिर मेरे पास आया

“जी सर कहिए..”

“साले अभी तक गुस्सा है ..”

“मैं होता कौन हु आपसे गुस्सा होने वाला आप तो बड़े अधिकारी है ..”

मैं उसे कुछ कहने ही वाला था की मेरे दिमाग ने मुझे मनाकर दिया ,वो साला बेहद ही सेंटी आदमी था,

“ह्म्म्म तो मोना के साथ कितना आगे पहुचा ..”मैंने एक ग्लास उठा लिया था ,उसने मुझे और भी घृणा से घूरा ..

“सर ये मेरा पर्सनल मेटर है ,और अभी मैं डयूटी पर हु तो एक्सक्यूज़ मि ..”

वो जा ही रहा था की मैंने उसे फिर से टोका ..

“मैं तुम्हारा इंजार्च हु ..और मैं जंहा कहु वही तुम्हे डयूटी करनी पड़ेगी ..”

वो मुझे गुस्से से घूरने लगा

“और मैं चाहता हु आज मोना के साथ ही रहे उसे भी तो खतरा है…”उसने मुझे घूरा

“ओके सर ..अगर आप यही चाहते है तो आज कुछ करके ही रहूंगा …...”

“साला गांडू ..”वो जाते जाते फुसफुसाया और जाकर स्टेज के पास खड़ा हो गया,और मैं अपना पैक लेकर डॉ के पास जाकर बैठ गया…

“सुना है तुम आज रात ही स्विटीजरलैंड निकलने वाले हो ..”

“सही सुना है ,यंहा सब कुछ आपको ही देखना पड़ेगा ,मैं ऑफिशल छुट्टी पर हु तो मुझे कोई प्रॉब्लम नही है ..”

“ह्म्म्म बेटा तुम तो निकल जाओगे और हम फंस जाएंगे …”

हम दोनो ही थोड़े हंसे ,

“ऐसे ये इंस्पेक्टर तो तुम्हारा दोस्त है ना “

“हा ..”

“मोना को पता है की नही ..”

“नही ..”

“तो दोनो ये इशारे में क्या बात कर रहे है …”

मैंने ध्यांन नही दिया था लेकिन डॉ ने इसे पकड़ लिया था ..

“मोना को नही पता की वो मेरा दोस्त है लेकिन दोनो एक दूसरे को जानते तो है …”

डॉ ने बार मुझे घूरा …

“यार कभी कभी तो मुझे तुम पर भी शक होता है ,”

मैं हँस पड़ा…

“होना भी चाहिए ..लेकिन ये याद रखियेगा की मैं कमीना तो हु लेकिन नियत मेरी हमेशा से साफ ही रही है …”

***********

शाम रात में बदलने लगी थी ,10 बज चुके थे ,लेकिन अभी भी दूल्हा दुल्हन स्टेज में ही थे साथ ही मोना भी ,

मैं बार बार समय देख रहा था और कभी कभी स्टेज में भी जा रहा था,..

“यार मोना हमे पेकिंग भी तो करनी है ..”

“अरे ये चले जाना थोड़ी देर तो रुको ,12 बजे तक साथ खाना खा कर जाना ..”रोहित बोल पड़ा ..

“ओके..”मैं फिर से अपने काम में लग गया..

“मेहमान कम होते जा रहे थे और मोना के चहरे में एक बेचैनी आ रही थी,विक्रम उसे बार बार इशारा कर रहा था,विक्रम स्टेज के पास से निकल कर होटल के कमरों की तरफ चला गया,5 मिनट भी नही बीते थे की मोना ने भी उधर का रुख कर लिया,मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई थी….

लगभग 12:30 हो रहे थे जब हम सबने खाना खाया और घर को निकल गए ,शादी बड़े ही आराम से निपट गया था,मैं बहुत ही रेलेस्क्स दिख रहा था वही मोना थोड़ी बेचैन..

“ऐसे क्यो बेचैन हो “

मैंने कर में ही उसे कहा..

“कुछ नही सब पेकिंग भी तो करनी है ..और थोड़ा आराम भी करना है ..

”

“हा बात तो सही है ..घर जाकर थोड़ा पी के सोते है जल्दी उठाकर तैयारी कर लेंगे “

“हा ये सही रहेगा ..”

मोना थोड़ा चहक कर बोली लेकिन मेरे होठो में अनजाने ही एक मुस्कान आ गई थी ..

घर जाकर मोना ने ही दो पैक बनाये तब मैं बाथरूम में था,दोनो ने चेयर किया..

“अब जाकर मुझे थोड़ी शांति मिली कल से आराम ही आराम ..”मैं अपना पैक खत्म करते कहा..

मोना के होठो में एक फीकी मुस्कान थी ,वो भी एक ही झटके में पूरा पैक खत्म कर मेरे साथ ही सो गई ……...

Update 36
मोना पूरी तरह से नंगी सोई हुई थी ,उसकी एक और अब्दुल तथा दूसरी ओर उसका दोस्त ठाकुर था,दोनो ही मोना की तरह पूरे नंगे थे,दोनो ही नींद में मोना के बदन पर हाथ रखे हुए थे और कभी कभी नींद में ही उसके बदन पर हाथ फेर देते…

दोपहर का वक्त हो चुका था ,खिड़की से सूरज की किरणे छनकर आ रही थी …

किसी के द्वारा दरवाजे को जोरो से पीटने की आवाज से उनकी नींद टूटी ,तीनो ही एक साथ ही नींद उस समय एक साथ खुल गई जब धड़ाम की जोर से आवाज हुई तीनो उठ चुके थे लेकिन उनके सर में एक तेज दर्द था,कमरे में कई लोगो के जूतों की आवाज आने लगी,

मोना उठ बैठी थी और उसकी नजर पहले सीधे उस शख्स पर पड़ी जो सामने खड़ा था ..

“तुम यंहा आह??”

वो अपने दर्द देते सर को पकड़ कर कुछ समझने की कोशिस करती है ,तभी वो अपने आस पास देखती है ,अब्दुल और ठाकुर भी उठ चुके थे वो एक दूसरे को चौकने वाली नजर से देख रहे थे …

“तुम्हारा खेल खत्म हुआ “

विक्रम की आवाज से तीनो के जिस्म में जैसे करेंट सा लग गया..

“मैं मैं यंहा कैसे पहुची ..”मोना हड़बड़ाते हुए अपने आस पास देखने लगती है वो वही कमरा था जंहा वो रात में अभिषेक के साथ सोई थी ,उसे कुछ याद नही आ रहा था,तभी ..चटाक ..

विक्रम ने एक जोरदार थप्पड़ उसके गालो में लगा दिया था..

“मादरचोद साली अपने यारो के साथ नंगी सोई है मेरे दोस्त को धोखा देकर यंहा गुलछर्रे उड़ा रही है और मुझे ही पूछ रही है की यंहा कैसे पहुची …”

मोना बिल्कुल ही बेचैन हो गई थी वही हाल उन दोनो का भी था …

“अभिषेक कहा है ..और और ..”

मोना की हालत ही खराब थी ..

“साली रंडी,जा पहले अपने कपड़े पहन ले ,तेरी तो इज्जत नही है लेकिन क्या करे तू मेरे दोस्त की बीवी है ,और मेरे प्यारे दोस्त की तो इज्जत है ..और गिरफ्तार कर लो इन हराम के पिल्लों को ..”

वँहा खड़े कुछ और सिपाही जो अभी तक मोना को घूर रहे थे,विक्रम का गुस्सा देखकर और उसकी बात सुनकर थोड़ा चौक कर एक्टिव हुए ,तीनो ने जल्दी से जो मिला वही पहन लिया…

अब्दुल और ठाकुर कुछ सोच भी पाते उससे पहले ही सिपाही उन्हें धर दबोचे और घिसटते हुए कमरे से और हाल में ले आये , ,मोना अब भी विक्रम के सामने खड़ी चीजों को समझने की कोशिस कर रही थी ,महिला पुलिस ने से भी पकड़ लिया ..

“विक्रम अभिषेक कहा है ..

”मोना रोने लगी थी ,विक्रम जिसकी आंखे लाल थी और थोड़ा पानी भी उसकी आंखों में आ चुका था वो अब हँसने लगा …

“तुझसे बड़ी कमीनी मैंने आज तक नही देखा ,मेरे दोस्त को खुद ही देश से बाहर भेज दिया और अब मुझे ही पूछ रही है की वो कहा है ...खुद अपने यारो के साथ मिलकर प्लान बनाया ,मुझे भी फसाने की कोशिस की ताकि तुम्हारे प्लान के बीच में नही आऊ लेकिन तुम्हारा पर्दा फाश हो चुका है ,जिन 200 नाबालिक लड़कियों को तुम दुबई भेज रही थी वो सभी सही सलामत है ,तुम्हारा क्लिइंट भी पुलिस के मुठभेट में मारा गया है ,और उसके जहाज से अवैध रूप से भारत के बाहर ले जा रहे ,हाथी दांत और प्राचीन कलाकृति का जखीरा भी हमने बरामद कर लिया है ..तुम्हारा प्लान तो अच्छा था की सभी पुलिस वाले शादी में व्यस्त होंगे और तुम लोग अपना काम कर जाओगे लेकिन अफसोस ….”

मोना की हालत ऐसी थी मानो काटो तो खून ही नही वो पीली पड़ गई थी …

“विक्रम मैं मैं कुछ भी नही जानती मेरा यकीन करो …”

विक्रम जोरो से हंसा ..

“साली मुझे ये बताने की जरूरत नही की तू रांड है,तेरी रंडिपन मैं पहले ही देख चुका हु...और आज जो तू अपने पति के जाने के बाद अपने यारो के साथ नंगी सोई है उससे बड़ा प्रमाण और क्या होगा की तू रांड है …”

“ये लोग यंहा कैसे आये मुझे नही पता ..”मोना डर से कांप रही थी ..

विक्रम फिर से जोरो से हंसा

“बेचारा मेरा दोस्त ….”उसके आंखों में पानी आ गया था

“वो कितना प्यार और विस्वास करता था तेरे ऊपर ...लेकिन है तो वो भी एक पुलिस वाला,उसे तब शक हुआ जब तूने स्विटीजरलैंड की टिकिट कैंसल की और उससे कहा की तू रोहित और डॉली के साथ आएगी ,वो तो इसे ही सच समझ कर एयरपोट चला गया था लेकिन फिर जब उसने रोहित से बात की और उसे पता चला की तुम्हरा रोहित और डॉली के साथ जाने का कोई टिकट नही किया गया है तब उसे शक हुआ ,और उसने मुझे फोन किया ,मैंने उसके बात सुनी तो मुझे भी शक हुआ,मैंने जब उसे दुबई जा रहे माल के बारे में बताया और ये बताया की अब्दुल और ठाकुर का कही पता नही है ,तब उसने कहा की मेरे घर पर धावा बोलो ..शायद वही डील के रुपये भी मिल जाए और गुनहगार भी ...मैं ही उसे गलत समझता रहा की वो अपने ही बीवी को दूसरे के साथ देखने को मर रहा था लेकिन जब उसने बताया की उसकी बीवी थोड़ी बहक गई है और वो तुझसे इतना प्यार करता है की तुझे छोड़ भी नही पाता ,और समझा भी नही पाता ,इसलिए उसने मुझे कहा की मैं तेरे पास रहु ताकि अब्दुल के झांसे में तू फंसने से बच जाए ...लेकिन बेचारे को क्या पता था की उसकी बीवी क्या दूसरे के झांसे में फसेंगी वो तो खुद उसे ही झांसा दे रही थी ,अंडरवर्ड के लोगो की रांड और उनकी क्राइम पार्टनर ...अब तुम्हरा खेल खत्म हुआ मोना,बस सोच रहा हु की अभिषेक को ये कैसे बताऊंगा की उसकी बीवी जिसपर वो इतना भरोसा करता था वो ….

जब उसे पता चलेगा तो वो टूट ही जाएगा ...एक ईमानदार इंसान की बीवी अंडरवर्ड के लोगो के साथ मिलकर ये सब...तुम उन लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने वाली थी मोना इसकी सजा तो तुम्हे मिलेगी …”

विक्रम अचानक से गरजा ..

“नही विक्रम ये सब झूट है ,मैं तो कल अभिषेक के साथ ही सोई थी हम दोनो साथ ही जाने वाले थे ,और हा अब्दुल मेरा दोस्त है पर...वो क्या कर रहा है इसका मुझे कोई पता नही था ..ये भी नही पता की वो दोनो यंहा कैसे आये ..”

विक्रम के होठो में फिर से एक व्यंगात्मक हँसी आ गई ..

“साली चुतिया ही समझती है क्या ...अब इतना बड़ा चुतिया भी कोई नही होगा ...तू उनके साथ नंगी सोई थी ,और तूने अपने ही मोबाइल से टिकट करवाया था और फिर खुद ही कैंसल भी किया और हमे चुतिया समझ रही है …”

“मैंने….नही नही मैंने नही मंन्त्री जी ने टिकिट करवाया था …”

विक्रम और भी जोरो से हँसने लगा

“रुको सब कुछ क्लियर हो जाएगा ,हमारे घर में कई कैमरे लगे हुए है अभी सब पता चल जाएगा …”

मोना ने तुरंत ही अपना मोबाइल निकाला और देखने लगी लेकिन उसके साथ ही साथ उसके चहरे का रंग ही उड़ता गया ...वो पागलों जैसे उन जगहों पर पहुची जंहा उसने कैमरे लगाए थे लेकिन कोई भी कैमरा कही नही था ..विक्रम सब कुछ आराम से देख रहा था और हँस रहा था..

“बहुत नाटक हो गया तुम्हारा गिरफ्तार कर लो इसको और पूरे घर की तलाशी लो ,पैसा यंही मिलेगा …”

मोना को तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया गया था और तलाशी से घर में एक बड़ा बेग निकला जिसमे लगभग 2 करोड़ रुपये थे …

अब्दुल मोना और ठाकुर एक दूसरे का चहरा देख रहे थे …

“ये कैश कहा से आया तुमने तो हीरे में सौदा किया था ना ..”

ठाकुर ने हल्के से अब्दुल से कहा ...अब्दुल जैसे किसी दूसरी ही दुनिया में खो गया था ..

“साले वो 200 करोड़ के हीरे थे …मेरे जीवन की पूरी कमाई ”अब्दुल ने ऐसे कहा जैसे उसकी दुनिया ही खत्म हो गई हो

Update 37
1 महीने बाद …

मियामी(USA ) के एक पर्सनल बीच हाउस में मैं आराम कर रहा था,सामने समुंदर था और हाथ में वाइन ….

“तुमने ये कब लगा की मोना तुमसे धोखा कर रही है ..”

विक्रम आंखे फाड़े मुझे देख रहा था ,और डॉ चुतिया उसकी बात सुनकर हँस रहे थे ..वो जब से आया था तब से ना जाने कितने प्रश्न करना चाह रहा था लेकिन मैं उसे रोके हुआ था ,अब उसे और रोकना मुश्किल था …

मेरे होठो में भी एक मुस्कान आ गई …

“जब हम उसके ऑफिस के पार्टी में पहली गए थे,वही वो समय था जंहा से मैं उसके ऊपर नजर रखनी शुरू की थी ,उससे पहले भी उसकी कई आदतें मुझे थोड़ी खटकती जरूर थी लेकिन मैं उसे इतनी तो आजादी दे कर रखा था ..

मैं सच में उससे बेहद ही प्यार करता था,पहले तो उसकी बाते बस मुझे शरारत ही लगती थी लेकिन उस दिन से मैं थोड़ा ध्यान देने लगा था,क्योकि उससे पहले हमारी कई बात होती थी और वो हमेशा मुझे किसी ऐसे चीज की तरफ धकेल रही थी जिसका नाम cuckold है ,पहले तो ऐसा लगा की मैं ही उसे इसकी ओर धकेल रहा हु लेकिन जब मैंने ध्यान देना शुरू किया तो सब कुछ साफ था …

मैंने जीवन में कभी ऐसी कहानियां और पोर्न नही देखा था लेकिन मेरे कम्प्यूटर में वो साइट खुली मिलती थी ,मुझे पहले लगता था की ये सब पॉपअप के कारण हो रहा है ,लेकिन फिर मोना कही से अचानक आ जाती जब मैं वो पढ़ या देख रहा होता,वो भी थोड़ा इंटरेस्ट दिखाती थी तो मैं भी उधर आकर्षित होने लगा,मुझे तो कभी ये समझ ही नही आया की ये मेरे दिमाग में एक सोची समझी साजिश की तहत डाला जा रहा है..”

विक्रम अब भी कंफ्यूज था ..

“ऐसे कैसे हो सकता है …??”

अब डॉ ने कहना शुरू किया ..

“असल में ये मानव की प्रवित्ति में से एक है की हमारे अंदर ये फीलिंग थोड़ी या ज्यादा मात्रा में होती ही है की जिसे हम अपनी प्रॉपर्टी समझते है हम उसपर अपना ही हक समझते है ,लेकिन उसी समय हमे ये भी लगता है की कोई हमारी प्रॉपर्टी की तारीफ करे ,सोचो अगर तुम्हारे पास एक आलीशान बंगला है तो तुम्हे जो बंगले का सुख मिलेगा वो तो ठीक है लेकिन अगर कोई उसकी तारीफ ही ना करे तो ..???

सोचने वाली बात है की हम उसकी मालकियत भी चाहते है और साथ ही ये भी की कोई उसकी तारीफ करे,तुमने लोगो को अपने कपड़ो का शो ऑफ करते देखा होगा,या फिर अपने घर को घुमाते हुए पाया होगा,हमे लगता है की ये शो ऑफ कर रहा है ,लेकिन क्या ये सच नही है की शो ऑफ वही करता है जिसके पास कुछ दिखाने के लायक हो …

ये तो निर्जीव चीजे है जिसे आप उन चीजों को उनसे छीन नही सकते लेकिन प्यार के मामले में ऐसा नही है ..इसलिए ये थ्योरी इन मामले में थोड़ी फीकी जरूर पड़ जाती है लेकिन फिर भी इससे हमे एक हिंट तो मिल ही जाता है की मनुष्य की प्रवित्ति क्या होती है..

मोना ने इसी का इस्तेमाल अभिषेक के लिए किया,मोना खुद कितनी सुंदर और आकर्षक है ये उसे अच्छे से पता था ,उसे ये भी मालूम था की उसका हुस्न किसी भी कमजोर मर्द को उसका गुलाम बना देगा ,वो दिमाग से चालाक थी और चहरे से मासूम …

यही कारण था की अभिषेक भी उसके प्यार में पागल था,अब मनुष्य की स्वाभाविक प्रकृति का प्रयोग मोना ने करना शुरू किया,अभिषेक सभी पतियों जैसे अपनी पत्नी की सुंदरता को दुसरो को किसी ना किसी रूप में दिखाता था,चाहे वो अपने दोस्तो को जलाने की बात हो या किसी और को ,ये नार्मल चीज थी लेकिन मोना चाहती थी की वो थोड़े और दूसरे लेबल में जाए,उसने अभिषेक के कम्प्यूटर और मोबाइल में उन सब साइट्स के लिंक्स को पॉपअप की तरह डाऊनलोड किया ,उसे बस थोड़ी मेहनत करनी पड़ी क्योकि अभिषेक की नजर जब उनमे गई तो उसका दिमाग उसके आकर्षण से मुक्त नही हो पाया ..

अब हाल ही में इसपर कई रिसर्च किये गए जिनमे पाया गया की पत्नी को adultres (शादी शुदा महिला जो पति को धोखा देती है ) के रूप में देखना कामन सी बात है,पुरुषों में ये प्रवित्ति आदि काल से है लेकिन फिर भी वो इसके बारे में सोचना तक ही पसंद करते है ,ना की रियल लाइफ में ये चाहते है ...तो अभिषेक के दिमाग में ये चीज आयी और वो इससे जुड़े कंटेंट्स को नेट में पड़ने लगा,और साथ ही अपने सेक्स लाइफ को और भी बेहतर बनाने के लिए मजाक में ही मोना से इसका जिक्र करने लगा,मोना ने वही किया जो एक सुशील पत्नी करती यानी की अभिषेक को उसके इस फेंटेसी के लिए झिड़का,अभिषेक को लगा की उसकी पत्नी बहुत ही अच्छी है और इसे थोड़ा और बोल्ड किया जाए जिससे उसके अंतरंग जीवन में बहार आ जाए ...लेकिन बेचारे को क्या पता था की ये सब कुछ तो मोना ही करवा रही है ,अनजाने में ही वो मोना से कुछ ऐसी बाते बोल गया जिससे वो खुद ही फसने लगा,मोना बड़े ही जतन से उसे फंसा रही थी लेकिन ...वो भूल गई की अभिषेक एक जासूस है कोई आम मर्द नही वही उसने कुछ ऐसी गलतियां कर दी जिससे अभिषेक को उसकी नियत पर शक हो गया …”

डॉ के बोलने के बाद विक्रम मुझे घूरने लगा,मेरे होठो में एक फीकी मुस्कान थी ..

“लेकिन उसने ऐसा क्यो किया होगा ,आखिर उसे क्या जरूरत थी इन सबकी ???”

मैंने एक गहरी सांस ली …

“मेरे दिमाग में भी पहला सवाल यही आया था ...जब मैंने मोना के अचानक ही बदलते रूप को देखा ...

मुझे वो पार्टी याद है जब उसके कलीग्स उसके ऊपर कमेंट्स कर रहे थे,(अपडेट-2 ),उसके बाद उसने मुझे अपने उन सभी लड़को से मिलवाया था साथ ही राज से ,उसने ऐसे मिलवाया जैसे की राज से उसका कोई खास नाता नही हो ,लेकिन उससे कुछ दिन पहले ही मैं एक क्लब में गया था जंहा मैंने मोना को राज के साथ देखा था…

मेरे दिमाग की घंटी बजनी शुरू तो हो गई थी लेकिन फिर भी मैंने अपने उस सबक को याद किया जो मेरे पुलिस के बड़े अधिकारी जो खुद भी एक बेहद ही अच्छे इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर थे उन्होंने दिया था..उन्होंने कहा था की जब तक पुख्ते सबूत इकट्ठा ना हो जाए तब तक किसी को दोषी मत मानो ,चाहे तुम्हे पता ही क्यो ना हो की वो दोषी है…

मेंने इस नॉकरी में जो चीज सीखी थी वो ये थी की चाहे दुश्मन का पता भी चल जाए फिर भी चुप चाप सही मौके और तरीके का इंतजार करो ,ताकि एक ही वार में काम हो जाए और दुश्मन को कोई मौका ही ना मिले..

वही मैंने भी किया,मैंने ना सिर्फ इंतजार किया बल्कि मोना को ये ही लगने दिया की वो जीत रही है …

तो ….मुझे ये तो पता चल गया था की मोना मुझसे कुछ छिपा जरूर रही है,और अगर वो मेरे दिमाग में ये सब डाल रही थी तो क्यो...मैं इसकी खोजबीन के लिए उसके शहर गया,लेकिन जाते जाते मैंने घर में कई माइक्रोफोन लगा दिए जो की किसी डिवाइस के पकड़ में ना आये,ये मैंने बहुत सोच समझकर नही किया था बल्कि इसलिए ही किया था क्योकि मेरे पास दूसरे और नही थे इन्हें मैंने एक खास मिशन के लिए मंगवाया था ,

मोना के शहर और उसके कॉलेज के दिनों का पता करने पर मुझे रोहित और डॉली के बारे में पता चला,ये भी की कैसे मोना ने रोहित को अपने काबू में कर रखा था,उतना ही नही असल में उसे पवार की एक अजीब भूख रही जो ऐसे तो सबमे होती ही है लेकिन मोना ने अपने कालेज के समय में भी कई कारनामे किये थे,मुझे पता चला की वँहा ही उसका एक बड़े अंडरवर्ड डॉन के बेटे से भी नाता था ….”

“अब्दुल ???”

विक्रम बोल उठा ..और मैं मुस्कुराने लगा ..

“हा अब्दुल ...मैंने अपने तरीके से उसके बारे में पता किया तब मुझे सब कुछ सही से समझ आने लगा,अब्दुल पुराने डॉन असलम का बेटा है जो अपनी सारी ताकत खो चुका था,लेकिन संयोग था की अब्दुल अब हमारे शहर पर राज करने की ख्वाहिश लेकर आ चुका था ,और जो केस मेरे हाथ में आय था (बंसल वाला केस) वो उसे फिर से पावरफुल बना सकता था ,अब्दुल ने अपने पुराने प्यार मोना से संपर्क किया (बीवी का आशिक नम्बर-1) तब उसे पता चला की उसका पति कोई और नही बल्कि मैं हु ,तब कुछ केस को लेकर मेरी थोड़ी ख्याति थी ,अब्दुल को शहर के साथ साथ अपनी पुरानी आइटम को पाने की चाहत जागी,मोना और अब्दुल ने अपने कमीने दिमाग से एक अजीब सी साजिश रचने की सोची ...मुझे cuckold में धकेलने की ,ताकि दोनो मजे भी कर सके और साथ ही मैं भी उनके काबू में रहु...

अब्दुल ने दुबई वाले डील की प्लानिंग उसी समय कर ली थी ,लेकिन उसके सामने एक बड़ा खतरा था बंसल जो की उस समय वँहा का डॉन था,और मंन्त्री भी …

जब मुझे ये सब पता चला तो एक बार के लिए मेरा दिल तो टूट ही गया लेकिन फिरभी मैं ठहरा अड़ियल पुलिस वाला,इतनी जल्दी और बिना कोई सजा दिए मैं भी कैसे मान सकता था,मैं उस समय भी कुछ कर सकता था लेकिन मैंने इंतजार करने की सोची और वापस आ गया…

उसके बाद ही अब्दुल ने मुझे अपने हवेली में बुलाया (अपडेट-5) ,कुछ तो मुझे पहले से पता था और कुछ मेरा उस समय का दिमाग,इन दोनो का मिलान से अब्दुल चौका,बुरी तरह से चौका,उसने तो सोचा भी नही होगा की मैं इतना चालाक निकल जाऊंगा,हालांकि उसे ये पता नही था की मैं उसके बारे में किसी अलग सोर्स से पता लगा कर आया हु,उसे तो लगा की मैं इतने दिमाग वाला हु,उसे अपना प्लान फेल होता दिखाई दिया लेकिन फिर भी उसे उम्मीद की एक किरण भी दिखाई दी ,बंसल को पकड़वाने की उम्मीद,मैंने ही उसे समझाया की वो बंसल का गुलाम बन जाए और उसका साया बनकर मेरी मदद करे,मोना को थोड़ी छूट देना भी मेरे लिए इसी लिए जरूरी था ताकि वो मेरे नजरो के सामने ही रहे ,इसीबीच एक और चीज हुई ,बंसल का केस चल ही रहा था और मोना ने घर में कैमरे लगा दिए ,.शायद अब्दुल के कहने पर .”

“एक मिनट रुक तूने भी तो घर में माइक्रोफोन लगाए थे ना “

“ओह हा जब मैं मोना के शहर गया था उसके बारे में पता करने,दो रात मैं वँहा रहा था और दोनो ही रात मैंने मोना और राज के सेक्स की आवाजे सुनी …”

मैं इतना बोलकर ही चुप हो गया था,मेरे आंखों से अभी भी चिंगारियां निकल रही थी ...सभी थोड़ी देर के लिए शांत हो गए थे …

विक्रम एक पैक बनाकर मेरी ओर देता है …

“तूने सही किया दोस्त मुझे तो लगा था की तू लालची निकला जो पूरे हीरे लेकर ..लेकिन …”

“अरे ये विक्रम तू बात को यंहा से वँहा मत ले जा लाइन से सुनने दे “डॉ की बात से विक्रम फिर से मुझे देखने लगा …

“मोना के राज(बीवी का आशिक -2) से संबंध थे ये मुझे उन माइक्रोफोन से ही पता लगा ,और ये भी मोना ने घर में कैमरे लगवाए ताकि मेरे ऊपर नजर रखी जा सके,वाह रे मेरी बीवी जिस गेम का मैं खुद को चेम्पियन मानता था वो उसमे मुझे ही हराना चाहती थी ,असल में उस समय मुझे ठीक से समझ नही आया की उसने कैमरे क्यो लगाए थे,अब समझ आता है,,अब्दुल और वो मिलकर दुबई वाले डील की प्लानिंग उसी समय से करने में लगे थे,तब मुझे इस डील की भनक भी नही लगी थी ..”

“वो डील छोड़ यार तू बंसल में आया था ..”

विक्रम बोल उठा उसने अपना पैक फिर से गटक लिया था…

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“हा तो मैं बंसल में आया था ...

बंसल ने अब्दुल और मोना की केम्रेस्टरी को देखकर कहा था की इनका कोई पुराना कनेक्सन है वो गलत नही था,ऐसे वो पहले से प्लान किया गया मिशन था लेकिन जिस तरह के वाकये वँहा हुए वो प्लान नही थे ,असल में वो इमोशन प्लान नही किये गए थे जो वँहा मेरे दिमाग और मन में आये थे,मैं तो अपनी पूरी फ्रस्ट्रेशन निकाल रहा था जो मैं मोना और अब्दुल के लिए नही निकाल पा रहा था,मैं उन्हें ऐसे भी मरना ही चाहता था ,लेकिन नही मार पाया तो वही सही ..खैर इससे दो चीजे हुई ,पहला की मोना और अब्दुल को मेरे गुस्से का पता चला और ये भी मुझे cuckold बनाना उनके लिए इतना भी आसान नही होने वाला और दूसरा की अब्दुल को अंडरवर्ड की कमान मिल गई..

उसके बाद हमारे जीवन में रोहित आया (बीवी का आशिक नम्बर-3),दिल में वही पुरानी तमन्ना लिए ..लेकिन जब वो मुझसे मिला तो मुझे बहुत ही जल्दी समझ आ गया था की ये लड़का बहुत अच्छा है ,मैं उसके बारे में पहले से जानता था और साथ ही डॉली के बारे में भी ,मोना ने फिर से उसके ऊपर जाल डालना शुरू कर दिया था ,मोना के लिए रोहित एक अच्छा मोहरा भी था क्योकि मैं उसे पसंद करता था,मोना को लगा की रोहित ही वो शख्स है जिसके जरिये वो उस दीवार को आसानी से तोड़ सकती है जो उसे और अब्दुल को अलग किये हुए है ,लेकिन तभी मुझे मंत्री जी ने बुलाया ,कारण था रोहित,उन्हें पता लग गया था की रोहित और डॉली लिवइन में रह रहे है लेकिन रोहित अब किसी दूसरी लड़की की तरफ आकर्षित हो रहा है,वो रोहित को कड़ाई से भी समझा सकते थे लेकिन डॉली का डर भी था,वही दूसरी ओर वो इससे दुनिया के सामने भी आ सकते थे और उनके और डॉली के बीच का रिश्ता भी खुलने का डर था,मंन्त्री जी को ये भी पता चल गया था की जिस लड़की के चक्कर में रोहित पड़ रहा है वो कोई और नही उसकी पुरानी दोस्त है और अब वो मेरी पत्नी है,उन्होंने मुझे समझने के लिए बुलाया था लेकिन मेरी डॉली को लेकर जानकारी ने उन्हें इम्प्रेस कर दिया और उन्होंने मुझे फ्री हैंड दे दिया ,

मैं डॉली से मिलने गया और साथ ही घर में कैमरे भी लगा दिए,मैं जानता था की मेरे द्वारा लगाए गए कैमरे का पता मोना को आसानी से चल जाएगा,फिर भी मैंने उसे लगाया ,कारण दो थे …

एक था की मैं देखना चाहता था की अब मोना क्या करेगी ,और दूसरा मैं मोना के लगाए कैमरों की एक्सेस पाना चाहता था,मेरे घर में एक ही वाईफाई है और सभी कैमरे उसी से एक्सेस किये जाते है ,लेकिन अलग अलग पर्सवार्ड और डिवाइस आईडी के साथ ,मुझे एक काम करना था की मोना को बिना पता चले ही मुझे उन आईडी को पता करना था,पर्सवार्ड तो मैं ब्रेक भी कर लेता…

ये काम मेरे द्वारा लगाए कैमरों के माध्यम से हो सकता था क्योकि वो भी उन्ही वाईफाई के साथ कनेक्ट थे जिसके साथ मोना के लगाए गए कैमरे,बस अब मुझे इंतजार करना था की मोना को इसके बारे में पता चले और वो

अपने कैमरों के सभी भी थोड़ी छेड़छाड़ करे,मैंने जानबूझकर घर के कई जगह में जाकर उन्हें चेक किया,इस दौरान मुझे उसके छिपाए कुछ कैमरों का भी पता चल गया,लेकिन मैंने कोई रिएक्ट नही किया ताकि मोना को बस शक हो यकीन नही .. मोना सच में चालाक निकली उसने डिवाइस पकड़ने की मशीन से उन कैमरों का पता लगाया और मुझे जलाया,लेकिन उसके साथ ही उसके दिमाग में एक बात तो आई की कही मुझे उसके छिपाए कैमरों का तो पता नही चला,उसने उन्हें चेक किया और परवार्ड बदले,बेचारी मोना,उसने ऐसा करके मुझे अपने कैमरों का एक्सेस दे दिया,मोना कितनी भी चालाक हो लेकिन जासूसी के उन पैतरों और और कुछ बेहद ही पेचीदा टेक्निकल चीजों से अनजान थी जिसे हम जैसे ट्रेनिंग लिए हुए जासूस इस्तेमाल करते है…

उसके कैमरों का एक्सेस मिलने से मेरी एक चिंता तो दूर हो गई की अब मैं वो देख पाऊंगा जो की वो मुझसे छिपाना चाहती थी और साथ ही वो दिखा पाऊंगा जिसे देखने के लिए उसने कैमरे लगाए थे…

ये सब उसी दिन हुआ जब रोहित घर में आया था और मोना ने दरवाजा बंद कर लिया था..

खैर उसके बाद मैं डॉली से मिला और कमरे में उसे झिड़क कर भगा दिया,कारण था की मोना ने मेरे साथ एक माइक्रोफोन भी भेजा था जिससे की वो मेरी बाते सुन सकती थी ,मैंने डॉली को भेज तो दिया लेकिन सिर्फ मोना के लिए असल में मैंने उसी रूम में डॉली से इशारों में कुछ बात की और बतलाया की कोई माइक्रोफोन से हमारी बाते सुन रहा है,

मैंने उसे अलग से बुलाया और उससे बाते की ,इसके दो फायदे हुए की मैंने मोना को वो सुनवा दिया जो वो सुनना चाहती थी कि मैं उसके ऊपर कितना भरोसा करता हु ,दूर दूसरा मुझे रोहित को वापस डॉली के पास लाने का रास्ता भी सूझ गया,रोहित से मोना ने झगड़ा कर ही लिया था ,लेकिन जिस्म की हवस के कारण और अपनी जीत की खुसी में उसने राज को घर बुलाया,लेकिन उसे पता नही था की अब मेरे पास उसके ही कैमरों के एक्सेस थे,वही मैंने वो वीडियो रिकार्ड कर ली ..”

“कौन सी वीडियो…??”

विक्रम बोल पड़ा..

“वही जिसे देखकर अभी सर ने मेरे दिमाग से मोना का बहुत उतारा ..”

बीच से नहा कर आता हुआ रोहित बोल पड़ा ,साथ ही डॉली भी उसके पीछे आ रही थी,दोनो ने अपने ड्रिंक्स उठाये ..

“लुकिंग सेक्सी बेबी “डॉली सच में टू पीस बिकिनी सेक्सी लग रही थी ,मेरी बात सुनकर वो मुस्कुराई

“थैक्स जीजू ..”

“अब जीजू मत बोल ..गली लगती है ..”मेरे होठो में एक फीकी सी मुस्कान आ गई ,वो मेरी ओर बड़ी ,उसके चहरे में एक गहरा इमोशन दिख रहा था,वो झुकी और मेरे गालो में एक किस किया ..

“थैक्स फ़ॉर एवरीथिंग सर ...आप सही समय में नही आते तो मेरा रोहित फिर से उस कमीनी के चपेट में आ जाता ,”

मैंने बस उसे मुस्कुराते हुए देखा ..

लेकिन विक्रम बेचैन था..

“मतलब ..मतलब की राज और मोना का सेक्स वीडियो तुमने रोहित को दिखाया ..

”

मैंने एक गहरी सांस ली ..

“डॉली के पास से वापस आने पर मैं सीधे ही रोहित से मिला ,मेरे पास उसके दिमाग से मोना का भूत उतारने का और कोई चारा ही नही था,असल में अगर मैं ऐसे ही उसे कुछ कहता तो उसे लगता की मैं उसपर और अपनी सती सावित्री बीवी पर शक कर रहा हु ,उसे तो ये लग रहा था की वो ही गलत है और मोना के जीवन में दखल दे रहा है ,यही तो मोना की खासियत रही है की खुद गलती करके भी दूसरे को ही दोषी महसूस करवा देती थी ,मैंने रोहित से सीधे बात की और वो वीडियो दिखया,मोना का मोहजाल एक ही बार में टूट गया,मैंने उसे समझाया की कैसे मोना रोहित के जरिये मुझे फसाना चाहती है और कैसे ऑफिस में राज के साथ खिलवाड़ कर रही है …बस अपना काम निकलवाने के लिए ..रोहित को चीजे समझ आयी और वो डॉली के पास लौट गया,वही रोहित के डॉली के पास जाने से मोना को एक धक्का लगा और वो अब अब्दुल को ज्यादा समय देने लगी,

अब अब्दुल ने अपनी दुबई वाली डील को फाइनल करने की सोची ,कई लड़कियों की तस्करी ,के साथ साथ ही उसने भारी मात्रा में स्मगलिंग का समान इकठ्ठा कर रखा था,उसे एक जगह में लाकर दुबई भेजना उसका प्लान था ,उसे एक तगड़ा ग्राहक भी मिल चुका था बस उसे सही समय का इंतजार था,अब्दुल को लगा की अब समय आ चुका चुका चुका है लेकिन वो ये भी जानता था की इस काम के बाद उसका यंहा रहना सही नही रहेगा,वो देश छोड़कर बाहर भाग जाना चाहता था,उसने अब मोना को लालच दिया की वो उसका साथ दे ताकि वो फाइनल काम करके यंहा से रफूचक्कर हो जाए और फिर बाहर से ही धंधे को ऑपरेट करे ...ऐसे उसका मोना को ले जाने का कोई भी इरादा नही था,क्योकि जो व्यक्ति रोज ही अलग अलग पकवान खा सकता था वो एक ही क्यो बंधा रहता,लेकिन फिर भी उसने मोना का इस्तेमाल करने की सोच ली थी ,...

उसने इतने मात्रा में काम किया की उसकी भनक इंटेलिजेंस के पास भी पहुची ,और साथ ही डॉ के पास भी ,सभी ने अपनी अपनी तैयारी शुरू कर दी थी ,ये बात मंन्त्री जी तक भी पहुच गई थी और इस काम के लिए उन्होंने मुझे लगा दिया …

मैं तो बस अपना काम करना चाहता था लेकिन तभी मुझे मेरे खबरियों ने बतलाया की अब्दुल अपनी प्रोपर्टी भी बेच रहा है,मेरा तो जैसे दिमाग ही खुल गया,अब्दुल ने मोना को तो अपने साथ मिलाया था ताकि मुझे रोक सके लेकिन बेचारे ने अनजाने में मेरी मदद कर दी,अब्दुल ने अपनी प्रॉपर्टी को हीरे की शक्ल दी थी और साथ डील भी हीरे में करने वाला था,मतलब साफ था की वो देश छोड़कर जाने का प्लान कर रहा है ..

मेरे लिए बदला लेने का यही सबसे अच्छा मौका था,मुझे उन लड़कियों को भी बचाना था,साथ ही देश की संपत्ति को भी ,लेकिन मेरा दिमाग उन हीरो पर अटक गया साथ ही इस बात पर भी अगर अब्दुल देश छोड़कर भागेगा तो कैसे और साथ ही अगर वो हीरे देश से बाहर ले जाएगा तो कैसे,मुझे पता चला स्विटीजरलैंड का जंहा ये काम आसानी से हो सकता था,एक ऐसा देश जो पैसों में कुछ भी उपलब्ध करवा देता है ,मैंने अपने। कॉन्टेक्ट्स वँहा बढ़ाये,और हीरे को कैश करने का इंतजाम भी कर लिया,साथ ही अपना जाल बुनना भी शुरू कर दिया,इसमें मेरी मदद रोहित और डॉली ने की मंन्त्री जी को ये बोलकर ही वो स्विटीजरलैंड में हनीमून मनाना चाहते है और ये भी चाहते है की अभी और मोना भी उनके साथ जाए ..

मेरे पास मंन्त्री जी के पैसे रखे थे और साथ ही मोना के मोबाइल का एक्सेस भी मैंने सबकी टिकट करवा दी लेकिन,मोना और अपनी एक दिन पहले की ..क्योकि मुझे पता था की डील वो शादी के दिन ही करेंगे,मतलब अगर अब्दुल पकड़े गया तो मुझे भी वँहा होना होगा वैसे में मुझे उन सवालों का जवाब देना होगा जो मैं देने से बचना चाहता था..”

“कैसे सवाल ??”

“वो पता चल जायेगा ..फिर हुआ वही की मैं अपने प्लान में काम करने लगा मैंने माइक्रोफोन उसके फार्महाउस में लगा दिए,लेकिन फिर मोना ने अचानक से प्लान बदलकर शादी के दूसरे दिन करने की बात कही ,मैं हैरान हो चुका था क्योकि अगर ऐसा होता तो मुझे तब स्विटीजरलैंड के लिए निकला गया होना था..

मैं उस दिन ध्यान में बैठा ... तो मुझे समझ आया की हो ना हो मोना को थोड़ा शक मुझपर जरूर हो गया है ,वो शायद ये समझ गई हो की कही मैं उसकी बात तो नही सुन रहा हु,उसने वँहा इसीलिए शायद मेरे बारे में कहा की मैं अभी की बीवी हु और वो मुझसे प्यार है ,उसने अब्दुल को समझा दिया था की डील प्लान के अनुसार ही होगा लेकिन अभी थोड़ा सस्पेंस रहने दो ,पहले वो मुझसे कन्फर्म करना चाहती थी,इसका आभास होने पर मैंने भी अपने प्लान में कुछ बदलाव किया और एक तरफ की कमान और जानकारी डॉ को दे दी ताकि वो माल को बाहर जाने से रोके और क्लाइंट को पकड़वाए,ये मैं डील हो जाने के बाद चाहता था ताकि अब्दुल जाकर हीरा कलेक्ट करे और साथ ही अपने हीरे भी उसमे मिला दे …

मेरे लिए अब्दुल को अकेले लुटाना बेहद ही आसान हो जाना था,इसलिए मैंने तुम्हे पार्टी वाले दिन (विक्रम को ) मोना के साथ बिजी कर दिया था ….”

“और वो साली मुझे मार कर बेहोश कर चले गई थी ..साले तूने अच्छा चुतिया बनाया मुझे ,अपनी बीवी की निगरानी के लिए मुझे अपनी बीवी के पीछे ही लगा दिया (बीवी का आशिक नंबर -4) और मैं सोचता रहा की तुझे गांडूपन का भूत चढ़ गया है .. ”विक्रम का चहरा उतर गया जिसे देखकर हम सभी हँस पड़े थे..

“सही कहा उसने तुम्हे बेहोश किया और खुद डील की जानकारी लेने अब्दुल को कांटेक्ट किया .

तब तक अब्दुल डील कर चुका था और फिर …”

“फिर क्या ..??”

विक्रम के साथ ही सभी उत्सुक थे ..

“बाकी की कहानी तू इससे ही सुन ले ..”

मैंने बीच हाउस के अंदर से साड़ी पहनकर आती हुई मोना दिखाईं दी ,वो स्माइल करते हुए हमारे पास आ रही थी,जंहा डॉ ,रोहित और डॉली के चहरे में उसे देखकर एक मुस्कान आयी वही विक्रम चौक कर खड़ा हो गया था …

“इसकी माँ का ये यंहा कैसे आयी ,इसे तो जेल में होना चाहिए था,..??”

“ये भी तेरे साथ ही उसी फ्लाइट में आयी है शायद तूने ध्यान नही दिया..”

“लेकिन ये तो जेल में …”

सभी हँस पड़े ..

“आप भूल गए इंस्पेक्टर जी की मेरे पिता जी गृह मंन्त्री है ..और ऐसे भी इसके खिलाफ कोई खास सुबूत तो था नही .जो था वो अभिषेक ने ही मिटवा दिए जब आप यंहा आने की तैयारी कर रहे थे..”डॉली ने इठला कर कहा

विक्रम का मुह खुला का खुला रह गया था..और मोना ने बोलना शुरू किया ..

“जब मैं आपको बेहोश कर अब्दुल को फोन लगाई तो उसने कहा की वो देश छोड़कर जाने की तैयारी में है,मैंने उसे कहा की वो मेरे आने तक का वेट करे,मैंने अभी को ड्रिंक में बेहोशी की दवाई मिलाकर देने का प्लान बनाया था और ड्रिंक की बोतल भी तैयार रखी थी , लेकिन उसने अपनी औकात वही दिखा दी ,साथ ही मेरी औकात भी की मैं उसके लिए बस एक रंडी से ज्यादा कुछ भी नही ...मैं उसके सामने रोई गिड़गिड़ाई लेकिन वो नही माना,

मैं निराश थी ,जिसके लिए मैंने अपने पति को धोखा दिया था वो ही शख्स मुझे मेरी औकात दिखा कर जा रहा था,मैं टूट चुकी थी लेकिन मैंने हिम्मत नही हारी थी मैं अब्दुल से लड़ने के लिए खुद को तैयार कर रखा था,मैं वापस गई और अभी के साथ घर गई ,मैंने वही ड्रिंक अभी को पिलाई लेकिन ना जाने कैसे अभी के जगह मैं बेहोश हो गई,जब मैं बेहोश हो रही थी तो अभी ने मुझे एक रिकार्डिंग सुनाई जिसमे अब्दुल कह रहा था की वो मुझे कैमरे के सहारे ब्लैकमेल करेगा...मैं जान चुकी थी की अभिषेक को सब कुछ पहले से ही पता था ,मेरे आंखों में आंसू थे लेकिन अब उन आंसुओ की कोई कीमत नही रह गई थी ,मैं बेहोश हो गई और जब मेरी आंख खुली तो आप ही थे जो दरवाजा तोड़ कर अंदर घुसे थे…”

मोना के आंखों में अब भी आंसू थे लेकिन वो अभी मेरी ओर नही देख पा रही थी ,उसने जो मेरे साथ किया था उसके बाद वो मुझसे नजर मिलाती भी तो कैसे …

पूरे माहौल में एक शांति छा गई थी ..विक्रम अभी भी मोना को शक की निगाहों से घूर रहा था..

“लेकिन अभी सर अपने ठाकुर और अब्दुल को कैसे पकड़ा ..”

रोहित बोल पड़ा ..

“मेरे लिए आसान था,उन दोनो को तो ये ही पता था की मैं अभी ड्रिंक पी कर बेहोश होंउंगा ,लेकिन मैंने मोना को ड्रिंक में दवाई मिलते पहले ही देख लिया था ,मैंने बस ग्लास बदल दी ,मोना के बेहोश होने के बाद मैंने उसके मोबाइल से उसकी टिकट भी कैंसल कर दी ,विक्रम बेहोशी से उठ चुका था और साथ ही वो डॉ के साथ उन दुबई से आये क्लाइंट और माल को पडकने में लगा हुआ था,मुझे पता था की वो सुबह तक वही बिजी रहने वाले है तब तक अब्दुल देश छोड़कर बाहर जा चुका होगा,मैंने पहले ही उन दोनो के पीछे अपने आदमी लगा रखे थे ,मैंने बस उन्हें ये कहा की उन्हें बेहोश करके मेरे घर तक ले आओ बदले में एक करोड़ का ईमान भी रख दिया था,अब एक करोड़ एक मामूली चोर उचक्के के लिए बहुत ज्यादा होता है ,उसने भी कई दिनों से अब्दुल और ठाकुर को पकड़ने की प्लानिंग कर रखी थी, उनका काम बस इतना था की जब मैं कहु तब उन्हें पकड़ कर मेरे बताए ठिकाने में छोड़ना है और उनके पास जो बेग होगा जो की खास पर्सवार्ड से सिक्योर होगा उसे मुझे सौपना है ,और लगे हाथ ही अपना पैसा ले जाना है ,मुझे पता था की उनके पास इतना दिमाग नही है की वो उस सूटकेस को खोलने की भी सोचे ऐसे भी कोशिस करेंगे तो भी नही खोल पाएंगे ,..मैंने पहले ही इन सभी चीजों की तैयारी कर रखी थी ,अपने पुराने परचितो के जरिये से जो की हवाला का काम करते थे और मुझे बहुत मानते थे,उनसे मैंने 3 करोड़ का कर्ज लिया था उन्हें थोड़ी बहुत स्टोरी भी बता रखी थी ,उसके बदले 4 करोड़ का हीरा देने का प्लान था,बस और क्या है समय में मेरे घर में 3 करोड़ भी पहुच गए और दोनो लोग बेहोश होकर भी,मैंने पैसे का लेन देन किया,अब्दुल के बेग जो की उसकी आंखों की पुतली और उसके अंगूठे से कही खुल सकता था उसे खोला,हीरे अपने पास रखे और चल दिया,लेकिन जाने से पहले मैं कुछ ऐसा करना चाहता था जिसे मोना और वो दोनो भी याद रखे ,इसलिए तीनो को नंगा करके एक ही बिस्तर में डाल दिया साथ ही 2 करोड़ कैश भी वही छोड़ दिए ताकि तुम्हे (विक्रम को) कोई प्रॉब्लम ना हो ...बाकी क्योकि का किस्सा तो तुम जानते ही हो ,मैं उस हवाला वाले को उसके हीरे देकर खुद बाकी के हीरो के साथ स्विटीजरलैंड के लिए निकल गया ...

“

कहानी पूरी हो चुकी थी ,लेकिन बस एक ही सवाल रह गया था ..जो विक्रम ने पूछ ही लिया..

“इतना सब होने के बाद भी तुमने इसे जेल से छुड़वाकर यंहा क्यो बुला लिया ..”

मैंने मोना की ओर देखा ,वो बेहद ही नर्वस थी ..मेरे होठो में एक मुस्कान आयी ,मैं खड़ा हुआ और मोना के पास पहुचा ,वो मेरे गले से लग गई थी …

“क्योकि मेरे दोस्त जो इसने किया वो भी प्यार या हवस के लिए किया,जिसका इसे सबक मिल गया ..

बाकी रही इसे यंहा बुलाने की बात तो मैंने जीवन में प्यार एक ही लड़की से किया है और वो ये है ...

चाहे जीवन कोई भी रंग दिखाए प्यार तो हमेशा ही रहता है …”

“तो अपने मुझे माफ कर दिया ..”मोना सिसक रही थी ..

“नही मैं माफ करने वालो में से नही हु ,तुमने जो किया उसी सजा तुमने भुगत ही ली है ,स्मगलिंग में तुम इन्वाल्व थी लेकिन तुमने वो किया नही था,तो उसकी सजा जितनी तुम्हे मिलनी थी वो मिल चुकी है,और रही मुझे धोखा देने की सजा तो तुम्हे अब्दुल ने धोखा देकर पूरा कर दिया ..मैं अब बस अपनी उसी मोना के साथ रहना चाहता हु जिससे मैंने प्यार किया था ,जो मुझे दिखती थी ,भले ही थी नही तो क्या हुआ,अब बन सकती हो ,एक चांस तो तुम्हे देना बनता है ..”

मोना खुसी से मुझसे लिपट गई थी ,हमे देखकर रोहित और डॉली भी एक दूसरे से लिपट गए..

लेकिन विक्रांत अब भी शक की निगाह से हमे देख रहा था ..

“तुझे नही लगता की ये बहुत ही चालू चीज है ,सोच ले फिर से भरोसा करना महंगा पड़ सकता है ..”

हम सभी हँस पड़े ..

“दोस्त सस्ते शौक तो हम पालते भी नही ...वैसे भी शरलॉक होम्स जैसे आदमी को अगर किसी लड़की से प्यार हो जाए तो वो लड़की भी इरिना एडलर जैसी होगी ना..”

सभी फिर से हँस पड़े थे,..(शरलॉक होम्स को तो आप जानते ही होंगे,इरिना एडलर उसकी प्रेमिका है जिसे शरलॉक बेहद ही प्यार करता है लेकिन इरिना खुद एक इंटरनेशनल क्रिमिनल है और साथ ही शादीशुदा भी ,इसकी जानकारी के लिए आप फ़िल्म देख सकते है या फिर उसके उपन्यास पढ़ सकते है )

विक्रम पहली बार मुस्कुराया था..वो जोरो से बोल उठा ..

“साले लेकिन एक बात तो सही है ,की बीवी का असली आशिक तो तू है …(बीवी का सच्चा आशिक नंबर-1)”

************* समाप्त ***************

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