दीदी की चुदवाने की शर्त
मेरा नाम समीर है, यह कहानी मेरी और मेरी दीदी की है, कहानी एकदम सच्ची है।
बात तब की है जब मैं दिल्ली अपनी मौसी की लड़की यानि मेरी दीदी के घर गया था। उनका नाम चारू था। धीरे-धीरे मेरी और दीदी की अच्छी पटने लगी और हम खुल कर हर बारे में बातें करने लगे। हम सेक्स के बारे में भी बात कर लेते थे।
एक दिन जब मैं जब घूम के घर लौटा तो मैंने दरवाज़ा खुला पाया और जैसे मैंने अन्दर जाकर देखा तो दीदी कपड़े धो रही थीं और उनकी साड़ी काफ़ी ऊपर तक उठी हुई थी और उनके सारे कपड़े भीग गए थे, जिससे उनकी अन्दर की ब्रा साफ़ दिखाई दे रही थी। उसी वक्त मेरा लंड खड़ा हो गया।
क्या फिगर था उनका…! बड़े-बड़े मम्मे, भारी कूल्हे, पतली कमर….हय क्या मस्त जवानी थी !
मैंने अपने रूम में जाकर अपना लंड ठीक किया और और उन्हें पेलने के बारे में सोचने लगा। फिर मैं बाहर आ गया। दीदी रसोई में थी । मैं वहीं जाकर खड़ा हो गया और बात करने लगा। मैंने दीदी से उनके और जीजा जी के सेक्स के बारे में पूछा।
पहले तो दीदी कुछ नहीं बोलीं, फिर मुस्कुरा कर कहा- क्या जानना चाहता है?
मैंने हिम्मत करके पूछा- जीजा जी तो बहुत परेशान करते होंगे आपको?
तो वो बोलीं- वो क्या परेशान करेंगे अब…! मुझे परेशान करना इतना आसान नहीं है।
मैंने कहा- मैं परेशान करूँ आपको?
वो हँसी और बोलीं- तू क्या कर पाएगा, तू तो अभी बच्चा है। आज तक ऐसा मर्द ही नहीं हुआ जो मेरी चीखें निकलवा सके।
मैं समझ गया कि वो मुझे खुद को चोदने का निमंत्रण दे रही हैं। मैंने तुरंत अपना गेम खेला और कहा- आपने कभी मौका ही नहीं दिया कि मैं आपकी चीखें निकलवा सकूँ.. और मैं बच्चा हूँ या मर्द, ये तो बाद में पता चलेगा।
वो हँसने लगीं, तो मैंने उनका हाथ पकड़ कर कहा- चलो दीदी शर्त लगाते हैं… देखते हैं कौन जीतता है..!
दीदी हँसने लगीं, तो मैंने तुरंत ही उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।
हम दोनों की साँसें तेज होने लगीं। उन्होंने कुछ नहीं कहा, तो मैं समझ गया कि आज काम बन गया। मैंने तुरंत उन्हें अपनी बांहों में उठा लिया और बिस्तर पर जाकर पटक दिया। मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया।
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जैसे ही मैंने अपना शॉर्ट् उतारा तो वो मेरे लण्ड को देख कर दंग रह गईं और कहा- तुम्हारा लण्ड तो वाकयी बहुत बड़ा है। ये कितना लंबा है?
तो मैंने कहा- ये 9 इंच का है।
तो उन्होंने कहा- तुम्हारे जीजा जी का तो सिर्फ़ 5 इंच का है, उन्होंने ख़ुद कहा था।
ये सुन कर मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने दीदी के भी सारे कपड़े उतार फेंके और उन्हें पूरा नंगा कर दिया। अब मैं और दीदी बिल्कुल नंगे थे। मैं उनकी बुर चाटने लगा, दस मिनट चाटने के बाद वो झड़ गईं और मैंने उनका सारा रस पी लिया।