पिंकी और सोनिया के बाद-1
गुरुजी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद कि आपने पहले पिंकी को चोदने की,
मेरी साली पिंकी
फिर उसकी बेटी सोनिया को चोदने की
पिंकी की बेटी सोनिया
मेरी सच्ची कहानी सब के सामने रखी।
मेरा साली-प्रेम कुछ ज्यादा है, तो मैं हाज़िर हूँ लगे हाथ छोटी साली की चुदाई की खानी लेकर !
जब वो भारत आई तो मैं उसे हवाई अड्डे लेने गया। काफी समय बाद मैं उसको देख रहा था, उसका भरा-भरा जिस्म, गोल-मोल गज़ब की गाण्ड, खुले हुए बाल ! ऐसी औरत को कौन मर्द इतने-इतने दिन ना चोदे? हाय मेरा तो लौड़ा जींस फाड़ने को उतारू हो रहा था। जब वो लहराती हुई, मटकती हुई आउटर से बाहर आ रही थी मेरी तरफ हाथ लहराती हुई- जीजू कह वो मेरे से लिपट गई।
मेरा गोपाल तो पहले से ही अकड़ा पड़ा था, ऊपर से उसने गले लगा लिया। उसने कसा हुआ टॉप पहना था, उसकी पहाड़ जैसी छाती जब मेरे चौड़े सीने से लगी तो मैंने भी उसको कस लिया। उसकी टॉप नाभि तक थी, मैंने उसकी पीठ को सहला दिया तो वो एकदम से कांप गई।
क्या हुआ साली साहिबा?
वो हड़बड़ाई, बोली- अकेले आये हैं क्या?
इतने सारे लोग लेकर दिल्ली आता क्या? वैसे क्या मस्त दिख रही हो?
सच में?
और क्या झूठ कह रहा हूँ?
मुझे मालूम था कि उसका मर्द उसको कम चोदता है। वैसे मुझे उम्मीद थी कि वो बाहर ज़रूर ठुकाई करवाती होगी। मैं भी कितना भाग्यशाली था, दोनों सालियाँ एक से बढ़कर एक ! दोनों के मर्द ना किसी काम के ! ऊपर से सोनिया डार्लिंग, जिसको उसकी माँ ने यहाँ सुधरने भेजा है, उसकी फुद्दी का इस जाट ने कबाड़ा बना दिया था, लगभग रोज़ मेरा मूसल अपनी फुद्दी में लेती थी। मेरी तो अब तक पांचों घी में और सर कढ़ाई में था।
बोली- जीजू रात कितनी है ! इस वक़्त कहाँ ड्राईव करोगे, किसी होटल में रुक लेते हैं, सुबह निकल लेंगे।
यहाँ होटल में रुकना भी आजकल कौन सा आसान है?
तो क्या हुआ? हम शादी शुदा हैं किसी को क्या मालूम?
मुझे लगता था वो मुझ पर पूरी लट्टू थी, मुझे भी उसकी और मोना की बात याद आ रही थी जो मैंने दूसरे फ़ोन से सुना था कि उसका खसम उसको मुश्किल से चोदता है।
हाँ हाँ ! क्यूँ नहीं? होटल वालों को क्या मालूम चलेगा? वैसे भी साली आधी घरवाली कहलाती है ! तुम तो हसीन हो, वैसे इस ड्रेस में पटाखा लग रही हो ! दिल तो रुकने का है !
अच्छा जीजा जी? उसने बड़ी अदा से देखा था।
मैंने एक बात सोच ली थी कि अगर मौका आज ही मिल गया तो मैं हाथ साफ़ कर लूँगा। वो सामान उठाने मेरे करीब आई तो मुझे दारू या बियर की गन्ध उससे आई क्यूंकि मैंने अभी पी नहीं थी।
मैं एक नंबर का दारूबाज़ था, हर शराब की महक मेरी नथुनों में रची है।
लगता है प्लेन में जाम से जाम टकराया है?
वो चुप रही।