दोस्त और उसकी बीवी ने लगाया ग्रुप सेक्स का चस्का-4
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे कामिनी अपने पति के सामने मुझसे चुदी और उसके बाद अपने पति से चुदने लगी तो कामिनी की प्यास फिर अधूरी रह गई। वो मुझसे दोबारा चुदना चाह रही थी लेकिन मैंने कहा- अब फिर कभी!
काफी पीकर मैं घर आ गया।
आते ही मेरी बीवी का फ़ोन आया।
वो इस बात से बहुत खुश थी कि अगले महीने से उसकी चूत रोज चुदेगी, मगर इस बात से उदास थी कि आज कुछ नहीं हो पाया।
मेरा लंड तो फिर टाइट था, मैंने उससे कहा- अपनी उंगली चूत में डालो और जोर जोर से अन्दर बाहर करो… उसके लिए यह नया रोमांच था।इधर मैं अपना लंड जोर जोर से हिला रहा था, उधर वो चूत में उंगली अन्दर बाहर कर रही थी.. फ़ोन पर ही ‘उह आह…’ की आवाज आr अही थी।कुछ ही पलों में हम दोनों ही झड़ गए।
इस तरह का यह पहला अनुभव था हम दोनों का…
फ़ोन पर ही एक जोर का चुम्बन करके हम दोनों सो गए।
अगले दिन सुबह 11 बजे कामिनी का फ़ोन आया। फ़ोन पर पहले तो उसने जोरदार चुम्बन किया, फिर बोली- जानू, शादी के इतनी साल बाद पहली बार मेरी चूत की आग शांत हुई है।
उसने मुझे बताया कि अब वो रोजाना 11 बजे मुझे फ़ोन करेगी क्योंकि इस समय राजीव रोज बैंक जाता है।
हम लोग आधा घंटा फ़ोन पर बात करते रहे। उसने मुझे बताया कि राजीव करता तो रोज है मगर उसका छोटा होने से कामिनी को बड़े लंड की चाहत थी जो मुझसे मिल कर पूरी हुई।
कामिनी बोली- वैसे मैं और राजीव सेक्स को बहुत एन्जॉय करते हैं और लगभग दो महीने से राजीव इस फिराक में था कि मुझे एक नया लंड कैसे मिले। मगर मैं हर किसी के लिए तैयार नहीं थी, तुम में पता नहीं मुझे क्या दिखा कि मैं तुरंत मान गई।
शाम को राजीव का फ़ोन आया- आज रात को छत पर आ जाना।
मैं रात को नौ बजे करीब छत पर गया तो देखा कामिनी राजीव की गोदी में बैठी है, उसने नाइटी पहनी हुई थी जो राजीव ने उसके पेट तक उठा रखी थी और उसकी चूत उंगली से चोद रहा था।
मैंने उन्हें ऐसे देख कर कहा- आप मौज करो, मैं चलता हूँ…
कामिनी बोली- मौज तो हम रोज ही करते हैं, आप आये हो तो कुछ देर बैठो।
मैंने कहा- कहाँ बैठूँ?
तो राजीव ने कामिनी को नीचे सरका दिया, बोला- ले हरामी बैठ ले इसके ऊपर!
कामिनी ने हंसकर अपने हाथ में राजीव का लंड ले लिया और उसे मसलने लगी।
मेरे सामने मखमली चूत खुली पड़ी थी, मैं झुक कर उसे चाटने लगा।
धीरे धीरे स्पीड बढती गई और बढ़ गई कामिनी की सीत्कारें… वो बोली- सनी अब और मत तड़फाओ, आ जाओ अन्दर!
मैंने भी अपना लंड घुसेड़ दिया और दे दी पूरी स्पीड।
पांच मिनट के घमासान के बाद मैंने अपना माल कामिनी के कहने पर उसके मुँह में छोड़।
वो सारा माल गटक नकार पी गई और मेरा लंड चाट कर साफ कर दिया।
राजीव ने बताया कि जिन्दगी में पहली बार कामिनी ने वीर्य पिया है, उसने राजीव का कभी इसलिए नहीं पिया कि फिर चूत क्या पीयेगी।